CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2024 PDF (Set 1- 2/3/1) is available for download here. CBSE conducted the Hindi Core exam on February 19, 2024 from 10:30 AM to 1:30 PM. The total marks for the theory paper are 80. The question paper will contain 20% MCQ-based questions, 40% competency-based questions, and 40% short and long answer type questions.


CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2024 (Set 1- 2/3/1) with Answer Key

CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper With Answer Key

download iconDownload Check Solution

CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper Solution

खण्ड अ
 (बहुविकल्पी/वस्तुपरक प्रश्न)

प्रश्न 1:
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

सुचारित्र्य के दो सशक्त स्तंभ हैं—प्रथम सुसंस्कार और द्वितीय सत्संगति। सुसंस्कार जीवन की सत्संगति व सत्कर्मों की अर्जित संपत्ति है और सत्संगति वर्तमान जीवन की दुर्लभ विभूति है। जिस प्रकार कुधातु की कठोरता और कालिख पारस के स्पर्श से कोमलता और कमनीयता में बदल जाती है, ठीक उसी प्रकार कुमार्गी का कालुष्य सत्संगति से स्वर्णिम आभा में परिवर्तित हो जाता है। सतत सत्संगति से विचारों को नई दिशा मिलती है और अच्छे विचार मनुष्य को अच्छे कर्मों के लिए प्रेरित करते हैं। परिणामतः सुचरित्र का निर्माण होता है।

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने लिखा है—"महाकवि टैगोर के पास बैठने मात्र से ऐसा प्रतीत होता था मानो भीतर का देवता जाग गया हो।" वस्तुतः चरित्र से ही जीवन की सार्थकता है। चरित्रवान व्यक्ति ही समाज की शोभा और शक्ति होता है। सुचरित्र्य से व्यक्ति ही नहीं, समाज भी सुवासित होता है और इस सुवास से राष्ट्र यशस्वी बनता है।

विदुर जी की उक्ति अक्षरशः सत्य है कि सुचरित्र के बीज हमें भले ही वंश परंपरा से प्राप्त हो सकते हैं, पर चरित्र-निर्माण व्यक्ति के अपने बलबूते पर निर्भर करता है। आनुवंशिक परंपरा, परिवेश और परिस्थिति केवल प्रेरणा दे सकते हैं पर उसका अर्जन नहीं कर सकते; यह व्यक्ति को उत्तराधिकार में प्राप्त नहीं होता।व्यक्ति-विशेष के शिथिल चरित्र होने से पूरे राष्ट्र पर चरित्र संकट उपस्थित हो जाता है क्योंकि व्यक्ति पूरे राष्ट्र का एक घटक है। अनेक व्यक्तियों से मिलकर एक परिवार, अनेक परिवारों से एक कुल, अनेक कुलों से एक जाति या समाज और अनेकानेक जातियों व समाज-समुदायों से मिलकर एक राष्ट्र बनता है।

आज जब लोग राष्ट्रीय चरित्र निर्माण की बात करते हैं, तब वे स्वयं उस राष्ट्र के आंतरिक घटक हैं—इस बात को विस्मृत कर देते हैं।

(i) "सत्संगति वर्तमान जीवन की दुर्लभ विभूति है।" पंक्ति में रेखांकित पद का आशय हो सकता है:

  • (A) विलक्षण विचार
  • (B) विलक्षण वैभव
  • (C) विलक्षण भाव
  • (D) विलक्षण विवेक

सही उत्तर: (B) विलक्षण वैभव

उत्तर: व्याख्या: यहाँ "दुर्लभ विभूति" से तात्पर्य है कि सत्संगति (अच्छे लोगों की संगति) जीवन का एक अनमोल और दुर्लभ धन (वैभव) है, जो व्यक्ति के विचारों और कार्यों को उच्चता प्रदान करता है।


(ii) सुचारित्र्य के सशक्त स्तंभ हैं:

  • (A) संपत्ति और सुसंस्कार
  • (B) सत्संगति और आनुवंशिकता
  • (C) सुसंस्कार और परिवेश
  • (D) सुसंस्कार और सत्संगति

सही उत्तर: (D) सुसंस्कार और सत्संगति

उत्तर: व्याख्या: गद्यांश में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि सुचारित्र्य (अच्छे चरित्र) के दो मजबूत आधार हैं—सुसंस्कार और सत्संगति।


(iii) संदर्भ के अनुसार गद्यांश में 'कालुष्य' शब्द का सटीक अर्थ क्या हो सकता है?

  • (A) दोष
  • (B) कालिमा
  • (C) लघुता
  • (D) प्रभास

सही उत्तर: (A) दोष

उत्तर: व्याख्या: "कालुष्य" का अर्थ है दोष, बुराई या कलंक। गद्यांश में इसका तात्पर्य बुरी संगति से उत्पन्न दुष्प्रभाव से है।


(iv) गद्यांश के अनुसार सतत सत्संगति से क्या प्राप्त होता है?

  • (A) निर्माण को नई दिशा
  • (B) भ्रमण करने का मार्ग
  • (C) विचारों को नई दिशा
  • (D) विचरण करने का मार्ग

सही उत्तर: (C) विचारों को नई दिशा

उत्तर: व्याख्या: सत्संगति (अच्छे लोगों की संगति) से विचारों को नई दिशा मिलती है, जिससे व्यक्ति अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित होता है और उसका चरित्र निर्माण होता है।


(v) गद्यांश में 'भीतर का देवता' कथन किस बात की ओर संकेत करता है?

  • (A) ईश्वर का आभास
  • (B) दिव्य गुणों का आभास
  • (C) सत्य का आभास
  • (D) परिवेश का आभास

सही उत्तर: (B) दिव्य गुणों का आभास

उत्तर: व्याख्या: "भीतर का देवता" का अर्थ अंतर्निहित दिव्यता या उच्चतम गुणों की अनुभूति से है। यह कथन दर्शाता है कि सत्संगति से व्यक्ति के अंदर सकारात्मक बदलाव आता है।


(vi) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कथन चुनिए:

  • (A) केवल कथन I सही है।
  • (B) केवल कथन II और III सही हैं।
  • (C) केवल कथन IV सही है।
  • (D) केवल कथन II सही है।

सही उत्तर: (C) केवल कथन IV सही है।

उत्तर: व्याख्या: चरित्र की उच्चता से ही व्यक्ति का जीवन सार्थक बनता है, न कि शिथिल चरित्र से।सही कथन: "उदात्त चरित्र से ही जीवन की सार्थकता है।"


(vii) 'कुधातु की कठोरता और कालिख पारस के स्पर्श से कोमलता और कमनीयता में बदल जाती है।' इस उदाहरण के मूल भाव को व्यक्त करने वाली कहावत है:

  • (A) परहित सरिस धर्म नहीं भाई
  • (B) बिनु सत्संग विवेक न होई
  • (C) सठ सुधरहिं सतसंगति पाई
  • (D) जहाँ सुमति तहँ संपत्ति नाना

सही उत्तर: (C) सठ सुधरहिं सतसंगति पाई

उत्तर: व्याख्या: इसका अर्थ है कि बुरी संगति से व्यक्ति बिगड़ जाता है, और अच्छी संगति से वह सुधर जाता है।


(viii) विदुर जी की उक्ति के संदर्भ में क्या सत्य नहीं है?

