UP Board is conducting the Class 10 Elementary Hindi Board Exam 2026 on February 18, 2026. Class 10 Elementary Hindi Question Paper with Solution PDF will be available here for download.

The official question paper of UP Board Class 10 Elementary Hindi Board Exam 2026 is provided below. Students can download the official paper in PDF format for reference.

UP Board Class 10 2026 Elementary Hindi Question Paper with Solution PDF

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CBSE Class 12 Physical Education Question Paper 2026 with Solution Pdf

Question 1:

राहुल सांकृत्यायन का वास्तविक नाम है-

  • (A) सुदामाप्रसाद पाण्डेय
  • (B) वासुदेव सिंह
  • (C) वैद्यनाथ सिंह
  • (D) केदारनाथ पाण्डेय
Correct Answer: (D) केदारनाथ पाण्डेय
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Step 1: Understanding the Concept:

यह प्रश्न हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध लेखक और यात्रा-वृत्तांत के जनक राहुल सांकृत्यायन के जीवन परिचय से संबंधित है।

साहित्यकारों के मूल नाम या बचपन के नाम अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।


Step 2: Detailed Explanation:

राहुल सांकृत्यायन (1893--1963) का जन्म उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पन्दहा गाँव में हुआ था।

उनके बचपन का और वास्तविक नाम 'केदारनाथ पाण्डेय' था।

उन्होंने श्रीलंका जाकर बौद्ध धर्म की दीक्षा ली, जिसके बाद वे 'राहुल' कहलाए और अपने गोत्र के कारण 'सांकृत्यायन' सरनेम लगाया।

उन्हें 'महापंडित' की उपाधि उनकी बहुभाषाविद् योग्यता और विद्वत्ता के कारण दी गई थी।


Step 3: Final Answer:

अतः, राहुल सांकृत्यायन का वास्तविक नाम केदारनाथ पाण्डेय है।
Quick Tip: राहुल सांकृत्यायन को 'घुमक्कड़ शास्त्र' का रचयिता कहा जाता है। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में 'वोल्गा से गंगा' और 'मेरी तिब्बत यात्रा' प्रमुख हैं।


Question 2:

'रानी केतकी की कहानी' के लेखक हैं-

  • (A) मुंशी इंशा अल्ला खां
  • (B) प्रेमचंद
  • (C) जैनेंद्र
  • (D) यशपाल
Correct Answer: (A) मुंशी इंशा अल्ला खां
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Step 1: Understanding the Concept:

यह प्रश्न हिन्दी गद्य के प्रारंभिक इतिहास और खड़ी बोली गद्य के विकास से संबंधित है।


Step 2: Detailed Explanation:

'रानी केतकी की कहानी' को हिन्दी की प्रारंभिक गद्य रचनाओं में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है।

इसकी रचना मुंशी इंशा अल्ला खां द्वारा 19वीं शताब्दी के प्रारंभ (लगभग 1803 ईस्वी) में की गई थी।

इस कहानी की भाषा शैली को 'ठेठ हिन्दी' कहा जाता है क्योंकि लेखक ने इसमें अरबी, फारसी और संस्कृत के बोझिल शब्दों से बचने का प्रयास किया था।


Step 3: Final Answer:

'रानी केतकी की कहानी' के लेखक मुंशी इंशा अल्ला खां हैं।
Quick Tip: हिन्दी गद्य के चार प्रारंभिक स्तंभों के नाम याद रखें: सदासुखलाल, लल्लू लाल, सदल मिश्र और इंशा अल्ला खां।


Question 3:

निम्नलिखित में से कौन छायावाद-युग के गद्य लेखक हैं-

  • (A) श्यामसुंदर दास
  • (B) रामचंद्र शुक्ल
  • (C) प्रताप नारायण मिश्र
  • (D) राय कृष्णदास
Correct Answer: (D) राय कृष्णदास
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Step 1: Understanding the Concept:

यह प्रश्न हिन्दी साहित्य के विभिन्न युगों (भारतेंदु, द्विवेदी, छायावाद आदि) और उनके प्रमुख लेखकों के वर्गीकरण पर आधारित है।


Step 2: Detailed Explanation:

छायावाद युग (1918--1936) में कविता के साथ-साथ उत्कृष्ट गद्य भी लिखा गया।

राय कृष्णदास एक विशिष्ट गद्य लेखक थे जिन्होंने छायावादी काव्य की विशेषताओं को गद्य में उतारा, विशेषकर 'गद्य-गीत' विधा में।

विकल्पों का विश्लेषण:

1. श्यामसुंदर दास द्विवेदी युग के लेखक हैं।

2. आचार्य रामचंद्र शुक्ल का समय 'शुक्ल युग' कहलाता है जो छायावाद के समकालीन है, परन्तु शैलीगत आधार पर राय कृष्णदास को शुद्ध छायावादी गद्यकार माना जाता है।

3. प्रताप नारायण मिश्र भारतेंदु युग के लेखक हैं।


Step 3: Final Answer:

दिए गए विकल्पों में से राय कृष्णदास छायावाद-युग के प्रतिनिधि गद्य लेखक हैं।
Quick Tip: छायावाद युग के चार प्रमुख स्तंभ (कवि) प्रसाद, पंत, निराला और महादेवी वर्मा हैं। राय कृष्णदास इस युग के कला मर्मज्ञ और गद्यकार थे।


Question 4:

'तारसप्तक' के संपादक थे-

  • (A) दिनकर
  • (B) अज्ञेय
  • (C) निराला
  • (D) मुक्तिबोध
Correct Answer: (B) अज्ञेय
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Step 1: Understanding the Concept:

यह प्रश्न आधुनिक हिन्दी कविता के 'प्रयोगवाद' के प्रारंभ और काव्य संकलनों के संपादन से संबंधित है।


Step 2: Detailed Explanation:

'तारसप्तक' का प्रकाशन सन् 1943 ईस्वी में हुआ था, जिसे प्रयोगवाद का प्रस्थान बिंदु माना जाता है।

इसका संपादन सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' ने किया था।

इसमें सात कवियों (मुक्तिबोध, नेमिचंद्र जैन, भारतभूषण अग्रवाल, प्रभाकर माचवे, गिरजाकुमार माथुर, रामविलास शर्मा और अज्ञेय) की रचनाएं शामिल थीं।

इसके बाद 'दूसरा सप्तक' (1951), 'तीसरा सप्तक' (1959) और 'चौथा सप्तक' (1979) भी प्रकाशित हुए।


