CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2024 PDF (Set 3- 2/2/3) is available for download here. CBSE conducted the Hindi Core exam on February 19, 2024 from 10:30 AM to 1:30 PM. The total marks for the theory paper are 80. The question paper will contain 20% MCQ-based questions, 40% competency-based questions, and 40% short and long answer type questions.
CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper 2024 (Set 3- 2/2/3) with Answer Key
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CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper With Answer Key |
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CBSE Class 12 Hindi Core Question Paper Solution
खण्ड अ
(बहुविकल्पी/वस्तुपरक प्रश्न)
प्रश्न 1:
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
भारतीय शास्त्रीय संगीत की यह एक विलक्षणता है कि एक राग जितनी बार प्रस्तुत होता है, उतनी बार उसमें नयापन उभरता है और इसका आकर्षण कभी समाप्त नहीं होता। इसकी समकालीन गुणवत्ता वर्षों के फ़ासले में नहीं बदलती, यह समय के छोटे-छोटे हिस्से में भी घटित होती है। इसके बावजूद इसमें ऐसा भी तत्व है, जो कभी नहीं बदलता। वह समय की गति को लांघ जाता है। शाश्वतता और समकालीनता की यही संधि भारतीय कला विधाओं की निजी पहचान है।
(i) भारतीय शास्त्रीय संगीत की विलक्षणता क्या है?
उत्तर:
व्याख्या: भारतीय शास्त्रीय संगीत की विशेषता यह है कि जब भी कोई राग प्रस्तुत किया जाता है, तो हर बार उसमें एक नया स्वरूप देखने को मिलता है। यही कारण है कि यह संगीत कभी भी अपना आकर्षण नहीं खोता।
(ii) संदर्भ के अनुसार गद्यांश में 'विशिष्टताओं की वृद्धि' अर्थ को व्यक्त करने वाला शब्द क्या है?
उत्तर:
व्याख्या: 'गुणोत्कर्ष' का अर्थ है किसी गुण की निरंतर वृद्धि और उत्कृष्टता। गद्यांश में भारतीय शास्त्रीय संगीत की विशिष्टताओं में निरंतर वृद्धि की बात कही गई है, इसलिए यह शब्द उपयुक्त है।
(iii) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर:
व्याख्या: गद्यांश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारतीय शास्त्रीय संगीत का आधार लोकगीतों में निहित है। इसलिए कथन III सही है।
(iv) गद्यांश के अनुसार रागों की रचना किस प्रकार होती है?
उत्तर:
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार लोकगीतों की धुनों और प्रकृति में व्याप्त स्वरों को शास्त्रीय संस्कार देकर रागों की रचना की जाती है।
(v) गद्यांश के अनुसार 'सम' क्या है?
उत्तर:
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार, 'सम' वह बिंदु है जहाँ लय और ताल आपस में मिलते हैं। यह संगीत में एक महत्वपूर्ण तत्व होता है।
(vi) गद्यांश के अनुसार समर्थ गायकों ने प्रसिद्धि प्राप्त की:
उत्तर:
व्याख्या: गद्यांश में कहा गया है कि कई समर्थ गायकों ने आंचलिक गीतों को शास्त्रीय पद्धति में ढालकर विशिष्ट गायकी द्वारा प्रसिद्धि प्राप्त की है।
(vii) संस्कृति बनती है:
उत्तर:
व्याख्या: संस्कृति का निर्माण प्रकृति की विभिन्नता, सामयिकता और शाश्वतता के समन्वय से होता है।
(viii) प्रकृति की विभिन्नता और समकालीनता का नाम क्या है?
उत्तर:
व्याख्या: गद्यांश में स्पष्ट किया गया है कि प्रकृति की विभिन्नता और समकालीनता को लय कहा जाता है।
(ix) यह गद्यांश दर्शाता है:
उत्तर:
व्याख्या: गद्यांश में बताया गया है कि भारतीय शास्त्रीय संगीत का आधार लोकगीत और प्रकृति के स्वरों में निहित है।
(x) भारतीय कला-विधाओं की निजी पहचान क्या है?
