Maharashtra Board Class 10 Sanskrit 27N880 Question Paper 2023 with Solution PDF pdf is available for download here. The question paper was divided into two sections - Section A for objective questions and Section B for subjective questions.

Maharashtra Board Class 10 Sanskrit 27N880  Question Paper With Solution PDF download iconDownload Check Solution


Question 1:

चित्राणि यथासंयुक्तं मिलयत।









% Correct answer
सही उत्तर: (1) चित्र 1 - (A) मुद्रापटम्, (2) चित्र 2 - (B) वस्त्रपरिधानम्, (3) चित्र 3 - (C) खाद्यपदार्थं संग्रहणम्, (4) चित्र 4 - (D) प्राचीनलेखः, (5) चित्र 5 - (E) आकाशदृश्यं

Correct Answer:
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N/A Quick Tip: चित्राणि सहस्रदृष्टि निर्णीतानि अनुकूल्येण मिलयत, यः शब्दार्थेण चित्रसङ्ग्रहं सुनिश्चितं प्रदत्तं करिष्यति।


Question 2:

सवाल में दर्शाए गए शब्द का सही अर्थ क्या है?

  • (1) चतुर्थांती
  • (2) 26
  • (3) सप्ततानी
Correct Answer: (1) चतुर्थांती
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Step 1: Understanding the term.

यह प्रश्न एक शब्द के अर्थ के बारे में पूछ रहा है। 'चतुर्थांती' एक संस्कृत शब्द है जो 'चतुर्थ' (चतुर्थांक या चौथाई) और 'आंती' (अंश) से मिलकर बना है। यह एक गणितीय अवधारणा है जिसका अर्थ होता है चौथाई।


Step 2: Analyzing the options.

(1) चतुर्थांती: यह सही है। 'चतुर्थांती' का अर्थ होता है चौथाई, जो सही विकल्प है।

(2) 26: यह विकल्प गलत है, क्योंकि यह संख्या है और इसका अर्थ इस संदर्भ में नहीं है।

(3) सप्ततानी: यह भी गलत है, क्योंकि 'सप्ततानी' का अर्थ 70 से संबंधित होता है, जो इस शब्द के अर्थ से मेल नहीं खाता।


Step 3: Conclusion.

सही उत्तर है (1) चतुर्थांती, क्योंकि इसका अर्थ चौथाई होता है, जो कि गणितीय संदर्भ में सही है।
Quick Tip: संस्कृत में कई शब्दों का गणितीय या सांस्कृतिक संदर्भ होता है, जो उनके अर्थ को पहचानने में मदद करते हैं।


Question 3:

'अ' शब्द के संदर्भ में सही उत्तर क्या है?



% Matching Table
\begin{tabular{|c|c|
\hline
'अ' & सही उत्तर

\hline
(1) दरशवादम् & 2.30

(2) पायन्-सववादम् & 22.00

(3) साही-दिवादम् & 4.44

(4) ज्वनन-पद्धवादम् & 1.64

\hline
\end{tabular

Correct Answer: (1) दरशवादम्
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Step 1: Understanding the context of 'अ'.

यह प्रश्न एक शब्द के संदर्भ में सही उत्तर की पहचान करने के लिए है। यहाँ 'अ' शब्द से संबंधित सही उत्तरों का मिलान किया जा रहा है।


Step 2: Analyzing the options.

(1) दरशवादम्: यह सही उत्तर है क्योंकि यह संदर्भ के अनुसार सही मिलान करता है।

(2) पायन्-सववादम्: यह गलत है, क्योंकि यह संदर्भ से मेल नहीं खाता।

(3) साही-दिवादम्: यह भी गलत है, क्योंकि यह संदर्भ के अनुसार सही नहीं है।

(4) ज्वनन-पद्धवादम्: यह गलत है क्योंकि इसका मिलान 'अ' से सही नहीं है।


Step 3: Conclusion.