Step 3: Final Answer:

'तारसप्तक' के संपादक अज्ञेय थे।
Quick Tip: प्रथम तारसप्तक का वर्ष 1943 याद रखें। अज्ञेय जी को 'नई कविता' और 'प्रयोगवाद' का पुरोधा माना जाता है।


Question 5:

वर्ण-रत्नाकर किस भाषा में है-

  • (A) खड़ी बोली
  • (B) भोजपुरी
  • (C) मैथिली
  • (D) ब्रजभाषा
Correct Answer: (C) मैथिली
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Step 1: Understanding the Concept:

यह प्रश्न आदिकालीन हिन्दी साहित्य की विशिष्ट क्षेत्रीय भाषाओं और उनके गद्य ग्रंथों से संबंधित है।


Step 2: Detailed Explanation:

'वर्ण-रत्नाकर' 14वीं शताब्दी का एक महत्वपूर्ण गद्य ग्रंथ है।

इसके रचयिता ज्योतिरीश्वर ठाकुर हैं।

यह ग्रंथ मैथिली भाषा में लिखा गया है और इसे मैथिली गद्य का आदि स्रोत माना जाता है।

यह एक प्रकार का सांस्कृतिक विश्वकोश (Encyclopedia) है जिसमें उस समय के रीति-रिवाजों, कलाओं और जीवन का वर्णन है।


Step 3: Final Answer:

'वर्ण-रत्नाकर' की भाषा मैथिली है।
Quick Tip: विद्यापति की 'पदावली' और ज्योतिरीश्वर ठाकुर की 'वर्ण-रत्नाकर' मैथिली साहित्य के इतिहास में मील के पत्थर हैं।


Question 6:

'शिवा बावनी' के रचयिता हैं-

  • (A) तुलसीदास
  • (B) भूषण
  • (C) जगन्नाथदास 'रत्नाकर'
  • (D) मैथिलीशरण गुप्त
Correct Answer: (B) भूषण
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Step 1: Understanding the Concept:

यह प्रश्न रीतिकाल के वीर रस के कवियों और उनकी प्रसिद्ध रचनाओं से संबंधित है।


Step 2: Detailed Explanation:

महाकवि भूषण रीतिकाल (श्रृंगार प्रधान काल) के एकमात्र ऐसे कवि थे जिन्होंने राष्ट्रीयता और वीर रस को अपनी कविता का आधार बनाया।

'शिवा बावनी' उनकी प्रसिद्ध कृति है जिसमें उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता, पराक्रम और शौर्य का 52 छंदों में वर्णन किया है।

उनकी अन्य कृतियों में 'शिवराज भूषण' और 'छत्रसाल दशक' भी अत्यंत लोकप्रिय हैं।


Step 3: Final Answer:

'शिवा बावनी' के रचयिता महाकवि भूषण हैं।
Quick Tip: भूषण को 'रीतिकाल का राष्ट्रकवि' भी कहा जाता है क्योंकि उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से तत्कालीन समाज में साहस का संचार किया।


Question 7:

निम्नलिखित कवियों में से राष्ट्रकवि की उपाधि से विभूषित किया गया है-

  • (A) रामकुमार वर्मा को
  • (B) मैथिलीशरण गुप्त को
  • (C) महादेवी वर्मा को
  • (D) सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' को
Correct Answer: (B) मैथिलीशरण गुप्त को
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Step 1: Understanding the Concept:

यह प्रश्न हिन्दी कवियों को उनके साहित्यिक योगदान के लिए दी गई सम्मानजनक उपाधियों से संबंधित है।


Step 2: Detailed Explanation:

मैथिलीशरण गुप्त (1886--1964) आधुनिक हिन्दी साहित्य के प्रखर कवि हैं।

उनकी प्रसिद्ध रचना 'भारत-भारती' (1912) में व्यक्त प्रखर राष्ट्रप्रेम और भारतीय संस्कृति के गौरवगान के कारण महात्मा गांधी ने उन्हें 'राष्ट्रकवि' की उपाधि प्रदान की थी।

वे खड़ी बोली हिन्दी को कविता की भाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने वाले प्रमुख कवि हैं।


Step 3: Final Answer:

मैथिलीशरण गुप्त को राष्ट्रकवि की उपाधि से विभूषित किया गया है।
Quick Tip: मैथिलीशरण गुप्त की अन्य कालजयी रचनाएँ 'साकेत', 'यशोधरा' और 'जयद्रथ वध' हैं। उन्हें 'दद्दा' के नाम से भी पुकारा जाता था।


Question 8:

'कठिन काव्य का प्रेत' कहा जाता है-

  • (A) घनानंद को
  • (B) भूषण को
  • (C) केशव को
  • (D) पद्माकर को
Correct Answer: (C) केशव को
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Step 1: Understanding the Concept:

यह प्रश्न रीतिकालीन कवियों की काव्य शैली और उनके संबंध में आलोचकों के कथनों से संबंधित है।


Step 2: Detailed Explanation:

आचार्य केशवदास रीतिकाल के 'रीतिबद्ध' कवियों में प्रमुख थे।

उनकी रचनाओं (जैसे 'रामचंद्रिका', 'कविप्रिया') में अत्यधिक पांडित्य प्रदर्शन, अलंकारों का बोझिल प्रयोग और भाषा की क्लिष्टता देखने को मिलती है।

उनकी भाषा की इसी दुरूहता के कारण आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने उन्हें 'कठिन काव्य का प्रेत' कहा था।

शुक्ल जी का मानना था कि उनके काव्य में हृदय का भाव कम और बुद्धि का चमत्कार अधिक है।


Step 3: Final Answer:

'कठिन काव्य का प्रेत' केशव (केशवदास) को कहा जाता है।
Quick Tip: केशवदास को हिन्दी साहित्य में रीतिकाल का प्रवर्तक माना जाता है, जिन्होंने सर्वप्रथम काव्यशास्त्रीय नियमों का पालन करते हुए ग्रंथ लिखे।


Question 9:

उपर्युक्त गद्यांश के पाठ और लेखक का नाम लिखिए।

Correct Answer: पाठ का नाम: 'राष्ट्र का स्वरूप', लेखक का नाम: डॉ. वासुदेवशरण अग्रवाल।
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N/A


Question 10:

रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।

(रेखांकित अंश: "जन के कारण ही पृथिवी मातृभूमि की संज्ञा प्राप्त करती है। पृथिवी माता है और जन सच्चे अर्थों में पृथिवी के पुत्र हैं।")

Correct Answer:
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N/A


Question 11:

राष्ट्र की कल्पना कब असम्भव है?