उत्तर:
व्याख्या: भारतीय कला-विधाओं की निजी पहचान यह है कि वे चिरस्थिरता (शाश्वतता) और समसामयिकता (समकालीनता) के समन्वय से बनती हैं।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
ग्राम, नगर या कुछ लोगों का नाम नहीं होता है देश
संसद, सड़कों, आयोगों का नाम नहीं होता है देश
देश नहीं होता है केवल सीमाओं से घिरा मकान
देश नहीं होता है कोई सजी हुई ऊँची दुकान देश नहीं क्लब, जिसमें बैठ करते रहें सदा हम मौज
देश नहीं केवल बंदूकें, देश नहीं होता है फौज
जहाँ प्रेम के दीपक जलते, वहीं हुआ करता है देश
जहाँ इरादे नहीं बदलते, वहीं हुआ करता है देश सज्जन सीना ताने चलते, वहीं हुआ करता है देश
हर दिल में अरमान मचलते, वहीं हुआ करता है देश
वहीं होता जो सचमुच आगे बढ़ता कदम-कदम
धर्म, जाति, भाषाएँ जिसका ऊँचा रखती हैं परचम पहले हम खुद को पहचानें, फिर पहचानें अपना देश
एक दमकता सत्य बनेगा, नहीं रहेगा सपना देश
(i) कवि के अनुसार देश नाम है:
उत्तर:
व्याख्या: कवि के अनुसार देश केवल एक भूखंड नहीं होता, बल्कि यह परस्पर प्रेम, सौहार्द, दृढ़ संकल्प और निरंतर विकास का प्रतीक होता है। इसलिए सही उत्तर (C) है।
(ii) स्तंभ-1 में दिए गए पदों को स्तंभ-2 में दिए गए प्रतीकार्थों से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए:
स्तंभ-1
- 1. संसद
- 2. सड़क
- 3. आयोग
स्तंभ-2
- (i) आवागमन की सुविधा के लिए बना समतल मार्ग
- (ii) सर्वोच्च विधायी निकाय
- (iii) विशेष कार्य के निमित्त सरकार द्वारा गठित संगठन
उत्तर:
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार संसद सर्वोच्च विधायी निकाय होती है, सड़क आवागमन की सुविधा प्रदान करती है और आयोग विशेष कार्यों के लिए गठित किए जाते हैं। इसलिए सही उत्तर (A) है।
(iii) देश का मस्तक ऊँचा रखने में किस-किस का महत्त्वपूर्ण योगदान है?
उत्तर:
व्याख्या: गद्यांश में बताया गया है कि देश की उन्नति और गौरव को बनाए रखने में विभिन्न धर्मों, जातियों और भाषाओं के बीच एकता का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसलिए सही उत्तर (D) है।
(iv) 'पहले हम खुद को पहचानें, फिर पहचानें अपना देश' पंक्ति का क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
व्याख्या: गद्यांश में कवि का कहना है कि पहले हमें अपनी कमजोरियों को समझकर उन्हें दूर करना चाहिए और अपनी क्षमताओं को पहचानना चाहिए। इसके बाद ही हम अपने देश की वास्तविक पहचान कर सकते हैं। इसलिए सही उत्तर (A) है।
(v) देश केवल सपना मात्र न रहकर दमकता सत्य कैसे बनेगा?
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- कथन I: लोगों के विचारों में रहकर
- कथन II: विद्यार्थियों की पुस्तकों में रहकर
- कथन III: युवाओं के कथनों में रहकर
- कथन IV: नागरिकों के सदाचरण एवं सद्गुणों में रहकर
उत्तर:
व्याख्या: देश की उन्नति और सशक्त भविष्य नागरिकों के सदाचरण और सद्गुणों पर निर्भर करता है। यदि नागरिक नैतिक और ईमानदार होंगे, तो देश केवल एक सपना नहीं रहेगा, बल्कि वास्तविकता बनेगा। इसलिए सही उत्तर (B) है।
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
(i) 'छापेखाने' का आविष्कार किस युग में हुआ?
उत्तर:
व्याख्या: छापेखाने (Printing Press) का आविष्कार आधुनिक युग में हुआ। 15वीं शताब्दी में जोहान्स गुटेनबर्ग ने मुद्रण यंत्र का विकास किया, जिससे समाचार पत्रों और पुस्तकों की छपाई संभव हुई। यह संचार क्रांति का एक महत्वपूर्ण चरण था। इसलिए सही उत्तर (B) है।
(ii) निम्नलिखित में कौन-सा माध्यम ध्वनि, स्वर और शब्दों का खेल है?
