Bihar Board is conducting the Class 10 Hindi Board Exam 2026 on February 19, 2026. Class 10 Hindi Question Paper with Solution PDF is available here for download.

The official question paper of Bihar Board Class 10 Hindi Board Exam 2026 is provided below. Students can download the official paper in PDF format for reference.

Bihar Board Class 10, 2026 Hindi Question Paper with Solution PDF

Bihar Board Class 10 Hindi Question Paper 2026 download iconDownload Check Solutions
Bihar Board Class 10 2026 Hindi Question Paper with Solution

Question 1:

'भारतमाता' शीर्षक पाठ के रचनाकार हैं –

  • (A) वीरेन डंगवाल
  • (B) सुमित्रानंदन पंत
  • (C) कुँवर नारायण
  • (D) रेनर मारिया रिल्के
Correct Answer: (B) सुमित्रानंदन पंत
View Solution




Step 1: पाठ का परिचय।

'भारतमाता' कविता छायावाद के प्रमुख स्तंभ सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित है। यह कविता उनके प्रसिद्ध काव्य संग्रह 'ग्राम्या' से संकलित है।


Step 2: काव्य की विशेषता।

इस कविता में कवि ने परतंत्र भारत (गुलामी के समय के भारत) का यथार्थ चित्रण किया है। उन्होंने भारतमाता को 'ग्रामवासिनी' बताते हुए ग्रामीण भारत की गरीबी और संघर्ष का मार्मिक वर्णन किया है।


Step 3: रचनाकार की पहचान।

प्रकृति के सुकुमार कवि कहे जाने वाले सुमित्रानंदन पंत ने इस कविता के माध्यम से राष्ट्र के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।


Step 4: निष्कर्ष।

अतः, सही उत्तर विकल्प (B) है।
Quick Tip: पंत जी को उनकी कृति 'चिदंबरा' के लिए हिंदी साहित्य का प्रथम 'भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार' प्राप्त हुआ था।


Question 2:

'कुलश्रेष्ठ' किस तत्पुरुष समास का उदाहरण है ?

  • (A) सम्बंध
  • (B) अधिकरण
  • (C) सम्प्रदान
  • (D) कर्म
Correct Answer: (B) अधिकरण
View Solution




Step 1: समास विग्रह।

'कुलश्रेष्ठ' शब्द का विग्रह करने पर हमें प्राप्त होता है— 'कुल में श्रेष्ठ'।


Step 2: कारक चिह्न की पहचान।

यहाँ 'में' परसर्ग (कारक चिह्न) का प्रयोग हुआ है। व्याकरण के अनुसार, 'में' और 'पर' चिह्न अधिकरण कारक की पहचान होते हैं।


Step 3: समास का प्रकार।

चूँकि इसमें उत्तर पद प्रधान है और अधिकरण कारक के विभक्ति चिह्न का लोप हुआ है, इसलिए यह अधिकरण तत्पुरुष समास का उदाहरण है।


Step 4: निष्कर्ष।

अतः, सही उत्तर विकल्प (B) है।
Quick Tip: तत्पुरुष समास में विभक्ति चिह्नों के आधार पर ही उसके उपभेदों (जैसे- कर्म, करण, सम्प्रदान आदि) की पहचान की जाती है।


Question 3:

'चन्द्रशेखर' किस समास का उदाहरण है ?

  • (A) बहुव्रीहि
  • (B) अव्ययीभाव
  • (C) द्विगु
  • (D) नञ्
Correct Answer: (A) बहुव्रीहि
View Solution




Step 1: समास विग्रह।

'चन्द्रशेखर' शब्द का विग्रह करने पर हमें प्राप्त होता है— 'चन्द्र है शेखर (मस्तक) पर जिसके'।


Step 2: अन्य पद की प्रधानता।

इस समास में न तो 'चन्द्र' पद प्रधान है और न ही 'शेखर' पद। ये दोनों मिलकर एक तीसरे विशिष्ट अर्थ (भगवान शिव) की ओर संकेत कर रहे हैं।


Step 3: समास की पहचान।

व्याकरण के अनुसार, जिस समास में कोई भी पद प्रधान न होकर किसी अन्य संज्ञा की विशेषता बताए, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।


Step 4: निष्कर्ष।

अतः, सही उत्तर विकल्प (A) है।
Quick Tip: अधिंकाश पौराणिक पात्रों या देवताओं के नाम (जैसे- लंबोदर, पीतांबर, नीलकंठ) बहुव्रीहि समास के अंतर्गत आते हैं।


Question 4:

'गायबैल' किस समास का उदाहरण है ?