Correct Answer:
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N/A


Question 12:

पृथिवी और जन दोनों मिलकर क्या बनाते हैं?

Correct Answer:
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N/A


Question 13:

पृथिवी कब मातृभूमि की संज्ञा प्राप्त करती है?

Correct Answer:
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Step 1: Detailed Explanation:

पृथ्वी को 'माता' या 'मातृभूमि' का गौरव केवल भौगोलिक उपस्थिति से नहीं मिलता।

जब उस पर रहने वाला जन (मनुष्य) उसे भावनात्मक रूप से अपनी जननी स्वीकार करता है और उससे अपना नाता जोड़ता है, तभी वह भूमि 'मातृभूमि' कहलाने के योग्य बनती है।


Step 2: Final Answer:

जन (मनुष्य) की उपस्थिति और उसके भावनात्मक लगाव के कारण ही पृथिवी मातृभूमि की संज्ञा प्राप्त करती है।
Quick Tip: वासुदेवशरण अग्रवाल के निबंधों में राष्ट्रवाद का आधार भूमि और जन की एकता को माना गया है।


Question 14:

उपर्युक्त गद्यांश के पाठ और लेखक का नाम लिखिए।

Correct Answer: पाठ का नाम: 'अशोक के फूल', लेखक का नाम: आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी।
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N/A


Question 15:

रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।

(रेखांकित अंश: "कहते हैं, दुनिया बड़ी भुलक्कड़ है। केवल उतना ही याद रखती है, जितने से उसका स्वार्थ सधता है।")

Correct Answer:
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N/A


Question 16:

अशोक को विस्मृत करने का आधार किसे माना गया है?

Correct Answer:
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N/A


Question 17:

लेखक ने दुनिया का किस तरह का व्यवहार बताया है?

Correct Answer:
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N/A


Question 18:

स्वार्थ का अखाड़ा किसे कहा गया है?

Correct Answer:
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Step 1: Detailed Explanation:

अखाड़ा वह स्थान होता है जहाँ लोग अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हैं।

लेखक के अनुसार यह संपूर्ण संसार एक ऐसा ही स्थान है जहाँ हर व्यक्ति केवल अपने स्वार्थ को सिद्ध करने की होड़ में लगा हुआ है।


Step 2: Final Answer:

'सारा संसार' ही स्वार्थ का अखाड़ा कहा गया है।
Quick Tip: हजारीप्रसाद द्विवेदी जी के निबंधों में इतिहास और संस्कृति का समन्वय होता है, जो पाठकों को चिंतन के लिए प्रेरित करता है।


Question 19:

उपर्युक्त पद्यांश के शीर्षक और कवि का नाम लिखिए।

Correct Answer: शीर्षक: 'पवन-दूतिका', कवि: अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध'।
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N/A


Question 20:

रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।

(रेखांकित अंश: "मैं रो-रो के प्रिय-विरह से बावली हो रही हूँ। जाके मेरी सब दुख-कथा श्याम को तू सुना दे।")

Correct Answer:
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N/A


Question 21:

पवन-दूतिका द्वारा किसने किसको संदेश भेजा है?

Correct Answer:
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N/A


Question 22:

प्रस्तुत पद्यांश में श्रीकृष्ण के सौन्दर्य का वर्णन किस प्रकार किया गया है?

Correct Answer:
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N/A


Question 23:

राधा की मनोदशा का वर्णन कीजिए।

Correct Answer:
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Step 1: Detailed Explanation:

राधा की मनोदशा अत्यंत विचलित और व्याकुल है।

वे श्रीकृष्ण के वियोग में आत्म-विस्मृत हो गई हैं।

उनकी स्थिति उस विरहिणी की है जो अपने प्रिय के न आने और संदेश न भेजने के कारण अत्यंत दुखी है और रुदन ही उनका एकमात्र सहारा बन गया है।


Step 2: Final Answer:

राधा श्रीकृष्ण के विरह में विक्षिप्त (पागल) सी हो रही हैं और निरंतर रोते हुए अत्यंत दयनीय अवस्था में हैं।
Quick Tip: 'प्रिय-प्रवास' में राधा का स्वरूप परम्परागत विरहिणी से थोड़ा भिन्न है; वे यहाँ 'लोक-सेविका' के रूप में भी उभरती हैं।


Question 24:

उपर्युक्त पद्यांश के शीर्षक और कवि का नाम लिखिए।

Correct Answer: शीर्षक: 'बीती विभावरी जागरी' (लहर), कवि: जयशंकर प्रसाद।
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Step 1: Understanding the Concept:

यह पद्यांश छायावादी युग के प्रवर्तक कवि जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित एक सुप्रसिद्ध 'जागरण गीत' है।

इसमें प्रकृति के सुंदर बिम्बों के माध्यम से सखी को जगाने और जीवन में नई चेतना भरने का आह्वान किया गया है।


Step 2: Detailed Explanation:

प्रस्तुत पंक्तियाँ जयशंकर प्रसाद के प्रसिद्ध काव्य संग्रह 'लहर' से उद्धृत हैं।

कवि ने यहाँ प्रभात (सुबह) का मानवीकरण किया है और प्रकृति की विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से रात्रि की समाप्ति और नए दिन के आरंभ की सूचना दी है।


Step 3: Final Answer:

पद्यांश का शीर्षक 'बीती विभावरी जागरी' है और इसके कवि जयशंकर प्रसाद हैं।
Quick Tip: जयशंकर प्रसाद को छायावाद का जनक माना जाता है। उनकी भाषा संस्कृतनिष्ठ और तत्सम शब्दावली प्रधान होती है।
यह कविता उनके 'लहर' संग्रह की श्रेष्ठ रचनाओं में से एक है।


Question 25:

रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।

(रेखांकित अंश: "अम्बर-पनघट में, डुबो रही- तारा-घट ऊषा-नागरी।")

Correct Answer:
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Step 1: Understanding the Concept:

इस पंक्ति में कवि ने रूपक अलंकार के माध्यम से प्रातःकालीन आकाश का अत्यंत कलात्मक चित्रण किया है।


Step 2: Detailed Explanation:

कवि का कथन है कि रात्रि व्यतीत हो चुकी है और भोर का समय आ गया है।

आकाश रूपी विशाल पनघट पर ऊषा रूपी सुंदर चतुर नायिका (स्त्री) पहुँच चुकी है।

वह ऊषा रूपी नायिका आकाश रूपी पनघट में तारा रूपी घड़ों को डुबो रही है।

इसका भाव यह है कि जैसे पनघट पर घड़ा डुबोने से वह दिखाई नहीं देता, वैसे ही सूर्य की रोशनी फैलने से आकाश के तारे अब ओझल होते जा रहे हैं।


Step 3: Final Answer:

व्याख्या: प्रातःकाल होने पर आकाश में तारे वैसे ही छिप रहे हैं जैसे कोई चतुर स्त्री पनघट पर घड़ों को पानी में डुबो देती है।
Quick Tip: जहाँ उपमेय और उपमान में पूर्ण अभेद दिखाया जाए, वहाँ रूपक अलंकार होता है।
यहाँ अम्बर, तारा और ऊषा तीनों में रूपक का प्रयोग किया गया है।


Question 26:

प्रस्तुत पंक्तियों में किस समय का सुन्दर वर्णन किया गया है?

Correct Answer:
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Step 1: Understanding the Concept:

पद्यांश की शब्दावली और उसमें वर्णित प्राकृतिक क्रियाएँ समय के विशेष खंड की ओर संकेत करती हैं।


Step 2: Detailed Explanation:

पंक्ति 'बीती विभावरी' का अर्थ है 'रात बीत गई'।

पक्षियों का बोलना, कलियों का खिलना और तारों का छिपना ये सभी घटनाएँ केवल सूर्योदय से ठीक पहले यानी 'प्रातःकाल' (भोर) के समय घटित होती हैं।

अतः यहाँ जागरण के समय का वर्णन है।


Step 3: Final Answer:

प्रस्तुत पंक्तियों में 'प्रातःकाल' (सूर्योदय से पूर्व के भोर के समय) का अत्यंत सुंदर वर्णन किया गया है।
Quick Tip: प्रातःकाल के वर्णन के लिए कवि अक्सर 'ऊषा', 'प्रभात' और 'अरुणोदय' जैसे शब्दों का उपयोग करते हैं।


Question 27:

कौन आकाशरूपी पनघट पर तारारूपी घड़े को डुबो रहा है?

Correct Answer:
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Step 1: Understanding the Concept:

यह प्रश्न पद्यांश के रूपक विधान की पहचान पर आधारित है।


Step 2: Detailed Explanation:

पद्यांश की दूसरी और तीसरी पंक्ति स्पष्ट करती है कि 'ऊषा-नागरी' (सुबह रूपी नायिका) यह कार्य कर रही है।

नागरी का अर्थ यहाँ 'चतुर स्त्री' से है। कवि ने कल्पना की है कि भोर की बेला स्वयं एक स्त्री के रूप में आकर तारों को आकाश से विलीन कर रही है।


Step 3: Final Answer:

'ऊषा रूपी चतुर नायिका' आकाशरूपी पनघट पर तारारूपी घड़ों को डुबो रही है।
Quick Tip: मानवीकरण अलंकार का प्रयोग यहाँ सजीवता लाने के लिए किया गया है।


Question 28:

'खग-कुल कुल-कुल सा बोल रहा' पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

Correct Answer: यमक और अनुप्रास अलंकार।
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Step 1: Understanding the Concept:

जब कविता में एक ही शब्द की आवृत्ति हो लेकिन उनके अर्थ अलग-अलग हों, तो वहाँ यमक अलंकार होता है।


Step 2: Detailed Explanation:

इस पंक्ति में 'कुल' शब्द की आवृत्ति हुई है।

प्रथम 'कुल' का अर्थ है - 'समूह' (पक्षियों का समूह)।

द्वितीय और तृतीय 'कुल-कुल' का प्रयोग पक्षियों के कलरव या चहचहाहट की ध्वनि (Onomatopoeia) को व्यक्त करने के लिए किया गया है।

चूँकि शब्द समान हैं पर अर्थ भिन्न हैं, इसलिए यहाँ यमक अलंकार है। साथ ही 'क' वर्ण की आवृत्ति से अनुप्रास भी है।


Step 3: Final Answer:

उक्त पंक्ति में 'यमक अलंकार' की प्रधानता है।
Quick Tip: यमक अलंकार की पहचान के लिए देखें कि क्या शब्द का दोहराव हो रहा है और क्या दोनों स्थितियों में उनके संदर्भ अलग हैं।


Question 29:

निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए।

(i) आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी (ii) प्रो० जी० सुंदर रेड्डी (iii) वासुदेवशरण अग्रवाल।

Correct Answer:
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Step 1: Understanding the Concept:

साहित्यिक परिचय में लेखक के लेखन की शैली, विचारधारा और उनके द्वारा साहित्य में किए गए योगदान का संक्षिप्त विवरण दिया जाता है।


Step 2: Detailed Explanation:

आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी का परिचय:

द्विवेदी जी हिन्दी साहित्य के मूर्धन्य निबंधकार, आलोचक और उपन्यासकार थे।

उनका जन्म 1907 ई. में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में हुआ था।

वे मानवतावादी विचारक थे और उन्होंने साहित्य को मानव जीवन की व्याख्या का साधन माना।

उनके निबंधों में प्राचीन भारतीय संस्कृति और आधुनिक जीवन मूल्यों का सुंदर समन्वय मिलता है।

प्रमुख रचनाएँ:

1. निबंध संग्रह: अशोक के फूल, कल्पलता, कुटज।

2. उपन्यास: बाणभट्ट की आत्मकथा, पुनर्नवा, अनामदास का पोथा।

3. आलोचना: हिन्दी साहित्य की भूमिका, सूर-साहित्य, कबीर।


Step 3: Final Answer:

आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी अपने पांडित्यपूर्ण और ललित निबंधों के लिए सदैव स्मरणीय रहेंगे।
Quick Tip: लेखक परिचय लिखते समय उनकी भाषा-शैली और उन्हें मिले सम्मान (जैसे पद्म भूषण) का उल्लेख अवश्य करें।


Question 30:

निम्नलिखित में से किसी एक कवि का साहित्यिक परिचय एवं उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए।

(i) सुमित्रानंदन पंत (ii) जयशंकर प्रसाद (iii) मैथिलीशरण गुप्त।

Correct Answer:
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Step 1: Understanding the Concept:

कवि परिचय में उनकी काव्य प्रवृत्तियों, भाव पक्ष और कला पक्ष का वर्णन महत्वपूर्ण होता है।


