Bihar Board Class 12 Psychology Question Paper 2023 with Answer Key pdf is available for download here. The exam was conducted by Bihar School Examination Board (BSEB). The question paper comprised a total of 96 questions divided among 2 sections.

Bihar Board Class 12 Psychology Question Paper 2023 with Answer Key

Bihar Board Class 12 Psychology Question Paper 2023 PDF Bihar Board Class 12 Psychology Answer Key 2023 PDF
Download PDF Download PDF

Question 1:

वायरस क्या है ?

  • (1) पैथोजेन्स
  • (2) एण्टिजेन्स
  • (3) एण्टीबॉडीज
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (1) पैथोजेन्स
View Solution



चरण 1: प्रमुख शब्दों का अर्थ याद करें।

पैथोजेन किसी भी रोगकारक जीव/कण को कहते हैं—जैसे वायरस, कुछ जीवाणु, कवक आदि। एण्टिजन ऐसा पदार्थ है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करता है, जबकि एण्टीबॉडी वे सुरक्षा प्रोटीन हैं जो रक्षा करते हैं।

चरण 2: प्रश्न पर लागू करें।

वायरस स्वयं रोग उत्पन्न करने वाला कण है—अर्थात यह पैथोजेन की परिभाषा में आता है; यह न तो एण्टिजन है न एण्टीबॉडी।

निष्कर्ष: वायरस = पैथोजेन।
Quick Tip: Virus = रोगजनक (\(\textbf{pathogen}\));
Antigen = \(\textbf{उत्तेजक}\); Antibody = \(\textbf{रक्षक}\)।


Question 2:

कैनन किस क्षेत्र से संबंधित है ?

  • (1) अभिप्रेरणा
  • (2) प्रतिवल
  • (3) संवेग
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (3) संवेग
View Solution



चरण 1: मनोवैज्ञानिक की पहचान।

वॉल्टर कैनन (फ़िलिप बार्ड के साथ) ने Cannon–Bard संवेग सिद्धान्त दिया—अनुभूति और शारीरिक उद्दीपन एक साथ घटित होते हैं।

चरण 2: विकल्पों से जोड़ें।

इसलिए कैनन का कार्य संवेग के क्षेत्र से है, न कि शुद्ध अभिप्रेरणा/प्रतिवल से।

निष्कर्ष: सही उत्तर संवेग।
Quick Tip: Cannon–Bard: \(\textbf{Feel & Arouse together}\) \(\Rightarrow\) संवेग का सिद्धान्त।


Question 3:

निम्नलिखित में से कौन बुलिमिया विकार है ?

  • (1) भोजन विकार
  • (2) नैतिक विकार
  • (3) भावात्मक विकार
  • (4) चरित्र विकार
Correct Answer: (1) भोजन विकार
View Solution



चरण 1: परिभाषा।

बुलिमिया नर्वोसा ऐसा भोजन विकार है जिसमें बार-बार बहुत अधिक खाना (binge) और उसके बाद क्षतिपूरक क्रियाएँ—उल्टी, अत्यधिक व्यायाम, उपवास—होती हैं।

चरण 2: विकल्प जाँचें।

यह नैतिक/चरित्र/भावात्मक विकार की श्रेणी में नहीं आता; चिकित्सा वर्गीकरण में यह eating disorder है।

निष्कर्ष: सही विकल्प (1) भोजन विकार।
Quick Tip: Eating disorders: \(\textbf{Anorexia, Bulimia, Binge-eating}\)—तीनों को अलग पहचानें।


Question 4:

सामान्य, असामान्य तथा श्रेष्ठ में केवल अंतर होता है

  • (1) मात्रा का
  • (2) दूरी का
  • (3) क्रम का
  • (4) समय का
Correct Answer: (1) मात्रा का
View Solution



चरण 1: सिद्धान्त।

अनेक मानवीय गुण (बुद्धि, व्यक्तित्व आयाम) आमतौर पर प्रकार में नहीं बल्कि मात्रा/डिग्री में अलग-अलग होते हैं—degree, not kind।

चरण 2: लागू करें।

अतः सामान्य–असामान्य–श्रेष्ठ में भेद मात्रात्मक है, न कि दूरी/क्रम/समय का।

निष्कर्ष: मात्रा का अंतर।
Quick Tip: याद रखें: \(\textbf{Degree not kind}\) \(\Rightarrow\) मात्रात्मक भिन्नता।


Question 5:

डाउन संलक्षण एक प्रकार का रोग है

  • (1) ग्रंथिक रोग
  • (2) दुर्भीति
  • (3) पेट की बीमारी
  • (4) मानसिक दुर्बलता
Correct Answer: (4) मानसिक दुर्बलता
View Solution



चरण 1: तथ्य।

Down Syndrome गुणसूत्र 21 की अतिरिक्त प्रति (Trisomy-21) के कारण होने वाली जन्मजात स्थिति है, जिसमें बौद्धिक कार्यक्षमता औसत से कम रहती है और कुछ विशिष्ट शारीरिक विशेषताएँ मिलती हैं।

चरण 2: विकल्प जाँचें।

यह पेट की बीमारी नहीं; मुख्य विशेषता बौद्धिक/मानसिक दुर्बलता है।

निष्कर्ष: सही उत्तर मानसिक दुर्बलता।
Quick Tip: Trisomy-21 \(\Rightarrow\) विकासात्मक विलंब + बौद्धिक अक्षमता; शुरुआती सहायता लाभकारी।


Question 6:

कार्यस्प (Functional) विकार संबंधित है

  • (1) शारीरिक समस्या से
  • (2) मनोवैज्ञानिक समस्या से
  • (3) आनुवंशिक समस्या से
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (2) मनोवैज्ञानिक समस्या से
View Solution



चरण 1: अर्थ समझें।

Functional विकार में स्पष्ट स्ट्रक्चरल/ऑर्गेनिक क्षति नहीं दिखती; लक्षणों में मनोवैज्ञानिक कारक प्रमुख होते हैं (जैसे रूपान्तर/सोमैटोफॉर्म, कुछ तनाव-सम्बद्ध समस्याएँ)।

चरण 2: लागू करें।

यह मुख्यतः मनोवैज्ञानिक कारणों से जुड़ा माना जाता है; न शुद्ध आनुवंशिक, न ही शुद्ध जैविक क्षति।

निष्कर्ष: विकल्प (2) सही।
Quick Tip: Functional \(\neq\) structural damage; मनोवैज्ञानिक कारक प्रमुख संकेतक।


Question 7:

चिन्ता विकृति को विकृति की किस श्रेणी में रखा जाता है ?

  • (1) मनोदेशा विकृति
  • (2) मनःस्तात्त्विक (न्यूरोटिक) विकृति
  • (3) प्रतिवल विकृति
  • (4) चिंतन विकृति
Correct Answer: (2) मनःस्तात्त्विक (न्यूरोटिक) विकृति
View Solution



चरण 1: वर्गीकरण याद करें।

परम्परागत रूप से Anxiety disorders को न्यूरोसिस/मनो-स्तात्त्विक श्रेणी में रखा जाता था—उच्च व्यथा, पर वास्तविकता-बोध बना रहता है।

चरण 2: भ्रामक विकल्प हटाएँ।

मूड, सोच या केवल “प्रतिवल” श्रेणियाँ चिंता विकार की सटीक श्रेणी नहीं हैं।

निष्कर्ष: सही उत्तर (2)।
Quick Tip: न्यूरोसिस: चिंता/फोबिया/OCD—उच्च distress, पर reality testing सुरक्षित।


Question 8:

जो व्यक्ति बहुत हँसमुख, सामाजिक एवं वाणीवान होता, कहलाता है

  • (1) अंतर्मुखी
  • (2) बहिर्मुखी
  • (3) उभयमुखी
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (2) बहिर्मुखी
View Solution



चरण 1: परिभाषाएँ।

बहिर्मुखी व्यक्ति मिलनसार, बातूनी और सामाजिक ऊर्जा से भरा होता है; अंतर्मुखी अपेक्षाकृत संकोची/अंतर्मुख; उभयमुखी में दोनों के गुण।

चरण 2: लागू करें।

“हँसमुख, सामाजिक, वाचाल”—ये बहिर्मुखता के संकेत हैं।

निष्कर्ष: उत्तर बहिर्मुखी।
Quick Tip: Talkative + social energy \(\Rightarrow\) \(\textbf{Extrovert}\)।


Question 9:

निम्नलिखित में से कौन-सी प्रक्षेपी प्रविधि है ?

  • (1) टीएटी
  • (2) ब्लॉक डिजाइन परीक्षण
  • (3) समायोजन इन्वेंट्री
  • (4) सामान्य बुद्धि परीक्षण
Correct Answer: (1) टीएटी
View Solution



चरण 1: प्रोजेक्टिव की पहचान।

TAT (Thematic Apperception Test) में अस्पष्ट चित्रों पर कहानी कहलवाई जाती है; व्यक्ति अपने अंतर्निहित उद्देश्यों/संघर्षों का प्रक्षेपण करता है।

चरण 2: तुलना।

Block Design (क्षमता), Adjustment Inventory, IQ tests संरचित/उद्देश्यात्मक होते हैं—प्रक्षेपी नहीं।

निष्कर्ष: प्रक्षेपी प्रविधि = TAT।
Quick Tip: Projective = ambiguous stimulus; उदाहरण: \(\textbf{TAT, Rorschach}\)।


Question 10:

त्वरित व्यक्तित्व को कहा जाता है।

  • (1) ‘मी’ व्यक्तित्व
  • (2) ‘ए’ व्यक्तित्व
  • (3) ‘बी’ व्यक्तित्व
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (2) ‘ए’ व्यक्तित्व
View Solution



चरण 1: Type A/B स्मरण।

Type A—समय-आवेशी, जल्दबाज़, प्रतिस्पर्धी; Type B—शांत/आरामदेह।

चरण 2: लागू करें।

“त्वरित” गुण Type A से मेल खाते हैं।

निष्कर्ष: ‘A’ व्यक्तित्व।
Quick Tip: Time-urgent, hurried, high-drive \(\Rightarrow\) \(\textbf{Type A}\)।


Question 11:

प्रेक्षक जब स्वयं प्रेक्षण का एक हिस्सा होता है, तो उसे कहा जाता है

  • (1) असहभागी प्रेक्षण
  • (2) साक्षात्कार
  • (3) सहभागि प्रेक्षण
  • (4) स्वाभाविक प्रेक्षण
Correct Answer: (3) सहभागि प्रेक्षण
View Solution



चरण 1: भेद।

Participant observation में शोधकर्ता समूह/गतिविधि का भाग बनकर अध्ययन करता है; Non-participant में बाहर से देखता है।

चरण 2: लागू करें।

“प्रेक्षक स्वयं हिस्सा है” \(\Rightarrow\) सहभागी प्रेक्षण।
Quick Tip: Inside the group = \(\textbf{Participant}\); outside watching = \(\textbf{Non-participant}\)।


Question 12:

हंस सेल्ये, किस क्षेत्र से संबंधित है ?

  • (1) अभिप्रेरणा
  • (2) तनाव
  • (3) संवेग
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (2) तनाव
View Solution



चरण 1: योगदान।

Hans Selye ने General Adaptation Syndrome (GAS) प्रस्तुत किया—तनाव की अलार्म–प्रतिरोध–थकावट चरणबद्ध प्रतिक्रिया।

चरण 2: निष्कर्ष।

अतः वे Stress क्षेत्र के प्रमुख विद्वान हैं।
Quick Tip: GAS = Alarm \(\rightarrow\) Resistance \(\rightarrow\) Exhaustion।


Question 13:

निम्नांकित में से कौन मनोवैज्ञानिक दबाव का स्रोत नहीं है ?

  • (1) कुण्ठा
  • (2) द्वंद्व
  • (3) सामाजिक दबाव
  • (4) अभिघातजन्य घटनाएँ
Correct Answer: (4) अभिघातजन्य घटनाएँ
View Solution



चरण 1: श्रेणी समझें।

पारम्परिक मनोवैज्ञानिक स्रोत—कुण्ठा (goal-block), द्वंद्व (conflict), दबाव (सामाजिक/समय अपेक्षाएँ)।

चरण 2: अलग करें।

अभिघातजन्य घटनाएँ (trauma, disaster) पर्यावरणीय/आकस्मिक तनावक मानी जाती हैं, “psychological pressure” की संकीर्ण श्रेणी नहीं।

निष्कर्ष: विकल्प (4) सही।
Quick Tip: Frustration + Conflict + (Social/Time) Pressure = मनोवैज्ञानिक दबाव; Trauma = \(\textbf{पर्यावरणीय}\) तनावक।


Question 14:

लक्ष्य प्राप्ति में बाधा और आवश्यकताओं एवं अभिप्रेरकों के अवरुद्ध होने से उत्पन्न होता है

  • (1) द्वंद्व
  • (2) कुण्ठा
  • (3) आन्तरिक दबाव
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (2) कुण्ठा
View Solution



चरण 1: परिभाषा।

जब लक्ष्य तक पहुँचने में रुकावट आ जाए या आवश्यकता/अभिप्रेरणा रोकी जाए तो उत्पन्न नकारात्मक स्थिति कुण्ठा (Frustration) कहलाती है।

चरण 2: मिलान।

प्रश्न में यही स्थिति वर्णित है—अतः यह कुण्ठा है, द्वंद्व (दो विरोधी लक्ष्यों के बीच चयन) नहीं।

निष्कर्ष: कुण्ठा।
Quick Tip: Blocked goals \(\Rightarrow\) \(\textbf{Frustration}\); incompatible goals \(\Rightarrow\) \(\textbf{Conflict}\)।


Question 15:

उत्पीड़न भ्रमासिक्त एक लक्षण है,

  • (1) कायरूप विकार का
  • (2) मनोविक्षिप्तता का
  • (3) भावदशा विकार का
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (2) मनोविक्षिप्तता का
View Solution



चरण 1: लक्षण को पहचानें।

Persecutory delusion = दृढ़ मिथ्या धारणा कि कोई नुकसान पहुँचाने/षड्यन्त्र में लगा है।

चरण 2: श्रेणी जोड़ें।

भ्रम (delusion) मनोविक्षिप्तता (psychosis) का मुख्य सूचक है—जैसे स्किज़ोफ्रेनिया/डिल्यूज़नल डिसॉर्डर; अकेले मूड विकार का वैध संकेत नहीं।

निष्कर्ष: सही उत्तर (2) मनोविक्षिप्तता।
Quick Tip: Fixed false belief दिखे तो \(\textbf{Psychotic spectrum}\) को प्राथमिकता से सोचें।


Question 16:

कार्ल रोजर्स द्वारा किस चिकित्सा का प्रतिपादन हुआ ?