  • (A) द्विगु
  • (B) कर्मधारय
  • (C) द्वंद्व
  • (D) अव्ययीभाव
Correct Answer: (C) द्वंद्व
View Solution




Step 1: समास विग्रह।

'गायबैल' शब्द का विग्रह करने पर हमें प्राप्त होता है— 'गाय और बैल'।


Step 2: पदों की प्रधानता।

इस समास में पूर्व पद (गाय) और उत्तर पद (बैल) दोनों ही समान रूप से प्रधान हैं। दोनों पद एक-दूसरे के पूरक या विलोम जैसे संबंध रखते हैं।


Step 3: समास की पहचान।

व्याकरण के नियमों के अनुसार, जिस समास के दोनों पद प्रधान हों और विग्रह करने पर 'और', 'अथवा', 'या' जैसे योजकों का प्रयोग हो, उसे द्वंद्व समास कहते हैं।


Step 4: निष्कर्ष।

अतः, सही उत्तर विकल्प (C) है।
Quick Tip: द्वंद्व समास के पदों के बीच अक्सर योजक चिह्न (-) का प्रयोग किया जाता है, जैसे: माता-पिता, दिन-रात।


Question 5:

'बाजार' विशेष्य का विशेषण है –

  • (A) बोझिल
  • (B) बरसाती
  • (C) बादामी
  • (D) बाजारू
Correct Answer: (D) बाजारू
View Solution




Step 1: विशेष्य और विशेषण का संबंध।

विशेष्य वह शब्द होता है जिसकी विशेषता बताई जाए, और विशेषण वह शब्द है जो विशेषता प्रकट करता है। यहाँ 'बाजार' एक संज्ञा (विशेष्य) है।


Step 2: शब्द निर्माण।

जब हम 'बाजार' शब्द में प्रत्यय लगाकर उसे गुणवाचक विशेषण में बदलते हैं, तो वह 'बाजारू' बन जाता है। इसका प्रयोग अक्सर 'बाजारू वस्तु' या 'बाजारू भाषा' जैसे पदों में किया जाता है।


Step 3: विकल्पों का विश्लेषण।

(A) बोझिल – यह 'बोझ' से बना है।
(B) बरसाती – यह 'बरसात' से बना है।
(C) बादामी – यह 'बादाम' से बना है।


Step 4: निष्कर्ष।

अतः, 'बाजार' शब्द का सही विशेषण रूप विकल्प (D) बाजारू है।
Quick Tip: संज्ञा शब्दों में 'ऊ', 'ई', या 'इत' जैसे प्रत्यय जोड़कर अक्सर विशेषण शब्दों का निर्माण किया जाता है।


Question 6:

नलिन विलोचन शर्मा की माता का नाम क्या था ?

  • (A) प्रभावती शर्मा
  • (B) लीलावती शर्मा
  • (C) रत्नावती शर्मा
  • (D) दुर्गावती शर्मा
Correct Answer: (C) रत्नावती शर्मा
View Solution




Step 1: लेखक परिचय।

नलिन विलोचन शर्मा हिंदी के प्रसिद्ध विद्वान, आलोचक और 'विष के दाँत' जैसी प्रसिद्ध कहानी के लेखक हैं।


Step 2: पारिवारिक पृष्ठभूमि।

उनका जन्म पटना के बदरघाट में एक प्रतिष्ठित विद्वान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम महामहोपाध्याय पंडित रामावतार शर्मा और उनकी माता का नाम रत्नावती शर्मा था।


Step 3: निष्कर्ष।

अतः, सही उत्तर विकल्प (C) है।
Quick Tip: नलिन विलोचन शर्मा को हिंदी साहित्य में 'प्रपद्यवाद' या 'नकेनवाद' के प्रवर्तक के रूप में जाना जाता है।


Question 7:

'वह आदमी नया गरम कोट पहिनकर चला गया विचार की तरह' कविता संग्रह के कवि हैं –

  • (A) विनोद कुमार शुक्ल
  • (B) यतीन्द्र मिश्र
  • (C) अशोक वाजपेयी
  • (D) रामविलास शर्मा
Correct Answer: (A) विनोद कुमार शुक्ल
View Solution