Step 2: Detailed Explanation:

जयशंकर प्रसाद का परिचय:

जयशंकर प्रसाद छायावाद के चार आधार स्तंभों में से मुख्य स्तंभ और प्रवर्तक माने जाते हैं।

उनका काव्य प्रेम, सौंदर्य और आध्यात्मिक आनंद का पुंज है।

उन्होंने भारतीय संस्कृति के गौरवमयी अतीत को अपनी कविताओं और नाटकों में जीवंत किया।

प्रमुख रचनाएँ:

1. महाकाव्य: कामायनी (छायावाद की सर्वश्रेष्ठ कृति)।

2. काव्य संग्रह: झरना, आँसू, लहर।

3. नाटक: चंद्रगुप्त, स्कंदगुप्त, ध्रुवस्वामिनी।


Step 3: Final Answer:

जयशंकर प्रसाद 'कामायनी' के रचयिता के रूप में हिन्दी साहित्य के कालजयी कवि हैं।
Quick Tip: 'कामायनी' महाकाव्य के लिए उन्हें मंगलाप्रसाद पारितोषिक मिला था। इसे आधुनिक काल का सर्वश्रेष्ठ महाकाव्य माना जाता है।


Question 31:

दिए गए गद्यांशों में से किसी एक का सन्दर्भ-सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए।

(क) महामना विद्वान् वक्ता, धार्मिको नेता, पटु: पत्रकारश्चासीत्। परमस्य सर्वोच्चगुण: जनसेवैव आसीत्। यत्र कुत्रापि अयं जनान् दुःखितान् पीड्यमानांश्चापश्यत् तत्रैव सः शीघ्रमेव उपस्थितः, सर्वविधं साहाय्यञ्च अकरोत्। प्राणिसेवा अस्य स्वभाव एवासीत्।...

Correct Answer:
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Step 1: Understanding the Concept:

यह संस्कृत गद्यांश पंडित मदन मोहन मालवीय के चरित्र की विशेषताओं पर प्रकाश डालता है।


Step 2: Detailed Explanation:

सन्दर्भ: प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के 'संस्कृत दिग्दर्शिका' के 'महामना मालवीयः' नामक पाठ से लिया गया है।

अनुवाद: महामना (मदन मोहन मालवीय) विद्वान वक्ता, धार्मिक नेता और कुशल पत्रकार थे। परन्तु इनका सर्वोच्च गुण जनसेवा ही था। जहाँ कहीं भी ये लोगों को दुखी और पीड़ित देखते थे, वहीं वे शीघ्र ही उपस्थित हो जाते थे और सब प्रकार की सहायता करते थे। प्राणियों की सेवा करना ही इनका स्वभाव था।


Step 3: Final Answer:

मालवीय जी का जीवन परोपकार और लोक कल्याण के प्रति समर्पित था।
Quick Tip: संस्कृत से हिन्दी अनुवाद करते समय 'सन्दर्भ' लिखना अनिवार्य होता है, जिसमें पाठ का नाम स्पष्ट हो।


Question 32:

निम्नलिखित मुहावरों और लोकोक्तियों में से किसी एक का अर्थ लिखते हुए वाक्य प्रयोग कीजिए।

(क) श्रीगणेश करना (ख) बगुला भगत होना (ग) टका-सा जवाब देना (घ) भागते भूत की लंगोटी भली।

Correct Answer:
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Step 1: Understanding the Concept:

मुहावरे भाषा को सारगर्भित और रोचक बनाते हैं। इनका अर्थ शाब्दिक न होकर लाक्षणिक होता है।


Step 2: Detailed Explanation:

(क) श्रीगणेश करना:

अर्थ: किसी कार्य का विधिवत आरंभ करना।

वाक्य प्रयोग: आज रमेश ने अपनी नई दुकान का श्रीगणेश किया।



(ख) बगुला भगत होना:

अर्थ: ढोंगी या कपटी होना (बाहर से शांत पर भीतर से छल करने वाला)।

वाक्य प्रयोग: उस भ्रष्ट नेता की बातों में मत आना, वह तो बड़ा बगुला भगत है।



(ग) टका-सा जवाब देना:

अर्थ: साफ इंकार कर देना या बेरुखी से मना करना।

वाक्य प्रयोग: जब मैंने अपने मित्र से कुछ पैसे उधार माँगे, तो उसने मुझे टका-सा जवाब दे दिया।



(घ) भागते भूत की लंगोटी भली:

अर्थ: बहुत बड़े नुकसान की स्थिति में जो कुछ हाथ लग जाए, वही अच्छा है।

वाक्य प्रयोग: विजय का सारा पैसा डूब रहा था, पर जैसे-तैसे दस हजार मिल गए, क्योंकि भागते भूत की लंगोटी भली।


Step 3: Final Answer:

ये मुहावरे सामाजिक व्यवहार और मानवीय प्रवृत्तियों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करते हैं।
Quick Tip: वाक्य प्रयोग में हमेशा 'मुहावरे' का प्रयोग किया जाता है, उसके अर्थ का नहीं।


Question 33:

निम्नलिखित शब्द-युग्मों का सही अर्थ चुनकर लिखिए।

(i) दशन-दंशन

  • (अ) डसना और काटना
  • (ब) काटना और डसना
  • (स) दाँत और काटना
  • (द) दस और डंक
Correct Answer: (स) दाँत और काटना।
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Step 1: Understanding the Concept:

शब्द-युग्मों में उच्चारण लगभग समान होता है, परन्तु उनकी वर्तनी और अर्थ भिन्न होते हैं।


Step 2: Detailed Explanation:

'दशन' का अर्थ मुख के अंग 'दाँत' से है।

'दंशन' का अर्थ किसी कीट या सर्प द्वारा 'काटने' या 'डंक मारने' की क्रिया से है।

अतः युग्म का सही क्रम 'दाँत और काटना' होगा।


Step 3: Final Answer:

विकल्प (स) सही अर्थ प्रदर्शित करता है।
Quick Tip: श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्दों में अनुस्वार या मात्राओं का सूक्ष्म अंतर अर्थ को पूरी तरह बदल देता है।


Question 34:

निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए एक शब्द का चयन करके लिखिए।

(i) विष्णु के उपासक

  • (अ) शाक्त
  • (ब) वैष्णव
  • (स) श्रद्धेय
  • (द) शाश्वत
Correct Answer: (ब) वैष्णव।
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Step 1: Understanding the Concept:

हिन्दी व्याकरण में विस्तृत विचार को एक शब्द में समेटने की प्रक्रिया को 'अनेक शब्दों के लिए एक शब्द' कहते हैं।


Step 2: Detailed Explanation:

भगवान विष्णु की पूजा या उपासना करने वाले को 'वैष्णव' कहा जाता है।

अन्य विकल्पों का अर्थ:

- शाक्त: देवी शक्ति (दुर्गा) का उपासक।

- श्रद्धेय: श्रद्धा के योग्य।

- शाश्वत: जो हमेशा बना रहे।


Step 3: Final Answer:

विष्णु के उपासक हेतु सही शब्द 'वैष्णव' है।
Quick Tip: भगवान शिव के उपासक को 'शैव' और विष्णु के उपासक को 'वैष्णव' कहा जाता है। परीक्षा के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।


Question 35:

निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए।

(क) मोनिका भोजन कर ली है।

(ख) सौम्य पूरी रात भर जागती रही।

(ग) उसने हस्ताक्षर कर दिया।

(घ) हमारी अध्यापिका विद्वान है।

Correct Answer:
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Step 1: Understanding the Concept:

वाक्य शुद्धि में लिंग, वचन, कारक, और शब्द-प्रयोग की त्रुटियों को दूर कर व्याकरणिक रूप से सही वाक्य बनाया जाता है।


Step 2: Detailed Explanation:

(क) 'मोनिका भोजन कर ली है' में 'ने' परसर्ग (कारक चिन्ह) का लोप है। शुद्ध: मोनिका ने भोजन कर लिया है।

(ख) 'पूरी' और 'भर' दोनों का अर्थ समान है, अतः दोनों का साथ प्रयोग अनुचित है। शुद्ध: सौम्य रात भर जागती रही। या सौम्य पूरी रात जागती रही।

(ग) 'हस्ताक्षर' शब्द सदैव बहुवचन में प्रयुक्त होता है। शुद्ध: उसने हस्ताक्षर कर दिए।

(घ) स्त्रीलिंग के लिए 'विद्वान' का प्रयोग अशुद्ध है, उसके स्थान पर 'विदुषी' का प्रयोग होता है। शुद्ध: हमारी अध्यापिका विदुषी हैं।


Step 3: Final Answer:

वाक्यों को व्याकरणिक नियमों के अनुसार संशोधित किया गया है।
Quick Tip: हस्ताक्षर, प्राण, दर्शन जैसे शब्द हमेशा बहुवचन में प्रयोग किए जाते हैं। स्त्रीलिंग के लिए विद्वान की जगह विदुषी का प्रयोग याद रखें।


Question 36:

वीर अथवा करुण रस की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।

Correct Answer:
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Step 1: Understanding the Concept:

काव्य को पढ़ने या सुनने से पाठक के हृदय में जो स्थायी भाव जागृत होता है, वह विभाव-अनुभाव आदि के साथ मिलकर 'रस' कहलाता है।


Step 2: Detailed Explanation:

वीर रस:

युद्ध करने अथवा कठिन कार्य को करने के लिए हृदय में स्थित 'उत्साह' नामक स्थायी भाव जब विभाव, अनुभाव और संचारी भाव से पुष्ट होता है, तब वीर रस की उत्पत्ति होती है।

उदाहरण:

"वीर तुम बढ़े चलो, धीर तुम बढ़े चलो।

सामने पहाड़ हो, सिंह की दहाड़ हो।"



करुण रस:

इष्ट वस्तु के विनाश, अनिष्ट की प्राप्ति या प्रिय व्यक्ति के बिछड़ने से हृदय में जो 'शोक' नामक स्थायी भाव उत्पन्न होता है, वह करुण रस कहलाता है।

उदाहरण:

"हाय! राम कैसे झेलें हम अपनी लज्जा अपना शोक।

गया हमारे ही हाथों से अपना राष्ट्रपिता परलोक।।"


Step 3: Final Answer:

वीर रस का स्थायी भाव 'उत्साह' है और करुण रस का स्थायी भाव 'शोक' है।
Quick Tip: रस की परिभाषा लिखते समय उसके 'स्थायी भाव' का उल्लेख करना अनिवार्य है। इसके बिना परिभाषा अधूरी मानी जाती है।


Question 37:

पेयजल अधिकारी को पत्र लिखिए, जिसमें अनिवार्य रूप से जल प्राप्त होने की शिकायत की गई हो।

Correct Answer: यह एक औपचारिक शिकायती पत्र है। उत्तर में एक आदर्श पत्र का प्रारूप दिया गया है।
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Step 1: Understanding the Concept:

यह प्रश्न औपचारिक पत्र लेखन (Formal Letter Writing) के अंतर्गत 'शिकायती पत्र' श्रेणी से संबंधित है।

जब हम किसी सरकारी विभाग या अधिकारी को अपनी समस्या बताते हैं, तो पत्र में विनम्रता, स्पष्टता और समस्या का सटीक विवरण होना अनिवार्य है।


Step 2: Detailed Explanation:

औपचारिक पत्र के मुख्य अंग निम्नलिखित हैं:

1. सेवा में/प्रेषिती: अधिकारी का पदनाम और विभाग का पता।

2. विषय: समस्या का संक्षिप्त सारांश।

3. संबोधन: आदरसूचक शब्द (महोदय/मान्यवर)।

4. मुख्य विषय-वस्तु (Body): समस्या का विस्तार से वर्णन और उसका नागरिकों पर प्रभाव।

5. अनुरोध: समस्या के शीघ्र समाधान हेतु विनती।

6. समापन: धन्यवाद, भवदीय और शिकायतकर्ता का नाम/पता।


Step 3: Final Answer:

सेवा में,

अधिशासी अभियंता/पेयजल अधिकारी,

नगर निगम, [शहर का नाम]।



विषय: क्षेत्र में अनियमित और अपर्याप्त जलापूर्ति के संबंध में।



महोदय,

मैं इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान [क्षेत्र का नाम] में व्याप्त पेयजल संकट की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।

पिछले दो सप्ताह से हमारे क्षेत्र में पानी की आपूर्ति अत्यंत अनियमित हो गई है।

कभी पानी मात्र 15-20 मिनट के लिए आता है और कभी-कभी तो पूरे दिन पानी की आपूर्ति नहीं होती।