उत्तर:
व्याख्या: रेडियो एक श्रव्य माध्यम (Audio Medium) है, जिसमें ध्वनि, स्वर और शब्दों के माध्यम से संचार किया जाता है। इसमें दृश्य (Visual) तत्व नहीं होते, केवल ध्वनि प्रभाव और भाषा की शैली ही मुख्य होती है। इसलिए सही उत्तर (A) है।
(iii) आलोक एक पत्रकार हैं। वे किसी खास अखबार से संबंध नहीं रखते अपितु भुगतान के आधार पर अलग-अलग अखबारों के लिए लिखते हैं। उनको किस तरह का पत्रकार कहा जा सकता है?
उत्तर:
व्याख्या: जो पत्रकार किसी एक विशेष समाचार पत्र या पत्रिका के अधीन काम करने के बजाय स्वतंत्र रूप से लेखन कार्य करता है और अपनी रिपोर्ट या लेख विभिन्न अखबारों को भुगतान के आधार पर देता है, उसे फ्रीलांसर (स्वतंत्र पत्रकार) कहा जाता है। इसलिए सही उत्तर (C) है।
(iv) निम्नलिखित में फीचर का एक प्रकार नहीं है:
उत्तर:
व्याख्या: फीचर लेखन में समाचार से जुड़े विश्लेषणात्मक और सूचनात्मक लेखन शामिल होता है। खोजपरक, साक्षात्कार और रूपात्मक फीचर वास्तविकता पर आधारित होते हैं। "काव्यात्मक फीचर" जैसी कोई श्रेणी फीचर लेखन में नहीं होती। इसलिए सही उत्तर (D) है।
(v) सामान्य लेखन से हटकर किसी खास विषय पर किया गया लेखन क्या कहलाता है?
उत्तर:
व्याख्या: सामान्य लेखन की तुलना में विशेष लेखन किसी विशिष्ट विषय पर गहन अध्ययन और विश्लेषण के साथ किया जाता है। यह राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक या किसी अन्य जटिल विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। इसलिए सही उत्तर (B) है।
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
हमें दोनों एक संग रुलाने हैं, आप और वह दोनों (कैमरा बस करो नहीं हुआ रहने दो पड़े पर वक्त की कीमत है) अब मुस्कुराएंगे हम आप देख रहे थे सामाजिक उद्देश्य से युवा कार्यक्रम (बस थोड़ी ही कमी रह गई) धन्यवाद।
(i) काव्यांश में 'आप' और 'वह' प्रयुक्त हुआ है:
उत्तर:
व्याख्या: काव्यांश में 'आप' शब्द का प्रयोग दर्शकों के लिए और 'वह' का प्रयोग विकलांग व्यक्ति के लिए किया गया है। मीडिया संवेदनशील दिखने का प्रयास कर रही है, लेकिन पर्दे के पीछे उसकी संवेदनहीनता झलकती है। इसलिए सही उत्तर (C) है।
(ii) निम्नलिखित कथनों पर विचार करते हुए पद्यांश के अनुसार सही कथन को चयनित कर लिखिए:
उत्तर:
व्याख्या: काव्यांश में मीडिया द्वारा विकलांग व्यक्ति को सहानुभूति का पात्र बनाकर समाज को प्रभावित करने की कोशिश का व्यंग्यपूर्ण चित्रण किया गया है। वास्तव में, उनका उद्देश्य स्वार्थसिद्धि और टीआरपी बटोरना है, न कि सच्ची सेवा करना। इसलिए सही उत्तर (D) है।
(iii) काव्यांश में कोष्ठक में लिखे शब्द संकेत करते हैं:
उत्तर:
व्याख्या: कोष्ठक में लिखे गए शब्द मीडिया की वास्तविकता को दर्शाते हैं। वे यह दिखाते हैं कि मीडिया संवेदनशीलता का दिखावा करती है, लेकिन वास्तविकता में वह टीआरपी और लोकप्रियता के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती है। इसलिए सही उत्तर (A) है।
(iv) उपर्युक्त काव्यांश की पंक्ति 'अब मुस्कुराएँगे हम' दिखाती है, मीडियाकर्मियों की:
उत्तर:
व्याख्या: 'अब मुस्कुराएँगे हम' पंक्ति मीडिया की संवेदनहीनता को उजागर करती है। वे सिर्फ दिखावे के लिए भावुकता उत्पन्न करने की कोशिश करते हैं और कार्यक्रम समाप्त होते ही पुनः सामान्य हो जाते हैं। इसलिए सही उत्तर (B) है।