सही उत्तर है (1) दरशवादम्, क्योंकि इसका मिलान सही संदर्भ से होता है।
Quick Tip: जब भी मिलान करें, तो सुनिश्चित करें कि शब्द या अंक संदर्भ से मेल खाते हों।


Question 4:

उक्त गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर चुनें।



% Passage

रात्रौ दशवादने सर्कसक्रीडायाः प्रारम्भः जातः। द्वादशवादने क्रीडायाः चरमबिन्दुः समायातः। सहभोजनम्। प्रेक्षकाणाम् उत्कण्ठायाः पराकाष्ठा जाता। सेवकः मध्ये त्रीणि आसनानि स्थापितवान्, मध्यभागे च वर्तुलाकारं पीठम्। अहम् एकस्मिन् आसने उपाविशम्। अङ्गरान्ते भल्लुकवेषधारी अब्दुलः तत्र प्राप्तः। गङ्गी अपि मञ्चं समागता। ततः अस्माकं पुरतः खाद्यस्य योजना कृता।


सहभोजने आरम्भे जाते, उत्तेजितः प्रेक्षकः आनन्देन तालिकावादनम् आरब्धवान्। पूर्वमपि व्याघ्रभल्लुकौ मानुषी एवं, तथापि सा धेनुः ताभ्यां सह कार्यक्रमं कर्तुं अभ्यस्ता आसीत्। अचिरात् एव, न इयं परिचिता — व्याघ्रभल्लुकौ इति धेन्वा लक्षितम्। सम्भ्रमेण संशयेन च एकैकशः आर्यां दृष्टवती। यदा च तस्याः प्रत्ययः जातः, तदा क्षुब्धं उद्यमं — न आक्रमणम्।


अहमपि गर्जनं कृत्वा तीक्ष्णदन्तान् दंशितवान्। किन्तु न किञ्चिदपि भयम् तस्याः। अब्दुलः तं हस्तेन ताडितवान्। तेन शुब्धा सा तम् अनवधातवान्। भल्लुकः तदा चापेन पटमण्डपम् आरुहवान्। इयं कृता क्रीडा, सा धेनुः अधुना व्याघ्रं माम् लक्ष्यं कृतवती। भीत्या अहम् चतुष्पादविविष्टं व्याघ्रत्वं विस्मृत्य द्विपादं मूलस्वरूपम् आश्रितवान्।



% Matching Table
\begin{tabular{|c|c|
\hline
विकल्प & उत्तर

\hline
(1) ... & दरशवादने श्रेणियाँ: प्रारंभ: जात:

(2) पूर्वंपी व्यासफलेषु & मणि छीनं आस्तां स्थायिनं

\hline
\end{tabular

Correct Answer:
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Step 1: Understanding the Passage.

गद्यांश में राजे रत्नादेः की कार्यशैली और उनके द्वारा दी गई सुविधाओं के बारे में बताया गया है। यह एक संकेत देता है कि व्यक्ति अपनी परिस्थिति को किस प्रकार समझते हैं और उससे कैसे निपटते हैं।


Step 2: Analyzing the Options.

(1) ...: यह सही उत्तर है क्योंकि यह गद्यांश के प्रमुख बिंदु को दर्शाता है।

(2) पूर्वंपी व्यासफलेषु: यह विकल्प गलत है, क्योंकि यह गद्यांश में उल्लिखित घटनाओं से मेल नहीं खाता।


Step 3: Conclusion.

सही उत्तर है (1) ..., क्योंकि यह गद्यांश के संदर्भ में सही है।
Quick Tip: गद्यांश को समझते समय उसके भीतर के प्रतीकों और शब्दों का महत्व ध्यान में रखें।


Question 5:

कदा क्रीडायाः चरमबिन्दुः समायातः?

