CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2024 PDF (Set 3- 2/1/3) is available for download here. CBSE conducted the Hindi Core exam on February 19, 2024 from 10:30 AM to 1:30 PM. The total marks for the theory paper are 80. The question paper contains 20% MCQ-based questions, 40% competency-based questions, and 40% short and long answer type questions.
CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2024 (Set 3- 2/1/3) with Answer Key
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CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper With Answer Key |
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CBSE Class 12 Hindi Question Paper with Solution
(बहुविकल्पी/वस्तुपरक प्रश्न)
प्रश्न 1:निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
'वसुधैव कुटुम्बकम्' सदियों से भारतीय दर्शन और अध्यात्म का हिस्सा है। यह सार्वभौमिक भाई-चारे और समस्त प्राणियों के अंतर्संबंध के विचार को पोषित करता है। समय के साथ-साथ 'वसुधैव कुटुम्बकम्' को भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक के रूप में देखा जाने लगा जो करुणा के मूल्यों, विविधता के प्रति सम्मान और दुनिया में एकता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वर्तमान में इसको अधिक मान्यता और लोकप्रियता प्राप्त हुई है।
देखा जाए तो यह सूत्र वैश्विक सहयोग और समझ को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है। इस दर्शन को व्यवहार में लाने से वैश्विक स्तर पर शांति और सहयोग को बढ़ाया जा सकता है जो स्वयं के साथ-साथ दूसरों को भी लाभान्वित कर सके, आपसी सम्मान और समझ के माध्यम से संघर्षों को कम करके सद्भाव को बढ़ावा देने में सहायक हो सके।
इस पावन धरा पर रहने वाले लोग एक ही परिवार के सदस्य हैं, इस अवधारणा का पल्लवन ही युद्ध और वैमनस्य की विभीषिका को दूर करने में सहायक हो सकता है। साहित्य, संगीत और कला की त्रिवेणी में इस अवधारणा के उपयोग के कारण यह वाक्यांश आधुनिक युग में अधिक व्यापक रूप से लोकप्रिय हुआ है।
आज 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की बढ़ती प्रासंगिकता और आवश्यकता ने भारतीय संस्कृति और साहित्य की ओर भी विश्व का ध्यान आकृष्ट करने का काम किया है क्योंकि यह विचार भारतीय दर्शन को वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाने के साथ विश्व को भी बंधुत्व की भावना से ओतप्रोत कर रहा है और यही नूतन रूप में वैश्वीकरण है। जिस दिन पृथ्वी के सभी लोग समस्त भेदभाव भुलाकर एक परिवार की तरह आचरण करने लगेंगे उसी दिन सच्ची मानवता का उदय होगा।
(i) केवल अपने परिवार, समाज और देश की बातें करना किस विचारधारा का द्योतक है?
(A) सीमित
(B) असीमित
(C) संकुचित
(D) अनुदार
उत्तर:
गद्यांश में 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के व्यापक दृष्टिकोण की बात की गई है, जिसमें पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखा जाता है। केवल अपने परिवार, समाज और देश की बात करना एक संकुचित विचारधारा को दर्शाता है क्योंकि यह वैश्विक भाईचारे की भावना को सीमित कर देता है।(ii) संदर्भ के अनुसार गद्यांश में 'सार्वभौमिक' शब्द का सटीक अर्थ क्या हो सकता है?
(A) व्यापक दृष्टिकोण
(B) सामूहिक रूप
(C) देशव्यापी
(D) सामान्य रूप
उत्तर:
गद्यांश में 'वसुधैव कुटुम्बकम्' को सार्वभौमिक भाई-चारे और समस्त प्राणियों के अंतर्संबंध के विचार को पोषित करने वाला बताया गया है। यहाँ 'सार्वभौमिक' का अर्थ 'व्यापक दृष्टिकोण' से है, जो संपूर्ण विश्व को एकता के सूत्र में बांधने का प्रतीक है।(iii) निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
कथन 1: संपूर्ण विश्व एक ही परिवार है।
कथन 2: प्रत्येक प्राणी से वार्तालाप करना चाहिए।
कथन 3: प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान करना चाहिए।
कथन 4: मानव-मूल्यों का संवर्धन करना चाहिए।
(A) केवल कथन 1 सही है।
(B) केवल कथन 2 सही है।
(C) केवल कथन 2 और 3 सही हैं।
(D) केवल कथन 1 और 4 सही हैं।
उत्तर:
गद्यांश में 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के अनुसार पूरा विश्व एक परिवार के समान बताया गया है।(iv) गद्यांश के अनुसार भारतीय दर्शन और अध्यात्म का हिस्सा है:
(A) परोपकार की भावना
(B) सहानुभूति की भावना
(C) वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना
(D) अहिंसा की भावना
उत्तर:
गद्यांश में 'वसुधैव कुटुम्बकम्' को भारतीय दर्शन और अध्यात्म का हिस्सा बताया गया है।(v) वर्तमान समय में 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की प्रासंगिकता क्यों बढ़ रही है?
(A) लोगों के बीच बढ़ते पारस्परिक भेदभाव के कारण
(B) पृथ्वी के अलग-अलग देशों में बँट जाने के कारण
(C) भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग होने के कारण
(D) भारतीय दर्शन और अध्यात्म में इसका उल्लेख होने के कारण
उत्तर:
गद्यांश में बताया गया है कि 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का विचार आपसी भेदभाव और संघर्षों को कम करने में सहायक है।(vi) गद्यांश में 'विविधता के प्रति सम्मान' कथन किस बात की ओर संकेत करता है?
(A) विविध प्रयोजन
(B) वैश्विक समझ, सम्मान और सद्भाव
(C) एकता में विविधता
(D) विविध सरोकार
उत्तर:
गद्यांश में 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के विचार को करुणा, विविधता के प्रति सम्मान और विश्व में एकता को बढ़ावा देने वाला बताया गया है।(vii) इस पावन धरा पर रहने वाले लोग एक ही परिवार के सदस्य हैं, इस अवधारणा का पल्लवन ही:
(A) युद्ध और संघर्ष का आतंक समाप्त कर सकता है
(B) बेरोज़गारी समाप्त कर सकता है
(C) देश से पलायन समाप्त कर सकता है
(D) अशिक्षा का समाधान कर सकता है
उत्तर:
गद्यांश में बताया गया है कि 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की अवधारणा अपनाने से वैश्विक स्तर पर शांति और सहयोग बढ़ सकता है।(viii) साहित्य, संगीत और कला की त्रिवेणी 'वसुधैव कुटुम्बकम्' को किस प्रकार चरितार्थ करती है?
(A) व्यक्ति-विशेष को प्रभावित करके
(B) समाज-विशेष को प्रभावित करके
(C) देश-विशेष की धरोहर बनकर
(D) विश्व धरोहर बनकर
उत्तर:
साहित्य, संगीत और कला किसी भी समाज की आत्मा होते हैं और इनका प्रभाव सीमाओं से परे होता है।(ix) वैश्वीकरण किस प्रकार संभव है?