कम दबाव (Low Pressure) के कारण ऊँची मंजिलों पर पानी चढ़ ही नहीं पाता।

इस भीषण गर्मी में पानी के अभाव के कारण निवासियों को दैनिक कार्यों में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।



अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस समस्या की तत्काल जाँच करवाकर सुचारू रूप से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की कृपा करें।



सधन्यवाद।



भवदीय,

[आपका नाम/क्षेत्र के निवासी],

दिनांक: [आज की तिथि]।
Quick Tip: शिकायती पत्र में 'विषय' (Subject) लिखना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अधिकारी को पत्र की गंभीरता का तुरंत आभास कराता है।
भाषा संयत और औपचारिक ही रखें।


Question 38:

अपने विद्यालय में कम्प्यूटरों के अभाव की ओर विद्यालय के प्रधानाचार्य का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कम्प्यूटर की पूर्ति हेतु उन्हें एक प्रार्थना-पत्र लिखिए।

Correct Answer: यह प्रधानाचार्य को लिखा जाने वाला एक औपचारिक प्रार्थना-पत्र है।
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Step 1: Understanding the Concept:

यह प्रधानाचार्य को संबोधित एक प्रार्थना-पत्र (Application) है।

इसमें छात्रों की शैक्षणिक आवश्यकताओं, विशेषकर तकनीकी शिक्षा के महत्व को दर्शाते हुए संसाधनों की मांग की जाती है।


Step 2: Detailed Explanation:

विद्यालयी पत्र लेखन में छात्र को अपनी पहचान (कक्षा, रोल नंबर) स्पष्ट करनी होती है।

पत्र का स्वर अनुनयपूर्ण होना चाहिए।

इसमें कम्प्यूटर शिक्षा की उपयोगिता और वर्तमान में लैब की खराब स्थिति का तुलनात्मक विवरण देना प्रभावी होता है।


Step 3: Final Answer:

सेवा में,

प्रधानाचार्य महोदय,

[विद्यालय का नाम], [स्थान]।



विषय: विद्यालय में कम्प्यूटरों की आपूर्ति हेतु प्रार्थना-पत्र।



सप्रेम नमस्ते,

सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा [अपनी कक्षा] का छात्र हूँ।

जैसा कि आप जानते हैं, आज का युग सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल साक्षरता का युग है।

हमारे विद्यालय में कम्प्यूटर शिक्षा का विषय तो संचालित है, परंतु प्रयोगशाला में कम्प्यूटरों की संख्या अत्यंत कम है।

एक ही कम्प्यूटर पर 4-5 छात्रों को अभ्यास करना पड़ता है, जिससे हम व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने में असमर्थ रहते हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की तैयारी हेतु कम्प्यूटर का ज्ञान हमारे लिए अनिवार्य है।



अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि विद्यालय की कम्प्यूटर लैब में नवीन कम्प्यूटरों की व्यवस्था करवाने की कृपा करें ताकि हम सुचारू रूप से अध्ययन कर सकें।



हम सभी छात्र आपके सदा आभारी रहेंगे।



आपका आज्ञाकारी शिष्य,

[आपका नाम], कक्षा: [कक्षा], अनुक्रमांक: [रोल नंबर]।
Quick Tip: प्रधानाचार्य को पत्र लिखते समय अंत में "आपका आज्ञाकारी शिष्य/आपकी आज्ञाकारिणी शिष्या" लिखना शिष्टाचार माना जाता है।


Question 39:

भारत में कम्प्यूटर की महत्ता (निबंध)

Correct Answer: भारत के विकास में कम्प्यूटर के योगदान पर आधारित विस्तृत निबंध।
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Step 1: Understanding the Concept:

निबंध लेखन में विषय का परिचय, उसका विस्तार और अंत में निष्कर्ष दिया जाता है।

भारत जैसे विकासशील देश में कम्प्यूटर की भूमिका 'डिजिटल इंडिया' अभियान के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है।


Step 2: Detailed Explanation:

निबंध के मुख्य बिंदु:

1. प्रस्तावना: कम्प्यूटर आधुनिक विज्ञान का एक अद्भुत उपहार है जिसने मानव जीवन की गति बदल दी है।

2. शिक्षा के क्षेत्र में: ऑनलाइन क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और शोध कार्यों में कम्प्यूटर क्रांति लेकर आया है।

3. प्रशासन एवं बैंकिंग: सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा जनता तक पहुँचाने और सुरक्षित बैंकिंग लेनदेन में इसकी अहम भूमिका है।

4. औद्योगिक एवं वैज्ञानिक उन्नति: रक्षा प्रणाली, अंतरिक्ष अनुसंधान और उद्योगों में जटिल गणनाओं हेतु यह अनिवार्य है।

5. उपसंहार: कम्प्यूटर प्रगति का आधार है, परंतु इसका उपयोग विवेकपूर्ण होना चाहिए।


Step 3: Final Answer:

निबंध सारांश:

भारत आज विश्व में सॉफ्टवेयर शक्ति के रूप में जाना जाता है।

कम्प्यूटर ने देश की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता (Transparency) और गतिशीलता प्रदान की है।

चाहे वह रेलवे आरक्षण हो या 'आधार' कार्ड की व्यवस्था, कम्प्यूटर हर जगह विद्यमान है।

भविष्य में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने हेतु कम्प्यूटर साक्षरता प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है।
Quick Tip: निबंध लिखते समय उप-शीर्षकों (Sub-headings) का प्रयोग करें और यदि संभव हो तो संबंधित कोटेशन या नारे (जैसे - "डिजिटल इंडिया, बढ़ता इंडिया") का उपयोग करें।


Question 40:

भारत में बेरोजगारी की समस्या (निबंध)

Correct Answer: भारत की आर्थिक चुनौती के रूप में बेरोजगारी पर एक विस्तृत निबंध।
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Step 1: Understanding the Concept:

बेरोजगारी एक ऐसी स्थिति है जब कोई समर्थ व्यक्ति काम करने का इच्छुक हो परंतु उसे काम न मिले।

यह भारत की सबसे बड़ी सामाजिक और आर्थिक समस्याओं में से एक है।


Step 2: Detailed Explanation:

निबंध संरचना:

1. प्रस्तावना: देश के विकास में बाधक एक गंभीर समस्या।

2. कारण: बढ़ती जनसंख्या, दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली (केवल किताबी ज्ञान), कुटीर उद्योगों का पतन, और मशीनीकरण।