  • (A) सुचरित्र के बीज परंपरा से प्राप्त हो सकते हैं।
  • (B) चरित्र निर्माण व्यक्ति के स्वयं के प्रयासों पर निर्भर है।
  • (C) परिस्थिति उसे केवल प्रेरणा दे सकती है।
  • (D) चरित्र निर्माण संगति से होता है।

सही उत्तर: (A) सुचरित्र के बीज परंपरा से प्राप्त हो सकते हैं।

उत्तर: व्याख्या: विदुर जी के अनुसार चरित्र का निर्माण व्यक्ति की अपनी मेहनत पर निर्भर करता है, यह उत्तराधिकार में नहीं मिलता।


(ix) आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के कथन के माध्यम से लेखक ने उल्लेख किया है:

  • (A) सत्संगति के प्रभाव को
  • (B) हजारी प्रसाद की उदारता को
  • (C) महाकवि टैगोर की दिव्यता को
  • (D) चरित्र निर्माण के प्रयासों को

सही उत्तर: (A) सत्संगति के प्रभाव को

उत्तर: व्याख्या: आचार्य द्विवेदी ने महाकवि टैगोर की संगति के प्रभाव को व्यक्त किया है, जिससे व्यक्ति के भीतर की अच्छाई जागृत होती है।


(x) शिथिल चरित्र सम्पूर्ण राष्ट्र को कैसे प्रभावित करता है?

  • (A) राष्ट्र शिथिल हो जाता है
  • (B) राष्ट्र का विकास रुक जाता है
  • (C) राष्ट्र का उत्थान करता है
  • (D) राष्ट्र पर चरित्र संकट उपस्थित हो जाता है

सही उत्तर: (D) राष्ट्र पर चरित्र संकट उपस्थित हो जाता है

उत्तर: व्याख्या: यदि राष्ट्र के नागरिकों में चरित्र की कमजोरी आ जाए, तो पूरे राष्ट्र पर चरित्र संकट आ जाता है, जिससे उसकी पहचान और विकास प्रभावित होते हैं।


प्रश्न 2:
निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

मैं कब कहता हूँ जग मेरी दुर्धर गति के अनुकूल बने,
मैं कब कहता हूँ जीवन-मरु नंदन कानन का फूल बने ?
काँटा कठोर है, तीखा है, उसमें उसकी मर्यादा है,
मैं कब कहता हूँ वह घटकर प्रांतर का ओछा फूल बने ?
मैं कब कहता हूँ मुझे युद्ध में कहीं न तीखी चोट मिले ?
मैं कब कहता हूँ प्यार करूं तो मुझे प्राप्ति की ओट मिले ?
मैं कब कहता हूँ विजय करूँ मेरा ऊँचा प्रासाद बने ?
या पात्र जगत की श्रद्धा की मेरी धुंधली-सी याद बने ?
पथ मेरा रहे प्रशस्त सदा क्यों विकल करे यह चाह मुझे ?
नेतृत्व न मेरा छिन जावे क्यों इसकी हो परवाह मुझे ?
मैं प्रस्तुत हूँ चाहे मेरी मि‌ट्टी जनपद की धूल बने-फिर उस धूली का कण-कण भी मेरा गति-रोधक शूल बने !

(i) मैं कब कहता हूँ पंक्ति में 'कब' क्या इंगित करता है?

  • (A) सदैव निराकांक्षी
  • (B) सदैव आकांक्षी
  • (C) सदैव अभिलाषी
  • (D) सदैव अस्थिर
सही उत्तर: (C) सदैव अभिलाषी
उत्तर:

व्याख्या: 'कब' शब्द से कवि की निरंतर आकांक्षा और इच्छाओं को व्यक्त किया गया है, जहां वह कभी भी अपने अभिलाषाओं के बारे में नहीं कहता, बल्कि हमेशा कुछ और चाहता है।


(ii) संसार के विषय में कवि का क्या विचार है?

  • (A) संसार उसकी गति से चले
  • (B) संसार तीव्र गति से चले
  • (C) संसार धीमी गति से चले
  • (D) संसार अपनी गति से चले
सही उत्तर: (D) संसार अपनी गति से चले
उत्तर:

व्याख्या: कवि यह मानते हैं कि संसार अपनी प्राकृतिक गति से चलता है, और वह इसके साथ न टकराकर उसे अपने रास्ते में व्यवधान नहीं डालने की इच्छा व्यक्त करते हैं।


(iii) "वह घटकर प्रांतर का ओछा फूल बने" से कवि का तात्पर्य है:

  • (A) जीवन से विपत्तियों का समाप्त हो जाना
  • (B) काँटों का फूलों की शरण में चले जाना
  • (C) विपत्तियों का सुखद परिस्थितियों में ढल जाना
  • (D) काँटे का कोमल फूल के रूप में बदल जाना
सही उत्तर: (C) विपत्तियों का सुखद परिस्थितियों में ढल जाना
उत्तर:

व्याख्या: कवि यह नहीं चाहते कि विपत्तियाँ समाप्त हो जाएं, बल्कि वे यह चाहते हैं कि विपत्तियाँ सुखद परिस्थितियों में बदल जाएं, जिससे जीवन की कठिनाइयाँ और संघर्ष हल हो सकें।


(iv) कवि के अनुसार जीवन की सार्थकता क्या है?

  • (A) संघर्ष एवं दुखों से लड़ने में
  • (B) सुख एवं सुविधाजनक स्थिति में
  • (C) परस्पर ईर्ष्या-द्वेष में
  • (D) शक्ति प्रदर्शन एवं नेतृत्व में
सही उत्तर: (A) संघर्ष एवं दुखों से लड़ने में
उत्तर:

व्याख्या: कवि के अनुसार जीवन की सार्थकता संघर्ष में है, जहाँ वह कठिन परिस्थितियों में भी अपनी स्थिति को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत रहते हैं।


(v) स्तंभ-1 को स्तंभ-II से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए:

  • (A) 1-(i), 2-(ii), 3-(iii)
  • (B) 1-(ii), 2-(i), 3-(iii)
  • (C) 1-(iii), 2-(ii), 3-(i)
  • (D) 1-(iii), 2-(i), 3-(ii)
सही उत्तर: (B) 1-(ii), 2-(i), 3-(iii)
उत्तर:

व्याख्या: 'जीवन-मरु' विपरीत परिस्थितियों को दर्शाता है, 'नंदन-कानन' सुखद परिस्थितियों का प्रतीक है, और 'गति-रोधक' उत्तरोतर उन्नति में बाधक है।


प्रश्न 3:
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

(i) समाचार माध्यमों में किसी समाचार को प्रकाशन हेतु स्वीकार करने की निश्चित समय-सीमा को कहा जाता है:

  • (A) ऑन लाइन
  • (B) ऑफ लाइन
  • (C) डेड लाइन
  • (D) डेथ लाइन
सही उत्तर: (C) डेड लाइन
उत्तर:

व्याख्या: डेड लाइन वह निश्चित समय-सीमा है, जब तक समाचार को प्रकाशित करने के लिए स्वीकार करना होता है। यह समय सीमा निर्धारित करती है कि समाचार कब तक प्रकाशित या प्रसारित होना चाहिए।


(ii) एच टी एम एल क्या है?