(v) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए:
कथन: सामाजिक उद्देश्य से युक्त कार्यक्रम में मीडिया का उद्देश्य पूर्ण न हो सका।
कारण: विकलांग व्यक्ति द्वारा उनके निर्देशानुसार व्यवहार न करने से लोगों की सहानुभूति बटोरने का अवसर उनके हाथ से निकल गया।
उत्तर:
व्याख्या: मीडिया का उद्देश्य संवेदनशीलता का प्रदर्शन कर सहानुभूति बटोरना था, लेकिन जब विकलांग व्यक्ति उनके अनुसार व्यवहार नहीं करता, तो उनका प्रयोजन असफल हो जाता है। इसलिए सही उत्तर (D) है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
श्रृषि के फूलों की कोमलता देखकर पर्तवाली कवियों ने समझा कि उसका सब-कुछ कोमल है ! यह भूल है ! इसके फूल इतने मज़बूत होते हैं कि नए फूलों के निकल आने पर भी स्थान नहीं छोड़ते। जब तक नए फूल-पत्ते मिलकर, धमकाकर उन्हें बाहर नहीं कर देते तब तक वे डटे रहते हैं। वसंत के आगमन के समय जब सारी बनस्पति पुष्ट-पत पर ममीरित होती रहती है, श्रृषि के पुराने फूल बुरी तरह खड़खड़ाते रहते हैं। ...
मैं सोचता हूँ कि पुराने को यह अधिकतर-लिप्सा क्यों नहीं समय रहते सावधान हो जाती ? जरा और मृत्यु, ये दोनों ही जगत के अप्रतिरूप और अत्युत्तम सत्य हैं ! तुलसीदास ने अफसोस के साथ इनकी सवाइ पर मुहुर लगायी थी - 'धरा को प्रमाण यही तुलसी जो फरा सो धरा, जो बड़ा सो बताना।'
(i) गद्यांश में प्रयुक्त 'बसंत' शब्द का समानार्थी शब्द हो सकता है:
उत्तर:
व्याख्या: 'मधुमास' बसंत ऋतु का ही दूसरा नाम है। बसंत को 'मधुमास' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस ऋतु में फूल खिलते हैं, मधु (शहद) का उत्पादन अधिक होता है और प्रकृति में निखार आता है। इसलिए सही उत्तर (B) है।
(ii) निम्नलिखित कथनों पर विचार करते हुए गद्यांश के अनुसार सही कथन को चयनित कर लिखिए:
उत्तर:
व्याख्या: गद्यांश में कहा गया है कि शिरीष के फूल कोमल होते हैं, लेकिन उसके फल इतने मजबूत होते हैं कि नए फूलों के आने के बाद भी वे अपनी जगह बनाए रखते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि शिरीष के फल कोमल नहीं होते। इसलिए सही उत्तर (C) है।
(iii) बसंत के सौंदर्य में इनमें से कौन-सा सौंदर्यहीन बना रहता है?
उत्तर:
व्याख्या: बसंत ऋतु में जब संपूर्ण वनस्थली हरी-भरी और फूलों से भरी होती है, तब भी शिरीष के पुराने फल खड़खड़ाते रहते हैं, जिससे वे इस प्राकृतिक सौंदर्य में सौंदर्यहीन प्रतीत होते हैं। इसलिए सही उत्तर (D) है।
(iv) 'शिरीष' को लेकर लेखक का परवर्ती कवियों की धारणा को निराधार मानने का आधार है:
उत्तर:
व्याख्या: परवर्ती कवियों ने शिरीष के फूलों की कोमलता देखकर यह मान लिया कि पूरा पेड़ कोमल होगा, लेकिन गद्यांश में बताया गया है कि इसके फल अत्यंत कठोर होते हैं और आसानी से नहीं झड़ते। इसलिए सही उत्तर (A) है।
(v) 'जो फरा सो झरा, जो बरा सो बुताना' पंक्ति का भाव है:
उत्तर:
व्याख्या: इस पंक्ति का तात्पर्य यह है कि प्रकृति का नियम है कि जो भी इस संसार में आया है, उसे एक दिन जाना ही पड़ेगा। यह जन्म और मृत्यु के शाश्वत सत्य को दर्शाता है। इसलिए सही उत्तर (A) है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
(i) यशोधर बाबू ने मैट्रिक की परीक्षा कहाँ से उत्तीर्ण की थी?