  • (1) मनोगतात्मक चिकित्सा
  • (2) व्यवहार चिकित्सा
  • (3) क्लायंट केन्द्रित चिकित्सा
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (3) क्लायंट केन्द्रित चिकित्सा
View Solution



स्टेप 1: सिद्धांत का मूल विचार.

कार्ल रोजर्स ने व्यक्ति/क्लायंट केन्द्रित चिकित्सा (Person/Client-Centered Therapy) का प्रतिपादन किया, जिसमें चिकित्सक का मुख्य कार्य सहानुभूतिपूर्ण, स्वीकारात्मक और प्रामाणिक वातावरण प्रदान करना होता है।

स्टेप 2: अन्य विकल्पों से तुलना.

मनोविश्लेषण (psychoanalytic) फ्रायड से, व्यवहार चिकित्सा (behavior therapy) वॉटसन/स्किनर से जुड़ी है; ये रोजर्स के नहीं हैं।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः सही उत्तर क्लायंट केन्द्रित चिकित्सा है।
Quick Tip: रोजर्स = \(\textbf{UPE}\) त्रयी: Unconditional Positive Regard, Empathy, Genuineness.


Question 17:

व्यवहार चिकित्सा किस सिद्धांत पर आधारित है ?

  • (1) अधिगम का सिद्धांत
  • (2) अभिप्रेरणा का सिद्धांत
  • (3) प्रेक्षण का सिद्धांत
  • (4) विस्मरण का सिद्धांत
Correct Answer: (1) अधिगम का सिद्धांत
View Solution



स्टेप 1: आधार को समझें.

व्यवहार चिकित्सा मुख्यतः अधिगम (Learning) के सिद्धांतों—शास्त्रीय अनुबन्धन, प्रचालन अनुबन्धन, मॉडलन—पर आधारित है।

स्टेप 2: क्यों सही है.

लक्षणों को सीखे हुए प्रत्युत्तर माना जाता है, इसलिए उन्हें पुनः-सीखने/अन-सीखने की प्रक्रियाओं से बदला जाता है।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

इसलिए मूल आधार अधिगम सिद्धांत ही है।
Quick Tip: Behavior Therapy = “जो सीखा है, वह \(\textbf{अन-सीखा/पुनः-सीखा}\) जा सकता है।”


Question 18:

श्वसन अभ्यास को योग में क्या कहा जाता है ?

  • (1) ध्यान
  • (2) आसन
  • (3) प्राणायाम
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (3) प्राणायाम
View Solution



स्टेप 1: संकल्पना.

योग में नियंत्रित श्वास-प्रक्रियाओं को प्राणायाम कहा जाता है—यह श्वास की लय, गहराई और रुकाव को नियन्त्रित करता है।

स्टेप 2: अन्य विकल्प.

ध्यान = एकाग्र चेतना; आसन = देह-स्थितियाँ।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

इसलिए श्वसन अभ्यास का नाम प्राणायाम है।
Quick Tip: ध्यान (Mind), आसन (Body), \(\textbf{प्राणायाम (Breath)}\)—तीनों अलग अवधारणाएँ हैं।


Question 19:

क्रमबद्ध असंवेदीकरण किस चिकित्सा विधि में उपयोग किया जाता है ?

  • (1) व्यवहार चिकित्सा
  • (2) लोगो चिकित्सा
  • (3) क्लायंट केन्द्रित चिकित्सा
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (1) व्यवहार चिकित्सा
View Solution



स्टेप 1: तकनीक का अर्थ.

क्रमबद्ध असंवेदीकरण (Systematic Desensitization) भय/फोबिया को धीरे-धीरे कम संवेदनशील बनाने की प्रक्रिया है—विश्रान्ति + भय-सीढ़ी का संयोजन।

स्टेप 2: सैद्धान्तिक आधार.

यह अधिगम/प्रतिस्थापन सिद्धान्त पर आधारित व्यवहार-चिकित्सकीय तकनीक है।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः यह व्यवहार चिकित्सा में प्रयुक्त होती है।
Quick Tip: “Relaxation + Fear Hierarchy + Gradual Exposure” = Systematic Desensitization.


Question 20:

मनोचिकित्सा का उद्देश्य है

  • (1) रचनात्मक समायोजन
  • (2) विध्वंसात्मक समायोजन
  • (3) जीवन शैली के सुधार में सहायता करना
  • (4) (a) एवं (c) दोनों
Correct Answer: (4) (a) एवं (c) दोनों
View Solution



स्टेप 1: मनोचिकित्सा का व्यापक लक्ष्य.

मनोचिकित्सा का लक्ष्य व्यक्ति को अनुकूल, रचनात्मक समायोजन सिखाना और जीवन-शैली/समस्या-समाधान को सुधारना है।

स्टेप 2: क्यों (b) नहीं.

विध्वंसात्मक समायोजन maladaptive है; मनोचिकित्सा इसका समर्थन नहीं करती।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

इसलिए (a) और (c) दोनों उद्देश्य हैं।
Quick Tip: Psychotherapy aims at \(\textbf{adaptive change}\)—व्यक्ति, संबंध और जीवन-शैली में सुधार।


Question 21:

उद्बोधक चिकित्सा को स्थापित किया

  • (1) अल्बर्ट एलिस ने
  • (2) विक्टर ई° फ्रेंकल ने
  • (3) सिगमण्ड फ्रायड ने
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (1) अल्बर्ट एलिस ने
View Solution



स्टेप 1: पहचान.

उद्बोधक/तर्कशील-भावात्मक चिकित्सा (Rational-Emotive Therapy/REBT) के प्रवर्तक अल्बर्ट एलिस हैं।

स्टेप 2: भेद.

विक्टर फ्रेंकल = लोगोथेरेपी; फ्रायड = मनोविश्लेषण।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः सही उत्तर अल्बर्ट एलिस है।
Quick Tip: REBT = \(\textbf{ABC}\) मॉडल: Activating Event \(\rightarrow\) Belief \(\rightarrow\) Consequence.


Question 22:

बुद्धि लब्धि के संप्रत्यय का प्रतिपादन किसने किया ?

  • (1) बिने
  • (2) स्टर्न
  • (3) गार्डनर
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (2) स्टर्न
View Solution



स्टेप 1: तथ्य.

William Stern ने Intelligence Quotient (IQ) का संकल्पना-रूप दिया—मानसिक आयु और कालानुक्रमिक आयु के अनुपात पर आधारित प्रारम्भिक परिभाषा।

स्टेप 2: अन्य विकल्प.

बिने ने बुद्धि-परीक्षण विकसित किया; गार्डनर = बहु-बौद्धिकता।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः IQ संकल्पना के प्रतिपादक स्टर्न हैं।
Quick Tip: प्रारम्भिक IQ = \(\dfrac{Mental Age}{Chronological Age} \times 100\) (स्टर्न संकल्पना)।


Question 23:

किसने 'बुद्धि को सार्वभौम क्षमता' कहा है ?

  • (1) वेक्षलर
  • (2) बिने
  • (3) टिचनर
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (1) वेक्षलर
View Solution



स्टेप 1: परिभाषा.

Wechsler ने बुद्धि को “समष्टिगत/वैश्विक (aggregate or global) क्षमता” कहा—उद्देश्यपूर्ण क्रिया, तार्किक चिन्तन, और परिवेश से प्रभावी निपटान की क्षमता।

स्टेप 2: अन्य विकल्प.

बिने और टिचनर ने यह परिभाषा नहीं दी।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः उत्तर वेक्षलर है।
Quick Tip: Wechsler: बुद्धि = \(\textbf{Global Capacity}\) to act, think, deal effectively.


Question 24:

बुद्धि के एक-कारक सिद्धांत के प्रतिपादक निम्न में से कौन हैं ?

  • (1) अल्फ्रेड बिने
  • (2) चार्ल्स स्पीयरमैन
  • (3) थार्नडाइक
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (1) अल्फ्रेड बिने
View Solution



स्टेप 1: अवधारणा.

एक-कारक/एकात्म (Unitary) दृष्टि में बुद्धि को एक एकीकृत क्षमता माना गया—यह दृष्टि बिने से संबद्ध है।

स्टेप 2: तुलना.

स्पीयरमैन = द्वि-कारक (g + s); थार्नडाइक = अनेकरूपी/बहु-कारक।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः प्रतिपादक अल्फ्रेड बिने हैं।
Quick Tip: याद रखें: Binet = \(\textbf{Unitary}\), Spearman = \(\textbf{Two-Factor}\), Thurstone/Thorndike = \(\textbf{Multiple}\).


Question 25:

जिन व्यक्तियों की बुद्धि लब्धि 80-89 के बीच होती है उन्हें कहते है

  • (1) प्रतिआशाली
  • (2) मृद बुद्धि
  • (3) मंद
  • (4) सामान्य
Correct Answer: (3) मंद
View Solution



स्टेप 1: श्रेणी-सीमाएँ.

सामान्यतः IQ 90–109 = औसत, 80–89 = औसत से कम/दल्ल-नॉर्मल (मंद), 70–79 = सीमांत, 50–69 = मृद बौद्धिक दुर्बलता।

स्टेप 2: प्रश्न पर लागू करें.

80–89 की श्रेणी मंद कहलाती है; न यह सामान्य है, न मृद बौद्धिक दुर्बलता।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः उत्तर मंद है।
Quick Tip: IQ 80–89 = \(\textbf{Dull Normal/मंद}\); 90–109 = \(\textbf{Normal}\).


Question 26:

किस वर्ष बुद्धि का पास-मॉडल विकसित हुआ ?

  • (1) 1975
  • (2) 1994
  • (3) 1954
  • (4) 2001
Correct Answer: (2) 1994
View Solution



स्टेप 1: PASS मॉडल का अर्थ.

P-A-S-S = Planning, Attention-Arousal, Simultaneous, Successive; यह Das, Naglieri & Kirby (1994) द्वारा प्रस्तुत संज्ञानात्मक मॉडल है।

स्टेप 2: वर्ष की पहचान.

मानक स्रोतों में प्रकाशन/स्केल (CAS) का वर्ष 1994 उद्धृत है।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः सही उत्तर 1994।
Quick Tip: PASS सोच को चार क्रियात्मक घटकों में बाँटता है—\(\textbf{योजना, ध्यान, समकालिक, अनुक्रमिक}\)।


Question 27:

‘बुद्धि को अमूर्त चिंतन की योग्यता के रूप में’ किसने परिभाषित किया ?

  • (1) टरमन
  • (2) बकिंघम
  • (3) ब्यूहलर
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (1) टरमन
View Solution



स्टेप 1: परिभाषा का स्रोत.

Lewis Terman (1921) ने बुद्धि को “अमूर्त चिंतन (abstract thinking) की योग्यता” के रूप में परिभाषित किया।

स्टेप 2: भेद.

बकिंघम/ब्यूहलर ने यह परिभाषा नहीं दी।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः उत्तर टरमन है।
Quick Tip: “Abstract thinking” सुनते ही—\(\textbf{Terman}\) याद रखें।


Question 28:

निम्न में से कौन शाब्दिक परीक्षण नहीं है ?

  • (1) पास अलॉग परीक्षण
  • (2) ब्लॉक डिजाइन परीक्षण
  • (3) बिने परीक्षण
  • (4) (a) एवं (b) दोनों
Correct Answer: (4) (a) एवं (b) दोनों
View Solution



स्टेप 1: वर्गीकरण.

पास-अलॉग और ब्लॉक-डिजाइन नॉन-वर्बल/परफॉर्मेंस टेस्ट हैं—इनमें वस्तुओं/ब्लॉकों से कार्य कराया जाता है।

स्टेप 2: तुलना.

बिने परीक्षण में शाब्दिक (verbal) मदें प्रमुख हैं।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः (a) और (b)—दोनों शाब्दिक नहीं हैं।
Quick Tip: “ब्लॉक/फिगर/आकृति” आधारित = \(\textbf{परफॉर्मेंस}\) (गैर-शाब्दिक) परीक्षण।


Question 29:

मनोविज्ञान की किस शाखा में मानव-पर्यावरण संबंध का अध्ययन किया जाता है

  • (1) सामाजिक मनोविज्ञान
  • (2) पर्यावरणीय मनोविज्ञान
  • (3) औद्योगिक मनोविज्ञान
  • (4) बाल मनोविज्ञान
Correct Answer: (2) पर्यावरणीय मनोविज्ञान
View Solution



स्टेप 1: परिभाषा.

पर्यावरणीय मनोविज्ञान मनुष्य और भौतिक/निर्मित पर्यावरण (भीड़, शोर, स्थान-व्यवस्था, हरित क्षेत्र) के परस्पर प्रभाव का अध्ययन करता है।

स्टेप 2: अन्य शाखाएँ.