  • (A) वेबसाइट
  • (B) वेबसीरीज़
  • (C) वेबफिल्म
  • (D) वेबभाषा
सही उत्तर: (D) वेबभाषा
उत्तर:

व्याख्या: एच टी एम एल (HTML) एक वेबभाषा है, जिसका उपयोग वेब पृष्ठों को बनाने के लिए किया जाता है। यह हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज है, जो वेब पेजों के स्वरूप को निर्धारित करती है।


(iii) 'अखबार की आवाज़ किसे माना जाता है?

  • (A) पहले पृष्ठ पर छपे मुख्य समाचार को
  • (B) संपादकीय पृष्ठ पर लिखे गए संपादकीय को
  • (C) अर्थव्यवस्था से जुड़ी ख़बरों को
  • (D) अंतिम पृष्ठ पर छपे विदेशी समाचारों को
सही उत्तर: (B) संपादकीय पृष्ठ पर लिखे गए संपादकीय को
उत्तर:

व्याख्या: 'अखबार की आवाज़' संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित लेखों को माना जाता है क्योंकि ये अखबार के विचार और दृष्टिकोण को व्यक्त करते हैं।


(iv) पत्रकार द्वारा साक्षात्कार लिए जाने का उद्देश्य है:

  • (A) समाचार, फ़ीचर, विशेष रिपोर्ट के लिए सामग्री एकत्रित करना
  • (B) साक्षात्कार देने वाले व्यक्ति को प्रसिद्धि दिलाना
  • (C) पत्रकार द्वारा अपनी विशेष योग्यता दर्शाना
  • (D) पत्रकार द्वारा अपनी जिज्ञासा पूरी करना
सही उत्तर: (A) समाचार, फ़ीचर, विशेष रिपोर्ट के लिए सामग्री एकत्रित करना
उत्तर:

व्याख्या: पत्रकार साक्षात्कार के माध्यम से समाचार, फ़ीचर या विशेष रिपोर्ट के लिए आवश्यक सामग्री एकत्रित करते हैं, जो पाठकों या दर्शकों के लिए महत्वपूर्ण होती है।


(v) टेलीविज़न के लिए समाचार या आलेख लेखन के लिए अनिवार्य है:

  • (A) शब्द परदे पर दिखने वाले दृश्य के अनुकूल हों
  • (B) समाचार की भाषा आंचलिक शब्दावली से युक्त हो
  • (C) समाचारों के बीच-बीच में दृश्य अवश्य उपस्थित हों
  • (D) बाइट, ग्राफिक के माध्यम से समाचारों की प्रस्तुति हो
सही उत्तर: (A) शब्द परदे पर दिखने वाले दृश्य के अनुकूल हों
उत्तर:

व्याख्या: टेलीविज़न समाचार लेखन में यह आवश्यक होता है कि शब्द परदे पर दिखने वाले दृश्य के अनुकूल हों ताकि दृश्य और शब्द दोनों एक साथ सामंजस्यपूर्ण तरीके से प्रस्तुत हो सकें।


प्रश्न 4:
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

झूमने लगे फल, रस
अलौकिक अमृत धाराएँ फूटती
रोपाई क्षण की, कटाई अनंतता की
लुटते रहने से जरा भी नहीं कम होती ।
रस का अक्षय पात्र सदा का
छोटा मेरा खेत चौकोना ।

(i) कवि-कर्म की दृष्टि से 'झूमने लगे फल' का आशय है:

  • (A) कृति का पूर्ण रूप ग्रहण करना
  • (B) साहित्य का आनंद आना
  • (C) खेतों में फसल लहलहाना
  • (D) हृदय का प्रसन्नता से झूमना
सही उत्तर: (A) कृति का पूर्ण रूप ग्रहण करना
उत्तर:

व्याख्या: 'झूमने लगे फल' से कवि का तात्पर्य अपनी कृति के पूर्ण रूप ग्रहण करने से है, जब काव्य का सृजन अपने अंतिम और सुंदर रूप में पहुँचता है।


(ii) निम्नलिखित कथनों पर विचार करते हुए पद्यांश के अनुसार सही कथन को चयनित कर लिखिए:

  • (A) कविता का आनंद शाश्वत है।
  • (B) कविता का आनंद क्षणिक है।
  • (C) कविता का आनंद सीमित है।
  • (D) कविता का आनंद अल्पकाल तक है।
सही उत्तर: (A) कविता का आनंद शाश्वत है।
उत्तर:

व्याख्या: काव्यांश में कविता के आनंद को अनंत, निरंतर और शाश्वत रूप में दर्शाया गया है, जिसे समय के साथ घटित नहीं होने दिया जाता।


(iii) काव्यांश में 'अलौकिक' से तात्पर्य है:

  • (A) लौकिक
  • (B) अद्भुत
  • (C) अल्पज्ञ
  • (D) आस्था
सही उत्तर: (B) अद्भुत
उत्तर:

व्याख्या: 'अलौकिक' शब्द का अर्थ 'अद्भुत' से है, जो सामान्य या सामान्य से बाहर का कुछ अत्यधिक सुंदर या असामान्य होता है।


(iv) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए:

कथन: काव्यानंद जितना ही बंटता है उतना ही बढ़ता जाता है।
कारण: साहित्य-सृजन प्राणिमात्र के मंगल के लिए है, काव्यानंद का वितरण लोक के आनंद का संवर्धन है।

  • (A) कथन सही है. कारण गलत है।
  • (B) कथन सही नहीं है, कारण सही है।
  • (C) कथन तथा कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
  • (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
सही उत्तर: (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
उत्तर:

व्याख्या: कवि का कहना है कि काव्यानंद जितना साझा किया जाता है, उतना ही अधिक बढ़ता है, और इसका कारण यह है कि साहित्य प्राणियों के कल्याण के लिए है, इसलिए उसका वितरण लोक के आनंद को बढ़ाता है।


(v) 'रस का अक्षय पात्र' किसे कहा गया है?

  • (A) कवि हृदय को
  • (B) कविता पढ़ने से मिले आनंद को
  • (C) साहित्य को
  • (D) चौकोने छोटे खेत को
सही उत्तर: (C) साहित्य को
उत्तर:

व्याख्या: 'रस का अक्षय पात्र' से तात्पर्य साहित्य से है, जो निरंतर रस या आनंद प्रदान करता है, और उसका स्रोत कभी समाप्त नहीं होता।


प्रश्न 5: 
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :

जाड़े का दिन । अमावस्या की रात ठंडी और काली। मलेरिया और हैजे से पीड़ित गाँव भयार्त्त शिशु की तरह थर-थर काँप रहा था। पुरानी और उजड़ी बॉस-फूस की झोपड़ियों में अंधकार और सन्नाटे का सम्मिलित साम्राज्य ! अँधेरा और निस्तब्धता ! अँधेरी रात चुपचाप आँसू बहा रही थी। निस्तब्धता करुण सिसकियों और आहों को बलपूर्वक अपने हृदय में ही दबाने की चेष्टा कर रही थी। आकाश में तारे चमक रहे थे। पृथ्वी पर कहीं प्रकाश का नाम नहीं। आकाश से टूटकर यदि कोई भावुक तारा पृथ्वी पर जाना भी चाहता तो उसकी ज्योति और शक्ति रास्ते में ही शेष हो जाती थी। अन्य तारे उसकी भावुकता अथवा असफलता पर खिलखिलाकर हँस पड़ते थे।