Correct Answer:
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द्वादशवादने

Explanation: क्रीडायाः चरमबिन्दुः, यः क्रीडायाः सर्वोत्कर्षः वा अधिकतमं स्थानं दर्शयति, द्वादशवादने समायातः। Quick Tip: 'द्वादशवादनं' इत्युक्ते मध्यरात्रे 12 वादनं निर्देशयति।


Question 6:

भल्लुकवेषधारी कः आसीत्?

Correct Answer:
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भल्लुकवेषधारी अब्दुलः आसीत्।

Explanation: क्रीडायाः भागे भल्लुकवेषधारी, यः अद्वितीयं प्रदर्शितं प्रदर्शनं दत्तवान्, अब्दुलः आसीत्। Quick Tip: 'वेषधारी' इति पदं यः कश्चन विशेषवेषं धारयति, तं सूचयति।


Question 7:

सहभोजनम् आरम्भे जाते प्रेक्षकः किम् आरब्धम्?

Correct Answer:
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आनन्देन तालिकवादनम्

Explanation: सहभोजनस्य आरम्भे जाते, प्रेक्षकाः आनन्देन तालिकायाः वादनं आरब्धवन्तः। Quick Tip: ‘तालिकावादनम्’ = तालिकया (plate) सह वादनम् (clapping/sound-making)।


Question 8:

2 धातुसाधित-ल्यबन्त-अव्यये चित्वा लिखत।

Correct Answer:
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निम्नलिखित द्वे शब्दे यथा चयनिताः स्युः —

धातुसाधितः शब्दः (उदाहरणार्थ): गच्छति (from root गम्)
अव्ययः (उदाहरणार्थ): न, अपि, च

ततः एतानि स्पष्टतया लिखनीयानि।

Explanation:
धातुसाधित शब्दाः ते सन्ति याः क्रियामूलाधारात् (धातुभ्यः) निर्मिताः स्युः। ल्यप् प्रत्यययुक्त शब्दाः तु धातुना विशेषप्रकारेण प्रत्यययुक्ताः शब्दाः सन्ति। अव्ययाः न च विभिन्नाः अविभक्ताः शब्दाः, यः अर्थसामग्रीं सम्यक् प्रददाति। Quick Tip: धातुसाधित शब्दानां तथा अव्ययानां परीक्षायै मूलधातुं, प्रत्ययं च सूक्ष्मतया ज्ञातव्यम्।


Question 9:

सन्धिविग्रहं कुरुत।

किञ्चिदपि = ..................... + ....................

Correct Answer:
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किञ्चिदपि का सन्धिविग्रह है — किञ्च + अपि

Explanation:
सन्धि में दो शब्द मिलकर एक नया शब्द बनाते हैं। यहाँ ‘किञ्च’ और ‘अपि’ मिलकर ‘किञ्चिदपि’ बना है। Quick Tip: सन्धि-विग्रह करते समय मूल शब्दों की पहचान करें और सन्धि नियम याद रखें।


Question 10:

गद्यांशात् विशेषणं चित्वा लिखत।


..................... पीठम्।
..................... क्रीडा।

Correct Answer: (1) भल्लूकस्य पटमण्डपस्तम्भ-आरोहणम्
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वर्तुलाकारं \quad (वर्तुल + आकारं)
सर्कसक्रीडायाः \quad (सर्कस + क्रीडायाः)


Explanation:
विशेषणाः तानि शब्दाः यानि संज्ञा वा सर्वनामस्य विशेषतां प्रकाशयन्ति। उदाहरणार्थ, ‘वर्तुलाकारं’ शब्दः पीठस्य आकारं सूचयति। Quick Tip: गद्यांशं पठित्वा संज्ञया संबद्धानि शब्दानि विशेषणानि इति चिन्हितुं यतस्व।


Question 11:

(1) अवबोधनम्।

(क) उचितं कारणं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।

वेनराजः राजधर्मस्य पालनं नाकरोत् यतः \underline{\hspace{1cm

  • (१) सः दुःशासकः आसीत्।
  • (२) सः अलसः आसीत्।
Correct Answer: (१) सः दुःशासकः आसीत्।
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यहां पर, वाक्य को अर्थपूर्ण बनाने के लिए, सही कारण की पहचान करनी होगी। “वेनराजः राजधर्मस्य पालनं नाकरोत्” वाक्य के कारण, यह निष्कर्ष निकलता है कि वेनराजः दुःशासकः था, जो अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा था। Quick Tip: वाक्य के सही अर्थ को समझने के लिए, संदर्भ के आधार पर सही कारण का चयन करें।


Question 12:

(क) कः कं वदति ?

  • (१) भूमिः पृथुभूपं वदति।
  • (२) पृथुभूपः भूमिं वदति।
Correct Answer: (२) पृथुभूपः भूमिं वदति।
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यह वाक्य भूमिवत्सं संवादितं है, जिसमें पृथुभूपः भूमिं कृषिकार्ये प्रेरित करने का संदेश दे रहा है। अतः यहाँ पर पृथुभूपः भूमिं वदति। Quick Tip: संवाद के सही संदर्भ को समझने के लिए पात्रों की भूमिकाओं का ध्यान रखें।


Question 13:

(क) वाक्यं पुनर्लिखित्वा सत्यम्/असत्यम् इति लिखत।

  • (१) सत्यम्
  • (२) असत्यम्
Correct Answer: (१) सत्यम्
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वाक्य में पृथुभूपेन खङ्गं सज्जीकृतम्। यह एक सत्य वाक्य है, क्योंकि पृथुभूपः खङ्गं सज्जीकृत करता है ताकि वह युद्ध के लिए तैयार हो सके। अतः यह वाक्य सत्य है। Quick Tip: वाक्य में वर्णित क्रिया या घटनाओं का सत्यापन करने के लिए पात्र और घटनाओं के संदर्भ को ध्यान से देखें।


Question 14:

(क) अमरकोषात् शब्दं योजयित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।

  • (१) भूमिः स्त्रीरूपेण धृत्वा प्रकटिता।
  • (२) भूमिः स्त्रीरूपं धारयित्वा प्रकटिता।
Correct Answer: (२) भूमिः स्त्रीरूपं धारयित्वा प्रकटिता।
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अमरकोष में "धारयित्वा" शब्द का अर्थ है "धारण करना"। इस संदर्भ में भूमिः स्त्रीरूपं धारण करके प्रकटिता हुई है। इसलिए "धारयित्वा" शब्द उपयुक्त है। Quick Tip: संदर्भ में सही शब्द का चयन करने के लिए अमरकोष के अर्थों का सही उपयोग करें।


Question 15:

(क) 2 सप्तमीविभक्त्यन्तपदे चित्वा लिखत।

  • (१) पर्जन्यानन्तरे बीजेभ्यः अङ्कुराः उद्भूताः।
  • (२) पर्जन्यानन्तरं बीजेभ्यः अङ्कुराः उद्भूताः।
Correct Answer: (२) पर्जन्यानन्तरं बीजेभ्यः अङ्कुराः उद्भूताः।
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N/A


Question 16:

(ग) लकारं लिखत।

त्वं प्रजाजनैः सह कृषिकार्यं कुरु।

  • (१) कुरुष्व
  • (२) कुरु
Correct Answer: (२) कुरु
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"कुरु" शब्द का प्रयोग आदेश रूप में हो रहा है और लकार "कुरु" है, जो कि "तु" प्रत्यय के साथ संक्रिया को प्रकट करता है। Quick Tip: सप्तमीविभक्ति, लकार, और शब्दों का सही चयन करने के लिए उनके अर्थ और वाक्य संरचना का ध्यान रखें।


Question 17:

प्रश्न: पृथुवैन्यः बीजानां \underline{\hspace{1cm
-> \underline{\hspace{1cm
-> \underline{\hspace{1cm
-> \underline{\hspace{1cm
अकरोत्।

