The Maharashtra Board 2026 Class 12 Hindi (04) Question Paper with Solution PDF is available here for download. The Maharashtra Board 2026 Hindi exam took place in the Morning Session from 11:00 AM to 2:00 PM.
Based on the initial analysis of board papers, the Class 12 Maharshtra Hindi exam was generally moderate in difficulty. Students who practiced previous year question papers (PYQs) and focus on the Question Bank provided by the SCERT Maharashtra easily score high. Aiming for 70+ marks in the written paper is an excellent achievement for HSC students.
Maharashtra Board 2026 Class 12 Hindi (04) Question Paper with Solution PDF – Memory Based
| Maharashtra Board 2026 Class 12 Hindi (04) Question Paper with Solution PDF | Download | Check Solutions |

‘कनुप्रिया’ काव्य की वर्तमान समय में प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।
View Solution
Concept:
‘कनुप्रिया’ आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रमुख कवि धर्मवीर भारती द्वारा रचित काव्य-कृति है। इसमें राधा के माध्यम से नारी-मन की संवेदनाओं, प्रेम की गहनता, आत्मसंघर्ष तथा अस्तित्व-बोध को अभिव्यक्ति दी गई है। यह काव्य केवल पौराणिक कथा का पुनर्कथन नहीं, बल्कि आधुनिक दृष्टिकोण से मानवीय संबंधों और मूल्यों की पुनर्व्याख्या है।
Step 1: नारी-स्वतंत्रता और आत्मचेतना की अभिव्यक्ति
‘कनुप्रिया’ में राधा एक समर्पित प्रेमिका मात्र नहीं, बल्कि एक स्वाभिमानी, विचारशील और आत्मचेतस स्त्री के रूप में उभरती है। वर्तमान समय में जब नारी अपने अधिकारों और अस्तित्व के लिए सजग है, तब यह काव्य नारी-स्वतंत्रता और आत्मसम्मान की भावना को सुदृढ़ करता है।
Step 2: आधुनिक प्रेम की व्याख्या
इस काव्य में प्रेम को केवल भौतिक या दैहिक स्तर तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उसे आत्मिक और आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान की गई है। आज के यांत्रिक और व्यस्त जीवन में यह दृष्टिकोण संबंधों की गहराई और संवेदनशीलता की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
Step 3: व्यक्तित्व और कर्तव्य का द्वंद्व
राधा और कृष्ण के माध्यम से व्यक्तित्व, कर्तव्य और सामाजिक दायित्वों के बीच संघर्ष को दर्शाया गया है। वर्तमान समय में भी व्यक्ति अपने व्यक्तिगत जीवन और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करता है। अतः यह काव्य आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
Step 4: मानवीय संवेदनाओं का महत्व
‘कनुप्रिया’ मानवीय भावनाओं, संवेदनाओं और आंतरिक पीड़ा को अत्यंत मार्मिक रूप से प्रस्तुत करती है। आज के भौतिकवादी युग में यह काव्य मानवीय मूल्यों और संवेदनशीलता को पुनर्जीवित करने का संदेश देता है। Quick Tip: आलोचनात्मक प्रश्नों में कृति की विषयवस्तु, प्रमुख भाव, सामाजिक संदर्भ और वर्तमान युग से उसका संबंध स्पष्ट रूप से लिखें। बिंदुवार प्रस्तुति उत्तर को प्रभावशाली बनाती है।
“कनुप्रिया आधुनिक स्त्री की मनःस्थिति का जीवंत चित्रण है।” इस कथन की पुष्टि पाठ के आधार पर कीजिए।
View Solution
Concept:
‘कनुप्रिया’ धर्मवीर भारती द्वारा रचित काव्य-कृति है, जिसमें राधा के माध्यम से आधुनिक स्त्री के अंतर्मन, उसकी संवेदनाओं, आत्मसंघर्ष, स्वाभिमान तथा प्रेम की जटिलताओं का सशक्त चित्रण किया गया है। यह काव्य पौराणिक पात्रों के माध्यम से आधुनिक जीवन-दृष्टि को अभिव्यक्त करता है।