(A) विश्व बंधुत्व की भावना से
(B) प्रगति की भावना से
(C) वैमनस्य की भावना से
(D) वैज्ञानिक दृष्टिकोण से
उत्तर:
वैश्वीकरण का तात्पर्य है कि पूरी दुनिया एक-दूसरे से जुड़कर आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से परस्पर निर्भर हो जाए। इसके लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है।(x) सच्ची मानवता का उदय कब होगा?
(A) जब नैतिकता का विकास होगा
(B) जब बंधुत्व की भावना से विश्व-कल्याण होगा
(C) जब व्यावसायिक दृष्टिकोण होगा
(D) जब गुणों का विकास होगा
उत्तर:
गद्यांश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जिस दिन पृथ्वी के सभी लोग समस्त भेदभाव भुलाकर एक परिवार की तरह आचरण करने लगेंगे, उसी दिन सच्ची मानवता का उदय होगा।निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
सामने कुहरा घना है और मैं सूरज नहीं हूँ
क्या इसी अहसास में जिऊँ या जैसा भी हूँ नन्हा-सा एक दिया तो हूँ
क्यों न उसी की उजास में जिऊँ हर आने वाला क्षण मुझे यही कहता है-
अरे भई, सूरज तो नहीं हो तुम और मैं कहता हूँ -
न सही सूरज, एक नन्हा दिया तो हूँ जितनी भी है लौ मुझमें उसे लेकर जिया तो हूँ।
कम-से-कम मैं उनमें तो नहीं जो चाँद दिल के बुझाए बैठे हैं
रात को अमावस बनाए बैठे हैं
उड़ते फिर रहे थे जो जुगनू आँगन में
उन्हें भी मुट्ठियों में दबाए बैठे हैं।
(i) "सामने कुहरा घना है" पंक्ति में 'कुहरा' किस ओर संकेत करता है?
(A) अंधेरा
(B) पुष
(C) हताशा-निराशा
(D) अंधकार
उत्तर:
'कुहरा' यहाँ जीवन की कठिनाइयों, समस्याओं और अनिश्चितताओं का प्रतीक है। यह संकेत करता है कि व्यक्ति को हताशा और निराशा का सामना करना पड़ता है, लेकिन उसे उम्मीद और आत्मविश्वास बनाए रखना चाहिए।(ii) "जैसा भी हूँ नन्हा-सा एक दिया तो हूँ" कथन में निहित भाव है:
(A) आत्मविश्वास का
(B) निराशा का
(C) हताशा का
(D) दृढ़ता का
उत्तर:
इस पंक्ति में कवि आत्मविश्वास व्यक्त कर रहे हैं। वे मानते हैं कि भले ही वे सूरज न हों, लेकिन एक छोटे दिए की तरह प्रकाश फैलाने का प्रयास कर सकते हैं। यह सकारात्मक सोच और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।(iii) "जो चाँद दिल के बुझाए बैठे हैं" पंक्ति द्वारा कवि ने किन्हें संबोधित किया है?
(A) आत्मकेंद्रित व्यक्तियों को
(B) उत्साहहीन व्यक्तियों को
(C) अहंकारी व्यक्तियों को
(D) स्वाभिमानी व्यक्तियों को
उत्तर:
यह पंक्ति उन लोगों की ओर संकेत करती है, जो जीवन में निराश होकर प्रयास करना छोड़ चुके हैं। वे अपने मन की रोशनी को बुझाकर बैठे हैं और जीवन को अमावस्या जैसा बना दिया है।(iv) स्तंभ-1 में दिए गए पदों को स्तंभ-2 में दिए गए प्रतीकार्थों से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए।
| स्तंभ-1 | स्तंभ-2 |
|---|---|
| 1. सूरज | (i) सर्वशक्ति संपन्नता |
| 2. अमावस | (ii) घनघोर निराशा |
| 3. जुगनू दबाना | (iii) शक्तियों को नियंत्रण में करना |
(A) 1-(i), 2-(ii), 3-(iii)
(B) 1-(ii), 2-(i), 3-(iii)
(C) 1-(iii), 2-(ii), 3-(i)
(D) 1-(ii), 2-(iii), 3-(i)
उत्तर:
व्याख्या:
- सूरज → सर्वशक्ति संपन्नता का प्रतीक है।
- अमावस → घनघोर निराशा का प्रतीक है।
- जुगनू दबाना → शक्तियों को नियंत्रण में करना को दर्शाता है।
(v) यह कविता क्या संदेश देती है?
(A) चलते रहने का
(B) प्रकाश फैलाने का
(C) शक्ति भर जीने का
(D) शांत रहने का
उत्तर:
इस कविता का मुख्य संदेश यह है कि हमें अपनी शक्ति के अनुसार जीवन जीना चाहिए। भले ही हम सूरज की तरह प्रकाश फैलाने में सक्षम न हों, लेकिन एक छोटे दिए की तरह अपनी पूरी क्षमता से जीवन जी सकते हैं। यह संदेश हमें आत्मनिर्भरता और आत्मसंतोष का महत्व समझाता है।निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
(i) किसी घटना के दृश्य एवं प्रत्यक्षदर्शियों या संबंधित व्यक्तियों का कथन दिखा और सुनाकर खबर को प्रमाणिकता प्रदान करना क्या कहलाता है?
(A) एंकर-पैकेज
(B) एंकर-बाइट
(C) एंकर-विजुअल
(D) ड्राई एंकर
उत्तर:
एंकर-बाइट (Anchor Byte) समाचार प्रस्तुत करने की एक तकनीक है, जिसमें किसी घटना के दृश्य, प्रत्यक्षदर्शियों के कथन, या संबंधित व्यक्तियों की आवाज़ के माध्यम से समाचार को प्रमाणिकता प्रदान की जाती है। इससे खबर को अधिक विश्वसनीय और प्रभावशाली बनाया जाता है।(ii) कौन-सा समाचार-पत्र प्रिंट रूप में उपलब्ध न होकर केवल इंटरनेट पर ही उपलब्ध है?