उत्तर:
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार यशोधर बाबू ने अपनी मैट्रिक परीक्षा 'रेम्जे स्कूल, अल्मोड़ा' से उत्तीर्ण की थी। इसलिए सही उत्तर (B) है।
(ii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए:
कथन: आनंदा अपने पढ़ने की बात अपने दादा से नहीं कर पाता है।
कारण: आनंदा के पिता अत्यधिक क्रोधी स्वभाव के थे तथा आनंदा की पढ़ाई करवाने के पक्ष में नहीं थे।
उत्तर:
व्याख्या: गद्यांश में बताया गया है कि आनंदा के पिता क्रोधी थे और उसकी पढ़ाई के पक्ष में नहीं थे, इसलिए आनंदा अपनी पढ़ाई की बात दादा से नहीं कर पाया। इस कारण कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है। इसलिए सही उत्तर (D) है।
(iii) 'अतीत में दबे पाँव' पाठ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए:
उत्तर:
व्याख्या: सिंधु घाटी सभ्यता 'लो प्रोफाइल' सभ्यता थी, क्योंकि यह सैन्य बल पर आधारित न होकर शांति और व्यापार पर आधारित थी। इसलिए सही उत्तर (B) है।
(iv) किसके निर्देशन में मुअनजो-दड़ो की खुदाई का व्यापक अभियान प्रारंभ हुआ?
उत्तर:
व्याख्या: मुअनजो-दड़ो की खुदाई का व्यापक अभियान ब्रिटिश पुरातत्वविद् जॉन मार्शल के निर्देशन में प्रारंभ हुआ था। इसलिए सही उत्तर (B) है।
(v) 'अतीत में दबे पाँव' पाठ से उद्धृत पंक्ति 'देखना अपनी आँख से देखना है। बाकी सब आँख का झपकना है।' का आशय है:
उत्तर:
व्याख्या: इसका आशय यह है कि किसी भी चीज़ की वास्तविक अनुभूति तब होती है जब हम उसे स्वयं प्रत्यक्ष देखते हैं, अन्यथा उसकी अनुभूति अधूरी रह जाती है। इसलिए सही उत्तर (A) है।
(vi) 'जूझ' कहानी के नायक आनंदा का स्कूल में वसंत पाटील की तरह ही सुव्यवस्थित ढंग से काम करने और पढ़ने का कारण इनमें से नहीं है:
उत्तर:
व्याख्या: आनंदा का उद्देश्य वसंत पाटील से ईर्ष्या करना नहीं था, बल्कि वह अपनी परीक्षा की तैयारी और पिता की चुनौती को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहा था। इसलिए सही उत्तर (A) है।
(vii) 'सिल्वर वैडिंग' की पार्टी वाले दिन यशोधर बाबू का 'संध्या' में अधिक समय लगाने का कारण हो सकता है:
उत्तर:
व्याख्या: यशोधर बाबू पार्टी के माहौल में स्वयं को असहज महसूस कर रहे थे, इसलिए उन्होंने अधिक समय 'संध्या' में बिताया। इसलिए सही उत्तर (D) है।
(viii) 'जूझ' कहानी के आधार पर बताइए कि आनंदा को गणित कैसे समझ आने लगा था?
उत्तर:
व्याख्या: आनंदा को गणित मन की एकाग्रता से समझ आने लगा था, क्योंकि उसने ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया था। इसलिए सही उत्तर (A) है।
(ix) 'जूझ' पाठ की लेखन शैली है:
उत्तर:
व्याख्या: 'जूझ' पाठ आत्मकथात्मक शैली में लिखा गया है, क्योंकि इसमें लेखक ने अपने जीवन के संघर्षों को स्वयं के दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया है। इसलिए सही उत्तर (B) है।
(x) 'जूझ' पाठ के अनुसार कविता के प्रति लगाव से पहले और बाद में अकेलेपन के प्रति लेखक की धारणा में क्या बदलाव आया?