  • (१) सङ्कलनं -> चयनं -> संस्करणं -> वपनम्
  • (२) चयनं -> सङ्कलनं -> संस्करणं -> वपनम्
  • (३) संस्करणं -> सङ्कलनं -> चयनं -> वपनम्
  • (४) वपनम् -> चयनं -> सङ्कलनं -> संस्करणं
Correct Answer: (१) सङ्कलनं -> चयनं -> संस्करणं -> वपनम्
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यह वाक्य पृथुवैन्य द्वारा बीजों के साथ किए गए कार्यों का क्रम दर्शाता है। पहले बीजों का सङ्कलन (collection), फिर चयन (selection), उसके बाद संस्करण (sorting) और अंत में वपन (ploughing) किया गया था। Quick Tip: शब्दों का सही क्रम और कार्यों का उचित निर्धारण समझने के लिए वाक्य के संदर्भ का ध्यान रखें।


Question 18:

प्रश्न: माध्यमभाषया सरलार्थं लिखत।

Correct Answer:
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ततः वैखानसः राज्ञं सम्बोध्य, आश्रममृगस्य हननार्थं न करने की सलाह देता है। वह राज्ञं कहता है कि इस मृग को मारना नहीं चाहिए, क्योंकि यह निर्दोष है। साथ ही वह राजा को शस्त्र के इस्तेमाल को केवल संकटग्रस्त लोगों की सहायता हेतु करने की सलाह देता है, न कि निर्दोष पर आक्रमण करने के लिए। वह यह भी कहता है कि वे समिदाहरण के लिए यहाँ आए हैं, न कि युद्ध के लिए। Quick Tip: माध्यमभाषा में सरलार्थ व्यक्त करते समय वाक्य की मूल भावना और संदर्भ का ध्यान रखें।


Question 19:

प्रश्न: माध्यमभाषया सरलार्थं लिखत।

Correct Answer:
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श्रोतृवृन्दः ने पूछा, "नदीपूजन क्यों?"

कीर्तनकारः ने उत्तर दिया, "नदी सच में जीवन देने वाली है। इसलिए इस अवसर पर कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए लोग नदी में दीपदान करते हैं। वे दीप जलाकर नदी में समर्पित करते हैं। जल का उपयोग जीवन के विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है - पीने के लिए, कृषि के लिए, और विद्युत निर्माण के लिए। जल जीवन का आधार है। नदी हमारे जीवन के लिए एक मातरूप है और देवता के समान है।" Quick Tip: माध्यमभाषा में सरलार्थ व्यक्त करते समय, वाक्य की मूल भावना को सीधे और सटीक रूप से व्यक्त करना महत्वपूर्ण होता है।


Question 20:

(1) सुदासः किमर्थं कमलं विक्रेतुं न इच्छति?

Correct Answer:
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N/A


Question 21:

(2) ज्ञानग्रहणविषये शङ्कराचार्याणां किं मतम्?

Correct Answer:
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ज्ञानग्रहणविषये शङ्कराचार्याणां मतं स्पष्टं अस्ति। वे ज्ञान को आत्मानुभव, ध्यान, तथा साधना के माध्यम से ग्रहण करने के पक्षधर थे। उनका मानना था कि शुद्ध बुद्धि और ध्यान से ही वास्तविक ज्ञान प्राप्त होता है, जो ब्रह्मज्ञान से संबंधित है। Quick Tip: माध्यमभाषा में उत्तर लिखते समय विचारों को सरल, स्पष्ट, और संक्षेप में व्यक्त करें।


Question 22:

(क) पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत। कः शब्दं करोति ?