सामाजिक = व्यक्ति–समूह सम्बन्ध; औद्योगिक = कार्य-स्थल व्यवहार; बाल = विकासात्मक आयाम।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः उत्तर पर्यावरणीय मनोविज्ञान।
Quick Tip: “Person–Place fit” सुनें तो याद करें—\(\textbf{Environmental Psychology}\).


Question 30:

भीड़ का व्यवहार है

  • (1) अविवेकी
  • (2) विवेकपूर्ण
  • (3) तर्कपूर्ण
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (1) अविवेकी
View Solution



स्टेप 1: सिद्धान्तिक दृष्टि.

भीड़ में अनामिता, भावनात्मक आवेश और सामूहिक संवेग के कारण व्यक्ति का विवेक घटता है—निर्णय अधिक आवेगपूर्ण/अतार्किक हो जाते हैं।

स्टेप 2: परिणाम.

भीड़-मानस (crowd mind) अक्सर सुझावशीलता और संक्रमण से प्रभावित होता है, इसलिए व्यवहार अविवेकी दिखाई देता है।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

सही उत्तर अविवेकी है।
Quick Tip: भीड़ = उच्च भावनाएँ, कम विवेक \(\Rightarrow\) \(\textbf{अविवेकी}\) प्रतिक्रियाएँ।


Question 31:

सामाजिक असुविधा कैसे उत्पन्न होती है ?

  • (1) भेदभाव से
  • (2) आक्रामकता से
  • (3) वंचन से
  • (4) इनमें से सभी
Correct Answer: (4) इनमें से सभी
View Solution



स्टेप 1: “सामाजिक असुविधा/विघटन” की धारणा समझें.

यह ऐसी स्थिति है जहाँ व्यक्ति या समूह समाज में सहज, सम्मानजनक और समान अवसरों से वंचित हो जाता है।

स्टेप 2: कारणों का विश्लेषण.

भेदभाव (जैसे जाति/लिंग/आर्थिक) से अवसर घटते हैं; आक्रामकता/हिंसा असुरक्षा बढ़ाती है; वंचन (resources, शिक्षा, सेवाएँ) से सामाजिक भागीदारी टूटती है।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

तीनों कारक सामाजिक असुविधा पैदा करते हैं, इसलिए “इनमें से सभी” सही है।
Quick Tip: सामाजिक असुविधा = \(\textbf{भेदभाव + आक्रामकता + वंचन}\) का संयुक्त परिणाम।


Question 32:

एक प्रभावी परामर्शदाता बनने के लिए किन कौशलों की आवश्यकता है

  • (1) प्रेषणात्मक कौशल
  • (2) विशिष्ट कौशल
  • (3) सामान्य कौशल
  • (4) इनमें से सभी
Correct Answer: (4) इनमें से सभी
View Solution



स्टेप 1: कौशल-समूह को समझें.

प्रेषणात्मक/संचार (clear speaking, paraphrasing), विशिष्ट (प्रश्न करना, रिफ्लेक्शन, रीफ्रेमिंग), और सामान्य (सहानुभूति, धैर्य, समय-प्रबंधन)—तीनों ज़रूरी हैं।

स्टेप 2: क्यों सभी आवश्यक हैं?

केवल संचार हो पर विशिष्ट तकनीक न हो तो सत्र दिशाहीन रहता है; केवल तकनीक हो पर सामान्य मानवीय कौशल न हों तो रिश्ता नहीं बनता।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

प्रभावी परामर्श के लिए इनमें से सभी आवश्यक हैं।
Quick Tip: काउंसलिंग = \(\textbf{Communication + Technique + Human qualities}\) का संतुलन।


Question 33:

निम्नलिखित में से कौन संचार का तत्त्व नहीं है ?

  • (1) बोलना
  • (2) सुनना
  • (3) शारीरिक भाषा
  • (4) तदनुभूति
Correct Answer: (4) तदनुभूति
View Solution



स्टेप 1: संचार-तत्वों की सूची.

संदेश, स्रोत, माध्यम, बोलना/सुनना, और गैर-शाब्दिक संकेत (शारीरिक भाषा)—ये प्रक्रिया के मूल भाग हैं।

स्टेप 2: तदनुभूति का स्थान.

तदनुभूति (Empathy) सलाहकार की गुण/दृष्टि है; यह संचार को बेहतर बनाती है, पर संचार-प्रक्रिया का मूल तत्त्व नहीं मानी जाती।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः तदनुभूति तत्त्व नहीं है।
Quick Tip: तत्त्व = \(\textbf{प्रक्रिया-भाग}\); गुण = \(\textbf{व्यक्तिगत विशेषता}\)—दोनों अलग रखें।


Question 34:

निम्नलिखित में से कौन परामर्श कौशल नहीं है ?

  • (1) तदनुभूति
  • (2) प्रामाणिकता
  • (3) स्वीकारात्मक सम्मान
  • (4) सक्रिय सुनना
Correct Answer: (3) स्वीकारात्मक सम्मान
View Solution



स्टेप 1: कौशल बनाम दृष्टिकोण.

सक्रिय सुनना और तदनुभूति व्यावहारिक कौशल हैं; प्रामाणिकता भी व्यवहार में प्रदर्शित होने वाला कौशल-सदृश गुण है।

स्टेप 2: “स्वीकारात्मक सम्मान” का स्वरूप.

Unconditional Positive Regard को रोजर्स ने चिकित्सकीय दृष्टिकोण/मनोभाव माना—यह बुनियादी therapeutic attitude है, विशिष्ट “तकनीकी कौशल” नहीं।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

इसलिए यहाँ स्वीकारात्मक सम्मान को कौशल नहीं माना गया है।
Quick Tip: रोजर्स की UPE त्रयी में “UPR” = \(\textbf{attitude}\); “Empathy/Active Listening” = \(\textbf{skills}\).


Question 35:

परामर्श में सम्बन्ध होता है।

  • (1) सामाजिक
  • (2) सहायतापरक
  • (3) वस्तुपरक
  • (4) व्यक्तिपरक
Correct Answer: (2) सहायतापरक
View Solution



स्टेप 1: काउंसलिंग-रिलेशनशिप का उद्देश्य.

परामर्श का मूल सम्बन्ध मदद/सहायता प्रदान करने के लिए बनता है—यह सहायतापरक (helping relationship) है।

स्टेप 2: अन्य विकल्प क्यों नहीं.

सामाजिक/वस्तुपरक/व्यक्तिपरक वर्णनात्मक शब्द हैं, पर परामर्श-रिलेशनशिप का प्राथमिक स्वभाव “सहायतापरक” है।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः (b) सही है।
Quick Tip: Counselling relationship = \(\textbf{Helping Relationship}\).


Question 36:

निम्नांकित में से कौन मनोवृत्ति का तत्त्व नहीं है ?

  • (1) संज्ञानात्मक तत्त्व
  • (2) भावनात्मक तत्त्व
  • (3) स्मृति तत्त्व
  • (4) व्यवहारपरक तत्त्व
Correct Answer: (3) स्मृति तत्त्व
View Solution



स्टेप 1: ABC मॉडल.

मनोवृत्ति के तीन घटक—Affective (भाव), Behavioral (व्यवहार), Cognitive (मान्यताएँ)।

स्टेप 2: असंगत विकल्प.

स्मृति मनोवृत्ति का मूल घटक नहीं है।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः (3) सही उत्तर है।
Quick Tip: Attitude = \(\textbf{A+B+C}\); स्मृति इसका भाग नहीं।


Question 37:

पूर्वाग्रह एक प्रकार है

  • (1) मनोवृत्ति का
  • (2) मूल प्रवृत्ति का
  • (3) संवेग का
  • (4) प्रेरणा का
Correct Answer: (1) मनोवृत्ति का
View Solution



स्टेप 1: परिभाषा.

पूर्वाग्रह (prejudice) किसी समूह/व्यक्ति के प्रति नकारात्मक मनोवृत्ति है।

स्टेप 2: अन्य विकल्प.

यह न मूल प्रवृत्ति है न संवेग/प्रेरणा—यह attitude का ही एक विशिष्ट रूप है।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः (1) सही है।
Quick Tip: Stereotype = \(\textbf{विश्वास}\), Prejudice = \(\textbf{भाव}\), Discrimination = \(\textbf{व्यवहार}\)।


Question 38:

निम्नांकित में से कौन सामाजिक सरलीकरण (Social Facilitation) का कारण नहीं है ?

  • (1) उत्तेजन (Arousal)
  • (2) मूल्यांकन आशंका (Evaluation Apprehension)
  • (3) विचलन–संघर्ष (Distraction–Conflict)
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (4) इनमें से कोई नहीं
View Solution



स्टेप 1: तीन प्रमुख व्याख्याएँ.

दर्शकों की उपस्थिति से उत्तेजन बढ़ता है; मूल्यांकन आशंका व्यक्ति को बेहतर दिखने हेतु प्रेरित करती है; विचलन–संघर्ष ध्यान बँटने से जागृति बढ़ाता है—तीनों सामाजिक सरलीकरण में योगदान देते हैं।

स्टेप 2: निष्कर्ष.

क्योंकि तीनों ही कारण हैं, इसलिए “इनमें से कोई नहीं” सही है।
Quick Tip: आसान कार्य: दर्शक \(\Rightarrow\) प्रदर्शन \(\textbf{बेहतर}\); कठिन कार्य: \(\textbf{खराब}\)—यही Social Facilitation/Inhibition।


Question 39:

रूढ़िगत (Stereotype) से सर्वप्रथम परिचित कराया

  • (1) थर्स्टन ने
  • (2) लिंटन ने
  • (3) वाल्टर लिप्मैन ने
  • (4) ऑलपोर्ट ने
Correct Answer: (3) वाल्टर लिप्मैन ने
View Solution



स्टेप 1: ऐतिहासिक तथ्य.

Walter Lippmann (1922) ने “stereotypes” शब्द का लोकप्रिय उपयोग किया—मानसिक “pictures in our heads”。

स्टेप 2: निष्कर्ष.

अतः (3) सही है।
Quick Tip: Stereotype = \(\textbf{मानसिक साँचा}\)—समूह के बारे में सामान्यीकृत धारणा।


Question 40:

संज्ञानात्मक असंगति संप्रत्यय का प्रतिपादन किसने किया था ?

  • (1) मायर्स
  • (2) फेस्टिंगर
  • (3) हाईडर
  • (4) बर्न
Correct Answer: (2) फेस्टिंगर
View Solution



स्टेप 1: अवधारणा.

Leon Festinger ने Cognitive Dissonance का सिद्धांत दिया—विचार/आचरण में असंगति होने पर असहजता बढ़ती है और व्यक्ति उसे घटाने का प्रयत्न करता है।

स्टेप 2: निष्कर्ष.

अतः (2) सही उत्तर है।
Quick Tip: “\(20\) बनाम \(1\) डॉलर” प्रयोग—कम प्रलोभन पर \(\textbf{दृष्टिकोण बदलकर}\) असंगति घटती है।


Question 41:

पी-ओ-एक्स त्रिकोण मॉडल के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है ?

  • (1) एक व्यक्ति हो सकते हैं
  • (2) दो व्यक्ति हो सकते हैं
  • (3) तीन व्यक्ति हो सकते हैं
  • (4) कम-से-कम चार व्यक्ति अनिवार्य हैं
Correct Answer: (3) तीन व्यक्ति हो सकते हैं
View Solution



स्टेप 1: मॉडल को समझें.

Heider का P–O–X मॉडल—Person (P), Other (O), X (वस्तु/विषय)—तीन इकाइयाँ बनाकर संतुलन/असंतुलन दिखाता है।

स्टेप 2: निष्कर्ष.

अतः कथन “तीन व्यक्ति/इकाइयाँ” सही है।
Quick Tip: संतुलन तब जब \(\textbf{विकल्प गुणनफल (+)}\) हो—तीन धनात्मक या \(\textbf{एक धन + दो ऋण}\)।


Question 42:

निम्नांकित में से कौन समूह संरचना का तत्त्व नहीं है ?

  • (1) भूमिका
  • (2) मानक
  • (3) पद
  • (4) समूह सोच
Correct Answer: (4) समूह सोच
View Solution



स्टेप 1: समूह-रचना के तत्त्व.

भूमिकाएँ (roles), मानक (norms), पद/प्रतिष्ठा (status)—ये संरचनात्मक तत्त्व हैं।

स्टेप 2: “समूह सोच” का स्वरूप.

Groupthink निर्णय-प्रक्रिया का विकृति-परिणाम है, संरचनात्मक तत्त्व नहीं।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः (4) सही है।
Quick Tip: Structure = \(\textbf{roles, norms, status}\); Process error = \(\textbf{groupthink}\)।


Question 43:

व्यक्तित्व के आकारात्मक मॉडल का निर्माण किसने किया ?

  • (1) मस्लो
  • (2) आलपोर्ट
  • (3) रोजर्स
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (4) इनमें से कोई नहीं
View Solution



स्टेप 1: “आकारात्मक/शारीरिक-आकृति (somatotype)” मॉडल.

शरीर-आकृति पर आधारित व्यक्तित्व मॉडल Kretschmer/Sheldon से जुड़ा है (पाइकिनिक–एस्थेनिक–एथलेटिक; एंडो/मेसो/एको)।

स्टेप 2: दिए विकल्पों का मिलान.

मस्लो = आवश्यकताओं का सिद्धांत; आलपोर्ट = गुण-सिद्धांत; रोजर्स = मानवतावादी चिकित्सा।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः इनमें से कोई नहीं सही है।
Quick Tip: Somatotype \(\rightarrow\) \(\textbf{Kretschmer/Sheldon}\), न कि Maslow/Allport/Rogers।


Question 44:

सामूहिक अचेतन की अवधारणा को क्या कहा जाता है

  • (1) मनोग्रंथि
  • (2) आद्य प्ररूप
  • (3) पर्सोना
  • (4) बाध्यता
Correct Answer: (2) आद्य प्ररूप
View Solution



स्टेप 1: जंग का सिद्धांत.