Step 1: काव्य संग्रह की पहचान।

यह पंक्ति 'वह आदमी नया गरम कोट पहिनकर चला गया विचार की तरह' इसी नाम के कविता संग्रह का शीर्षक भी है।


Step 2: रचनाकार का परिचय।

इस प्रसिद्ध काव्य संग्रह के रचयिता समकालीन हिंदी साहित्य के दिग्गज लेखक विनोद कुमार शुक्ल हैं। शुक्ल जी को उनकी सादगी भरी और जादुई यथार्थवाद वाली शैली के लिए जाना जाता है।


Step 3: साहित्यिक महत्व।

विनोद कुमार शुक्ल को उनके उपन्यास 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।


Step 4: निष्कर्ष।

अतः, सही उत्तर विकल्प (A) है।
Quick Tip: विनोद कुमार शुक्ल की कविताओं में आम आदमी के जीवन की छोटी-छोटी घटनाओं को दार्शनिक गहराई के साथ प्रस्तुत किया जाता है।


Question 8:

'अंकिता अपने आप जा रही है' – यह वाक्य किस सर्वनाम का उदाहरण है ?

  • (A) निश्चयवाचक का
  • (B) अनिश्चयवाचक का
  • (C) निजवाचक का
  • (D) सम्बंधवाचक का
Correct Answer: (C) निजवाचक का
View Solution




Step 1: वाक्य का विश्लेषण।

वाक्य है— "अंकिता अपने आप जा रही है।" यहाँ 'अपने आप' शब्द का प्रयोग कर्ता (अंकिता) के लिए स्वयं के अर्थ में किया गया है।


Step 2: सर्वनाम की पहचान।

हिंदी व्याकरण के अनुसार, जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग कर्ता स्वयं के लिए करता है (जैसे: अपने आप, स्वयं, खुद, निज), उन्हें निजवाचक सर्वनाम कहा जाता है।


Step 3: विकल्पों का विश्लेषण।

(A) निश्चयवाचक: किसी निश्चित वस्तु का बोध (जैसे: यह, वह)।
(B) अनिश्चयवाचक: अनिश्चितता का बोध (जैसे: कोई, कुछ)।
(D) सम्बंधवाचक: दो वाक्यों को जोड़ना (जैसे: जो-सो)।


Step 4: निष्कर्ष।

चूँकि यहाँ 'अपने आप' शब्द स्वयं के लिए प्रयुक्त है, अतः सही उत्तर विकल्प (C) है।
Quick Tip: जब 'आप' शब्द का प्रयोग आदर देने के लिए हो तो वह मध्यम पुरुषवाचक होता है, लेकिन जब 'स्वयं' के अर्थ में हो तो वह 'निजवाचक' कहलाता है।


Question 9:

'मेरे लिए यह घर अनजान नहीं है' – इस वाक्य में 'यह' किस सर्वनाम का उदाहरण है ?

  • (A) निश्चयवाचक का
  • (B) अनिश्चयवाचक का
  • (C) सम्बंधवाचक का
  • (D) प्रश्नवाचक का
Correct Answer: (A) निश्चयवाचक का
View Solution




Step 1: वाक्य का विश्लेषण।

वाक्य है— "मेरे लिए यह घर अनजान नहीं है।" यहाँ 'यह' शब्द का प्रयोग एक निश्चित घर की ओर संकेत करने के लिए किया गया है।


Step 2: सर्वनाम की पहचान।

हिंदी व्याकरण में जो सर्वनाम शब्द किसी निश्चित वस्तु, व्यक्ति या स्थान की ओर संकेत करते हैं, उन्हें निश्चयवाचक सर्वनाम (संकेतवाचक) कहा जाता है।


Step 3: भ्रम निवारण।

छवि में विकल्प (B) पर टिक लगा हुआ दिख रहा है, जो कि गलत है। 'अनिश्चयवाचक' तब होता जब वाक्य में 'कोई' या 'कुछ' का प्रयोग होता। चूँकि 'यह' स्पष्ट रूप से घर को इंगित कर रहा है, इसलिए यह निश्चयवाचक है।


Step 4: निष्कर्ष।

अतः, सही उत्तर विकल्प (A) है।
Quick Tip: 'यह' (निकट के लिए) और 'वह' (दूर के लिए) मुख्य निश्चयवाचक सर्वनाम शब्द हैं।