(i) गद्यांश में प्रयुक्त 'भयार्त' शब्द का अर्थ है:

  • (A) भीषण
  • (B) भय से पीड़ित
  • (C) भयंकर
  • (D) भयानक
सही उत्तर: (B) भय से पीड़ित
उत्तर:

व्याख्या: 'भयार्त' शब्द का अर्थ है भय से पीड़ित। गद्यांश में गाँव को मलेरिया और हैजे से पीड़ित बताया गया है, जिससे वह भयभीत और कमजोर हो गया है।


(ii) गद्यांश का केन्द्रीय भाव है:

  • (A) गाँव की प्रकृति का चित्रण
  • (B) गाँव की रात्रि का चित्रण
  • (C) भूख और महामारी से दम तोड़ रहे गाँव की दयनीय दशा का चित्रण
  • (D) गाँव में व्याप्त नीरवता का चित्रण
सही उत्तर: (C) भूख और महामारी से दम तोड़ रहे गाँव की दयनीय दशा का चित्रण
उत्तर:

व्याख्या: गद्यांश में गाँव की दयनीय स्थिति का वर्णन किया गया है, जहाँ महामारी और अंधकार के कारण लोग दुखी और निराश हैं।


(iii) निम्नलिखित कथनों पर विचार करते हुए गद्यांश के अनुसार सही कथन को चयनित कर लिखिए:

  • (A) महामारी और आर्थिक तंगी की त्रासदी से जूझती ग्राम बस्ती में आशा-किरण का आश्रय व्यर्थ प्रयास है।
  • (B) महामारी और आर्थिक तंगी की त्रासदी से जूझती ग्राम बस्ती आशा-निराशा के भाव में झूल रही है।
  • (C) महामारी और आर्थिक तंगी से जूझती ग्राम बस्ती में ग्रामीण एक दूसरे की सहायता कर रहे है।
  • (D) महामारी और आर्थिक तंगी से जूझती ग्राम-बस्ती अपनी स्थिति से संतुष्ट है।
सही उत्तर: (A) महामारी और आर्थिक तंगी की त्रासदी से जूझती ग्राम बस्ती में आशा-किरण का आश्रय व्यर्थ प्रयास है।
उत्तर:

व्याख्या: गद्यांश में गाँव की दयनीय स्थिति का वर्णन किया गया है, जहाँ लोगों को महामारी और अंधकार के कारण आशा का अभाव है।


(iv) प्रकृति को आँसू बहाते हुए क्यों दिखाया गया है?

  • (A) काव्यात्मक रूप में प्रकृति सौंदर्य व्यक्त करने हेतु
  • (B) गाँव वालों के दुख में प्रकृति को दुखी दिखाने हेतु
  • (C) गाँव में व्याप्त सन्नाटे और अंधकार का वर्णन करने हेतु
  • (D) प्रकृति की विवशता और असमर्थता को प्रकट करने हेतु
सही उत्तर: (B) गाँव वालों के दुख में प्रकृति को दुखी दिखाने हेतु
उत्तर:

व्याख्या: गद्यांश में प्रकृति को आँसू बहाते हुए दिखाया गया है ताकि गाँव वालों के दुख और पीड़ा को प्रकृति के माध्यम से अभिव्यक्त किया जा सके।


(v) स्तंभ -1 को स्तंभ-II से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए:

स्तंभ-1

  • अमावस्या की रात ठंडी और काली
  • प्रकाश का नाम नहीं
  • तारे की शक्ति और ज्योति रास्ते में ही शेष हो जाती

स्तंभ-II

  • (i) आशा एवं जिजीविषा का अभाव
  • (ii) पीड़ित गाँव बालों की मदद न कर पाना
  • (iii) निराशापूर्ण परिवेश
  • (A) 1-(iii), 2-(i), 3-(ii)
  • (B) 1-(i), 2-(ii), 3-(iii)
  • (C) 1-(ii), 2-(iii), 3-(i)
  • (D) 1-(iii), 2-(ii), 3-(i)
सही उत्तर: (B) 1-(i), 2-(ii), 3-(iii)
उत्तर:

व्याख्या: "अमावस्या की रात ठंडी और काली" – इससे आशा और जिजीविषा का अभाव प्रदर्शित होता है।
"प्रकाश का नाम नहीं" – यह गाँव के पीड़ित लोगों की मदद न कर पाने की असफलता को दर्शाता है।
"तारे की शक्ति और ज्योति रास्ते में ही शेष हो जाती" – यह निराशापूर्ण परिवेश को प्रदर्शित करता है।


प्रश्न 6: 
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :

(i) यशोधर बाबू अपने मातहतों से छुट्टी के समय मनोरंजक बात क्यों करते थे?

  • (A) दिनभर के शुष्क व्यवहार का निराकरण करने के लिए
  • (B) अपने काम का भार अपने मातहतों पर डालने के लिए
  • (C) कर्मचारियों को देर तक दफ़्तर में रोकने के लिए
  • (D) कर्मचारियों और अपने बीच की दूरी समाप्त करने के लिए
सही उत्तर: (A) दिनभर के शुष्क व्यवहार का निराकरण करने के लिए
उत्तर:

व्याख्या: गद्यांश में यशोधर बाबू के व्यक्तित्व का वर्णन किया गया है। वे दिनभर कार्यालय में शुष्क और औपचारिक व्यवहार करते थे, जो काफी नीरस होता था। इसलिए, छुट्टी के समय वे अपने मातहतों से मनोरंजक बातें करते थे, ताकि उनके बीच व्यक्तिगत रिश्तों को मजबूत किया जा सके और दिनभर के शुष्क व्यवहार को हल्का किया जा सके। इससे कार्यालय का माहौल सुखद बनता था।


(ii) "हम लोगों के यहाँ सिल्वर वैडिंग कब से होने लगी है?" यह कथन किसके द्वारा किसे संबोधित कर कहा गया है?

  • (A) यशोधर बाबू द्वारा अपने बेटे भूषण को
  • (B) यशोधर बाबू द्वारा अपनी बड़ी बेटी को
  • (C) यशोधर बाबू द्वारा अपनी पत्नी को
  • (D) यशोधर बाबू द्वारा चड्डा को
सही उत्तर: (A) यशोधर बाबू द्वारा अपने बेटे भूषण को
उत्तर:

व्याख्या: यशोधर बाबू अपने बेटे भूषण को संबोधित करते हुए यह कथन कहते हैं। इससे उनके परिवार के आधुनिक रुझानों का पता चलता है, जहाँ पारंपरिक रिवाजों में बदलाव आ रहा है। यह वाक्य यशोधर बाबू के परिवार की आधुनिकता को दर्शाता है।


(iii) 'जूझ' कहानी के लेखक को कविता लिखने की प्रेरणा किससे मिली?