Step 1: आत्मचेतना और स्वाभिमान
‘कनुप्रिया’ की राधा केवल समर्पित प्रेमिका नहीं है, बल्कि वह अपने अस्तित्व और स्वाभिमान के प्रति सजग है। वह कृष्ण से प्रश्न करती है, अपने अधिकारों और भावनाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त करती है। यह आधुनिक स्त्री की आत्मचेतना और स्वाभिमान का प्रतीक है।
Step 2: प्रेम में समानता की भावना
राधा का प्रेम अंध-समर्पण नहीं है, बल्कि उसमें समानता और सम्मान की अपेक्षा है। वह प्रेम में अपनी स्वतंत्र सत्ता को बनाए रखना चाहती है। आज की आधुनिक स्त्री भी संबंधों में समानता और सम्मान की अपेक्षा रखती है।
Step 3: कर्तव्य और भावनाओं का द्वंद्व
राधा के मन में प्रेम और सामाजिक दायित्वों के बीच द्वंद्व स्पष्ट दिखाई देता है। कृष्ण के प्रस्थान के बाद उसकी मानसिक स्थिति, पीड़ा और प्रश्न आधुनिक स्त्री के उस संघर्ष को दर्शाते हैं, जहाँ वह व्यक्तिगत भावनाओं और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास करती है।
Step 4: अस्तित्व-बोध और आत्मनिर्णय
‘कनुप्रिया’ में राधा अपने अस्तित्व को पहचानती है और स्वयं निर्णय लेने की क्षमता रखती है। वह केवल किसी की प्रतीक्षा में रहने वाली स्त्री नहीं, बल्कि विचारशील और आत्मनिर्भर व्यक्तित्व है। यह आधुनिक स्त्री की मनःस्थिति का सजीव चित्रण है।
Conclusion:
इस प्रकार ‘कनुप्रिया’ में राधा का चरित्र आधुनिक स्त्री के मनोभावों, संघर्षों, स्वाभिमान, प्रेम और अस्तित्व-बोध का सशक्त प्रतिनिधित्व करता है। अतः यह कथन पूर्णतः सत्य है कि ‘कनुप्रिया’ आधुनिक स्त्री की मनःस्थिति का जीवंत चित्रण है। Quick Tip: पुष्टिात्मक प्रश्नों में कथन को प्रारंभ में स्पष्ट करें, फिर पाठ के उदाहरणों के आधार पर तर्क प्रस्तुत करें और अंत में संक्षिप्त निष्कर्ष अवश्य लिखें।
“जहाँ चाह वहाँ राह” विषय पर लगभग 100 से 120 शब्दों में पल्लवन कीजिए।
View Solution
Concept:
पल्लवन में दिए गए सूक्ति-वाक्य या कथन के भाव को विस्तारपूर्वक स्पष्ट किया जाता है। इसमें उसके अर्थ, महत्व और जीवन में उपयोगिता को संक्षेप में व्यक्त किया जाता है।
“जहाँ चाह वहाँ राह” एक प्रेरणादायक सूक्ति है, जिसका अर्थ है कि दृढ़ इच्छा और संकल्प से कोई भी कार्य असंभव नहीं रहता। यदि मनुष्य के भीतर लक्ष्य प्राप्त करने की सच्ची लगन और परिश्रम करने की तैयारी हो, तो कठिन से कठिन बाधाएँ भी उसके मार्ग में अधिक समय तक टिक नहीं पातीं। इतिहास साक्षी है कि अनेक महान व्यक्तियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने अटूट संकल्प के बल पर सफलता प्राप्त की। असफलताएँ हमें निराश करने के लिए नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की प्रेरणा देने के लिए होती हैं। इसलिए मनुष्य को सदैव सकारात्मक सोच और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होना चाहिए। Quick Tip: पल्लवन लिखते समय कथन का अर्थ स्पष्ट करें, उदाहरणात्मक भाव दें और अंत में प्रेरणात्मक निष्कर्ष अवश्य लिखें। शब्द-सीमा का ध्यान रखें।
“बुरा काम करने वाला अंततः स्वयं ही नष्ट हो जाता है।” ‘आदर्श बदला’ कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
View Solution
Concept:
‘आदर्श बदला’ कहानी का मूल संदेश यह है कि बदले की भावना, द्वेष और बुराई अंततः मनुष्य को ही हानि पहुँचाती है। कहानी के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि जो व्यक्ति दूसरों के लिए बुरा सोचता या करता है, वह स्वयं अपने विनाश का कारण बनता है।