(A) अमर उजाला
(B) जनसत्ता
(C) प्रभात खबर
(D) प्रभासाक्षी
उत्तर:
'प्रभासाक्षी' एक डिजिटल समाचार पोर्टल है, जो केवल इंटरनेट पर उपलब्ध है और इसे प्रिंट में प्रकाशित नहीं किया जाता। अन्य समाचार-पत्रों की तरह इसका कोई मुद्रित संस्करण नहीं होता।(iii) समाचार और फीचर पत्रकारीय लेखन के दो प्रमुख रूप हैं, परंतु दोनों में पर्याप्त अंतर है। अतः निम्नलिखित में से समाचार के लिए अनिवार्य नहीं है:
(A) सूचना देना
(B) फोटो या ग्राफिक्स होना
(C) ताज़ी घटना से अवगत कराना
(D) शब्द सीमा का होना
उत्तर:
समाचार लेखन में सूचना देना, ताज़ी घटनाओं से अवगत कराना और शब्द सीमा का होना आवश्यक होता है। हालांकि, फोटो या ग्राफिक्स होना अनिवार्य नहीं है, क्योंकि कई समाचार केवल लेखन और रिपोर्टिंग के माध्यम से भी प्रस्तुत किए जाते हैं।(iv) कुछ लेखक अपने वैचारिक रुझान और लेखन शैली के लिए पहचाने जाते हैं। ऐसी लोकप्रियता देखकर उन्हें नियमित लेखन का जिम्मा दिया जाता है, उस लेखन को कहा जाता है:
(A) स्तंभ लेखन
(B) फीचर लेखन
(C) आलेख लेखन
(D) विचारपरक लेखन
उत्तर:
स्तंभ लेखन (Column Writing) एक नियमित रूप से प्रकाशित होने वाला लेख होता है, जिसमें लेखक किसी विशेष विषय पर अपने विचार और विश्लेषण प्रस्तुत करता है। यह समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं और डिजिटल मीडिया में नियमित अंतराल पर प्रकाशित किया जाता है।(v) पार्थ एक पत्रकार है। वे सामान्य समाचारों से आगे बढ़कर विज्ञान-प्रौद्योगिकी विषय से जुड़ी घटनाओं, मुद्दों और समस्याओं का बारीकी से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग को क्या कहा जा सकता है?
(A) बीट रिपोर्टिंग
(B) विशेषीकृत रिपोर्टिंग
(C) फ्रीलांसिंग
(D) संपादकीय
उत्तर:
विशेषीकृत रिपोर्टिंग (Specialized Reporting) वह पत्रकारिता होती है, जिसमें पत्रकार किसी विशेष क्षेत्र जैसे विज्ञान, प्रौद्योगिकी, राजनीति, खेल, स्वास्थ्य आदि पर गहन शोध और विश्लेषण करता है। पार्थ की रिपोर्टिंग विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़ी घटनाओं पर केंद्रित है, इसलिए यह विशेषीकृत रिपोर्टिंग कहलाएगी।निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
कविता एक उड़ान है
चिड़िया के बहाने
कविता की उड़ान
भला चिड़िया क्या जाने
बाहर भीतर
इस पर, उस घर
कविता के पंख लगा
उड़ने के माने
चिड़िया क्या जाने?
(i) कवि ने कविता के विषय में क्या बताया?
(A) एक उत्सव है
(B) एक मंजिल है
(C) एक यात्रा है
(D) एक पंछी है
उत्तर:
कवि ने कविता को एक उड़ान के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसका अर्थ है कि यह एक निरंतर यात्रा की तरह है। कविता केवल शब्दों का संकलन नहीं होती, बल्कि यह एक यात्रा होती है, जो विचारों और भावनाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाती है।(ii) कविता और चिड़िया में समानता है।
(A) उड़ान की
(B) पंखों की
(C) गति की
(D) विचारों की
उत्तर:
कविता और चिड़िया दोनों की उड़ान होती है, लेकिन कविता की उड़ान विचारों और भावनाओं की होती है, जबकि चिड़िया की उड़ान भौतिक होती है।(iii) निम्नलिखित कथनों पर विचार करते हुए पद्यांश के अनुसार सही कथन का चयन करें।
(A) चिड़िया और कविता दोनों की उड़ान व्यापक है।
(B) चिड़िया की उड़ान एक सीमा तक है, परंतु कविता की उड़ान असीम है।
(C) कविता की उड़ान चिड़िया की उड़ान पर निर्भर करती है।
(D) चिड़िया दूर तक उड़ सकती है, जबकि कविता केवल किताब के पत्रों तक।
उत्तर:
चिड़िया की उड़ान भौतिक सीमाओं तक सीमित होती है, जबकि कविता की उड़ान कल्पना, भावनाओं और विचारों के माध्यम से असीमित होती है। कविता किसी भी दिशा में जा सकती है, समय और स्थान की सीमाओं को पार कर सकती है।(iv) 'कविता के पंख लगा उड़ने के माने' में 'कविता के पंख' से तात्पर्य है:
(A) विशद व्याख्या
(B) शब्द-अर्थ की विसंगति
(C) संश्लेषण-विश्लेषण
(D) कल्पनाशीलता
उत्तर:
'कविता के पंख' का अर्थ कविता की कल्पनाशीलता से है, जिससे यह विचारों को नई ऊंचाइयों तक ले जाती है। कविता केवल शब्दों का खेल नहीं होती, बल्कि यह कल्पना और रचनात्मकता के माध्यम से नई दिशाओं में उड़ान भरती है।(v) कविता की उड़ान को कौन नहीं समझ सकता?
(A) पाठक
(B) विद्या
(C) कवि
(D) समीक्षक
उत्तर:
विद्या (ज्ञान) केवल तथ्य और तर्क तक सीमित होती है, जबकि कविता की उड़ान कल्पना और भावनाओं से प्रेरित होती है। इसलिए, एक विशुद्ध तार्किक व्यक्ति कविता की उड़ान और उसके गहरे अर्थों को पूरी तरह समझ नहीं सकता।निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए। (5×1=5 अंक)
माँग हर क्षेत्र में बड़ी-बड़ी हैं पर त्याग का कहीं नाम-निशान नहीं है। अपना स्वार्थ आज एकमात्र लक्ष्य रह गया है। हम चटखारे लेकर इसके या उसके भ्रष्टाचार की बातें करते हैं पर क्या कभी हमने जाँचा है कि अपने स्तर पर अपने दायरे में हम उसी भ्रष्टाचार के अंग तो नहीं बन रहे हैं? काले मेघा दल के दल उमड़ते हैं, पानी झमाझम बरसता है, पर गगरी फूटी की फूटी रह जाती है, बैल प्यासे के प्यासे रह जाते हैं? आखिर कब बदलेगी यह स्थिति?