3. प्रभाव: गरीबी, कुंठा, अपराध में वृद्धि और युवाओं का देश से पलायन।

4. समाधान: कौशल विकास (Skill Development), कृषि का आधुनिकीकरण, जनसंख्या नियंत्रण और स्वरोजगार हेतु ऋण सुविधा।

5. निष्कर्ष: जब तक युवाओं के हाथों को काम नहीं मिलेगा, राष्ट्र सर्वांगीण उन्नति नहीं कर सकता।


Step 3: Final Answer:

निबंध सारांश:

भारत जैसे विशाल देश में केवल सरकारी नौकरी पर निर्भरता बेरोजगारी को बढ़ावा देती है।

सरकार को 'स्टार्ट-अप इंडिया' और 'मेक इन इंडिया' जैसे कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर और मजबूत करना होगा।

शिक्षा को रोजगारपरक (Vocational) बनाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
Quick Tip: बेरोजगारी के निबंध में वर्तमान सरकारी योजनाओं का उल्लेख करने से परीक्षक पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।


Question 41:

मेरी प्रिय पुस्तक (निबंध)

Correct Answer: साहित्यिक रुचि और आदर्शों पर आधारित व्यक्तिगत निबंध।
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Step 1: Understanding the Concept:

यह एक वर्णनात्मक निबंध है। इसमें किसी विशेष पुस्तक का चुनाव कर उसकी विशेषताओं का वर्णन किया जाता है।

उदाहरण स्वरूप यहाँ 'रामचरितमानस' या 'गोदान' को लिया जा सकता है।


Step 2: Detailed Explanation:

निबंध के चरण:

1. प्रस्तावना: पुस्तकें मनुष्य की सबसे अच्छी मित्र होती हैं।

2. पुस्तक का नाम और रचयिता: उदाहरण - 'रामचरितमानस' (गोस्वामी तुलसीदास)।

3. विशेषताएँ: सरल भाषा, उच्च आदर्श, पारिवारिक मूल्यों का चित्रण।

4. प्रभाव: जीवन में नैतिक मूल्यों की स्थापना और विषम परिस्थितियों में धैर्य की सीख।

5. निष्कर्ष: यह पुस्तक मात्र एक ग्रंथ नहीं, जीवन जीने की कला है।


Step 3: Final Answer:

निबंध सारांश:

तुलसीदास रचित 'रामचरितमानस' मेरी प्रिय पुस्तक है।

इसमें राम का आदर्श चरित्र हमें मर्यादित जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

यह पुस्तक सामाजिक समरसता और भक्ति का अद्भुत संगम है।

इसकी चौपाइयाँ जीवन के हर मोड़ पर मार्गदर्शन करती हैं।
Quick Tip: इस निबंध में पुस्तक से संबंधित एक-दो प्रसिद्ध पंक्तियाँ या श्लोक लिखने से निबंध उत्कृष्ट श्रेणी में आता है।


Question 42:

पर्यावरण-प्रदूषण: समस्या और समाधान (निबंध)

Correct Answer: वैश्विक पर्यावरणीय संकट और उसके निवारण पर निबंध।
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Step 1: Understanding the Concept:

पर्यावरण प्रदूषण वर्तमान सदी की सबसे भयावह चुनौती है।

यह निबंध समस्या की पहचान से लेकर वैज्ञानिक और सामाजिक समाधानों तक विस्तृत होना चाहिए।


Step 2: Detailed Explanation:

मुख्य अंग:

1. प्रस्तावना: प्रकृति और मानव का अटूट संबंध और प्रदूषण का अर्थ।

2. प्रदूषण के प्रकार: वायु, जल, मृदा और ध्वनि प्रदूषण।

3. कारण: औद्योगिकीकरण, वनों की कटाई, वाहनों का धुआं और प्लास्टिक का उपयोग।

4. परिणाम: ग्लोबल वार्मिंग, नई बीमारियाँ और प्राकृतिक असंतुलन।

5. समाधान: वृक्षारोपण, सौर ऊर्जा का प्रयोग, अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management) और जन-जागरूकता।

6. निष्कर्ष: पृथ्वी को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं।


Step 3: Final Answer:

निबंध सारांश:

"प्रकृति की रक्षा, मानव की सुरक्षा।"

बढ़ता प्रदूषण विनाश का संकेत है।

हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव कर प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना होगा।

सरकार और जनता को मिलकर 'स्वच्छ भारत अभियान' को सफल बनाना होगा और प्रदूषण मुक्त वातावरण का निर्माण करना होगा।
Quick Tip: प्रदूषण के निबंध में "3R - Reduce, Reuse, Recycle" जैसे वैश्विक समाधानों का उल्लेख अवश्य करें।


Question 43:

नारी सशक्तीकरण (निबंध)

Correct Answer: आधुनिक समाज में महिलाओं की भूमिका और सशक्तिकरण पर निबंध।
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Step 1: Understanding the Concept:

नारी सशक्तीकरण का अर्थ है महिलाओं को आत्म-निर्भर बनाना और उन्हें निर्णय लेने की स्वतंत्रता देना।

यह केवल महिलाओं का नहीं, अपितु पूरे समाज के विकास का विषय है।


Step 2: Detailed Explanation:

निबंध के बिंदु:

1. प्रस्तावना: "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः" - प्राचीन दृष्टिकोण।

2. सशक्तीकरण की आवश्यकता: रूढ़िवादिता, शिक्षा का अभाव और आर्थिक निर्भरता को दूर करना।

3. वर्तमान स्थिति: शिक्षा, राजनीति, सेना और अंतरिक्ष तक में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी।

4. बाधाएँ: पितृसत्तात्मक सोच और सुरक्षा संबंधी चिंताएँ।

5. निष्कर्ष: शिक्षित और सशक्त नारी ही सुदृढ़ राष्ट्र का आधार है।


Step 3: Final Answer:

निबंध सारांश:

नारी सशक्तीकरण मात्र एक नारा नहीं, बल्कि वास्तविकता होनी चाहिए।

जब एक नारी शिक्षित होती है, तो वह पूरे परिवार और समाज को शिक्षित करती है।

'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसी योजनाएं सकारात्मक परिणाम दे रही हैं।

समाज को अपनी संकीर्ण मानसिकता त्यागकर महिलाओं को समान अवसर और सम्मान प्रदान करना चाहिए।
Quick Tip: नारी सशक्तीकरण के निबंध में प्रसिद्ध महिलाओं (जैसे - कल्पना चावला, मैरी कॉम) के उदाहरण देने से लेखन प्रभावशाली बनता है।