उत्तर:
व्याख्या: पहले लेखक को अकेलापन डरावना लगता था, लेकिन कविता के प्रति लगाव के बाद उसे अकेलापन उपयोगी लगने लगा क्योंकि वह इसे अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम बना सका। इसलिए सही उत्तर (C) है।
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
(क) नारी सशक्तिकरण
उत्तर:
नारी सशक्तिकरण का अर्थ महिलाओं को आत्मनिर्भर, स्वतंत्र और निर्णय लेने में सक्षम बनाना है। भारतीय समाज में प्राचीन काल से ही महिलाओं का महत्वपूर्ण स्थान रहा है, लेकिन समय के साथ सामाजिक कुरीतियों के कारण उन्हें कई प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा। आज नारी सशक्तिकरण की दिशा में शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक समानता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार द्वारा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘उज्ज्वला योजना’ और ‘महिला सुरक्षा कानून’ जैसे कई प्रयास किए गए हैं, जिससे महिलाओं की स्थिति में सुधार हुआ है। जब समाज महिलाओं को समान अवसर देगा, तभी सच्चे अर्थों में देश का विकास संभव होगा। इसलिए, प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करे और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करे।(ख) पहाड़ी यात्रा के बीच बस का खराब होना
उत्तर:
पिछले महीने मैं अपने परिवार के साथ एक पहाड़ी यात्रा पर गया। घुमावदार सड़कों और सुंदर वादियों का दृश्य अत्यंत मनमोहक था। अचानक, बीच रास्ते में हमारी बस खराब हो गई। चारों ओर घना जंगल और गहरी खाइयाँ थीं। ड्राइवर ने बस को ठीक करने का प्रयास किया, लेकिन समस्या गंभीर थी। यात्री घबराने लगे, परंतु कुछ स्थानीय लोग हमारी मदद के लिए आगे आए। उन्होंने हमें पास के एक गाँव में रुकने की सलाह दी। वहाँ लोगों ने गर्म चाय और खाना दिया, जिससे हमारी थकान दूर हो गई। लगभग तीन घंटे बाद, बस की मरम्मत हो गई और हम फिर से अपनी यात्रा पर निकल पड़े। यह अनुभव हमें यह सिखा गया कि संकट में धैर्य और सहयोग बहुत आवश्यक होते हैं।(ग) चाँदनी रात का सौंदर्य
उत्तर:
चाँदनी रात का सौंदर्य अनुपम और अलौकिक होता है। पूर्णिमा की रात जब चंद्रमा अपनी संपूर्ण आभा में होता है, तब उसकी शीतल किरणें धरती को एक दिव्य स्वरूप प्रदान करती हैं। नदियों, पहाड़ों और पेड़ों पर पड़ने वाली चाँदनी अद्भुत छटा बिखेरती है। शांत वातावरण में ठंडी हवा मन को एक अजीब-सी स्फूर्ति प्रदान करती है। गाँवों में लोग चाँदनी रात में खुले आँगन में बैठकर आनंद लेते हैं, तो वहीं प्रेमी कवि इस रात को अपनी कविताओं में अमर बना देते हैं। चाँदनी रात केवल सुंदरता ही नहीं, बल्कि मन को एक आध्यात्मिक शांति भी प्रदान करती है। इसे देखकर ऐसा लगता है कि प्रकृति स्वयं प्रेम और सौंदर्य का गीत गा रही हो।निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर लगभग 40 शब्दों में निर्देशानुसार उत्तर दीजिए।
(क) कहानी के कथानक को नाट्य रूपांतरण करते समय किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है?
उत्तर:
कहानी को नाटक में रूपांतरित करने में कई समस्याएँ आती हैं, जैसे—संवादों को अधिक प्रभावशाली बनाना।
पात्रों की संख्या सीमित करनी पड़ती है।
नाटकीय प्रस्तुति के लिए घटनाओं का संक्षिप्तीकरण आवश्यक होता है।
मंच पर प्रदर्शित करने योग्य दृश्य और तकनीकी आवश्यकताओं का ध्यान रखना पड़ता।
(ख) रेडियो नाटक किसे कहा जाता है और आज के संदर्भ में इसका क्या महत्त्व है?