  • (A) अपने पिता से
  • (B) अपनी माँ से
  • (C) न.वा. सौंदलगेकर से
  • (D) अपने मित्र से
सही उत्तर: (C) न.वा. सौंदलगेकर से
उत्तर:

व्याख्या: 'जूझ' कहानी के लेखक को कविता लिखने की प्रेरणा न.वा. सौंदलगेकर से मिली। यह एक प्रसिद्ध कवि थे, जिनकी रचनाओं ने लेखक को कविता लिखने के लिए प्रेरित किया। इससे लेखक की साहित्यिक रुचि और प्रेरणा का पता चलता है।


(iv) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और उचित विकल्प का चयन कीजिए:

  • (A) कथन 1 तथा II सही हैं।
  • (B) कथन I, II तथा III सही हैं।
  • (C) कथन III सही है।
  • (D) कथन IV सही है।
सही उत्तर: (C) कथन III सही है।
उत्तर:

व्याख्या: गद्यांश के अनुसार, वसंत पाटील कक्षा का मॉनीटर था। यह एकमात्र सही कथन है। अन्य कथन गलत हैं, क्योंकि वसंत पाटील पढ़ने में कमजोर नहीं था, आनंदा का शत्रु नहीं था, और वह कक्षा बारहवीं का छात्र भी नहीं था।


(v) कथन: सिंधु सभ्यता को जल-संस्कृति कहा जाता है।
कारण: सिंधु घाटी सभ्यता पहली ज्ञात संस्कृति है जिसमें लगभग सात सौ कुएँ, नदी, स्नानागार और बेजोड़ जल निकासी की व्यवस्था है।

  • (A) कथन सही है, कारण ग़लत है।
  • (B) कथन सही नहीं है, कारण सही है।
  • (C) कथन तथा कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
  • (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
सही उत्तर: (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
उत्तर:

व्याख्या: सिंधु सभ्यता को जल-संस्कृति कहा जाता है, क्योंकि इसमें जल संबंधी उपलब्धियाँ, जैसे कुएँ, स्नानागार, और जल निकासी की व्यवस्था, उत्कृष्ट थीं। यह कारण कथन की सही व्याख्या करता है।


(vi) सिंधु घाटी सभ्यता का स्वरूप था:

  • (A) जंगली
  • (B) नगरीय
  • (C) ग्रामीण
  • (D) कबीलाई
सही उत्तर: (B) नगरीय
उत्तर:

व्याख्या: सिंधु घाटी सभ्यता एक नगरीय सभ्यता थी। इसमें योजनाबद्ध शहर, सड़कें, निकासी व्यवस्था, और अन्य नगरीय सुविधाएँ थीं। यह सभ्यता ग्रामीण या कबीलाई नहीं थी।


(vii) वर्तमान में सिंध की खास पहचान क्या बन गया?

  • (A) दाढ़ी वाले 'नरेश' की मूर्ति
  • (B) गुलकारी बाला दुपट्टा
  • (C) छापे वाला कपड़ा 'अजरक'
  • (D) बारीक बुनाई वाला सूती कपड़ा
सही उत्तर: (C) छापे वाला कपड़ा 'अजरक'
उत्तर:

व्याख्या: सिंध की खास पहचान 'अजरक' कपड़े के रूप में बन गई है। यह एक पारंपरिक छापे वाला कपड़ा है, जो सिंध की संस्कृति का प्रतीक है।


(viii) पत्थर की शिला पर लिखी कविता 'जूझ' कहानी के लेखक के द्वारा कब मिटाई जाती थी?

  • (A) मास्टर को दिखा देने के बाद
  • (B) याद हो जाने के बाद
  • (C) मित्रों को दिखा देने के बाद
  • (D) मास्टर को सुना देने के बाद
सही उत्तर: (B) याद हो जाने के बाद
उत्तर:

व्याख्या: लेखक पत्थर पर कविता लिखते थे, ताकि वे उसे याद रख सकें। जब कविता उन्हें पूरी तरह याद हो जाती थी, तो वे उसे पत्थर से मिटा देते थे। इससे उनकी कविता लेखन की प्रक्रिया का पता चलता है।


(ix) 'सिल्वर वैडिंग' कहानी में प्रयुक्त 'असीक का फूल' से क्या तात्पर्य है?

  • (A) स्वागत के फूल
  • (B) आशीर्वाद के फूल
  • (C) माला बनाने के फूल
  • (D) पूजा के फूल
सही उत्तर: (B) आशीर्वाद के फूल
उत्तर:

व्याख्या: 'असीक का फूल' का तात्पर्य आशीर्वाद के फूल से है। यह फूल विवाह के दौरान बरातियों को आशीर्वाद के रूप में दिया जाता है।


(x) "जब तक बाप है तब तक मौज कर ले।" यशोधर बाबू यह बात अपने बच्चों से कहते:

  • (A) उन पर व्यंग्य करने के लिए
  • (B) उनका उत्साहवर्धन करने के लिए
  • (C) जिम्मेदारियों से मुक्त रखने के लिए
  • (D) उनके प्रति अपना प्रेम व्यक्त करने के लिए
सही उत्तर: (A) उन पर व्यंग्य करने के लिए
उत्तर:

व्याख्या: यशोधर बाबू अपने बच्चों को व्यंग्य करने के लिए यह बात कहते हैं। उनका इरादा बच्चों को जिम्मेदारियों से बचने की आदत बदलना है। यह वाक्य उनके परिवार के आधुनिक रुझानों को दर्शाता है।


प्रश्न 7: 
निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :

(क) 'राजभाषा पखवाड़ा' में एक दिन

उत्तर:

आरंभ:
"राजभाषा पखवाड़ा" का आयोजन हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसमें विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से भाषा का महत्त्व समझाया जाता है।

विषयवस्तु:
एक दिन की घटनाओं को याद करते हुए, मैंने देखा कि स्कूल में छात्रों ने हिंदी कविताओं का पाठ किया। शिक्षकों ने हिंदी के महत्त्व को समझाते हुए कहा कि यह हमारी राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा है। दोपहर में एक नाटक का मंचन हुआ, जिसमें हिंदी के इतिहास और उसके विकास को दर्शाया गया। शाम को एक कवि सम्मेलन आयोजित किया गया, जहाँ कई कवियों ने अपनी कविताएँ पढ़ीं। यह दिन हिंदी के प्रति प्रेम और गर्व को बढ़ावा देने वाला था।

प्रस्तुति:
लेख क्रमबद्ध और सुसंगत है। घटनाओं का वर्णन स्पष्ट और रोचक है।

भाषा:
सरल और प्रभावशाली भाषा का प्रयोग किया गया है, जो पाठक को प्रेरित करती है।


(ख) मेरी प्रथम रेल यात्रा

उत्तर:

आरंभ:
मेरी पहली रेल यात्रा एक अद्भुत अनुभव था। यह एक ऐसा अवसर था, जिसने मुझे यात्रा का आनंद और रेलवे की व्यवस्था का अनुभव कराया।

विषयवस्तु:
रेलवे स्टेशन पर पहुँचकर मैं उत्सुक था। ट्रेन की सीटें सफाई से भरी थीं, और खिड़की से बाहर का दृश्य मन को खींच रहा था। यात्रा के दौरान मैंने अपने साथियों के साथ खाना खाया और नई-नई बातें सीखीं। रात को आसमान में तारे चमक रहे थे, जो यात्रा को और भी खास बना रहे थे। यह यात्रा मेरे लिए एक अनोखा अनुभव था, जो मुझे हमेशा याद रहेगा।