Step 1: बदले की भावना का परिणाम
कहानी में पात्र बदले की भावना से प्रेरित होकर कार्य करता है। उसका उद्देश्य दूसरे को कष्ट पहुँचाना होता है, परंतु उसके इस दुष्कर्म का परिणाम अंततः उसी के लिए घातक सिद्ध होता है। इससे यह सिद्ध होता है कि बुराई का फल बुरा ही होता है।
Step 2: नैतिक मूल्यों की विजय
कहानी में यह भी दिखाया गया है कि सत्य, धैर्य और सदाचार अंततः विजयी होते हैं। जो व्यक्ति उच्च आदर्शों का पालन करता है, वही समाज में सम्मान पाता है, जबकि दुष्कर्मी व्यक्ति अपमान और पछतावे का भागी बनता है।
Step 3: आत्मविनाश का मार्ग
द्वेष और क्रोध मनुष्य की बुद्धि को भ्रष्ट कर देते हैं। ‘आदर्श बदला’ में बुरा कार्य करने वाला पात्र अंततः मानसिक और सामाजिक रूप से पराजित हो जाता है। इस प्रकार उसका पतन निश्चित हो जाता है।
Conclusion:
इस प्रकार ‘आदर्श बदला’ कहानी यह संदेश देती है कि बुरा काम करने वाला व्यक्ति अंततः स्वयं ही नष्ट हो जाता है। अतः हमें सदैव सदाचार, क्षमा और उच्च आदर्शों का पालन करना चाहिए। Quick Tip: कहानी-आधारित प्रश्नों में पहले कथा का मूल संदेश लिखें, फिर प्रमुख घटनाओं के आधार पर कथन की पुष्टि करें और अंत में नैतिक शिक्षा अवश्य दें।
‘नवनिर्माण’ कविता का केंद्रीय भाव लिखिए।
View Solution
Concept:
किसी कविता का केंद्रीय भाव उसका मुख्य संदेश या मूल विचार होता है, जिसके इर्द-गिर्द पूरी कविता का कथ्य विकसित होता है। ‘नवनिर्माण’ कविता में कवि ने नवीन चेतना, परिवर्तन और सृजन की प्रेरणा को अभिव्यक्त किया है।
Answer:
‘नवनिर्माण’ कविता का केंद्रीय भाव यह है कि जीवन में निरंतर परिवर्तन और नव-सृजन आवश्यक है। कवि मानव को प्रेरित करता है कि वह पुरानी जड़ताओं, निराशाओं और रूढ़ियों को त्यागकर नई आशा, उत्साह और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े। कविता में संघर्ष के बाद आने वाले उज्ज्वल भविष्य का संकेत मिलता है। कवि का विश्वास है कि यदि मनुष्य दृढ़ संकल्प, परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ कार्य करे, तो वह अपने जीवन तथा समाज का नवनिर्माण कर सकता है। इस प्रकार कविता आशा, जागृति और प्रगतिशील विचारों का संदेश देती है। Quick Tip: केंद्रीय भाव लिखते समय पूरी कविता का सार 4–5 वाक्यों में प्रस्तुत करें। अनावश्यक विवरण से बचें और मुख्य संदेश पर केंद्रित रहें।
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
(क) तूती बोलना
(ख) जहर का घूंट पीना
View Solution
Concept:
मुहावरे ऐसे वाक्यांश होते हैं जिनका अर्थ उनके शाब्दिक अर्थ से भिन्न होता है। इनका प्रयोग भाषा को प्रभावशाली और सजीव बनाने के लिए किया जाता है।
(क) तूती बोलना
अर्थ: प्रभाव या दबदबा होना; किसी की चलना।
वाक्य प्रयोग:
1. आजकल विद्यालय में उसी छात्र की तूती बोलती है, क्योंकि वह हर प्रतियोगिता में प्रथम आता है।
2. स्वतंत्रता आंदोलन के समय नेताओं की तूती पूरे देश में बोलती थी।
(ख) जहर का घूंट पीना
अर्थ: अत्यधिक अपमान या दुःख को सहन करना।
वाक्य प्रयोग:
1. अपने सम्मान की रक्षा के लिए उसने अपमान का जहर का घूंट पी लिया।
2. परिवार की शांति बनाए रखने के लिए माँ कई बार जहर का घूंट पी जाती है। Quick Tip: मुहावरों का अर्थ संक्षेप में स्पष्ट लिखें और वाक्य ऐसा बनाएं जिससे उसका भावार्थ स्पष्ट रूप से झलकता हो।







Comments