Correct Answer:
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इस पद्यांश में "शब्दं" वह व्यक्ति करता है जो सोपानमार्गेण रथ के पहिये से आवाज़ उत्पन्न करता है। वह सारथि है, जो रथ को खींचता है। अतः, सारथि वह व्यक्ति है जो शब्द उत्पन्न करता है। Quick Tip: पद्यांशों में संदर्भ के आधार पर शब्दों का सही अर्थ और व्यक्ति का निर्धारण करें।


Question 23:

(1) निरालम्बः मार्गः : चरणविकलः \underline{\hspace{1cm

Correct Answer:
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N/A


Question 24:

(2) एकम् : चक्रम् : : सप्त : \underline{\hspace{1cm

Correct Answer:
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N/A


Question 25:

(1) वृद्धोऽहम् = \underline{\hspace{1cm
+ अहम्।

Correct Answer:
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N/A


Question 26:

(2) रथस्यैकम् = \underline{\hspace{1cm
+ एकम्।

Correct Answer:
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रथस्यैकम् = चक्र + एकम्।
यह वाक्य एक रथ के पहिये (चक्र) को दर्शाता है, और यह एक विशिष्ट रथ के पहिये का वर्णन कर रहा है। Quick Tip: संबंधित शब्दों के बीच उचित मेल और अर्थ का चयन करें। उदाहरणों में शब्दों का सही स्थान निर्धारण महत्वपूर्ण होता है।


Question 27:

(1) 'विद्या नाम नरस्य ...' इति श्लोकाधारेण विद्यायाः महत्त्वं लिखत।

Correct Answer:
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N/A


Question 28:

(2) कदा मानवता भवेत् ?

Correct Answer:
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मानवता तब भवति जब हम एक दूसरे के दुख-सुख को समझते हैं और दूसरों के साथ सहानुभूति रखते हुए उनके कल्याण के लिए कार्य करते हैं। जब समाज में भेदभाव, हिंसा और नफ़रत के स्थान पर प्रेम, सहयोग और समझ का वातावरण होता है, तब ही वास्तविक मानवता का परिचय मिलता है। इसीलिए मानवता का विकास तब होता है जब हम अपनी मानवता को दूसरों के प्रति सम्मान और स्नेह के रूप में व्यक्त करते हैं। Quick Tip: विद्यायाः महत्त्व को समझने के लिए श्लोक का संदर्भ और उसके संदेश को गहरे से समझें। मानवता का अर्थ है, किसी के दुःख-दर्द को समझना और उसे हल करना।


Question 29:

(क) कं \underline{शीतम् शीतम् ॥

Correct Answer:
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N/A


Question 30:

(ख) यदा \underline{नरः व्यपगतः ॥

Correct Answer:
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N/A


Question 31:

(ग) अल्पानाम \underline{अणवः दन्तिनः ॥

Correct Answer:
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N/A


Question 32:

(घ) उत्तमो \underline{धन्यः प्रजायते ॥

Correct Answer:
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N/A


Question 33:

(ई) अन्वयं पूरयत।

Correct Answer:
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यावत् भयम् \underline{नास्ति तावत् हि \underline{अथ भेतव्यम्। (तथापि) \underline{सर्वदा तु भयं वीक्ष्य नरः \underline{स्मरणं कुर्यात्।

इस वाक्य में यह बताया जा रहा है कि जब तक डर न हो, तब तक किसी का डर करना आवश्यक नहीं है, लेकिन भय को देखकर मनुष्य को हर समय सचेत रहना चाहिए। Quick Tip: पद्यांशों में शब्दों का उचित चयन और उनके सटीक स्थान का निर्धारण महत्त्वपूर्ण होता है। ध्यान रखें कि हर शब्द का सही संदर्भ में उपयोग किया जाए।


Question 34:

(1) शीलं सद्‌गुणसम्पत्तिः ज्ञानं विज्ञानमेव च। उत्साहो वर्धते येन वाचनं तद् हितावहम् ॥

Correct Answer:
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N/A


Question 35:

(2) एकीभूय यथा सर्वे वर्णा गच्छन्ति शुक्लताम् । तथा सम्भूय शंसन्ति धर्मा मानवतागुणम् ॥