प्रस्तुति:
घटनाओं का वर्णन क्रमबद्ध और स्पष्ट है। यात्रा के अनुभव को जीवंत ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

भाषा:
भाषा सरल और प्रभावशाली है, जो पाठक को यात्रा का अनुभव दिलाती है।


(ग) मेरा देश मेरा अभिमान

उत्तर:

आरंभ:
"मेरा देश मेरा अभिमान" शीर्षक को स्पष्ट करते हुए, भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को संक्षेप में उजागर किया गया है।

विषयवस्तु:
भारत का विविधता में एकता और संस्कृति का समागम हमारे देश को विशेष बनाता है। हमारा देश, जो विश्व की सबसे पुरानी सभ्यताओं का गवाह रहा है, आज भी सांस्कृतिक रूप से संपन्न है। हमारे देश ने कभी भी अपने नागरिकों की स्वतंत्रता की कुर्बानी नहीं दी। यह लोकतांत्रिक देश पूरी दुनिया में एक आदर्श के रूप में स्थापित हुआ है। भारत के वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, और कलाकारों का योगदान न केवल देश को, बल्कि विश्व को भी प्रेरित करता है। हम गर्व से कहते हैं, "मेरा देश मेरा अभिमान।"

प्रस्तुति:
लेख में विचारों को क्रमबद्ध और सुसंगत रूप से प्रस्तुत किया गया है।

भाषा:
भाषा प्रभावशाली और प्रेरणादायक है, जो पाठक को हमारे देश की महिमा का अनुभव कराती है।


प्रश्न 8: 
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर लगभग 40 शब्दों में निर्देशानुसार उत्तर दीजिए

(i) (क) 'काले मेघा पानी दे' पाठ के आधार पर 'इंदर सेना' पर पानी फेंकने के संदर्भ में लेखक (धर्मवीर भारती) और जीजी के बीच हुए वार्तालाप (संवाद) को दृश्य के रूप में प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर:

उत्तर:
लेखक और जीजी के बीच वार्तालाप में लेखक जीजी को इंदर सेना पर पानी फेंकने के लिए कहते हैं। जीजी इसे अनुचित मानती हैं और कहती हैं कि यह उनकी आत्मा को दुखाएगा। लेखक इसे एक मजाक मानते हैं, लेकिन जीजी का गंभीर रवैया उन्हें सोचने पर मजबूर करता है।


(ख) रेडियो नाटकों का लेखन अन्य माध्यमों के लेखन से कुछ कठिन होता है, क्यों? कारण सहित उत्तर लिखिए।

उत्तर:

उत्तर:
रेडियो नाटकों का लेखन कठिन होता है, क्योंकि इसमें केवल ध्वनि के माध्यम से चरित्रों के भाव, वातावरण, और कथानक को प्रस्तुत करना होता है। इसमें दृश्य प्रभाव नहीं होते, इसलिए वार्तालाप और संगीत को बहुत सटीक रूप से लिखना पड़ता है।


(ii) (क) अप्रत्याशित लेखन की किन्हीं दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

उत्तर:

उत्तर:
स्वतंत्रता: अप्रत्याशित लेखन में लेखक को नियमों से मुक्ति मिलती है, जिससे उनकी कल्पना का पूर्ण विस्तार होता है।
मौलिकता: यह लेखन नए विचारों और अनूठी अवधारणाओं पर आधारित होता है, जो पाठक को आश्चर्यचकित करता है।


(ख) 'फीचर' लेखन में किस प्रकार की भाषा का प्रयोग होना चाहिए? उसकी दो विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर:

उत्तर:
फीचर लेखन में सरल और सहज भाषा का प्रयोग होना चाहिए।
सहजता: भाषा ऐसी होनी चाहिए कि पाठक आसानी से समझ सके।
रोचकता: भाषा में रोचक और प्रेरक तत्व होने चाहिए, जो पाठक का ध्यान बनाए रखे।


प्रश्न 9:
निम्नलिखित तीन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

(क) भारत में पहला छापाखाना कब, कहाँ और किस उद्देश्य से खोला गया?

उत्तर:

उत्तर:
भारत में पहला छापाखाना 1556 में गोवा में खोला गया। इसकी स्थापना पुर्तगाली ईसाई मिशनरियों द्वारा की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य धार्मिक पुस्तकों का मुद्रण करना था, जिससे ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार हो सके। यह छापाखाना भारत में मुद्रण कला की शुरुआत का प्रतीक था। इसने बाद में भारतीय समाज में ज्ञान और शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


(ख) पत्रकार कितने प्रकार के होते हैं और अंशकालिक पत्रकार किन्हें कहते हैं तथा इन्हें अन्य किस नाम से जाना जाता है?

उत्तर:

उत्तर:
पत्रकार दो प्रकार के होते हैं: पूर्णकालिक पत्रकार और अंशकालिक पत्रकार । पूर्णकालिक पत्रकार पत्रकारिता को ही अपना प्राथमिक व्यवसाय बनाते हैं, जबकि अंशकालिक पत्रकार अन्य कार्यों के साथ-साथ पत्रकारिता भी करते हैं। अंशकालिक पत्रकारों को फ्रीलांस पत्रकार भी कहा जाता है। वे समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, या डिजिटल माध्यमों के लिए लेख, रिपोर्ट, या फीचर लिखते हैं।


(ग) विशेष लेखन क्या है और यह क्यों किया जाता है?

उत्तर:

उत्तर:
विशेष लेखन एक ऐसा लेखन है, जिसमें किसी विशिष्ट विषय या घटना पर गहन विश्लेषण किया जाता है। इसका उद्देश्य पाठकों को उस विषय की गहरी समझ प्रदान करना होता है। यह जनसंचार माध्यमों में जनता को जागरूक करने और जटिल मुद्दों को सरल बनाने के लिए किया जाता है। विशेष लेखन से पाठकों को विषय की विस्तृत जानकारी मिलती है, जो उनके निर्णय लेने में मदद करती है।


प्रश्न 10: 
काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

(क) भादों के बीत जाने पर प्रकृति में जो परिवर्तन कवि ने 'पतंग' कविता में दिखाया है, उसका वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

उत्तर:

उत्तर:
'पतंग' कविता में कवि ने भादों के बीत जाने पर प्रकृति में आए परिवर्तनों का सुंदर चित्रण किया है। भादों के महीने में वर्षा का समय होता है, जब प्रकृति नमी से भरी होती है, और हरियाली फैली रहती है। लेकिन जैसे ही भादों का महीना बीतता है, वर्षा कम हो जाती है, और प्रकृति में सूखे के लक्षण दिखने लगते हैं। पतझड़ का मौसम शुरू होने लगता है, और पेड़ों की पत्तियाँ सूखकर गिरने लगती हैं। कवि ने इस परिवर्तन को पतंग के माध्यम से दर्शाया है, जो हवा के साथ उड़ती है और उसका अंत निश्चित होता है। भादों के बीत जाने पर प्रकृति में आए परिवर्तन को कवि ने पतंग के उड़ने और गिरने के माध्यम से दर्शाया है। यह परिवर्तन जीवन की अस्थिरता और समय के प्रभाव को भी समझाता है।