उत्तर:
रेडियो नाटक वह नाट्य रूप है जिसमें केवल ध्वनि, संवाद, संगीत और ध्वनि प्रभावों का उपयोग किया जाता है।आज के संदर्भ में इसका महत्त्व इस प्रकार है—
यह दृष्टिहीन लोगों के लिए मनोरंजन का माध्यम है।
ग्रामीण क्षेत्रों में यह सूचनाओं का प्रमुख स्रोत है।
यह सुनने की कला को विकसित करता है और कल्पना शक्ति को बढ़ाता है।
(ii) (क) नए और अप्रत्याशित विषयों पर लेखन को सरल बनाया जा सकता है, कैसे?
उत्तर:
नए और अप्रत्याशित विषयों पर लेखन को सरल बनाने के लिए—गहन अध्ययन और शोध किया जाना आवश्यक है।
विषय को रोचक बनाने के लिए तर्क और उदाहरणों का प्रयोग किया जाता है।
सरल और सहज भाषा में विचार व्यक्त करने से पाठक विषय को बेहतर समझ पाते हैं।
तकनीकी शब्दावली को आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत किया जाता है।
(ख) नाटक में 'दृश्य' की क्या भूमिका है?
उत्तर:
नाटक में 'दृश्य' बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि—वे कहानी को दृश्यात्मक रूप से प्रभावशाली बनाते हैं।
मंचीय प्रस्तुति को वास्तविकता के करीब लाते हैं।
पात्रों की गतिविधियों और भावनाओं को स्पष्ट करने में सहायक होते हैं।
दर्शकों की रुचि बनाए रखते हैं और नाटक की गति को संतुलित करते हैं।
(क) टेलीविज़न माध्यम की किन्हीं तीन खूबियों अथवा तीन कमियों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
टेलीविज़न की तीन खूबियाँ:दृश्य और श्रव्य संचार – यह चित्र, ध्वनि और संवाद के माध्यम से सूचनाएँ प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करता है।
मनोरंजन और ज्ञान का स्रोत – यह समाचार, फिल्में, शिक्षा, खेल, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से ज्ञान और मनोरंजन प्रदान करता है।
तत्काल प्रसारण की सुविधा – लाइव प्रसारण के माध्यम से यह महत्वपूर्ण घटनाओं और समाचारों को तत्काल दर्शकों तक पहुँचाता है।
(ख) पत्रकारिता की भाषा में 'बीट' किसे कहते हैं? बीट रिपोर्टिंग और विशेषीकृत रिपोर्टिंग में क्या अंतर है? उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर:
बीट:पत्रकारिता में 'बीट' का अर्थ किसी विशेष क्षेत्र की रिपोर्टिंग से है, जैसे—राजनीति, खेल, अपराध, व्यापार, आदि।
बीट रिपोर्टिंग और विशेषीकृत रिपोर्टिंग में अंतर:
बीट रिपोर्टिंग: इसमें रिपोर्टर किसी एक विषय क्षेत्र (जैसे—क्राइम, राजनीति, खेल) पर दैनिक रूप से समाचार संकलित करता है।
उदाहरण: कोई पत्रकार रोज़ाना खेल जगत से संबंधित समाचारों को कवर करता है।
विशेषीकृत रिपोर्टिंग: यह किसी विशेष विषय पर गहन शोध और विश्लेषण के साथ तैयार की जाती है।
उदाहरण: कोई पत्रकार पर्यावरण प्रदूषण पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करता है।
(ग) आलेख किसे कहते हैं? अच्छे आलेख की दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
आलेख वह लेख होता है जिसमें किसी विषय पर विस्तारपूर्वक अध्ययन कर निष्कर्ष प्रस्तुत किया जाता है। यह एक विचारशील, व्यवस्थित और तथ्यपरक लेखन शैली होती है।अच्छे आलेख की दो विशेषताएँ:
स्पष्टता और तथ्यपरकता – आलेख में भाषा सरल, स्पष्ट और तर्कसंगत होनी चाहिए, जिससे पाठक विषय को आसानी से समझ सके।
विषय की गहनता – आलेख का विषय गहन शोध पर आधारित होना चाहिए, ताकि पाठक को नई और महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो।