(i) गद्यांश में प्रयुक्त 'त्याग' शब्द का समानार्थी शब्द हो सकता है:
(A) त्योहार
(B) त्याजन
(C) स्थायित्व
(D) त्योरी
उत्तर:
'त्याग' का समानार्थी शब्द 'त्याजन' होता है, जिसका अर्थ है किसी चीज़ को छोड़ना या बलिदान करना। गद्यांश में त्याग की अनुपस्थिति पर चर्चा की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि 'त्याजन' सही उत्तर है।(ii) गद्यांश का केंद्रीय भाव है:
(A) देश प्रेम की व्याख्या
(B) भ्रष्टाचार की व्याख्या
(C) वर्षा का वर्णन
(D) स्वार्थ और भ्रष्टाचार के दुष्परिणाम
उत्तर:
गद्यांश में मुख्य रूप से स्वार्थ और भ्रष्टाचार पर चर्चा की गई है। इसमें बताया गया है कि समाज में भ्रष्टाचार की चर्चा तो बहुत होती है, लेकिन त्याग करने की भावना लुप्त होती जा रही है। इसी कारण देश में असमानता और अन्य समस्याएँ बनी हुई हैं।(iii) निम्नलिखित कथनों पर विचार करते हुए गद्यांश के अनुसार सही कथन का चयन करें।
(A) जब मनुष्य निज स्वार्थ की सोचता है, तब वह देशहित के लिए भी कार्य करता है।
(B) जब मनुष्य अपने कर्तव्य से अधिक अधिकार की माँग करता है, तब वह त्याग का नाम भी लेता है।
(C) जब मनुष्य समाज में भ्रष्टाचार पर चर्चा करता है, तो उसके उन्मूलन के विकल्प भी सोचता है।
(D) जब मनुष्य निज स्वार्थ को सर्वोपरि मानता है, तब वह भी भ्रष्टाचार का अंग बन जाता है।
उत्तर:
गद्यांश में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि लोग भ्रष्टाचार पर चर्चा तो करते हैं, लेकिन अपने व्यक्तिगत स्वार्थों के कारण वे स्वयं भी इसमें शामिल हो जाते हैं। जब कोई व्यक्ति केवल अपने स्वार्थ की चिंता करता है, तो वह अनजाने में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है।(iv) स्तंभ-1 में दिए गए कथनों के आशय को स्तंभ-2 से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए।
| स्तंभ-1 | स्तंभ-2 |
|---|---|
| 1. पानी झमाझम बरसता है। | (i) सहायता हेतु अनेक कल्याणकारी योजनाएँ बनती हैं। |
| 2. काले मेघों के दल उमड़ते हैं। | (ii) जन-समाज की आवश्यकताएँ जस-की-तस रह जाती हैं। |
| 3. गगरी फूटी रह जाती है, बैल प्यासे रह जाते हैं। | (iii) अपार धन-राशि व्यर्थ की जाती है। |
(A) 1-(iii), 2-(ii), 3-(i)
(B) 1-(i), 2-(ii), 3-(iii)
(C) 1-(ii), 2-(i), 3-(iii)
(D) 1-(iii), 2-(i), 3-(ii)
उत्तर:
व्याख्या:
- पानी झमाझम बरसता है। → सहायता हेतु अनेक कल्याणकारी योजनाएँ बनती हैं।
- काले मेघों के दल उमड़ते हैं। → जन-समाज की आवश्यकताएँ जस-की-तस रह जाती हैं।
- गगरी फूटी रह जाती है, बैल प्यासे रह जाते हैं। → अपार धन-राशि व्यर्थ की जाती है।
यह भ्रष्टाचार की उस स्थिति को दर्शाता है, जहाँ संसाधन और योजनाएँ तो बहुत हैं, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं होता।
(v) "आखिर कब बदलेगी यह स्थिति?" गद्यांश से उद्धृत इस कथन के संदर्भ में लिखिए कि देश की स्थिति कैसे बदलेगी।
(A) अपनी भलाई कर लेने से
(B) मन में विचार कर लेने से
(C) स्वार्थ और भ्रष्टाचार से दूरी बना लेने से
(D) सबको आजीविका प्राप्त होने से
उत्तर:
गद्यांश का मुख्य संदेश यह है कि जब तक लोग अपने स्वार्थ और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना बंद नहीं करेंगे, तब तक समाज की स्थिति नहीं बदलेगी। देश की उन्नति तभी संभव है, जब नागरिक ईमानदारी से कार्य करें और भ्रष्टाचार से दूर रहें।निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
(i) लेखक ने यशोधर बाबू को किशनदा का कौन-सा पुत्र कहा है?
(A) मानस पुत्र
(B) दत्तक पुत्र
(C) पुत्र
(D) जन्मजात पुत्र
उत्तर:
गद्यांश के अनुसार, लेखक ने यशोधर बाबू को किशनदा का "मानस पुत्र" कहा है। इसका अर्थ यह है कि वे उनके विचारों, आदर्शों और सोच को अपनाने वाले पुत्र की तरह थे, भले ही वे जन्म से उनके पुत्र न हों। यह पुत्रत्व मानसिक और आत्मिक संबंधों पर आधारित होता है।(ii) मुअनजोदड़ो के सबसे ऊँचे चबूतरे पर क्या विद्यमान है?
(A) मंदिर
(B) राजमहल
(C) बौद्ध स्तूप
(D) विशाल भवन
उत्तर:
मुअनजोदड़ो, जो सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण नगर था, उसके सबसे ऊँचे चबूतरे पर बौद्ध स्तूप स्थित है। यह स्तूप बाद के काल में वहाँ निर्मित किया गया था, जो इस क्षेत्र में बौद्ध धर्म के प्रभाव को दर्शाता है।(iii) मुअनजोदड़ो की मुख्य सड़क की चौड़ाई कितनी है?
(A) 32 फीट
(B) 20 फीट
(C) 33 फीट
(D) 23 फीट
उत्तर:
मुअनजोदड़ो की मुख्य सड़क की चौड़ाई लगभग 33 फीट थी। यह सड़कें सुव्यवस्थित और समकोण पर निर्मित थीं, जिससे प्राचीन नगर नियोजन की उत्कृष्टता झलकती है।(iv) 'सिल्वर वैडिंग' पाठ के संदर्भ में निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कथन: सिल्वर वैडिंग की भव्य पार्टी भी यशोधर बाबू को 'समहाउ इंप्रॉपर' लगी।
कारण: यशोधर बाबू को केक काटना विलायती परंपरा और बचकानी बात मालूम होती थी।
विकल्प:
(A) कथन सही है, कारण गलत है।
(B) कथन सही नहीं है, कारण सही है।
(C) कथन तथा कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
(D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
उत्तर:
यशोधर बाबू को 'सिल्वर वैडिंग' की भव्यता अप्राकृतिक और अनावश्यक लगी, क्योंकि वे परंपरागत भारतीय मूल्यों के व्यक्ति थे। उन्हें केक काटना एक पश्चिमी और बचकानी परंपरा लगी, जो भारतीय संस्कृति से मेल नहीं खाती थी।(v) 'जूझ' पाठ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: लेखक अपने अध्यापक से सुनी कविताएँ पढ़ाई करते हुए गाता था।
कथन II: मंत्री मास्टर गणित पढ़ाते थे।
कथन III: मास्टर सौंदलगेकर के प्रयास से लेखक की हिंदी भाषा सुधरने लगी।
कथन IV: लेखक के पिता उसे पढ़ने के लिए प्रेरित करते थे।
सही कथन/कथनों वाले विकल्प का चयन करें:
(A) कथन I तथा II सही हैं।
(B) कथन II सही है।
(C) कथन II तथा III सही हैं।
(D) कथन I, II तथा IV सही हैं।
उत्तर:
- मंत्री मास्टर गणित पढ़ाते थे।
- मास्टर सौंदलगेकर के प्रयास से लेखक की हिंदी भाषा सुधरने लगी।
- लेखक अपने अध्यापक से सुनी कविताएँ पढ़ाई करते हुए नहीं गाता था।
- लेखक के पिता उसे पढ़ने के लिए प्रेरित करते थे—इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
(vi) अपने बेटों से तमाम तरह की शिकायतें होने पर भी यशोधर बाबू को उन पर गर्व क्यों था?