कार्ल जंग के अनुसार सामूहिक अचेतन में आद्य प्ररूप (Archetypes)—सार्वभौमिक, जन्मजात प्रतीक/रूप—निहित रहते हैं।

स्टेप 2: भेद.

पर्सोना सामाजिक मुखौटा है; मनोग्रंथि/बाध्यता अलग संकल्पनाएँ हैं।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

इसलिए सही उत्तर आद्य प्ररूप है।
Quick Tip: Collective Unconscious = \(\textbf{Archetypes}\) (माता, नायक, छाया आदि)।


Question 45:

एमएमपीआई (MMPI) में कितने कथन हैं ?

  • (1) 314
  • (2) 418
  • (3) 550
  • (4) 816
Correct Answer: (3) 550
View Solution



स्टेप 1: तथ्य-स्मरण.

भारतीय/पारम्परिक पाठ्य-स्रोतों में MMPI के लगभग 550 (सही संस्करणानुसार 550–566) True–False कथन बताए जाते हैं।

स्टेप 2: परीक्षा-उन्मुख उत्तर.

प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रचलित मान “550” दिया जाता है।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः विकल्प (3) 550 चुनें।
Quick Tip: MMPI = व्यापक \(\textbf{व्यक्तित्व/रोग-वृत्ति}\) सूची; उत्तर \(\textbf{True–False}\) में।


Question 46:

16 PF को किसने विकसित किया ?

  • (1) आलपोर्ट
  • (2) कैटेल
  • (3) रोजर्स
  • (4) एरिकसन
Correct Answer: (2) कैटेल
View Solution



स्टेप 1: 16PF क्या है?

16PF (Sixteen Personality Factors Questionnaire) एक मानकीकृत व्यक्तित्व प्रश्नावली है जो 16 प्रमुख गुणों को मापती है।

स्टेप 2: विकासकर्ता की पहचान.

इसे रेमंड बी. कैटेल ने कारक विश्लेषण (factor analysis) के आधार पर विकसित किया।

स्टेप 3: अन्य विकल्प क्यों नहीं.

आलपोर्ट = गुण सिद्धांत, पर 16PF नहीं; रोजर्स = मानवतावादी; एरिकसन = मनोसामाजिक विकास।

स्टेप 4: निष्कर्ष.

अतः सही उत्तर कैटेल है।
Quick Tip: “\(\textbf{16}\) PF \(\Rightarrow\) \(\textbf{Cattell}\) \(=\) \(\textbf{Factor Analysis}\) \(\Rightarrow\) 16 traits.


Question 47:

व्यक्तित्व सिद्धान्त के शीलगुण (Trait) उपागम का अग्रणी कौन है ?

  • (1) युंग
  • (2) आलपोर्ट
  • (3) फ्रायड
  • (4) शेल्डन
Correct Answer: (2) आलपोर्ट
View Solution



स्टेप 1: ट्रेट उपागम का सार.

Trait approach व्यक्तित्व को स्थायी गुणों के रूप में समझता है।

स्टेप 2: अग्रणी कौन?

गॉर्डन आलपोर्ट को ट्रेट दृष्टिकोण का अग्रदूत/जनक माना जाता है—उन्होंने cardinal, central, secondary traits का वर्गीकरण दिया।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

इसलिए आलपोर्ट सही है।
Quick Tip: Traits की तीन श्रेणियाँ—\(\textbf{Cardinal, Central, Secondary}\) (Allport)।


Question 48:

कथानक संपरेक्षण परीक्षण के निर्माता कौन हैं ?

  • (1) मॉर्गन एवं रोज़ेनज्विग
  • (2) मरे एवं मॉर्गन
  • (3) रोर्शाक एवं मरे
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (2) मरे एवं मॉर्गन
View Solution



स्टेप 1: परीक्षण की पहचान.

“कथानक संपरेक्षण परीक्षण” से आशय TAT (Thematic Apperception Test) से है।

स्टेप 2: निर्माताओं के नाम.

TAT को Henry A. Murray तथा Christiana D. Morgan ने निर्मित किया।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः सही विकल्प मरे एवं मॉर्गन है।
Quick Tip: TAT = \(\textbf{ambiguous pictures}\) \(\Rightarrow\) कहानी सुनाएँ \(\Rightarrow\) \(\textbf{needs}\) और \(\textbf{presses}\) प्रकट।


Question 49:

मानवतावादी उपागम के जनक कौन हैं ?

  • (1) रोजर्स
  • (2) एरिक फ्रॉम
  • (3) मस्लो
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (1) रोजर्स
View Solution



स्टेप 1: मानवतावाद का केन्द्रीय विचार.

मानवतावाद व्यक्ति की स्व-विकास क्षमता, स्वायत्तता और व्यक्तिगत अनुभव पर बल देता है।

स्टेप 2: “जनक” किसे कहा जाता है?

कार्ल रोजर्स को क्लायंट-केन्द्रित चिकित्सा और मानवतावादी मनोविज्ञान का प्रमुख प्रवर्तक/जनक माना जाता है; मस्लो ने आवश्यकताओं का सिद्धान्त दिया पर “जनक” के रूप में अकसर रोजर्स को ही उद्धृत किया जाता है।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः उत्तर रोजर्स।
Quick Tip: Humanistic core = \(\textbf{UPR, Empathy, Genuineness}\) (Rogers) + \(\textbf{Needs Hierarchy}\) (Maslow)।


Question 50:

समूह संघर्ष का कारण नहीं है ?

  • (1) संचार की कमी
  • (2) सापेक्ष वंचन
  • (3) पुरस्कार संरचना
  • (4) इनमें से सभी
Correct Answer: (4) इनमें से सभी
View Solution



स्टेप 1: कारणों की समीक्षा.

संचार की कमी, सापेक्ष वंचन (relative deprivation) और विकृत पुरस्कार संरचना—तीनों समूह संघर्ष को बढ़ाते हैं।

स्टेप 2: प्रश्न का स्वरूप.

प्रश्न पूछता है—“कारण नहीं है?” जबकि तीनों ही कारण हैं; इसलिए ‘इनमें से सभी’ (यानी कोई भी ‘नहीं’ नहीं) सही विकल्प बनता है।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः उत्तर (4) है।
Quick Tip: जब सभी विकल्प \(\textbf{कारण}\) हों और प्रश्न “\(\textbf{नहीं}\)” पूछे—तो “\(\textbf{इनमें से सभी}\)” चुनें।


Question 51:

निम्नलिखित में से कौन आक्रामकता का कारण नहीं है ?

  • (1) कुण्ठा
  • (2) बच्चों का पालन-पोषण
  • (3) मॉडलिंग
  • (4) व्यवहारपरक औषध
Correct Answer: (4) व्यवहारपरक औषध
View Solution



स्टेप 1: मान्य कारण.

कुण्ठा (frustration), मॉडलिंग (observational learning) तथा पालन-पोषण शैली—तीनों आक्रामकता को बढ़ा सकते हैं।

स्टेप 2: जो कारण नहीं.

“व्यवहारपरक औषध” (behavioral medicine/दवा) कारण नहीं, बल्कि उपचार/हस्तक्षेप की श्रेणी में आती है।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः (4) सही है।
Quick Tip: आक्रामकता के \(\textbf{कारण}\) = \(\textbf{कुण्ठा, सीखना, पेरेंटिंग}\); दवा = \(\textbf{उपचार}\)।


Question 52:

भूकम्प किस श्रेणी से संबंधित है ?

  • (1) सामाजिक
  • (2) राजनैतिक
  • (3) प्राकृतिक
  • (4) धार्मिक
Correct Answer: (3) प्राकृतिक
View Solution



स्टेप 1: परिभाषा.

भूकम्प प्राकृतिक (Natural) आपदा है—पृथ्वी की भूगर्भिक गतिविधियों के कारण।

स्टेप 2: निष्कर्ष.

अतः श्रेणी प्राकृतिक होगी।
Quick Tip: भूकम्प, बाढ़, सूखा = \(\textbf{प्राकृतिक आपदाएँ}\)।


Question 53:

निम्न में से कौन प्राथमिक समूह का उदाहरण है ?

  • (1) परिवार
  • (2) वर्ग
  • (3) खेल का मैदान
  • (4) इनमें से सभी
Correct Answer: (1) परिवार
View Solution



स्टेप 1: प्राथमिक समूह की विशेषता.

छोटी सदस्यता, घनिष्ठ, आमने-सामने, दीर्घकालीन सम्बन्ध—जैसे परिवार।

स्टेप 2: अन्य विकल्प.

“वर्ग” (class) व्यापक सामाजिक श्रेणी है; “खेल का मैदान” कोई समूह नहीं, एक स्थान है।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः परिवार सही उदाहरण है।
Quick Tip: Primary group = \(\textbf{परिवार, मित्र-मंडली}\); Secondary = संगठन, कार्यालय, कक्षा।


Question 54:

किसने समूह का वर्गीकरण प्राथमिक समूह तथा द्वितीयक समूह में किया है ?

  • (1) मैकाइवर
  • (2) आलपोर्ट
  • (3) डब्ल्यू.जी. समनर
  • (4) चार्ल्स कूले
Correct Answer: (4) चार्ल्स कूले
View Solution



स्टेप 1: तथ्य.

Charles H. Cooley ने Primary और Secondary समूहों का विभाजन प्रस्तुत किया।

स्टेप 2: निष्कर्ष.

अतः (4) सही है।
Quick Tip: “Primary–Secondary” \(\Rightarrow\) \(\textbf{Cooley}\)।


Question 55:

एक सुदृढ़ समूह के लिए सर्वाधिक वांछित अवस्था है

  • (1) समूह का आकार
  • (2) समूह का प्रभाव
  • (3) समूह की सदस्यता
  • (4) समूह के साथ सम्बद्धता
Correct Answer: (4) समूह के साथ सम्बद्धता
View Solution



स्टेप 1: वांछित अवस्था क्या?

समूह की एकता/संबद्धता (cohesiveness) जितनी उच्च होगी, समूह उतना सुदृढ़ माना जाता है।

स्टेप 2: अन्य विकल्प.

आकार/प्रभाव/सदस्यता संख्या द्वितीयक कारक हैं; बिना सम्बद्धता के समूह ढीला पड़ता है।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः सम्बद्धता सर्वाधिक वांछित है।
Quick Tip: Strong group = \(\textbf{High Cohesion}\), not merely big size or headcount।


Question 56:

ध्वनि प्रदूषण का मापन क्या है ?

  • (1) बेल
  • (2) माइक्रोबेल
  • (3) डेसिबेल
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (3) डेसिबेल
View Solution



स्टेप 1: इकाई.

ध्वनि-स्तर को सामान्यतः डेसिबेल (dB) में नापा जाता है।

स्टेप 2: निष्कर्ष.

अतः (3) सही है।
Quick Tip: Noise level meter \(\Rightarrow\) reading in \(\textbf{dB}\) (decibel)।


Question 57:

बाह्य आघातक (external stressor) के प्रति प्रतिक्रिया को कहा जाता है

  • (1) समायोजन
  • (2) अनुकूलन
  • (3) बर्न-आउट
  • (4) खिंचाव
Correct Answer: (2) अनुकूलन
View Solution



स्टेप 1: परिभाषाएँ.

अनुकूलन (adaptation) = पर्यावरण/आघातक के अनुरूप जैव-मानसिक समायोजन की दीर्घकालिक प्रक्रिया।

समायोजन अक्सर तात्कालिक/व्यवहारिक स्तर पर प्रयुक्त होता है।

बर्न-आउट = दीर्घकालिक थकावट-स्थिति; खिंचाव केवल तनाव की स्थिति है।

स्टेप 2: निष्कर्ष.

बाह्य आघातक के प्रति संगत उत्तर अनुकूलन है।
Quick Tip: Stressor \(\Rightarrow\) \(\textbf{Adaptation}\) (अनुकूलन) — दीर्घकालिक जैव-मानसिक ढलाव।


Question 58:

दबाव (Stress) के संज्ञानात्मक सिद्धान्त के प्रतिपादक हैं

  • (1) लाजरस
  • (2) स्पीयरमैन
  • (3) शर्टन
  • (4) थर्नडाइक
Correct Answer: (1) लाजरस
View Solution



स्टेप 1: सिद्धान्त.

Richard Lazarus का Cognitive Appraisal Theory बताता है कि तनाव व्यक्ति की आकलन प्रक्रिया (primary–secondary appraisal) पर निर्भर है।

स्टेप 2: निष्कर्ष.

अतः उत्तर लाजरस है।
Quick Tip: Stress = \(\textbf{Appraisal}\) (खतरे/संसाधन का आँकलन) + Coping।


Question 59:

निम्नलिखित में से कौन सामाजिक प्रतिवल है ?

  • (1) द्वंद्व
  • (2) कुण्ठा
  • (3) विवाह विच्छेद
  • (4) भूख
Correct Answer: (3) विवाह विच्छेद
View Solution



स्टेप 1: “सामाजिक प्रतिवल/उत्तेजक” को समझें.

यहाँ आशय ऐसे सामाजिक घटनाक्रम/कारक से है जो व्यवहार/तनाव पर प्रभाव डालते हैं।

स्टेप 2: विकल्पों का मूल्यांकन.

विवाह विच्छेद एक सामाजिक घटना है; जबकि भूख जैविक प्रेरक, द्वंद्व/कुण्ठा मनोवैज्ञानिक स्थितियाँ हैं।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

अतः सामाजिक प्रतिवल के रूप में विवाह विच्छेद उचित है।
Quick Tip: Social factors (divorce, बेरोज़गारी) बनाम \(\textbf{biological}\) (भूख) बनाम \(\textbf{psychological}\) (कुण्ठा/द्वंद्व) — भेद स्पष्ट रखें।


Question 60:

सामान्य अनुकूलन संलक्षण (GAS) में अवस्थाएँ हैं।

  • (1) पाँच
  • (2) तीन
  • (3) चार
  • (4) दो
Correct Answer: (2) तीन
View Solution



स्टेप 1: GAS का ढाँचा.