(ख) 'बादल राग' कविता से उद्धृत निम्नलिखित पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए: 'तिरती है समीर सागर पर अस्थिर सुख पर दुख की छाया'

उत्तर:

उत्तर:
इन पंक्तियों में कवि ने जीवन की अस्थिरता को समीर (हवा) और सागर के रूप में चित्रित किया है। समीर सागर पर तिरती है, जो जीवन के सुख को दर्शाता है, लेकिन यह सुख अस्थिर है। इस पर दुख की छाया हमेशा मंडराती रहती है। यह दर्शाता है कि जीवन में सुख और दुख एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं, और सुख कभी भी स्थायी नहीं होता। इन पंक्तियों में कवि ने जीवन की अस्थिरता को रोचक ढंग से चित्रित किया है। समीर को सागर पर तिरते देखकर ऐसा लगता है कि सुख असीमित है, लेकिन इसके पीछे दुख की छाया छिपी रहती है। यह जीवन के चक्र को समझाता है, जहाँ सुख और दुख एक-दूसरे के पूरक हैं। कवि ने इसे प्रकृति के माध्यम से समझाया है, जो पाठक को जीवन की वास्तविकता का अहसास कराता है।


(ग) तुलसी ने 'कवितावली' के छंदों में तत्कालीन आर्थिक विषमताओं का स्वाभाविक चित्रण किया है। सिद्ध कीजिए कि तुलसी युग चितेरे कवि थे।

उत्तर:

उत्तर:
तुलसीदास ने 'कवितावली' में अपने समय की आर्थिक विषमताओं का चित्रण किया है। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों की स्थिति को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया है। उदाहरण के लिए, उन्होंने अमीरों की धन-संपत्ति और गरीबों की दरिद्रता के बीच की खाई को उजागर किया है। उन्होंने समाज की वास्तविकता को कविता के माध्यम से समझाया है, जिससे वे युग चितेरे कवि कहे जाते हैं। तुलसीदास को युग चितेरे कवि कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने अपने समय की सामाजिक और आर्थिक समस्याओं को अपनी कविताओं में चित्रित किया है। उन्होंने अमीरों की धन-संपत्ति और गरीबों की दरिद्रता के बीच की खाई को उजागर किया है। उनकी कविताएँ समाज की वास्तविकता को समझाती हैं, और उन्होंने जीवन के विभिन्न पहलुओं को स्वाभाविक रूप से प्रस्तुत किया है। इसलिए वे युग चितेरे कवि कहे जाते हैं।


प्रश्न 11:
निम्नलिखित तीन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

(क) 'हो जाए न पथ में रात कहीं' इस काव्य पंक्ति में कवि ने किस पथ की ओर संकेत किया है? कवि ने 'रात' शब्द का प्रयोग करके कौन-सी आशंका व्यक्त की है?

उत्तर:

उत्तर:
इस पंक्ति में कवि ने जीवन के पथ की ओर संकेत किया है। 'रात' शब्द का प्रयोग करके कवि ने अचानक आने वाली समस्याओं या अप्रत्याशित कठिनाइयों की आशंका व्यक्त की है। यह बताता है कि जीवन के मार्ग में कभी भी अंधकार (कठिनाइयाँ) आ सकता है, जिससे सावधान रहने की आवश्यकता है।
कवि ने जीवन के पथ को एक यात्रा के रूप में दर्शाया है, जहाँ प्रकाश (सफलता) और अंधकार (असफलता) दोनों हो सकते हैं। 'रात' शब्द का प्रयोग करके कवि ने जीवन में आने वाली अचानक समस्याओं या अप्रत्याशित कठिनाइयों की चेतावनी दी है। यह जीवन की अनिश्चितता को समझाता है।


(ख) 'बात सीधी थी पर' कविता में भाषा के विषय में व्यंग्य करके कवि क्या सिद्ध करना चाहता है?

उत्तर:

उत्तर:
'बात सीधी थी पर' कविता में कवि ने भाषा की जटिलता और उसके अनावश्यक विकास पर व्यंग्य किया है। कवि यह सिद्ध करना चाहता है कि सीधी और सरल भाषा का प्रयोग करना बेहतर होता है, क्योंकि जटिल भाषा से संदेश की स्पष्टता खो जाती है।
कवि ने भाषा की जटिलता पर व्यंग्य करके यह बताया है कि जब भाषा अत्यधिक जटिल हो जाती है, तो उसका मुख्य उद्देश्य (संदेश पहुँचाना) नष्ट हो जाता है। कवि ने इसके माध्यम से सरल और स्पष्ट भाषा के महत्त्व पर बल दिया है।


(ग) 'आँगन में ठुनक रहा है ज़िदयाया है' पंक्ति में कौन जिदयाया है? कवि ने 'ठुनक' शब्द द्वारा बाल-मनोविज्ञान के किस पक्ष का वर्णन किया है?

उत्तर:

उत्तर:
इस पंक्ति में बच्चा जिदयाया है। 'ठुनक' शब्द के माध्यम से कवि ने बाल-मनोविज्ञान की जिद्दी प्रवृत्ति का वर्णन किया है। यह दर्शाता है कि बच्चे की जिद्द और उसकी अपनी मर्जी के अनुसार चलने की प्रवृत्ति को कवि ने चित्रित किया है।
'ठुनक' शब्द का प्रयोग करके कवि ने बच्चे की जिद्दी प्रवृत्ति को दर्शाया है। बच्चे का आँगन में ठुनकना यह बताता है कि वह अपनी मर्जी के अनुसार चलना चाहता है और उसकी जिद्द को पूरा करना चाहता है। यह बाल-मनोविज्ञान का एक महत्त्वपूर्ण पहलू है, जहाँ बच्चे की अपनी इच्छाओं को पूरा करने की ललक दिखाई देती है।


प्रश्न 12:
 गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

(क) 'काले मेघा पानी दे' पाठ की इंदर सेना द्वारा किए जाने वाले कार्य समाज के लिए कितने प्रेरक हैं और क्यों?

उत्तर:

उत्तर:
इंदर सेना द्वारा किए गए कार्य समाज के लिए बहुत प्रेरक हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी स्थिति और सामाजिक प्रतिबंधों के बावजूद अपने कर्तव्य का पालन किया। वे गरीब और दुर्बल लोगों की मदद करने के लिए तैयार रहती थीं। उनका त्याग, सेवा भाव, और सामाजिक उत्तरदायित्व सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इंदर सेना का चरित्र समाज के लिए प्रेरक है, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में सामाजिक और आर्थिक सीमाओं को पार करते हुए दूसरों की सेवा की। वे गरीबों की मदद करने और उनके दुखों को कम करने के लिए हमेशा तैयार रहती थीं। उनका त्यागशील और सेवाभावी जीवन समाज के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करता है।


(ख) शिरीष और महात्मा गाँधी की तुलना पाठ में किस आधार पर की गई है?