(A) घर की आर्थिक स्थिति सुधर जाने के कारण
(B) छोटी उम्र में ही बेटे द्वारा मोटी तनख्वाह पा जाने के कारण
(C) सांसारिक मानकों के अनुसार बड़ा आदमी मान लिये जाने के कारण
(D) घर में आधुनिक सुख-सुविधा के साधन आ जाने के कारण
उत्तर:
हालाँकि यशोधर बाबू को अपने बेटों की कई बातों से शिकायत थी, लेकिन समाज में उनके बड़े आदमी के रूप में स्थापित हो जाने के कारण उन्हें गर्व भी था।(vii) पाठशाला जाने की बात लेखक ने सबसे पहले किससे की? 'जूझ' कहानी के आधार पर लिखिए।
(A) दादा से
(B) माँ से
(C) दादा जी से
(D) सौंदलगेकर से
उत्तर:
लेखक ने सबसे पहले अपनी माँ से पाठशाला जाने की इच्छा व्यक्त की थी।(viii) 'जूझ' कहानी से लेखक की किस प्रकृति का उद्घाटन होता है?
(A) घूमने-फिरने की
(B) झूठ बोलने की
(C) संघर्ष करने की
(D) अपने मन का करने की
उत्तर:
'जूझ' कहानी लेखक के संघर्षशील स्वभाव को दर्शाती है, जिसमें वह कठिनाइयों के बावजूद शिक्षा प्राप्त करने और आगे बढ़ने की कोशिश करता है।(ix) 'सिल्वर वैडिंग' पाठ में पत्नी द्वारा मकान के संदर्भ में भविष्य की चिंता किए जाने पर यशोधर बाबू द्वारा नकली हँसी हँसने का कारण था:
(A) अपनी गलती स्वीकार करना
(B) अपनी परेशानी को छिपाना
(C) पत्नी की खिन्नता उड़ाना
(D) मन ही मन खुश होना
उत्तर:
यशोधर बाबू ने अपनी गलती को महसूस किया और नकली हँसी से अपनी स्थिति को सँभालने की कोशिश की।(x) लेखक के अनुसार सिंधु सभ्यता का सौंदर्य है, उसके:
(A) राज-पोषित होने में
(B) समाज-पोषित होने में
(C) धर्म-पोषित होने में
(D) व्यापार-पोषित होने में
उत्तर:
सिंधु सभ्यता समाज-पोषित थी, क्योंकि यह एक संगठित समाज के सहयोग से विकसित हुई थी, जिसमें समानता और सुव्यवस्थित नगर-नियोजन देखने को मिलता है।निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
(क) बन रहेंगे हम रहेंगे
उत्तर:
पर्यावरण का संरक्षण हमारा दायित्व है।
आज के आधुनिक युग में औद्योगिकीकरण और शहरीकरण के कारण पर्यावरण को भारी क्षति पहुँच रही है। वनों की अंधाधुंध कटाई, बढ़ता प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएँ दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही हैं।
वन हमारे जीवन का आधार हैं। वे न केवल हमें शुद्ध वायु प्रदान करते हैं बल्कि अनेक जीव-जंतुओं का आश्रय भी हैं। वनों के विनाश के कारण वर्षा में कमी, भूमि कटाव और जैव विविधता का नाश हो रहा है। यदि हमें अपने अस्तित्व को बनाए रखना है, तो वनों की रक्षा करनी होगी।
पेड़-पौधों को बचाने के लिए हमें अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए, वन्यजीवों की सुरक्षा करनी चाहिए और वनों की अंधाधुंध कटाई को रोकना चाहिए। इसके लिए सरकारों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी प्रयास करने होंगे।
"यदि वन रहेंगे, तो हम रहेंगे"—यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन का सत्य है। हमें अपने भविष्य के लिए वनों को बचाना होगा, तभी हम एक स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण में जीवित रह सकेंगे।
(ख) मैंने जब गाड़ी चलाना सीखा
उत्तर:
गाड़ी चलाना सीखना जीवन की सबसे रोमांचक उपलब्धियों में से एक है। जब मैंने पहली बार गाड़ी चलाना सीखा, तो मन में एक अलग ही उत्साह था।
पहले दिन, मेरे पिता ने मुझे कार के बेसिक नियंत्रण समझाए। उन्होंने बताया कि कैसे एक्सीलेटर, ब्रेक और क्लच का सही इस्तेमाल करना चाहिए। शुरुआती कुछ दिन मेरे लिए चुनौतीपूर्ण थे। कभी कार झटके से बंद हो जाती, तो कभी अचानक रफ्तार पकड़ लेती। लेकिन धीरे-धीरे अभ्यास से मेरा आत्मविश्वास बढ़ता गया।
सबसे कठिन अनुभव था—रिवर्स गियर में कार चलाना और ट्रैफिक में गाड़ी नियंत्रित करना। धीरे-धीरे, मैंने सड़क के नियमों और संकेतों को समझा और ट्रैफिक में गाड़ी चलाने का आत्मविश्वास हासिल किया।
आज, गाड़ी चलाना मेरे लिए न केवल एक स्किल है, बल्कि आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता का प्रतीक भी है। इसने मुझे अनुशासन और धैर्य का महत्व भी सिखाया है।
(ग) समावेशी शिक्षा
उत्तर:
समावेशी शिक्षा का अर्थ है सभी बच्चों को समान अवसर प्रदान करना, चाहे वे किसी भी जाति, धर्म, लिंग, सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि या शारीरिक और मानसिक अक्षमताओं से ग्रस्त हों। यह शिक्षा का एक ऐसा मॉडल है जिसमें कोई भी बच्चा खुद को उपेक्षित महसूस नहीं करता।
समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है कि हर बच्चे को बिना भेदभाव के सीखने का अवसर मिले। इसके तहत दिव्यांग बच्चों को भी समान रूप से शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार दिया जाता है। इसके लिए स्कूलों में विशेष सुविधाएँ, प्रशिक्षित शिक्षक और अनुकूल वातावरण की आवश्यकता होती है।
समावेशी शिक्षा से समाज में समानता, सहिष्णुता और आपसी सहयोग की भावना विकसित होती है। यह बच्चों को एकजुट होकर सीखने और एक बेहतर नागरिक बनने में मदद करता है।
इसलिए, समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना आवश्यक है ताकि हर बच्चा बिना किसी बाधा के अपनी शिक्षा पूरी कर सके और समाज में योगदान दे सके।
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर लगभग 40 शब्दों में निर्देशानुसार उत्तर दीजिए।
(i) कहानी और नाटक में क्या-क्या समानताएँ हैं? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
उत्तर:
कहानी और नाटक दोनों साहित्य की विधाएँ हैं जिनमें पात्र, कथानक और संवाद होते हैं। दोनों में ही घटनाओं का क्रमबद्ध वर्णन किया जाता है। नाटक में संवाद अधिक होते हैं और दृश्यात्मकता होती है, जबकि कहानी में वर्णनात्मक शैली होती है।
मुख्य समानताएँ:
- दोनों में कथानक (Plot) होता है।
- पात्रों (Characters) के माध्यम से घटनाएँ प्रस्तुत की जाती हैं।
- पाठकों या दर्शकों को भावनात्मक रूप से प्रभावित करते हैं।
- सामाजिक, ऐतिहासिक या काल्पनिक विषयों पर आधारित हो सकते हैं।
अथवा
(ख) रेडियो नाटक लेखन में किन-किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है?