हांस सैलिये के GAS में तीन अवस्थाएँ—आघात/अलार्म, प्रतिरोध, थकावट।

स्टेप 2: अर्थ.

पहले चरण में शरीर चेतावनी देता है, दूसरे में अनुकूलन कर प्रतिरोध बढ़ता है, तीसरे में संसाधन क्षीण होने पर थकावट आती है।

स्टेप 3: निष्कर्ष.

इसलिए अवस्थाएँ तीन हैं।
Quick Tip: GAS = \(\textbf{Alarm \(\rightarrow\) Resistance \(\rightarrow\) Exhaustion}\) (तीन चरण)।


Question 61:

प्रतिवल का नकारात्मक पहलू है

  • (1) हाइपरस्ट्रेस
  • (2) डिस्ट्रेस
  • (3) यूस्ट्रेस
  • (4) हाइपो स्ट्रेस
Correct Answer: (2) डिस्ट्रेस
View Solution



Step 1: शब्दों का अर्थ याद करें.

Eustress = सकारात्मक/उत्पादक तनाव; Distress = नकारात्मक/हानिकारक तनाव; Hyperstress = अत्यधिक तनाव; Hypostress = बहुत कम उत्तेजना से उपजा तनाव।

Step 2: निष्कर्ष.

नकारात्मक पहलू स्पष्टतः Distress है, इसलिए विकल्प (2) सही है।
Quick Tip: Eustress (अच्छा तनाव) बनाम Distress (बुरा तनाव) — परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है।


Question 62:

द्विधुवीय मनोविकृति के कितने प्रकार हैं ?

  • (1) दो
  • (2) तीन
  • (3) चार
  • (4) पाँच
Correct Answer: (1) दो
View Solution



Step 1: अवधारणा.

Bipolar disorder सामान्यतः Bipolar I तथा Bipolar II के दो clinically मान्य प्रकारों में वर्णित है।

Step 2: निष्कर्ष.

अतः प्रकारों की संख्या दो — विकल्प (1)।
Quick Tip: Bipolar I (कम से कम एक manic episode) और Bipolar II (hypomanic + major depressive episode) को अलग रखें।


Question 63:

DSM-IV RT में कितने आयाम हैं ?

  • (1) पाँच
  • (2) छः
  • (3) चार
  • (4) सात
Correct Answer: (1) पाँच
View Solution



Step 1: Multi-axial system याद करें.

DSM-IV-TR में 5 axes थे: Axis I (Clinical Disorders), Axis II (Personality Disorders/MR), Axis III (General Medical Conditions), Axis IV (Psychosocial/Environmental), Axis V (GAF)।

Step 2: निष्कर्ष.

इसलिए उत्तर पाँच — विकल्प (1)।
Quick Tip: DSM-5 में multi-axial प्रणाली हट गई है; पर DSM-IV-TR में \(\textbf{5}\) axes थे — fact याद रखें।


Question 64:

थर्स्टन के अनुसार बुद्धि की कितनी मानसिक योग्यताएँ हैं ?

  • (1) 7
  • (2) 5
  • (3) 6
  • (4) 8
Correct Answer: (1) 7
View Solution



Step 1: थर्स्टन का PMA सिद्धान्त.

Thurstone ने Primary Mental Abilities (PMA) के 7 घटक बताए: Verbal, Numerical, Spatial, Memory, Perceptual Speed, Reasoning, Word Fluency.

Step 2: निष्कर्ष.

योग्यताओं की संख्या 7 — विकल्प (1)।
Quick Tip: PMA = 7 — “VNS MPRW” जैसा mnemonic बना लें (Verbal, Numerical, Spatial, Memory, Perceptual, Reasoning, Word-fluency).


Question 65:

गार्डनर के अनुसार निम्नांकित में से किस बुद्धि का एक प्रकार नहीं माना गया है?

  • (1) जी-कारक को
  • (2) स्थानिक को
  • (3) तार्किक-गणितीय को
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (1) जी-कारक को
View Solution



Step 1: सिद्धान्तों का भेद.

g-factor Spearman का सामान्य बुद्धि कारक है; Gardner की Multiple Intelligences में spatial, logical-mathematical आदि प्रकार शामिल हैं, g नहीं।

Step 2: निष्कर्ष.

अतः “g-कारक” Gardner का प्रकार नहीं — विकल्प (1) सही।
Quick Tip: Spearman (g) बनाम Gardner (MI) — नाम मिलाने पर गलती होती है; सिद्धान्त-लेखक साथ याद रखें।


Question 66:

जिन व्यक्तियों की बुद्धि लब्धि (IQ) 90 से 100 के बीच होती है, उन्हें कहते हैं

  • (1) मृदु बुद्धि
  • (2) प्रतिभाशाली
  • (3) मंद
  • (4) औसत
Correct Answer: (4) औसत
View Solution



Step 1: IQ श्रेणियाँ.

सामान्य वितरण में \(\mu=100, \sigma=15\) मानकर \(\,85–115\) को सामान्य/औसत माना जाता है। \(90–100\) इसी दायरे में है।

Step 2: निष्कर्ष.

ऐसे व्यक्तियों को औसत श्रेणी — विकल्प (4)।
Quick Tip: Gifted \(\ge 130\) (लगभग), Borderline/Low \(70–85\) — कटऑफ अनुमान याद रखें।


Question 67:

निम्नलिखित में से किसे स्व का प्रकार नहीं माना जाएगा ?

  • (1) पहचान स्व
  • (2) आत्म सम्मान
  • (3) व्यक्तिगत स्व
  • (4) संबंधात्मक स्व
Correct Answer: (2) आत्म सम्मान
View Solution



Step 1: अवधारणाएँ.

व्यक्तिगत (individual) और संबंधात्मक (relational) self के प्रकार हैं; “पहचान स्व” भी self-identity का वर्ग माना जा सकता है। Self-esteem मूल्यांकन (evaluation) है, प्रकार नहीं।

Step 2: निष्कर्ष.

अतः “आत्म-सम्मान” स्व का प्रकार नहीं — विकल्प (2)।
Quick Tip: Self (कौन हूँ) बनाम Self-esteem (मैं अपने बारे में कैसा महसूस करता/करती हूँ) — दोनों अलग अवधारणाएँ हैं।


Question 68:

निम्नलिखित में से कौन व्यक्तित्व का शीलगुण है ?

  • (1) प्रभुत्व
  • (2) अभिसरण
  • (3) संवेग
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (1) प्रभुत्व
View Solution



Step 1: Trait की पहचान.

प्रभुत्व (Dominance) एक स्वीकृत personality trait है; “अभिसरण (convergence)” सामान्यतः ज्ञानात्मक शब्द है। “संवेग (affect/emotion)” गुण की तरह प्रयुक्त हो सकता है पर मानक trait-सूचियों में “dominance” अधिक स्पष्ट है।

Step 2: निष्कर्ष.

अतः सही उत्तर प्रभुत्व — विकल्प (1)।
Quick Tip: Trait-लेवल शब्द: Dominance, Sociability, Emotional Stability, Conscientiousness, आदि को याद रखें।


Question 69:

निम्नलिखित में से कौन आनंद-नियम से निर्देशित होता है ?

  • (1) उप-अहं
  • (2) पर-अहं
  • (3) अहं
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (1) उप-अहं
View Solution



Step 1: Freud का सिद्धान्त.

Id (यहाँ “उप-अहं” लिखा प्रतीत होता है) Pleasure Principle पर चलता है; Ego Reality Principle पर; Superego नैतिक/आदर्शों पर।

Step 2: निष्कर्ष.

इसलिए आनंद-नियम = Id — विकल्प (1)।
Quick Tip: Id = Pleasure, Ego = Reality, Superego = Morality — यह triad याद रखें।


Question 70:

फ्रायड ने किस मॉडल का प्रतिपादन किया ?

  • (1) संज्ञानात्मक मॉडल
  • (2) व्यवहारवादी मॉडल
  • (3) मनोदैहिक/मनो-गतिकीय मॉडल
  • (4) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (3) मनोदैहिक/मनो-गतिकीय मॉडल
View Solution



Step 1: सिद्धान्त पहचान.

Freud का कार्य Psychoanalytic/Psychodynamic मॉडल पर आधारित है — अचेतन, मनो-यौन अवस्थाएँ, रक्षा-यंत्रणा इत्यादि।

Step 2: निष्कर्ष.

इसलिए विकल्प (3) सही है; (1) & (2) क्रमशः cognitive और behaviorist धाराएँ हैं।
Quick Tip: Freud = Psychoanalytic, Skinner = Behaviorism, Beck/Ellis = Cognitive — author-model mapping से MCQ तेज़ी से होते हैं।


Section-B

Question 1:

स्कीमा का अर्थ बताइए।

Correct Answer:
स्कीमा पूर्व अनुभवों पर आधारित मानसिक रूपरेखा या ढाँचा है जो जानकारी को वर्गीकृत, व्यवस्थित और समझने में मदद करता है। यह नई परिस्थितियों की व्याख्या, भविष्यवाणी और निर्णय को तेज़ करता है तथा ध्यान और स्मृति को दिशा देता है।
View Solution



मस्तिष्क हर वस्तु या घटना के लिए ज्ञान के फ़ोल्डर बनाता है; इन्हीं को स्कीमा कहते हैं। उदाहरण: कक्षा का स्कीमा—शिक्षक, बोर्ड, पंक्तियाँ, शांति, प्रश्न–उत्तर। नई कक्षा दिखते ही यह स्कीमा सक्रिय होकर अर्थ देता है। स्कीमा ध्यान (किस पर गौर करें), स्मृति (क्या याद रहे), और निष्कर्ष (कैसे समझें) को प्रभावित करते हैं। लाभ: गति और अर्थ–निर्माण। जोखिम: गलत या पूर्वाग्रहयुक्त स्कीमा धारणाएँ तोड़–मरोड़ सकते हैं। शिक्षण में पूर्वज्ञान सक्रिय करना, उदाहरण देना, और कॉन्सेप्ट–मैप जैसे उपकरण नई सीख को पुराने ढाँचों से जोड़ते हैं ताकि गलत स्कीमा संशोधित हो सकें।
Quick Tip: नई जानकारी से पहले पूछें: ``यह मेरे किस पुराने अनुभव/ढाँचे से जुड़ती है?''—स्कीमा सक्रिय होगा और समझ गहरी होगी।


Question 2:

प्रसामाजिक व्यवहार की विशेषताएँ क्या हैं?

Correct Answer:
प्रसामाजिक व्यवहार स्वैच्छिक, अन्य–केन्द्रित और हितकारी आचरण है—सहायता, सहयोग, साझा करना, दान, सुरक्षा देना। इसकी विशेषताएँ हैं सहानुभूति, उत्तरदायित्व, जोखिम उठाने की तत्परता, कम प्रतिफल–अपेक्षा और सामाजिक मानकों के अनुरूप नैतिक निर्णय।
View Solution



प्रसामाजिकता का उद्देश्य अन्य का कल्याण है। प्रेरक तत्त्व—सहानुभूति, नैतिक दायित्व, सामाजिक मान्यता और त्वरित लागत–लाभ आकलन। परवरिश में मॉडलिंग, सकारात्मक प्रोत्साहन और भाव–नियमन प्रशिक्षण इसे बढ़ाते हैं। आपदा या भीड़ की स्थितियों में ``दर्शक–प्रभाव'' से लोग निष्क्रिय हो सकते हैं; स्पष्ट भूमिका और जिम्मेदारी बाँटने से मदद बढ़ती है। स्कूलों में सेवा–अधिगम, सहपाठी–समर्थन और सहयोगी परियोजनाएँ प्रसामाजिक प्रवृत्तियाँ गढ़ती हैं। दीर्घकाल में यह विश्वास, सुरक्षा और सामाजिक पूँजी को बढ़ाकर समुदाय को सुदृढ़ बनाता है।
Quick Tip: छोटा नियम अपनाएँ—``देखो, सोचो, तुरंत छोटी मदद करो''—शुरूआत आसान होती है और प्रसामाजिकता आदत बनती है।


Question 3:

पर्यावरणीय मनोविज्ञान को परिभाषित करें।

Correct Answer:
यह मनुष्य और उसके भौतिक/निर्मित पर्यावरण—घर, कक्षा, शोर, भीड़, जलवायु, हरित क्षेत्र—के परस्पर प्रभाव का अध्ययन है। यह बताता है कि स्थान की बनावट, शोर, प्रकाश, ताप आदि व्यवहार, भावनाएँ, स्वास्थ्य और उत्पादकता को कैसे बदलते हैं।
View Solution



पर्यावरणीय मनोविज्ञान ``व्यक्ति–स्थान फ़िट'' पर केन्द्रित है। शोर से तनाव और त्रुटियाँ बढ़ती हैं; हरियाली बहाली और ध्यान पुनर्स्थापित करती है; भीड़ नियंत्रण–बोध घटाती है; प्रकाश/तापमान से मूड व प्रदर्शन बदलता है। मार्गदर्शी डिज़ाइन, कक्षा–व्यवस्था, खेलने की जगहें, पैदल–अनुकूल शहर—सब व्यवहार को आकार देते हैं। साथ ही यह पर्यावरण–अनुकूल आचरण (ऊर्जा बचत, कचरा पृथक्करण) बढ़ाने हेतु सामाजिक मानक, फीडबैक और ``नज'' जैसी रणनीतियाँ प्रयोग करता है। लक्ष्य है स्वास्थ्यकर, समावेशी और टिकाऊ जगहें बनाना जहाँ लोग सुरक्षित, सक्षम और सम्बद्ध महसूस करें।
Quick Tip: किसी काम के लिए जगह बदलकर देखें—उपयुक्त ``सेटिंग'' आधा व्यवहार अपने–आप बदल देती है।