उत्तर:

उत्तर:
शिरीष और महात्मा गाँधी की तुलना उनके कठोर और सहनशील स्वभाव के आधार पर की गई है। शिरीष पेड़ कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रहता है और अपने फूलों से सौंदर्य फैलाता है। इसी प्रकार, महात्मा गाँधी ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए समाज को सुधारने का प्रयास किया।
शिरीष को महात्मा गाँधी के साथ तुलना करने का मुख्य कारण उनका सहनशील स्वभाव और कठिनाइयों का सामना करने की क्षमता है। शिरीष कठिन मौसम में भी अपने फूलों से सौंदर्य फैलाता है, जबकि महात्मा गाँधी ने अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए समाज को सुधारने का काम किया। यह तुलना दोनों के सहनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाती है।


(ग) 'श्रम-विभाजन और जाति-प्रथा' पाठ के आधार पर कारण सहित लिखिए कि जाति-प्रथा के पोषक मनुष्य को किस प्रकार की स्वतंत्रता देने के पक्षधर हैं और किस प्रकार स्वतंत्रता देने के विरोध में हैं।

उत्तर:

उत्तर:
जाति-प्रथा के पोषक मनुष्य को व्यक्तिगत स्वतंत्रता देने के पक्षधर हैं, जैसे कि अपने जीवन को अपनी मर्जी से जीने की स्वतंत्रता। लेकिन वे सामाजिक स्वतंत्रता (जैसे जाति के बंधनों से मुक्ति) देने के विरोध में हैं, क्योंकि वे जाति-प्रथा को समाज के लिए आवश्यक मानते हैं।
जाति-प्रथा के पोषक व्यक्तिगत स्वतंत्रता को स्वीकार करते हैं, जैसे कि अपने जीवन को अपनी मर्जी से जीने की स्वतंत्रता। लेकिन वे सामाजिक स्वतंत्रता के विरोध में हैं, क्योंकि वे जाति-प्रथा को समाज के लिए एक आवश्यक और अटूट तंत्र मानते हैं। उनका मानना है कि जाति-प्रथा समाज को व्यवस्थित रखने में मदद करती है, जबकि इसके विरोध में लोग समाज की व्यवस्था को बदलना चाहते हैं।


प्रश्न 13: 
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए:

(क) 'खोटे सिक्कों की टकसाल' किसे और क्यों कहा गया है? 'भक्तिन' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

उत्तर:
'खोटे सिक्कों की टकसाल' कहकर लेखक ने उन व्यवस्थाओं को संबोधित किया है, जो समाज में असली मूल्यों को नष्ट करके बदले में नकली मूल्यों को फैलाती हैं। 'भक्तिन' पाठ में यह शब्द समाज में छल-कपट और भ्रष्टाचार को दर्शाता है।
'खोटे सिक्कों की टकसाल' का अर्थ है कि समाज में ऐसी व्यवस्थाएँ या प्रथाएँ हैं, जो वास्तविक मूल्यों को नष्ट करके उनके स्थान पर नकली मूल्यों को प्रचारित करती हैं। 'भक्तिन' पाठ में यह शब्द समाज में फैले छल-कपट, भ्रष्टाचार, और अन्याय को दर्शाता है। इससे समाज की नैतिकता का ह्रास होता है।


(ख) 'बाज़ार दर्शन' पाठ में छल-कपट से परिपूर्ण बाज़ार का पोषण करने वाले अर्थशास्त्र के लिए प्रयुक्त दो विशेषणों का औचित्य स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

उत्तर:
'बाज़ार दर्शन' पाठ में अर्थशास्त्र के लिए प्रयुक्त दो विशेषण हैं: 'छल-कपटपूर्ण' और 'अनैतिक' । इनका औचित्य यह है कि बाज़ार में छल-कपट और अनैतिक व्यवहार के माध्यम से लोगों को धोखा दिया जाता है, और यह समाज के लिए हानिकारक है।
'छल-कपटपूर्ण' विशेषण यह बताता है कि बाज़ार में लोगों को गलत जानकारी देकर उन्हें धोखा दिया जाता है। 'अनैतिक' विशेषण यह दर्शाता है कि बाज़ार के कार्य नैतिक मूल्यों के विपरीत होते हैं। यह दोनों विशेषण बाज़ार के नकारात्मक पहलुओं को उजागर करते हैं।


(ग) पहलवान की ढोलक निरीह, साधनहीन और विवश गाँव वालों के प्रति क्या भूमिका निभाती थी?

उत्तर:

उत्तर:
पहलवान की ढोलक गाँव के निरीह, साधनहीन, और विवश लोगों के प्रति आशा और प्रेरणा का संदेश ले जाती थी। यह उन्हें अपनी कठिनाइयों से लड़ने के लिए प्रेरित करती थी।
पहलवान की ढोलक गाँव के लोगों के लिए एक प्रेरणा स्रोत थी। यह उन्हें अपनी कठिनाइयों का सामना करने के लिए प्रेरित करती थी। ढोलक की ध्वनि से गाँव वालों को आशा और उत्साह मिलता था, जो उन्हें अपनी समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित करता था।


प्रश्न 14: 
निम्नलिखित तीन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए:

(क) कार्यालय में अपने सहकर्मियों के साथ सेक्शन ऑफ़िसर वाई. डी. पंत के व्यवहार पर टिप्पणी कीजिए।

उत्तर:

उत्तर:
सेक्शन ऑफ़िसर वाई. डी. पंत का व्यवहार सहकर्मियों के साथ औपचारिक और दूरदर्शी होता है। वे कार्यालय में शुष्क और व्यवस्थित व्यवहार करते हैं, लेकिन छुट्टी के समय में मनोरंजक बातें करके अपने सहकर्मियों के साथ व्यक्तिगत संबंध बनाए रखते हैं।
वाई. डी. पंत का व्यवहार कार्यालय में औपचारिक रहता है, जो उनके व्यावसायिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। वे अपने सहकर्मियों के साथ दिनभर के शुष्क व्यवहार को छुट्टी के समय में मनोरंजक बातों से हल्का करते हैं। इससे उनके साथ सहज और मैत्रीपूर्ण वातावरण बना रहता है।


(ख) 'जूझ' कहानी का कथानायक विषम परिस्थितियों में भी किस प्रकार अपने सपने साकार करने में सफल हो सका?

उत्तर:

उत्तर:
'जूझ' कहानी का कथानायक अपने सपने साकार करने के लिए लगन, मेहनत, और दृढ़ संकल्प के साथ काम करता है। विषम परिस्थितियों में भी वह अपने लक्ष्य से नहीं हटता और अंततः सफलता प्राप्त करता है।
कथानायक की सफलता का मुख्य कारण उसकी लगन और मेहनत है। वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए विषम परिस्थितियों को स्वीकार करता है और उनसे लड़ता है। उसका दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास उसे अंततः सफलता की ओर ले जाता है।


(ग) मुअनजोदड़ो कहाँ है? उसकी प्रसिद्धि का कारण लिखिए।

उत्तर:

उत्तर:
मुअनजोदड़ो भारत के गुजरात राज्य में स्थित है। यहाँ की प्रसिद्धि का मुख्य कारण यहाँ के प्राचीन मंदिर और सांस्कृतिक ऐतिहासिक महत्त्व है।
मुअनजोदड़ो गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है। यह स्थान प्राचीन मंदिरों और सांस्कृतिक ऐतिहासिक महत्त्व के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के मंदिर और वास्तुकला भारतीय इतिहास का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो पर्यटकों और इतिहासप्रेमियों को आकर्षित करते हैं।