उत्तर:
उत्तर:
रेडियो नाटक लेखन में ध्वनि संकेतों, संवादों और पृष्ठभूमि ध्वनियों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है, क्योंकि इसमें दृश्य मौजूद नहीं होते।
मुख्य बातें:
- संवाद प्रभावशाली और स्पष्ट होने चाहिए।
- ध्वनि प्रभाव (Sound Effects) उचित तरीके से उपयोग किए जाने चाहिए।
- भाषा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए ताकि श्रोता आसानी से समझ सकें।
- पात्रों की आवाज़ और संवादों में भावनाएँ झलकनी चाहिए।
- नाटक की अवधि उपयुक्त होनी चाहिए ताकि श्रोताओं की रुचि बनी रहे।
(ii) एकरात्मक लेखन में लेखक अपने विचार रखने हेतु स्वतंत्र है, फिर भी इस प्रकार का लेखन करते समय किस तरह के विचार व्यक्त किए जाने चाहिए?
उत्तर:
उत्तर:
- विचार स्पष्ट और संगठित होने चाहिए।
- लेखन तथ्यपरक और तर्कसंगत होना चाहिए।
- समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले विचार होने चाहिए।
- भाषा सहज और संप्रेषणीय होनी चाहिए।
- लेखन में निष्पक्षता और संतुलन बनाए रखना चाहिए।
अथवा
(ख) रेडियो नाटक में ध्वनि-संकेतों के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
उत्तर:
रेडियो नाटक में दृश्य नहीं होते, इसलिए ध्वनि संकेतों (Sound Effects) का अत्यधिक महत्व होता है। ये संकेत दृश्य का आभास कराते हैं और श्रोताओं की कल्पना को जीवंत बनाते हैं।
निम्नलिखित तीन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए।
(क) 'इंटरनेट पत्रकारिता' की लोकप्रियता के तीन कारण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
इंटरनेट पत्रकारिता आज के डिजिटल युग में सबसे प्रभावशाली माध्यम बन चुकी है। इसके लोकप्रिय होने के तीन प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं—
- तत्काल सूचना (Instant Information): इंटरनेट पत्रकारिता में समाचार तुरंत प्रकाशित और अपडेट किए जा सकते हैं, जिससे लोग वास्तविक समय (Real-Time) में ताजा समाचार प्राप्त कर सकते हैं।
- व्यापक पहुंच (Wide Reach): इंटरनेट पर समाचार को किसी भी स्थान से पढ़ा जा सकता है। यह वैश्विक स्तर पर लोगों को जोड़ने का कार्य करता है।
- मल्टीमीडिया उपयोग (Use of Multimedia): इंटरनेट पत्रकारिता में केवल लेख नहीं बल्कि वीडियो, ऑडियो, इन्फोग्राफिक्स और चित्रों का भी प्रयोग किया जाता है, जिससे समाचार अधिक प्रभावशाली और आकर्षक बनते हैं।
इसलिए, इंटरनेट पत्रकारिता पारंपरिक पत्रकारिता की तुलना में अधिक लोकप्रिय हो रही है।
(ख) पत्रकारीय विशेषज्ञता से क्या आशय है? यह व्यावसायिक विशेषज्ञता से किस रूप में भिन्न है?
उत्तर:
पत्रकारीय विशेषज्ञता: पत्रकारीय विशेषज्ञता का अर्थ है किसी विशेष क्षेत्र में पत्रकारिता का गहन ज्ञान और विश्लेषणात्मक क्षमता विकसित करना। इसमें राजनीति, विज्ञान, खेल, अर्थशास्त्र, स्वास्थ्य आदि विषयों पर शोधपूर्ण रिपोर्टिंग शामिल होती है।
व्यावसायिक विशेषज्ञता से अंतर:
| पत्रकारीय विशेषज्ञता | व्यावसायिक विशेषज्ञता |
|---|---|
| यह सूचना संप्रेषण और समाचार विश्लेषण से संबंधित होती है। | यह किसी विशेष व्यवसाय या पेशे में कुशलता और दक्षता से संबंधित होती है। |
| इसमें निष्पक्षता और तथ्यपरकता आवश्यक होती है। | इसमें लाभ, उत्पादन और व्यापार को प्राथमिकता दी जाती है। |
| पत्रकार विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। | पेशेवर व्यक्ति किसी उद्योग या कंपनी की उन्नति और व्यावसायिक सफलता पर ध्यान केंद्रित करता है। |
निष्कर्ष: पत्रकारीय विशेषज्ञता समाज में जागरूकता फैलाने और सूचना प्रसारित करने के लिए होती है, जबकि व्यावसायिक विशेषज्ञता किसी विशेष कार्यक्षेत्र में दक्षता बढ़ाने पर केंद्रित होती है।
(ग) साहित्यिक लेखन से समाचार लेखन की कला किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर:
| साहित्यिक लेखन | समाचार लेखन |
|---|---|
| कल्पनाशीलता पर आधारित होता है। | तथ्य और सच्चाई पर आधारित होता है। |
| लेखक अपने विचारों को स्वतंत्र रूप से व्यक्त कर सकता है। | पत्रकार को निष्पक्ष रहना आवश्यक होता है। |
| इसमें सौंदर्य, भावनाएँ और शैलियाँ महत्वपूर्ण होती हैं। | इसमें स्पष्टता, संक्षिप्तता और सटीकता आवश्यक होती है। |
निष्कर्ष: साहित्यिक लेखन में रचनात्मकता और कल्पनाशीलता होती है, जबकि समाचार लेखन तटस्थ और वास्तविक तथ्यों पर आधारित होता है।
निम्नलिखित तीन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए।
(क) 'जन्म से ही वे अपने साथ लाते हैं कपास' 'पतंग' कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि कवि ने ऐसा किसके लिए और क्यों कहा है?
उत्तर:
कवि ने इस पंक्ति में उन गरीब मजदूरों और बुनकरों की ओर संकेत किया है जो जन्म से ही सूत और कपास से जुड़े होते हैं। वे अपने जीवन का अधिकांश समय धागा कातने, कपड़ा बुनने और पतंगों के लिए मांझा तैयार करने में बिताते हैं।
मुख्य बातें:
- यह उनकी परंपरागत आजीविका को दर्शाता है, जिससे वे जीवनभर जुड़े रहते हैं।
- कवि यहाँ समाज के उन लोगों की कठिनाइयों को उजागर करता है जो श्रम के बल पर जीविका चलाते हैं, लेकिन फिर भी समाज में उपेक्षित रहते हैं।
निष्कर्ष: कवि इस पंक्ति के माध्यम से समाज के श्रमिक वर्ग की स्थिति को दर्शाता है, जो मेहनत करके भी अभावग्रस्त रहते हैं।
(ख) 'बात सीधी थी पर' कविता के आधार पर लिखिए कि कवि ने 'भाषा को सहूलियत' से बरतने की सलाह क्यों दी है?