Question 4:

परामर्श कौशल का अर्थ बताइए।

Correct Answer:
परामर्श कौशल वे सूक्ष्म तकनीकें हैं जिनसे सहायतात्मक संबंध बनता है—सक्रिय सुनना, तदनुभूति, पैराफ़्रेज़िंग, खुला–प्रश्न, सारांश, मौन का उपयोग, उपयुक्त प्रतिक्रिया, प्रामाणिकता, गोपनीयता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता।
View Solution



काउंसलिंग का केन्द्र ``सुनना–समझना'' है। सक्रिय सुनने में नेत्र–सम्पर्क, न्यूनतम प्रोत्साहन, स्पष्टता–प्रश्न और सारांश शामिल हैं। तदनुभूति क्लाइंट को ``समझा गया'' महसूस कराती है और परिवर्तन हेतु सुरक्षित वातावरण बनाती है। खुले प्रश्न कहानी खोलते हैं, बंद प्रश्न स्पष्टता देते हैं। प्रामाणिकता और बिना शर्त स्वीकार (UPR) सम्बन्ध को मज़बूत करते हैं। सीमाएँ, गोपनीयता और नैतिकता पेशे का अनिवार्य भाग हैं। ये कौशल समस्या–समाधान, विकल्प–निर्माण और आत्म–अन्वेषण को सम्भव बनाते हैं तथा उपचार की दिशा और गति को बनाए रखते हैं।
Quick Tip: क्रम याद रखें: पहले \(\textbf{समझना}\), फिर \(\textbf{सलाह देना}\)—उल्टा करने पर प्रतिरोध बढ़ता है।


Question 5:

समूह की परिभाषा दें।

Correct Answer:
समूह दो या अधिक व्यक्तियों का ऐसा संगठित संग्रह है जिनमें नियमित अन्तःक्रिया, साझा लक्ष्य, परस्पर निर्भरता, भूमिकाएँ–मानक और ``हम–भावना'' मौजूद हो। केवल भीड़ या स्थल–साझाकरण समूह नहीं कहलाता।
View Solution



समूह की पहचान चार तत्त्वों से होती है: (1) अन्तःक्रिया—सदस्यों का नियमित संवाद और कार्य, (2) साझा लक्ष्य—एक उद्देश्य की दिशा, (3) भूमिकाएँ–मानक—व्यवहार के नियम और जिम्मेदारियाँ, (4) समूह–पहचान—``हम बनाम वे'' की भावनात्मक पहचान। समूह औपचारिक (कक्षा, टीम) या अनौपचारिक (मित्र–मंडली) हो सकते हैं। समूह प्रक्रियाएँ—नेतृत्व, निर्णय, संघर्ष और समूह–सोच—काम की गुणवत्ता और संतोष को प्रभावित करती हैं। मज़बूत समूह में स्पष्ट लक्ष्य, खुला संचार और न्यायसंगत भूमिका–वितरण के साथ उच्च सम्बद्धता पाई जाती है।
Quick Tip: सूत्र: लोग + साझा लक्ष्य + नियम + पहचान = \(\textbf{समूह}\)।


Question 6:

अंतः–समूह से आप क्या समझते हैं?

Correct Answer:
अंतः–समूह वह है जिससे व्यक्ति स्वयं को जोड़ता और पहचानता है। वह उसके हितों–मान्यताओं से एकरूपता महसूस करता, पक्षधरता दिखाता और आवश्यकता पर उसके लिए त्याग करता है; बाह्य–समूह के प्रति तुलनात्मक दूरी या प्रतिस्पर्धा संभव है।
View Solution



सामाजिक पहचान सिद्धांत बताता है कि हमारी ``मैं'' पहचान काफी हद तक ``हम'' से बनती है। अंतः–समूह पक्षधरता में अपने समूह के सदस्यों को अधिक सकारात्मक मानना, संसाधन–वितरण में प्राथमिकता देना और गलतियों को क्षमा करना शामिल हो सकता है। इसका लाभ एकजुटता है, पर बाह्य–समूह के प्रति पूर्वाग्रह और भेदभाव का जोखिम बढ़ता है। विद्यालय या कार्यस्थल में मिश्रित टीम, साझा लक्ष्य और समान मानकों से नकारात्मक प्रतिस्पर्धा सहयोग में बदली जा सकती है।
Quick Tip: बाह्य–समूह तनाव घटाने के लिए ``ऊपर की साझा पहचान'' गढ़ें—सबको एक बड़े \(\textbf{हम}\) में जोड़ें।


Question 7:

बुलिमिया नर्वोसा क्या है?

Correct Answer:
यह एक भोजन विकार है जिसमें आवर्ती बिंज–ईटिंग के बाद क्षतिपूरक व्यवहार—उल्टी, अत्यधिक व्यायाम, उपवास या लैक्सेटिव—किए जाते हैं। शरीर–छवि विकृति और वजन–बढ़ने का तीव्र भय प्रमुख विशेषताएँ हैं।
View Solution



बुलिमिया में व्यक्ति कम समय में असामान्य मात्रा खाकर नियंत्रण खो देता है; फिर अपराध–बोध और वजन–भय से पर्जिंग, अत्यधिक व्यायाम या उपवास करता है। इससे इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, दाँत–गला क्षति, हार्मोनल बदलाव, चिंता–अवसाद और आत्म–सम्मान में गिरावट हो सकती है। कारण बहु–घटक हैं—सामाजिक सौंदर्य–मानक, भावनात्मक नियमन में कठिनाई, पारिवारिक तनाव, विशिष्ट व्यक्तित्व प्रवृत्तियाँ। उपचार में CBT–E, पोषण परामर्श, परिवार–आधारित हस्तक्षेप तथा आवश्यकता पर दवा शामिल हैं। शीघ्र पहचान और संवेदनशील समर्थन से रिकवरी की सम्भावना बढ़ती है।
Quick Tip: ``बिंज + पर्ज/ओवर–एक्सरसाइज'' का चक्र दिखे तो तुरंत विशेषज्ञ सहायता लें—विलम्ब स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण है।


Question 8:

उन्माद (Psychosis) का अर्थ बताइए।

Correct Answer:
उन्माद वह गंभीर अवस्था है जिसमें वास्तविकता–बोध बाधित होता है—मिथ्या धारणाएँ, भ्रांतियाँ, असंगत सोच/वाक् और व्यवहार–विघटन। यह कार्यक्षमता, आत्म–देखभाल और सामाजिक सम्बन्धों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
View Solution



मनोविक्षिप्तता स्किज़ोफ्रेनिया, उन्मत्त–अवसाद आदि में दिखने वाला लक्षण–समूह है। व्यक्ति अडिग मिथ्या धारणाएँ रख सकता है (उत्पीड़क, महानता, संदर्भ) या ध्वनि/दृश्य भ्रांतियाँ अनुभव कर सकता है। विचार–तारतम्य टूटना, भाव–विच्छेद और आत्म–देखभाल में कमी भी दिखती है। जैविक, आनुवंशिक, मनोसामाजिक तनाव और पदार्थ–उपयोग कारक हो सकते हैं। उपचार में एंटीसाइकॉटिक दवाएँ, मनोसामाजिक पुनर्वास, परिवार–शिक्षा और रिलैप्स–रोकथाम आवश्यक हैं। शीघ्र हस्तक्षेप और दवा–अनुपालन बेहतर प्रगति से जुड़े हैं।
Quick Tip: वास्तविकता से विच्छेद के संकेत दिखें तो \(\textbf{तत्काल}\) मनोचिकित्सीय मूल्यांकन कराएँ—प्रारम्भिक उपचार परिणाम सुधारता है।


Question 9:

दबाव/प्रतिवल (Stress) की परिभाषा दें।

Correct Answer:
प्रतिवल वह मनो–शारीरिक प्रतिक्रिया है जो तब उत्पन्न होती है जब माँगें संसाधनों या नियंत्रण–बोध से अधिक लगती हैं। मूल्यांकन और सामना–रणनीतियों के अनुसार यह उपयोगी (यू–स्ट्रेस) या हानिकारक (डिस्ट्रेस) बन सकता है।
View Solution



लाजरस के अनुसार तनाव ``कॉग्निटिव एप्रीजल'' का परिणाम है—पहला, स्थिति को खतरा/चुनौती मानते हैं या नहीं; दूसरा, निपटने के साधन पर्याप्त हैं या नहीं। असंगति दिखे तो अलार्म (सिम्पैथेटिक सक्रियता), फिर प्रतिरोध और अन्ततः थकावट (GAS) आते हैं। प्रभाव—ध्यान–क्षरण, चिड़चिड़ापन, नींद और प्रतिरक्षा पर असर। प्रबंधन: समस्या–केन्द्रित (योजना, समय–प्रबंधन), भाव–केन्द्रित (श्वसन, माइंडफुलनेस), सामाजिक समर्थन, व्यायाम, नींद–स्वच्छता। मध्यम यू–स्ट्रेस प्रदर्शन बढ़ाता है; लक्ष्य संतुलन बनाना है।
Quick Tip: पहला कदम: स्थिति का \(\textbf{पुनर्मूल्यांकन}\)—``मेरे पास कौन–कौन से विकल्प और सहारे हैं?'' तनाव तुरंत घटेगा।


Question 10:

सामान्य अनुकूलन संलक्षण (GAS) क्या है?

Correct Answer:
GAS सैलिये का तनाव–मॉडल है जिसमें शरीर तीन चरणों—अलार्म, प्रतिरोध, थकावट—से गुजरता है। लम्बा अथवा तीव्र तनाव संसाधन क्षीण कर देता है और बीमारी/थकावट के जोखिम को बढ़ा देता है।
View Solution



अलार्म चरण में फ़ाइट–या–फ़्लाइट सक्रिय होता है और एड्रेनालिन/कॉर्टिसोल बढ़ते हैं। प्रतिरोध चरण में शरीर अनुकूल होकर प्रदर्शन बनाए रखता है, किंतु ऊर्जा–खपत होती रहती है। यदि तनाव बना रहे तो थकावट में प्रतिरक्षा घटती है, रोग–जोखिम और भाव–समस्याएँ बढ़ती हैं। मॉडल शारीरिक प्रतिक्रिया को समझाता है; आधुनिक दृष्टि में इसमें मानसिक एप्रीजल और coping भी जोड़े जाते हैं। समय पर विश्राम, नींद, व्यायाम और सामाजिक समर्थन संसाधन पुनर्भरण करते हैं तथा थकावट चरण से बचाते हैं।
Quick Tip: काम–आराम–काम की \(\textbf{लय}\) बनाइए; लम्बा तनाव बिना ब्रेक के सीधे थकावट की ओर ले जाता है।


Question 11:

व्यामोह (Delusion) क्या है?

Correct Answer:
व्यामोह ऐसी दृढ़ मिथ्या धारणा है जो तथ्य और तर्क के विपरीत होने पर भी नहीं बदलती—जैसे उत्पीड़क, संदर्भ या महानता व्यामोह। यह सामान्यतः मनोविक्षिप्तता में दिखता है और कार्य–क्षमता को बाधित करता है।
View Solution



पहचान के बिन्दु—(1) असत्य या अतार्किक होना, (2) प्रमाण पर भी अडिग रहना, (3) सांस्कृतिक मानकों से परे होना। प्रकार: उत्पीड़क, संदर्भ, महानता, ईर्ष्या, प्रेम–व्यामोह। कारण: न्यूरोकेमिकल असंतुलन, आनुवंशिक प्रवृत्ति, संज्ञानात्मक पक्षपात और तनाव। उपचार: एंटीसाइकॉटिक दवाएँ, CBT–p (विश्वास–परीक्षण, वैकल्पिक व्याख्या), परिवार–शिक्षा और सामाजिक कौशल प्रशिक्षण। सुरक्षा, दवा–अनुपालन और आपात संकेतों पर निगरानी आवश्यक है।
Quick Tip: कोमलता से पूछें: ``क्या कोई दूसरा सम्भव कारण हो सकता है?''—यह वैकल्पिक सोच की खिड़की खोलता है।


Question 12:

बुद्धि क्या है?