Question 10:

'आनन्द' का पर्यायवाची शब्द है –

  • (A) प्रमोद
  • (B) कानन
  • (C) सरोज
  • (D) मदन
Correct Answer: (A) प्रमोद
View Solution




Step 1: शब्द का अर्थ।

'आनन्द' का अर्थ है खुशी, हर्ष या उल्लास का अनुभव करना।


Step 2: पर्यायवाची का चयन।

विकल्पों में से 'प्रमोद' शब्द का अर्थ भी उल्लास या अत्यधिक खुशी होता है। अतः यह 'आनन्द' का सही पर्यायवाची है।


Step 3: अन्य विकल्पों का विश्लेषण।

(B) कानन – इसका अर्थ है 'जंगल' या 'वन'।

(C) सरोज – इसका अर्थ है 'कमल' (सर + ज = तालाब में जन्म लेने वाला)।

(D) मदन – यह 'कामदेव' का पर्यायवाची है।


Step 4: निष्कर्ष।

अतः, सही उत्तर विकल्प (A) है।
Quick Tip: हर्ष, मोद, उल्लास और प्रसन्नता भी 'आनन्द' के प्रमुख पर्यायवाची शब्द हैं।


Question 11:

कविताओं की चर्चित श्रृंखला 'कवि ने कहा' से निम्न में कौन शीर्षक कविता ली गई है ?

  • (A) भारतमाता
  • (B) स्वदेशी
  • (C) हिरोशिमा
  • (D) अक्षर-ज्ञान
Correct Answer: (D) अक्षर-ज्ञान
View Solution




Step 1: कविता का परिचय।

'अक्षर-ज्ञान' समकालीन हिंदी कविता की प्रमुख कवयित्री अनामिका द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण कविता है।


Step 2: काव्य संग्रह की पहचान।

यह कविता अनामिका जी के चर्चित कविता संकलन/श्रृंखला 'कवि ने कहा' से ली गई है। इस कविता में बच्चों द्वारा अक्षर सीखने की प्रक्रिया और उनकी मासूमियत का मनोवैज्ञानिक चित्रण किया गया है।


Step 3: अन्य विकल्पों का संदर्भ।

(A) भारतमाता – सुमित्रानंदन पंत ('ग्राम्या' से)।
(B) स्वदेशी – प्रेमघन।
(C) हिरोशिमा – अज्ञेय ('सदानिरा' से)।


Step 4: निष्कर्ष।

अतः, सही उत्तर विकल्प (D) है।
Quick Tip: अनामिका हिंदी की उन गिनी-चुनी कवयित्रियों में से हैं जिन्हें 'साहित्य अकादमी पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है।


Question 12:

'सहजात वृत्ति' का अर्थ है –

  • (A) जिसका शेष भी न बचे
  • (B) असत्य आचरण
  • (C) अपने को संतुष्ट करना
  • (D) जन्म के साथ पैदा होने वाली वृत्ति या स्वभाव
Correct Answer: (D) जन्म के साथ पैदा होने वाली वृत्ति या स्वभाव
View Solution



Step 1: शब्द का विश्लेषण।

'सहजात' शब्द दो शब्दों के मेल से बना है: 'सह' (साथ) और 'जात' (उत्पन्न/जन्मा)। इसका शाब्दिक अर्थ है— जो साथ ही पैदा हुआ हो।


Step 2: अर्थ स्पष्टीकरण।

'सहजात वृत्ति' उन गुणों या प्रवृत्तियों को कहा जाता है जो किसी जीव में जन्म से ही विद्यमान होती हैं और जिन्हें सीखने की आवश्यकता नहीं पड़ती (Innate instinct)।


Step 3: विकल्पों का विश्लेषण।

विकल्प (A), (B) और (C) शब्द के अर्थ से मेल नहीं खाते हैं। विकल्प (D) शब्द की सटीक व्याख्या करता है।


Step 4: निष्कर्ष।

अतः, सही उत्तर विकल्प (D) जन्म के साथ पैदा होने वाली वृत्ति या स्वभाव है।
Quick Tip: नाखूनों का बढ़ना या पलकों का झपकना मनुष्य की 'सहजात वृत्तियाँ' मानी जाती हैं क्योंकि ये प्राकृतिक रूप से हमारे साथ होती हैं।


Question 13:

'आद्यलेख' का अर्थ है –

  • (A) अत्यंत प्राचीन प्रारंभिक लेख
  • (B) हाथ की लिखावट
  • (C) पहचान, सत्ता
  • (D) ध्वनियों के लिखित चिह्न
Correct Answer: (A) अत्यंत प्राचीन प्रारंभिक लेख
View Solution




Step 1: शब्द का विश्लेषण।

'आद्यलेख' शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है: 'आद्य' और 'लेख'। 'आद्य' का अर्थ होता है— प्रथम, पहला या बहुत पुराना (अत्यंत प्राचीन)।


Step 2: अर्थ स्पष्टीकरण।

अतः 'आद्यलेख' का अर्थ हुआ वह लेख जो सबसे पुराना हो या किसी विषय का सबसे प्रारंभिक लिखित रूप हो।


Step 3: विकल्पों का विश्लेषण।

(B) हाथ की लिखावट को 'हस्तलिपि' कहते हैं।
(C) पहचान या सत्ता इसके अर्थ से संबंधित नहीं हैं।
(D) ध्वनियों के लिखित चिह्न को 'लिपि' कहा जाता है।


Step 4: निष्कर्ष।

दिए गए विकल्पों में से केवल विकल्प (A) ही शब्द के सही अर्थ को व्यक्त करता है।
Quick Tip: 'आद्य' शब्द का प्रयोग अक्सर 'आदि' या 'शुरुआत' के संदर्भ में किया जाता है (जैसे: आद्यशक्ति या आद्य कवि)।


Question 14:

'उर्वशी' के रचनाकार हैं –

  • (A) कुँवर नारायण
  • (B) रामधारी सिंह 'दिनकर'
  • (C) वीरेन डंगवाल
  • (D) जीवनानंद दास
Correct Answer: (B) रामधारी सिंह 'दिनकर'
View Solution




Step 1: कृति का परिचय।

'उर्वशी' हिंदी साहित्य की एक कालजयी काव्य-रचना है। यह एक 'काव्य-नाटक' (गीति-नाट्य) की श्रेणी में आता है।


Step 2: रचनाकार की पहचान।

इस महान कृति के रचयिता राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' हैं। उन्होंने इस काव्य में पुरूरवा और उर्वशी के माध्यम से काम और अध्यात्म के अंतर्संबंधों को दर्शाया है।


Step 3: ऐतिहासिक महत्व।

इस रचना के लिए दिनकर जी को वर्ष 1972 में हिंदी साहित्य के सर्वोच्च सम्मान 'भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था।


Step 4: निष्कर्ष।

अतः, सही उत्तर विकल्प (B) है।
Quick Tip: रामधारी सिंह 'दिनकर' को उनकी ओजस्वी रचनाओं के कारण 'राष्ट्रकवि' और 'अधैर्य का कवि' भी कहा जाता है।


Question 15:

सारस पक्षी को अन्य किस नाम से जाना जाता है ?

  • (A) भांडीकी
  • (B) तीतर
  • (C) क्रौंच
  • (D) कबूतर
Correct Answer: (C) क्रौंच
View Solution




Step 1: शब्द का पर्यायवाची विश्लेषण।

हिंदी साहित्य और प्राचीन ग्रंथों (जैसे रामायण) में 'सारस' पक्षी के लिए अक्सर 'क्रौंच' शब्द का प्रयोग किया गया है।


Step 2: सांस्कृतिक संदर्भ।

माना जाता है कि आदिकवि वाल्मीकि के मुख से फूटने वाला प्रथम श्लोक एक क्रौंच (सारस) पक्षी के जोड़े के वध को देखकर ही निकला था।


Step 3: विकल्पों का विश्लेषण।

(A) भांडीकी – यह सारस का नाम नहीं है।
(B) तीतर – यह एक अलग प्रजाति का छोटा पक्षी है।
(D) कबूतर – यह शांति का प्रतीक एक भिन्न पक्षी है।


Step 4: निष्कर्ष।

अतः, सारस पक्षी का दूसरा प्रसिद्ध नाम विकल्प (C) क्रौंच है।
Quick Tip: सारस (क्रौंच) पक्षी को अपनी अटूट निष्ठा और प्रेमपूर्ण जोड़ी के लिए जाना जाता है।


Question 16:

'लौटकर आऊँगा फिर' शीर्षक पाठ के रचनाकार हैं –

  • (A) जीवनानंद दास
  • (B) सुमित्रानंदन पंत
  • (C) प्रेमघन
  • (D) रामधारी सिंह 'दिनकर'
Correct Answer: (A) जीवनानंद दास
View Solution




Step 1: पाठ का परिचय।

'लौटकर आऊँगा फिर' आधुनिक बंगाली साहित्य की एक अत्यंत प्रसिद्ध कविता है, जिसका हिंदी अनुवाद पाठ्यक्रम में शामिल है।


Step 2: रचनाकार की पहचान।

इस कविता के मूल रचनाकार प्रसिद्ध बंगाली कवि जीवनानंद दास हैं। इस कविता में कवि ने अपनी मातृभूमि (बंगाल) के प्रति गहरा प्रेम व्यक्त किया है और मृत्यु के बाद भी किसी न किसी रूप में वहीं वापस आने की इच्छा प्रकट की है।


Step 3: विकल्पों का विश्लेषण।

(B) सुमित्रानंदन पंत 'प्रकृति के सुकुमार कवि' हैं।
(C) प्रेमघन 'भारतेंदु युग' के कवि हैं।
(D) रामधारी सिंह 'दिनकर' 'राष्ट्रकवि' हैं।


Step 4: निष्कर्ष।

अतः, सही उत्तर विकल्प (A) जीवनानंद दास है।
Quick Tip: जीवनानंद दास को 'रवींद्रनाथ टैगोर के बाद के युग' का सबसे महत्वपूर्ण बंगाली कवि माना जाता है।


Question 17:

'शिक्षा और संस्कृति' शीर्षक पाठ के रचनाकार हैं –

  • (A) यतीन्द्र मिश्र
  • (B) महात्मा गांधी
  • (C) अशोक वाजपेयी
  • (D) अमरकांत
Correct Answer: (B) महात्मा गांधी
View Solution




Step 1: पाठ का परिचय।

'शिक्षा और संस्कृति' पाठ एक वैचारिक लेख है जो शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य और भारतीय संस्कृति की व्यापकता पर प्रकाश डालता है।


Step 2: रचनाकार की पहचान।

इस महत्वपूर्ण पाठ के रचनाकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हैं। उन्होंने इस लेख में बताया है कि शिक्षा केवल साक्षरता नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के शरीर, बुद्धि और आत्मा का सर्वांगीण विकास है।


Step 3: वैचारिक सारांश।

गांधी जी के अनुसार, हमें अपनी संस्कृति के प्रति उदार होना चाहिए और दुनिया की अन्य संस्कृतियों की अच्छी बातों को अपनाने के लिए तैयार रहना चाहिए, लेकिन अपनी जड़ों को नहीं छोड़ना चाहिए।


Step 4: निष्कर्ष।

अतः, सही उत्तर विकल्प (B) है।
Quick Tip: महात्मा गांधी ने 'अहिंसक प्रतिरोध' की शिक्षा को बुनियादी शिक्षा का आधार माना था।


Question 18:

'बहादुर' शीर्षक पाठ की विधा है –

  • (A) कहानी
  • (B) निबंध
  • (C) कविता
  • (D) साक्षात्कार
Correct Answer: (A) कहानी
View Solution




Step 1: पाठ का परिचय।

'बहादुर' अमरकांत द्वारा रचित एक अत्यंत मर्मस्पर्शी रचना है। यह एक नेपाली घरेलू नौकर 'बहादुर' के जीवन, उसके संघर्ष और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित है।


Step 2: साहित्यिक विधा की पहचान।

साहित्यिक दृष्टि से यह एक कहानी है। इसमें पात्रों के चरित्र चित्रण और घटनाक्रम के माध्यम से मध्यमवर्गीय परिवार की मानसिकता को दर्शाया गया है।


Step 3: विकल्पों का विश्लेषण।

यह पाठ किसी विषय पर गहन चर्चा (निबंध), छंदबद्ध रचना (कविता) या किसी व्यक्ति से बातचीत (साक्षात्कार) नहीं है।


Step 4: निष्कर्ष।

अतः, इस पाठ की सही विधा विकल्प (A) कहानी है।
Quick Tip: अमरकांत को उनकी यथार्थवादी कहानियों के लिए 'नई कहानी' आंदोलन के प्रमुख लेखकों में गिना जाता है।


10th Complete Hindi Last Minute Revision | Bihar Board Class 10th Hindi Important Question 2026 |