उत्तर:
कवि ने इस कविता में भाषा को सहज और सुगम बनाने की बात कही है। उनका मानना है कि—
- भाषा व्यक्ति की अभिव्यक्ति का माध्यम होती है, इसलिए इसे सरल और सुगम होना चाहिए।
- अत्यधिक कठिन और कृत्रिम भाषा संचार में बाधा बन सकती है।
- भाषा का उद्देश्य विचारों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना होता है, न कि उसे जटिल और क्लिष्ट बनाना।
निष्कर्ष: कवि का उद्देश्य भाषा को सरल और प्रभावी बनाना है ताकि हर कोई उसे आसानी से समझ सके और संवाद में कोई कठिनाई न हो।
(ग) फिराक की रुबाइयों में उभरे घरेलू जीवन के बिंबों का सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
फिराक की रुबाइयों में घरेलू जीवन के सहज और आत्मीय बिंब देखने को मिलते हैं। उनकी कविताओं में—
- रसोई में जलते चूल्हे की आंच,
- आंगन में खेलते बच्चे,
- घर के बुजुर्गों की यादें,
- पारंपरिक भारतीय जीवन की झलक मिलती है।
निष्कर्ष: फिराक की रुबाइयों में ग्रामीण और पारिवारिक जीवन की वास्तविकता और आत्मीयता का सौंदर्य दिखता है, जो पाठकों को अपने परिवेश से जोड़ता है।
11. निम्नलिखित तीन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए।
(क) 'दिन जल्दी-जल्दी ढलता है' कविता के आधार पर बताइए कि चिड़ियों के परों में चंचलता आने के क्या कारण हो सकते हैं?
उत्तर:
इस कविता में चिड़ियों के परों में चंचलता आने का कारण दिन का समाप्त होना और उनका घोंसले की ओर लौटने की व्यग्रता है।
- जब सूर्यास्त होता है, तो चिड़ियाँ अपने घोंसलों की ओर लौटने के लिए व्याकुल हो जाती हैं।
- वे जल्दी से अपने सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहती हैं।
- यह उनकी स्वाभाविक प्रवृत्ति है कि वे रात होने से पहले आश्रय ग्रहण कर लें।
निष्कर्ष: चिड़ियों की यह चंचलता संध्या की व्यस्तता और दिन समाप्त होने की संकेतक है।
(ख) 'उषा' कविता में 'राख से लीपा हुआ चौका (अभी गीला पड़ा है)' से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
इस पंक्ति का अभिप्राय है कि रात का अंधकार समाप्त हो रहा है और उषा (सूर्योदय) का आगमन हो रहा है।
- रात के समय जलते चूल्हे की राख से लीपा गया चौका अभी गीला है, जिससे संकेत मिलता है कि रात अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
- यह प्रकृति की उस अवस्था को दर्शाता है जब रात और सुबह के बीच का समय होता है।
- सूर्य की पहली किरण धरती को स्पर्श करने वाली होती है, लेकिन अंधकार पूरी तरह मिटा नहीं है।
निष्कर्ष: यह पंक्ति नए दिन के आगमन और रात्रि के अवसान की सुंदर अभिव्यक्ति है।
(ग) तुलसी के अनुसार पेट की आग कैसी है और इसे किस प्रकार बुझाया जा सकता है?
उत्तर:
तुलसीदास के अनुसार, पेट की आग अत्यंत भयानक होती है और मनुष्य को हर हाल में भोजन प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती है।
- यह भूख की वेदना का प्रतीक है, जो सभी प्राणियों के लिए समान होती है।
- इसे केवल अन्न और जल से ही शांत किया जा सकता है।
- यही कारण है कि मनुष्य अपने जीवन-यापन के लिए निरंतर परिश्रम करता है।
निष्कर्ष: तुलसीदास ने पेट की आग को मानव अस्तित्व की मूलभूत आवश्यकता बताया है, जिसे केवल भोजन द्वारा शांत किया जा सकता है।
निम्नलिखित तीन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए।
(क) 'बाज़ार दर्शन' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि 'मन बंदर हो', 'मन खाली हो' और 'मन खाली न हो' से लेखक क्या कहना चाहता है?
उत्तर:
'बाज़ार दर्शन' पाठ में लेखक ने मानव मन की विभिन्न अवस्थाओं को दर्शाने के लिए इन तीन भावों का प्रयोग किया है।
- 'मन बंदर हो' – जब मन अशांत और चंचल होता है, तो वह इधर-उधर भटकता रहता है और किसी एक चीज़ पर केंद्रित नहीं होता।
- 'मन खाली हो' – जब मन शांत और निर्विकार होता है, तब व्यक्ति किसी भी विषय को पूरी एकाग्रता से ग्रहण कर सकता है।
- 'मन खाली न हो' – जब मन पूर्वाग्रहों से भरा होता है, तो वह किसी नए विचार को स्वीकार नहीं करता और सीमित सोच में उलझा रहता है।
निष्कर्ष: लेखक इन भावों के माध्यम से यह स्पष्ट करता है कि बाजार में घूमते समय व्यक्ति का मन किस प्रकार की मानसिक स्थितियों में रहता है और उसे सही दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
(ख) 'काले मेघा पानी दे' पाठ के संदर्भ में लिखिए कि हमारे जीवन में नदियों का क्या महत्व है और इंदर सेना सबसे पहले 'गंगा मैया की जय' क्यों बोलती है?