Correct Answer:
वेक्षलर के अनुसार बुद्धि उद्देश्यपूर्ण कार्य, तर्कपूर्ण सोच और पर्यावरण से प्रभावी निपटान की \(\textbf{समष्टिगत क्षमता}\) है। इसमें समस्या–समाधान, सीखना, अमूर्त चिंतन, अनुकूलन और अनुभव से सही निर्णय की योग्यता शामिल है।
View Solution



बुद्धि के दृष्टिकोण—एकात्मक (बिने), g–कारक (स्पीयरमैन), बहु–बौद्धिकता (गार्डनर), त्रिआर्चिक (स्टीर्नबर्ग), PASS। समान तत्व: तर्क, कार्य–स्मृति, प्रसंस्करण गति, अमूर्त चिंतन, भाषा और अनुकूलन। परीक्षण—वेक्षलर, स्टैनफोर्ड–बिने, CAS—इन घटकों का आकलन करते हैं। बुद्धि स्थिर नहीं; शिक्षा, अभ्यास, पोषण और समृद्ध वातावरण से प्रदर्शित क्षमता सुधर सकती है। आधुनिक शिक्षा IQ के साथ रचनात्मकता, व्यावहारिक बुद्धि और भावनात्मक कौशल पर भी समान जोर देती है।
Quick Tip: ``मैं कितना जानता हूँ'' से आगे बढ़ें—``मैं नई स्थिति में कितनी जल्दी ढलता हूँ'' ही बुद्धि का सार है।


Question 13:

साक्षात्कार का अर्थ बताइए।

Correct Answer:
साक्षात्कार लक्ष्यपूर्ण, संरचित/अर्ध–संरचित वार्ता है जिसमें प्रश्न–उत्तर, स्पष्टीकरण और अवलोकन द्वारा विश्वसनीय जानकारी जुटाई जाती है। यह परामर्श, चयन, अनुसंधान और निदान हेतु प्रयुक्त पेशेवर तकनीक है।
View Solution



अच्छा साक्षात्कार उद्देश्य स्पष्ट कर, नैतिक सहमति लेकर और प्रश्न–क्रम तैयार करके शुरू होता है। प्रक्रिया: रैपोर्ट, सक्रिय सुनना, पैराफ़्रेज़, जाँच–प्रश्न, सारांश और समापन। संरचित प्रारूप विश्वसनीयता बढ़ाते हैं; अर्ध–संरचित लचीलापन देता है; असंरचित अन्वेषण में सहायक है। गैर–शाब्दिक संकेत अर्थ जोड़ते हैं। पक्षपात (हैलो, पुष्टि–पूर्वाग्रह) से बचाव हेतु मानक स्कोरिंग और नोटिंग महत्वपूर्ण है। अंत में अगले कदम स्पष्ट कर धन्यवाद करना शिष्टाचार है।
Quick Tip: हर प्रश्न से पहले मन में पूछें—``इस प्रश्न का \(\textbf{उद्देश्य}\) क्या है?''—अनावश्यक बातें स्वतः हटेंगी।


Question 14:

आत्म–संयम से आप क्या समझते हैं?

Correct Answer:
आत्म–संयम आवेग, भावनाओं और व्यवहार को दीर्घकालिक लक्ष्यों के अनुरूप नियंत्रित करने की क्षमता है—तुरंत सुख के बजाय विलंबित लाभ चुनना, ध्यान मोड़ना, स्पष्ट नियम बनाना और स्व–निगरानी करना इसके प्रमुख घटक हैं।
View Solution



आत्म–संयम ``रुको–सोचो–करो'' का कौशल है। प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स योजना और निषेध नियंत्रित करता है; तनाव/थकान इसे कमजोर करते हैं। तकनीकें: इम्पल्स–डिले, परिस्थिति–संशोधन (लोभ से दूरी), Implementation Intentions (``यदि X, तो Y''), स्व–निगरानी और उपयुक्त पुरस्कार। माइंडफुलनेस से भाव–उत्तेजना घटती है। बच्चों में स्पष्ट नियम, मॉडलिंग और छोटे लक्ष्यों का अभ्यास लाभदायक है। यह केवल रोकना नहीं; ऊर्जा का बुद्धिमान उपयोग, प्राथमिकता और विश्राम की योजना भी है।
Quick Tip: आकर्षण से पहले ही योजना बना लें—``यदि प्रलोभन आए, तो मैं _____ करूँगा/करूँगी''—फैसला आसान होगा।


Question 15:

व्यक्तित्व की परिभाषा दें।

Correct Answer:
व्यक्तित्व विचार–भाव–व्यवहार की स्थायी रूपरेखा है। आलपोर्ट के अनुसार यह मनो–शारीरिक प्रणालियों का गतिशील संगठन है जो व्यक्ति के पर्यावरण से विशिष्ट समायोजन को निर्धारित करता है और उसे अन्य से अलग बनाता है।
View Solution



व्यक्तित्व गुण, प्रकार, अभिप्रेरण, आत्म–धारणा और परिस्थितिजन्य शैलियों का समुच्चय है। जैविक प्रवृत्तियाँ, सीख, संस्कृति और जीवन–अनुभव इसे आकार देते हैं। आकलन के उपकरण—गुण–सूचियाँ (NEO), प्रक्षेपी तकनीकें (TAT, रोर्शाक) और व्यवहारिक अवलोकन। स्वस्थ व्यक्तित्व में स्व–जागरूकता, भाव–नियमन, उद्देश्य और सामाजिक उत्तरदायित्व दिखता है। परिवर्तन सम्भव है—प्रतिबिम्बन, फीडबैक, अभ्यास और थेरेपी से शैलियाँ अधिक अनुकूल बन सकती हैं।
Quick Tip: ``मैं ऐसा ही हूँ'' स्थायी नहीं—छोटी, दोहराई जाने वाली आदतें व्यक्तित्व शैली को बदल देती हैं।


Question 16:

समाजोपयोगी व्यवहार से आप क्या समझते हैं?

Correct Answer:
समाजोपयोगी या प्रसामाजिक व्यवहार वह आचरण है जो अन्य व्यक्तियों या समुदाय का हित साधे—सहयोग, दान, सुरक्षा, साझा करना, स्वयंसेवा। सहानुभूति, नैतिकता, सामाजिक मानक और उत्तरदायित्व–बोध इसके प्रमुख स्रोत हैं।
View Solution



यह व्यवहार संबंधों में विश्वास और सामाजिक पूँजी बढ़ाता है। चालक तत्त्व केवल लागत–लाभ नहीं; दया, कृतज्ञता और अपराध–बोध जैसे भाव भी हैं। परिवार/स्कूल में वयस्कों की मॉडलिंग, सकारात्मक प्रोत्साहन और संरचनात्मक अवसर (सेवा–अधिगम) व्यवहार को टिकाऊ बनाते हैं। संकट में स्पष्ट ज़िम्मेदारी, प्रशिक्षण और संसाधन सहायता बढ़ाते हैं। डिजिटल परिवेश में भी सचेत साझा करना, सत्यापन और अफवाह–निरोध प्रसामाजिकता के नए रूप हैं।
Quick Tip: हर दिन एक छोटी मदद लक्ष्य बनाइए—समय के साथ यह \(\textbf{पहचान}\) का हिस्सा बन जाती है।


Question 17:

दृष्टिपात से आप क्या समझते हैं?

Correct Answer:
दृष्टिपात चयनित वस्तु/कार्य पर मानसिक–दृष्टि केन्द्रित करने की प्रक्रिया है। इसमें चयन, एकाग्रता और स्थानांतरण शामिल हैं। यह सीखने, निर्णय और प्रदर्शन का आधार है और सतर्कता, लक्ष्य तथा वातावरण से प्रभावित होता है।
View Solution



ध्यान सीमित संसाधन है, इसलिए मस्तिष्क प्रासंगिक संकेत चुनकर शोर हटाता है। रुचि, लक्ष्य, पुरस्कार–अपेक्षा, थकान और विक्षेप (नोटिफ़िकेशन) इसकी गुणवत्ता तय करते हैं। सुधार के उपाय: विक्षेप–नियंत्रण, पोमोडोरो (25–5), स्पष्ट लक्ष्य, माइंडफुल श्वसन। कक्षा में प्रारम्भिक संकेत, दृश्य–सहायियाँ और गतिविधि–परिवर्तन ध्यान बनाए रखते हैं। दीर्घकालिक स्थिरता हेतु नियमित नींद, व्यायाम और पोषण अनिवार्य है।
Quick Tip: काम शुरू करने से पहले दो मिनट \(\textbf{नाक से धीमी श्वास}\)—ध्यान तुरंत स्थिर होता है।


Question 18:

संवेगात्मक बुद्धि (Emotional Intelligence) का अर्थ बताइए।

Correct Answer:
यह अपनी और दूसरों की भावनाएँ पहचानने, समझने, नियंत्रित करने और उपयुक्त ढंग से व्यक्त/उपयोग करने की क्षमता है—आत्म–जागरूकता, आत्म–नियमन, प्रेरणा, सहानुभूति और सामाजिक कौशल इसके प्रमुख आयाम हैं।
View Solution



EI भावनाओं को सूचना की तरह उपयोग करना सिखाती है। आत्म–जागरूक व्यक्ति ट्रिगर पहचानता है; आत्म–नियमन उग्र प्रतिक्रिया रोकता है; आन्तरिक प्रेरणा लक्ष्य पर टिकाती है; सहानुभूति और सामाजिक कौशल सम्बन्ध सुधारते हैं। उच्च EI बेहतर टीमवर्क, नेतृत्व, तनाव–नियंत्रण और संघर्ष–समाधान से जुड़ी है। प्रशिक्षण में भाव–नामकरण, परिप्रेक्ष्य–ग्रहण, श्वसन/ग्राउंडिंग, फीडबैक–स्वीकार और assertive संचार शामिल हैं। यह भावुक होना नहीं, बल्कि भावनाओं का समझदार उपयोग है।
Quick Tip: भावना दिखे तो पूछें—``यह क्या संदेश दे रही है और सर्वोत्तम प्रतिक्रिया क्या होगी?''—यही EI का अभ्यास है।


Question 19:

संवेगिक बुद्धि का अर्थ बताइए।

Correct Answer:
संवेगिक बुद्धि भावनात्मक संकेत पढ़कर सम्बन्धों का प्रबंधन करने की क्षमता है—तनाव में शांत रहना, विवाद सुलझाना, प्रेरित रहना, करुणापूर्ण और स्पष्ट संचार करना इसकी व्यावहारिक अभिव्यक्तियाँ हैं।
View Solution



कक्षा/कार्यालय में EI का प्रयोग: कठिन वार्ता में सक्रिय सुनना, ``मैं–संदेश'' से असहमति रखना, टीम–सदस्यों की भावनात्मक ज़रूरतें पहचानना, और नकारात्मक उत्तेजना में विराम लेकर प्रतिक्रिया चुनना। भावनात्मक शब्दावली बढ़ाने से भाव–नियमन आसान होता है (खिन्न, व्यथित, बेचैन—सटीक नाम)। EI बढ़ाने हेतु दैनिक भाव–लॉग, कृतज्ञता–लेखन, 3–3–3 श्वसन और रिफ़्लेक्टिव जर्नल उपयोगी हैं। नेतृत्व में EI के बिना केवल तकनीकी कुशलता सीमित असर देती है—लोग अनुभव के स्तर पर जुड़ते हैं।
Quick Tip: ``नाम दें तो वश में आए''—भावना का लेबल लगाते ही उसकी तीव्रता घटती है।


Question 20:

आत्म–सम्मान से आप क्या समझते हैं?

Correct Answer:
आत्म–सम्मान स्वयं के प्रति समग्र मूल्यांकन है—``मैं सक्षम और मूल्यवान हूँ'' की स्थिर भावना। यह उपलब्धियों, सम्बन्धों, स्वीकृति और स्व–मान्यताओं से बनता है; यथार्थवादी उच्च आत्म–सम्मान लचीलापन और पहल बढ़ाता है।
View Solution



आत्म–सम्मान के स्रोत—योग्यता का अनुभव, सार्थक सम्बन्ध, मूल्य–अनुरूपता और आत्म–स्वीकृति। इसे बढ़ाने के उपाय: छोटे–छोटे प्राप्ति–लक्ष्य, नकारात्मक स्व–संवाद को चुनौती (CBT शैली), ताकत–आधारित फीडबैक, स्व–करुणा अभ्यास। सोशल मीडिया तुलना आत्म–सम्मान घटा सकती है; इसलिए तुलना कम और अपनी प्रगति–ट्रैकिंग अधिक रखें। अभिभावक और शिक्षक प्रक्रिया–प्रशंसा तथा गर्मजोशी भरा समर्थन देकर स्थायी आत्म–सम्मान पोषित कर सकते हैं।
Quick Tip: हर दिन ``छोटी जीत'' लिखें—प्रगति दिखेगी, और आत्म–सम्मान स्वाभाविक रूप से बढ़ेगा।


Section-C

Question 21:

स्व से आप क्या समझते हैं? स्व के विभिन्न प्रकारों का वर्णन करें।

Correct Answer:
``स्व'' व्यक्ति की स्वयं के बारे में समग्र मानसिक प्रतिमूर्ति है—``मैं कौन हूँ'' का ज्ञान, मूल्यांकन और अपेक्षाएँ। इसमें \(\textbf{स्व-अवधारणा}\) (मैं कैसा हूँ), \(\textbf{आत्म-सम्मान}\) (मैं कितना मूल्यवान हूँ) और \(\textbf{आत्म-प्रभावकारिता}\) (मैं कर सकता/सकती हूँ) शामिल हैं। प्रकार: \(\textbf{वास्तविक/वर्तमान स्व}\), \(\textbf{आदर्श स्व}\) और \(\textbf{कर्तव्य/औट स्व}\) (Higgins); \(\textbf{व्यक्तिगत/स्वतंत्र स्व}\) एवं \(\textbf{संबंधात्मक/परावलंबी स्व}\) (संस्कृति-पार); साथ ही \(\textbf{सामाजिक/समूहात्मक स्व}\) जो सामाजिक पहचान (ingroup) से बनता है। इन आयामों का संतुलन अनुकूल समायोजन की कुंजी है।
View Solution



स्व-अवधारणा अनुभव, सामाजिक प्रतिपुष्टि, और आत्म-चिन्तन से बनती है। स्व-विषमत्व सिद्धान्त बताता है कि वास्तविक और आदर्श/औट स्व के बीच अंतर जितना अधिक, उतना ही अपराध-बोध, शर्म व बेचैनी का जोखिम। व्यक्तिगत बनाम परावलंबी स्व सांस्कृतिक परिवेश से प्रभावित होते हैं—व्यक्तिवादी संदर्भ में ``मैं'' के गुण, सामूहिकतावादी में ``हम'' और रिश्तों की भूमिकाएँ केन्द्र में रहती हैं। सामाजिक पहचान सिद्धान्त (Tajfel) के अनुसार स्व का बड़ा भाग समूह-सम्बद्धताओं से आता है—इसी से ingroup पक्षधरता/आत्म-सम्मान जुड़ता है। शिक्षण/परामर्श में स्व-नक्शा, जर्नलिंग और शक्तियों पर आधारित फ़ीडबैक से स्व-अवधारणा स्पष्ट होती है; कॉग्निटिव री-स्ट्रक्चरिंग से नकारात्मक स्व-मान्यताओं को चुनौती दी जाती है; लक्ष्य-सीढ़ी और स्किल-बिल्डिंग आत्म-प्रभावकारिता बढ़ाती है। स्वस्थ स्व वह है जो लचीला, वास्तविक और संबंध-संवेदनशील हो।
Quick Tip: हर सप्ताह ``वास्तविक–आदर्श–औट'' स्व की तीन-पंक्ति डायरी लिखें—अंतर पर छोटे, क्रियात्मक कदम तय करें।