Correct Answer:
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N/A


Question 36:

(3) वृथाभ्रमणकुक्रीडापरपीडापभाषणैः । कालक्षेपो न कर्तव्यो विद्यार्थी वाचनं श्रयेत् ॥

Correct Answer:
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यह श्लोक विद्यार्थी को चेतावनी देता है कि समय की बर्बादी और व्यर्थ की गतिविधियों (जैसे भ्र्रमण, खेल, दूसरों को कष्ट देना या निरर्थक बातें करना) से बचना चाहिए। विद्यार्थी को अपने समय का सही उपयोग करना चाहिए और केवल वाचन (अध्ययन) में ही अपना समय लगाना चाहिए, ताकि ज्ञान प्राप्त हो सके। Quick Tip: प्रत्येक श्लोक में छिपे संदेश को समझकर उसे सरल भाषा में व्यक्त करें। इससे विचारों का सही अर्थ मिलता है।


Question 37:

(ग) स्निह् (4 प. प.)

Correct Answer:
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N/A


Question 38:

(घ)
(घ) परितः

Correct Answer:
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N/A


Question 39:

(च)
(च) विना

Correct Answer:
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N/A


Question 40:

(1) मला खीर खूप आवडते।

Correct Answer:
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N/A


Question 41:

(2) आजी देवळात जाऊन स्तोत्र म्हणते।

Correct Answer:
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N/A


Question 42:

(3) आम्ही काल पुस्तक वाचले।

Correct Answer:
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N/A


Question 43:

(4) राधिका पुजेसाठी फुले वेचते।

Correct Answer:
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N/A


Question 44:

(5) तू ग्रंथालयात काय करतो आहेस ?

Correct Answer:
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N/A


Question 45:

(6) गीता सायकलने शाळेत जाते।

Correct Answer:
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Geeta goes to the school by bicycle. \[ गीता साईकल से पाठशाला जाती है। \] Quick Tip: संस्कृत में धातुओं और अव्ययों के विशिष्ट रूपों का प्रयोग वाक्य के अर्थ को स्पष्ट और सटीक बनाता है। सही प्रयोग से भाषा की सूक्ष्मता बढ़ती है।


Question 46:

(1) मम प्रियः नेता।

Correct Answer:
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N/A


Question 47:

(2) मम प्रियः पुस्तकम्।

Correct Answer:
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N/A


Question 48:

(3) मम प्रियः कविः।

Correct Answer:
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N/A Quick Tip: विद्यार्थिनः प्रियनेतानि पुस्तकेन कविना च विचारयित्वा कार्यकरणं मनोवृत्तिं सशक्तं करोति।


Question 49:

(क) \underline{\hspace{1cm
(3) महिलाः जलमाहर्तुं गच्छन्ति। (सङ्ख्यावाचकम्)

Correct Answer:
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N/A


Question 50:

(ख) अस्माकं कुटुम्बं संवत्सरस्य \underline{\hspace{1cm
(1) पर्यटनार्थं गच्छति। (आवृत्तिवाचकम्)

Correct Answer:
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N/A


Question 51:

(ग) शङ्कराचार्यस्य जन्म ख्रिस्ताब्दे \underline{\hspace{1cm
(8) शतके अभवत्। (क्रमवाचकम्)

Correct Answer:
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N/A


Question 52:

(घ) दिनस्य \underline{\hspace{1cm
(9) लोकयानम् आगच्छति। (आवृत्तिवाचकम्)

Correct Answer:
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N/A


Question 53:

(च) भगवद्‌गीतायाम् अष्टादशे अध्याये \underline{\hspace{1cm
(78) श्लोकाः सन्ति। (सङ्ख्यावाचकम्)

Correct Answer:
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N/A


Question 54:

(2) समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।



समस्तपदं विग्रहः समासनाम



\begin{tabular{|l|l|
\hline
समासनाम & विग्रहः

\hline
(क) मातृसेवा & मातुः सेवा

\hline
(ख) मृगशृगालौ & इतरेतरद्वन्द्वः

\hline
(ग) परमः & अणुः

\hline
(घ) सकोपम् & कोपेण सह

\hline
(च) क्षुद्रबुद्धिः & बहुव्रीहिः

\hline
\end{tabular

Correct Answer:
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N/A


Question 55:

(क) रासभः =

Correct Answer:
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N/A


Question 56:

(ख) कृशाः ×

Correct Answer:
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N/A


Question 57:

(ग) गृहम् =

Correct Answer:
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N/A


Question 58:

(घ) सुकृतम् ×

Correct Answer:
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N/A


Question 59:

(च) सैनिकः =

Correct Answer:
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N/A


Question 60:

(क) सम्यग् उक्तं त्वया।

(वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)

Correct Answer:
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N/A


Question 61:

(ख) तयोः विवादं श्रुत्वा सुदासः व्यमृशत्।

(त्वान्तम् अव्ययं निष्कासयत।)

Correct Answer:
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N/A


Question 62:

(ग) त्वं द्रष्टुं शक्नोषि।

('त्वं' स्थाने 'भवान्' योजयत।)

Correct Answer:
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N/A


Question 63:

(घ) मृगः प्रत्यहं सस्यं खादति स्म।

('स्म' निष्कासयत।)

Correct Answer:
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N/A


Question 64:

(च) आचार्यः तं प्रफ्ताम।

(ललकारे परिवर्तयत।)

Correct Answer:
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N/A


Question 65:

(1) पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत।

साधुः नदीप्रवाहे कं दृष्टवान् ?

Correct Answer:
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N/A


Question 66:

(क) साधोः

Correct Answer:
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N/A


Question 67:

(ख) अहम्

Correct Answer:
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N/A


Question 68:

(3) वाक्यं पुनर्लिखित्वा सत्यम्/असत्यम् इति लिखत।

दशनं वृश्चिकस्य स्वभावः।

Correct Answer:
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N/A


Question 69:

(4) माध्यमभाषया सरलार्थं लिखत।

अहं मम परोपकारस्वभावं कथं त्यजामि ?

Correct Answer:
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N/A


Question 70:

(5) गद्यांशात् ललकारस्य 1 क्रियापदं चित्वा लिखत।

Correct Answer:
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N/A


Question 71:

(6) कारकपरिचयं कुरुत।

गङ्‌गातीरे एकः साधुः आसीत्।

Correct Answer:
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N/A


Question 72:

(1) के गुणान् जानन्ति ?

Correct Answer:
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N/A


Question 73:

(2) विरलाः केन दुःखिताः ?

Correct Answer:
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N/A


Question 74:

गुणाः ×

Correct Answer:
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N/A


Question 75:

पद्यांशं पठित्वा जालरेखाचित्रं पूरयत।



(इदं चित्रं पश्यत यत्र 'देवेन परोपकाराय निर्मिताः' इति मध्यभागे लिखितम् अस्ति। 'रविः', 'नदी', 'घनाः' इति पदानि पूरितानि सन्ति। अवशिष्टानि चत्वारि रिक्तस्थानानि पद्यांशात् चित्वा पूरयत।)

Correct Answer:
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N/A Quick Tip: जालरेखाचित्र-प्रश्नेषु, प्रथमं पद्यांशे/गद्यांशे मुख्यविषयं (अत्र 'देवेन निर्मिताः') अन्विष्य तस्य सम्बद्धानां सर्वेषां शब्दानां सूचीं रचयत। ततः चित्रे दत्तैः शब्दैः सह तां सूचीं तुलयित्वा अवशिष्टैः शब्दैः रिक्तस्थानानि पूरयत। सन्धि-विच्छेदं कर्तुं न विस्मरत।