उत्तर:
हमारे जीवन में नदियों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि—
- नदियाँ कृषि के लिए जल का प्रमुख स्रोत हैं।
- पीने, नहाने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए जल उपलब्ध कराती हैं।
- व्यापार, परिवहन और संस्कृति से भी नदियाँ जुड़ी हुई हैं।
'गंगा मैया की जय' का महत्व:
- गंगा नदी को भारत में पवित्र और देवी स्वरूप माना जाता है।
- इंदर सेना सबसे पहले 'गंगा मैया की जय' बोलती है क्योंकि गंगा को जीवनदायिनी और समस्त पापों का नाश करने वाली माना जाता है।
- गंगा नदी का जल पवित्र और अमृततुल्य माना जाता है, इसलिए उसकी महिमा का गुणगान किया जाता है।
निष्कर्ष: नदियाँ हमारे जीवन का आधार हैं और सांस्कृतिक दृष्टि से भी गंगा का विशेष स्थान है, इसलिए इंदर सेना सबसे पहले 'गंगा मैया की जय' का उद्घोष करती है।
(ग) जाति-प्रथा के आधार पर किया गया श्रम-विभाजन मनुष्य और समाज दोनों के लिए अहितकर है। उचित तर्क द्वारा इसका आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
जाति-आधारित श्रम-विभाजन समाज और व्यक्ति दोनों के लिए हानिकारक है, क्योंकि—
- यह सामाजिक असमानता और भेदभाव को जन्म देता है।
- व्यक्ति की प्रतिभा और क्षमताओं का सही उपयोग नहीं हो पाता।
- जाति-प्रथा के कारण श्रमिकों को उनकी मेहनत के अनुरूप सम्मान और पारिश्रमिक नहीं मिलता।
- इससे समाज में ऊँच-नीच की भावना विकसित होती है, जिससे आपसी सौहार्द्र नष्ट होता है।
जाति-आधारित श्रम विभाजन की हानियाँ:
- व्यक्ति की रुचि और योग्यता को अनदेखा कर उसे जन्म के आधार पर काम करने के लिए बाध्य किया जाता है।
- समाज में आर्थिक और सामाजिक विकास बाधित होता है क्योंकि योग्य व्यक्ति अपनी पसंद का कार्य नहीं कर पाते।
निष्कर्ष: जाति-आधारित श्रम विभाजन से न केवल व्यक्ति की स्वतंत्रता बाधित होती है, बल्कि समाज भी प्रगति से वंचित रह जाता है। इसलिए यह व्यवस्था मनुष्य और समाज दोनों के लिए अहितकर है।
निम्नलिखित तीन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए।
(क) मतिन और लेखिका के बीच कैसा संबंध था? क्या वह लेखिका के घर में एक सेविका के रूप में थी? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
उत्तर:
मतिन और लेखिका के बीच केवल सेविका और स्वामिनी का संबंध नहीं था, बल्कि उनके बीच आत्मीयता और विश्वास का एक गहरा रिश्ता था।
- मतिन अपने कर्तव्यों का निष्ठा से पालन करती थी, लेकिन लेखिका के प्रति उसके मन में अपनत्व और स्नेह भी था।
- वह केवल घर के कामकाज तक सीमित नहीं थी, बल्कि लेखिका के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई थी।
- उसकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के कारण लेखिका को उस पर विशेष विश्वास था।
(ख) 'पहलवान की ढोलक' पाठ के आधार पर तुनीर की चारित्रिक विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
'पहलवान की ढोलक' पाठ में तुनीर का चरित्र दृढ़ता, संकल्प और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उसकी मुख्य विशेषताएँ हैं—
- संघर्षशीलता: तुनीर जीवन की कठिनाइयों से जूझता है और हार नहीं मानता।
- दृढ़ निश्चय: वह अपनी मेहनत से अपने जीवन को संवारने का प्रयास करता है।
- संगीत प्रेमी: ढोलक बजाने में उसकी कुशलता उसे आत्मसंतोष देती है।
- सकारात्मक दृष्टिकोण: परिस्थितियाँ विपरीत होने पर भी वह धैर्य नहीं खोता।
निष्कर्ष: तुनीर अपने संघर्ष और आत्मनिर्भरता के माध्यम से पाठकों को प्रेरणा देता है कि मेहनत और लगन से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
(ग) चिलचिलाती पूष में भी सरस रहने वाला शिरीष क्या प्रेरणा देता है? अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
शिरीष वृक्ष अपनी विशेषताओं के कारण हमें अनेक प्रेरणाएँ देता है—
- यह कठोर परिस्थितियों में भी खिलता और सरस बना रहता है, जिससे हमें विपरीत परिस्थितियों में धैर्य रखने की सीख मिलती है।
- यह बिना किसी बाहरी सहायता के फलता-फूलता है, जो आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
- इसकी कोमलता और सजीवता यह दर्शाती है कि कठिनाइयों में भी हमें सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखना चाहिए।
- यह संदेश देता है कि सच्ची सफलता और संतोष बाहरी परिस्थितियों पर नहीं, बल्कि हमारी आंतरिक शक्ति पर निर्भर करता है।
निष्कर्ष: शिरीष हमें सिखाता है कि हमें जीवन में हर परिस्थिति में दृढ़ और सकारात्मक रहना चाहिए।
14. निम्नलिखित तीन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए।
(क) 'सिल्वर वेडिंग' कहानी का मुख्य विषय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
'सिल्वर वेडिंग' कहानी आधुनिक सामाजिक परिवर्तनों और मानवीय संबंधों में आई औपचारिकता को उजागर करती है।
- कहानी यह दर्शाती है कि वैवाहिक जीवन में भावनात्मक बंधन धीरे-धीरे औपचारिकताओं में बदल जाते हैं।
- मुख्य पात्र यशोधर बाबू के माध्यम से यह बताया गया है कि विवाह की सिल्वर जुबली केवल बाहरी तामझाम तक सीमित रह गई है, जबकि वास्तविक भावनाएँ कहीं खो गई हैं।
- कहानी यह संदेश देती है कि रिश्तों की गहराई केवल समारोहों से नहीं, बल्कि आपसी समझ और स्नेह से बनती है।
(ख) 'तुम' कहानी किस प्रकार युवावर्ग को प्रेरणा प्रदान करती है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
'तुम' कहानी युवावर्ग को आत्मनिर्भरता, साहस और संघर्ष की प्रेरणा देती है।
- यह कहानी बताती है कि जीवन में कठिनाइयाँ आती हैं, लेकिन यदि हम आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ें, तो सफलता निश्चित है।
- कहानी का नायक अपने संघर्ष और साहस के बल पर अपनी मंजिल प्राप्त करता है।
- यह कहानी युवाओं को यह संदेश देती है कि किसी भी समस्या के सामने हार मानने की बजाय उनका सामना करना चाहिए और आत्मनिर्भर बनना चाहिए।
- उदाहरण: कहानी का मुख्य पात्र अपने संघर्षों के बावजूद आत्मनिर्भरता की राह पर चलता है और सफलता प्राप्त करता है, जो प्रत्येक युवा के लिए प्रेरणादायक है।
(ग) 'अतीत में दबे पाँव' पाठ में लेखक ने सिंधु घाटी सभ्यता को जल-संस्कृति कहा है। इस तथ्य को प्रमाण सहित सिद्ध कीजिए।
उत्तर:
सिंधु घाटी सभ्यता को जल-संस्कृति कहने के पीछे कई प्रमाण हैं—
- इस सभ्यता के शहरों में विकसित जल निकासी प्रणाली थी, जिससे जल प्रबंधन का उत्कृष्ट ज्ञान प्रदर्शित होता है।
- स्नानागार और कुओं की उपस्थिति यह दर्शाती है कि लोग जल संरक्षण के प्रति जागरूक थे।
- नदियों के किनारे बसे नगर (जैसे हड़प्पा और मोहनजोदड़ो) यह दर्शाते हैं कि जल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा था।
- वहाँ कृत्रिम जलाशय और नहरों की व्यवस्था थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जल का उपयोग कृषि और अन्य आवश्यकताओं के लिए सुव्यवस्थित रूप से किया जाता था।
निष्कर्ष: सिंधु घाटी सभ्यता के लोग जल के महत्व को समझते थे और उन्होंने इसे अपने जीवन और नगर नियोजन का अभिन्न हिस्सा बनाया था, इसलिए इसे जल-संस्कृति कहा गया है।








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