Question 22:

व्यक्तित्व के शीलगुण (Trait) उपागम का संक्षिप्त वर्णन करें।

Correct Answer:
ट्रेट उपागम व्यक्तित्व को \(\textbf{स्थिर प्रवृत्तियों}\) के समुच्चय के रूप में देखता है जो विभिन्न परिस्थितियों में अपेक्षाकृत सुसंगत व्यवहार उत्पन्न करती हैं। आलपोर्ट ने \(\textbf{कार्डिनल, सेंट्रल, सेकेंडरी}\) गुण बताए; कैटेल ने फैक्टर विश्लेषण से \(\textbf{16PF}\) निकाले; आइज़ेंक ने \(\textbf{E–N–P}\) आयाम (बहिर्मुखता, न्यूरोटिसिज्म, सायकोटिसिज्म) प्रस्तावित किए; आधुनिक मॉडल \(\textbf{बिग-फाइव}\) (OCEAN) है। मापन प्रश्नावलियों/स्केल से होता है; उपयोग—चयन, काउंसलिंग, अनुसंधान।
View Solution



ट्रेट दृष्टिकोण की मान्यताओं में (i) व्यक्ति-भिन्नता वास्तविक व मापनीय है, (ii) गुण समय-सापेक्ष स्थिर और स्थिति-सापेक्ष सुसंगत होते हैं, तथा (iii) फैक्टर विश्लेषण से गुण-संरचना ज्ञात की जा सकती है। आलपोर्ट ने गुणों को वैयक्तिक और कार्यात्मक स्वायत्तता के संदर्भ में समझा; कैटेल ने सतही बनाम मूल गुण अलग कर 16PF बनाया; आइज़ेंक ने जैविक आधार पर E–N–P का प्रस्ताव रखा; बिग-फाइव (उदारता, कर्त्तव्यनिष्ठा, बहिर्मुखता, सौहार्द, भाव–अस्थिरता) आज व्यापक रूप से प्रमाणित है। आलोचनाएँ: केवल ``क्या'' का वर्णन, ``क्यों/कैसे'' का कम; स्थिति-निरपेक्षता को कभी-कभी बढ़ा-चढ़ा कर मान लेना। फिर भी विश्वसनीय मापन, भविष्यवाणी (कार्य-प्रदर्शन, स्वास्थ्य), और हस्तक्षेप-डिज़ाइन में ट्रेट्स अत्यंत उपयोगी हैं—उदा. उच्च कर्त्तव्यनिष्ठा = बेहतर समय-प्रबंधन प्रशिक्षण से तेज लाभ।
Quick Tip: अपने \(\textbf{टॉप-2 ट्रेट्स}\) पहचानें और उनसे मेल खाते अध्ययन/कार्य–रूटीन बनाइए—प्रदर्शन स्वतः सुधरेगा।


Question 23:

दबाव (Stress) के मुख्य स्रोतों का वर्णन करें।

Correct Answer:
मुख्य बाह्य स्रोत: \(\textbf{पर्यावरणीय}\) (शोर, भीड़, ताप), \(\textbf{जीवन-घटनाएँ}\) (शोक, नौकरी परिवर्तन), \(\textbf{दैनिक झंझटें}\) (commute, समय-दबाव), \(\textbf{कार्य-संबंधी}\) (भूमिका-अस्पष्टता, समयसीमा), \(\textbf{संबंधी/वित्तीय}\) तनाव। आंतरिक स्रोत: \(\textbf{संज्ञानात्मक एप्रीजल}\), \(\textbf{परिपूर्णतावाद/टाइप-A}\), \(\textbf{अवास्तविक अपेक्षाएँ}\), \(\textbf{स्वास्थ्य/जीववैज्ञानिक}\) स्थितियाँ। डिजिटल अधिभार और सूचना-शोर आधुनिक स्रोत हैं।
View Solution



लाजरस के अनुसार तनाव मूल्यांकन से उत्पन्न होता है—इसीलिए समान घटना किसी को चुनौती, किसी को खतरा लगती है। मैक्रो (प्राकृतिक आपदा, महामारी) और माइक्रो तनावक (दैनिक hassles) दोनों असर डालते हैं; शोध बताता है कि बार-बार की छोटी झुंझलाहटें कुल तनाव-भार को तेजी से बढ़ाती हैं। कार्य में मांग–नियंत्रण असंतुलन (कड़ी मांग, कम नियंत्रण) और कम सामाजिक समर्थन बर्नआउट को जन्म देते हैं। आंतरिक स्तर पर परिपूर्णतावाद, नकारात्मक स्व-वार्ता, कैटास्ट्रोफाइजिंग और कम आत्म-प्रभावकारिता तनाव को बढ़ाते हैं। प्रबंधन: समस्या-केंद्रित (भूमिका-स्पष्टता, प्राथमिकता, समय-प्रबंधन), भाव-केंद्रित (श्वसन, माइंडफुलनेस, व्यायाम), सामाजिक समर्थन, नींद-स्वच्छता, और डिजिटल सीमाएँ (नोटिफिकेशन/स्क्रीन-डाइट)। संगठनात्मक स्तर पर वर्क-लोड संतुलन और लचीली नीतियाँ सहायक हैं।
Quick Tip: अपने तनावकों की \(\textbf{A–B–C सूची}\) बनाइए: A = बदलें, B = सौंपें, C = छोड़ दें। रोज़ एक आइटम हटाएँ।


Question 24:

दुश्चिन्ता (Anxiety) के प्रमुख प्रकारों के लक्षण बताएँ।

Correct Answer:
\(\textbf{GAD}\): लगातार, अनियंत्रित चिंता; बेचैनी, थकान, ध्यान-घटाव, मांसपेशी-तनाव, नींद समस्या। \(\textbf{पैनिक विकार}\): आकस्मिक पैनिक अटैक—धड़कन, घबराहट, घुटन, मरने/पागल होने का डर; \(\textbf{परिहार}\)। \(\textbf{विशिष्ट/सामाजिक फोबिया}\): किसी वस्तु/स्थिति या सामाजिक मूल्यांकन से तीव्र भय, \(\textbf{टालना}\); \(\textbf{अगोराफोबिया}\) में खुले/भीड़-स्थानों का डर। \(\textbf{OCD}\) में बाध्यकारी विचार व क्रियाएँ (कई पाठ्यक्रमों में चिंता-सम्बद्ध)।
View Solution



चिंता शरीर की अलर्ट प्रणाली है, पर जब यह अत्यधिक, असंगत और कार्य-विघ्नकारी हो जाए तो विकार बनती है। GAD में कई क्षेत्रों की चिंता रहती है, सुरक्षा-खोज और अतिसोच दिखते हैं। पैनिक में अचानक तीव्र भय के साथ शारीरिक लक्षण (टैकीकार्डिया, पसीना, कंपकंपी) आते हैं; अगली बार के डर से परिहार बढ़ता है। फोबिया/सामाजिक चिंता में विशिष्ट ट्रिगर पर डर और टालना; एक्सपोज़र थेरेपी अत्यंत प्रभावी है। OCD में घुसपैठी विचार (contamination, harm) और उन्हें कम करने हेतु बाध्यकारी क्रियाएँ—ERP (Exposure-Response Prevention) मानक उपचार है। कारण: आनुवंशिक प्रवृत्ति, सीख, तनाव, संज्ञानात्मक पक्षपात। उपचार: CBT (री-स्ट्रक्चरिंग, एक्सपोज़र), रिलैक्सेशन, माइंडफुलनेस; आवश्यकता पर SSRI/अन्य दवाएँ; जीवनशैली—नींद, कैफीन-सीमा, नियमित व्यायाम। शीघ्र पहचान कार्यक्षमता बचाती है।
Quick Tip: भय का नियम: \(\textbf{जितना टालेंगे उतना बढ़ेगा}\)—छोटे, नियंत्रित \(\textbf{एक्सपोज़र}\) से शुरू करें और क्रमशः बढ़ाएँ।


Question 25:

दूरदर्शन से मानव व्यवहार पर होने वाले प्रभावों का वर्णन करें।

Correct Answer:
सकारात्मक: शैक्षिक कार्यक्रम, भाषाई/सांस्कृतिक exposure, मॉडलिंग द्वारा कौशल सीखना, सार्वजनिक स्वास्थ्य संदेश, सामुदायिक जागरूकता। नकारात्मक: \(\textbf{आक्रामकता/हिंसा का मॉडलिंग}\), संवेदनहीनता, \(\textbf{उपभोक्तावाद/विज्ञापन का प्रभाव}\), रूढ़ियाँ, \(\textbf{ध्यान-विखंडन}\), आसन जीवनशैली व नींद पर असर, समय-विस्थापन (पढ़ाई/खेल से समय छिनना)। प्रभाव मात्रा, सामग्री और अभिभावकीय सह-देखभाल पर निर्भर है।
View Solution



Social Learning Theory के अनुसार बच्चे/वयस्क टी.वी. पात्रों को देखकर अनुकरण करते हैं—पुरस्कृत आचरण तेजी से सीखा जाता है, दंडित धीमा। दीर्घ-अवधि में Cultivation Theory बताती है कि स्क्रीन-विश्व ``वास्तविकता'' की धारणा गढ़ता है (उदा., अपराध-भय)। शैक्षिक मीडिया (सेसमे स्ट्रीट-जैसे) साक्षरता/सामाजिक कौशल बढ़ा सकते हैं—co-viewing और चर्चा परिणाम बेहतर बनाते हैं। दूसरी ओर, हिंसक सामग्री आक्रामक स्क्रिप्ट और संवेदनहीनता बढ़ाती है; विज्ञापन भौतिकवादी मान्यताएँ और अस्वस्थ खाद्य-चयन प्रभावित करते हैं; देर रात स्क्रीन नींद और ध्यान पर विपरीत असर डालती है। मीडिया साक्षरता, समय/सामग्री सीमा, सह-देखभाल और सक्रिय विकल्प (डॉक्युमेंट्री, शैक्षिक/प्रो-सोशल कार्यक्रम) प्रभाव को सकारात्मक दिशा में मोड़ते हैं।
Quick Tip: ``\(\textbf{3C नियम}\)'' अपनाएँ—\(\textbf{Content}\) क्या है? \(\textbf{Context}\) कैसा है (साथ बैठकर चर्चा)? \(\textbf{Child}\) की उम्र/ज़रूरत क्या है?


Question 26:

समूह के विभिन्न प्रकारों का वर्णन करें।

Correct Answer:
मुख्य वर्गीकरण: \(\textbf{प्राथमिक}\) (परिवार, मित्र—घनिष्ठ, दीर्घकालीन) बनाम \(\textbf{द्वितीयक}\) (कक्षा, कार्यालय—कार्य-आधारित); \(\textbf{औपचारिक}\) बनाम \(\textbf{अनौपचारिक}\); \(\textbf{अंतः-समूह/बाह्य-समूह}\); \(\textbf{संदर्भ समूह}\) (मानक देने वाला); \(\textbf{सदस्यता बनाम प्रतीकात्मक सदस्यता}\); उद्देश्य-आधारित—\(\textbf{कार्य/टास्क}\), \(\textbf{रूचि/अफिनिटी}\), \(\textbf{आदेश/कमांड}\), \(\textbf{समिति/कार्यदल}\); आकार—\(\textbf{छोटे/बड़े}\), प्रवेश—\(\textbf{खुले/बंद}\)। यह विविधता कार्य-शैली, मानक और एकजुटता को निर्धारित करती है।
View Solution



प्राथमिक समूह उच्च भावात्मक निकटता, प्रत्यक्ष अन्तःक्रिया और पहचान देता है—समाजीकरण का मूल स्थान। द्वितीयक समूह लक्ष्य/कार्य-केन्द्रित होते हैं—स्पष्ट भूमिकाएँ, औपचारिक नियम और प्रदर्शन सूचकांक। औपचारिक समूह (श्रेणी/टीम) में आधिकारिक संरचना, नेता, और पदानुक्रम; अनौपचारिक समूह स्वतः उभरते हैं और मनोवैज्ञानिक समर्थन देते हैं। अंतः-समूह/बाह्य-समूह विभाजन पहचान और पक्षधरता को जन्म देता है; संदर्भ समूह व्यक्ति के मानकों/आकांक्षाओं को प्रभावित करता है (उदा., रोल-मॉडल समुदाय)। कार्य–समूह समस्या-समाधान हेतु, अफिनिटी समूह समान रुचियों हेतु, कमांड समूह अधिकार-श्रृंखला का हिस्सा, समिति/टास्क-फोर्स विशिष्ट लक्ष्य/समयरेखा के साथ। आकार/खुलापन निर्णय-प्रक्रिया, cohesion और सोशल लोफिंग को प्रभावित करते हैं। प्रभावी समूह में स्पष्ट लक्ष्य, भूमिकाएँ, संचार नियम और मनोवैज्ञानिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।
Quick Tip: टीम बनाते समय 4C जाँचें—\(\textbf{Clarity}\) (लक्ष्य/भूमिका), \(\textbf{Composition}\) (कौशल मिश्रण), \(\textbf{Coordination}\), \(\textbf{Cohesion}\)—तभी परिणाम बेहतर मिलेंगे।