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर लगभग 40 शब्दों में निर्देशानुसार उत्तर दीजिए।
(क) 'पतंग' कविता में "पतंगों के साथ-साथ वे भी उड़ रहे हैं" कथन का आशय स्पष्ट करते हुए बताइए कि 'वे' शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है।
उत्तर:
'पतंगों के साथ-साथ वे भी उड़ रहे हैं' पंक्ति में 'वे' शब्द उन बच्चों के लिए प्रयुक्त हुआ है जो पतंग उड़ाते समय अपनी कल्पना में स्वयं को भी ऊँचाइयों पर उड़ता हुआ अनुभव करते हैं। यह पंक्ति उनके उत्साह, उमंग और स्वतंत्रता के प्रति उनके लगाव को दर्शाती है।(ख) 'बादल राग' कविता से ली गई पंक्ति 'अशनि-पात से शापित उन्नत शत-शत बीर' का आशय स्पष्ट करते हुए लिखिए कि इस पंक्ति में किसकी ओर संकेत किया गया है।
उत्तर:
इस पंक्ति में उन वीरों की ओर संकेत किया गया है जो संघर्षशील हैं, परंतु उन्हें प्रतिकूल परिस्थितियों और विध्वंसकारी शक्तियों का सामना करना पड़ता है। 'अशनि-पात' का अर्थ वज्रपात से है, जो यहाँ विपत्तियों और संघर्षों को दर्शाता है। यह पंक्ति उन वीरों के संघर्षपूर्ण जीवन और उनकी अटूट दृढ़ता को दर्शाती है।(ग) 'छोटा मेरा खेत' कविता में 'रस का अक्षय पात्र' कथन के आलोक में रचनाधर्मिता की किन विशेषताओं की ओर संकेत किया है?
उत्तर:
'रस का अक्षय पात्र' कथन रचनाधर्मिता की उस विशेषता को दर्शाता है जिसमें एक छोटा-सा खेत भी अपार सौंदर्य और प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। कवि ने यह दर्शाया है कि प्रकृति के छोटे-छोटे तत्व भी असीम आनंद, प्रेम और सौंदर्य की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सकते हैं।निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए।
(क) 'शीतल वाणी में आग लिए फिरता हूँ' 'आत्मपरिचय' कविता के आधार पर इस कथन का विरोधाभास स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
कवि के इस कथन में विरोधाभास यह है कि उनकी वाणी तो शीतल (मृदु और शांत) है, परंतु उनके विचार और व्यक्तित्व में क्रांतिकारी ऊर्जा (आग) है। कवि अपने भीतर छिपे संघर्ष, क्रांति और विद्रोह की भावना को प्रकट कर रहे हैं, जो बाहरी रूप से शांत दिखने बावजूद उनके व्यक्तित्व का एक प्रबल पक्ष है। यह भाव दर्शाता है कि उनके विचारों में परिवर्तन लाने की शक्ति है, परंतु वे इसे संयमित रूप से प्रस्तुत करते हैं।(ख) 'कविता के बहाने' के आधार पर बताइए कि 'सब घर एक कर देने के माने' से कवि का क्या तात्पर्य है।
उत्तर:
'सब घर एक कर देने' का तात्पर्य मानव समाज को एकता के सूत्र में बाँधने से है। कवि का मानना है कि कविता का कार्य केवल सौंदर्य-रस प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों के दिलों को जोड़ना भी है। कविता के माध्यम से वह जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्रीयता की दीवारें गिराकर संपूर्ण मानवता को एक परिवार की तरह देखना चाहते हैं। इससे समाज में प्रेम, भाईचारा और समानता का भाव उत्पन्न होता है।(ग) 'लक्ष्मण मूर्च्छा और राम का विलाप' के आधार पर लिखिए कि युद्ध भूमि में राम के खेमे का माहौल शोकग्रस्त क्यों था? हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लाने पर वहाँ का माहौल कैसा और क्यों हो गया?
उत्तर:
राम के खेमे का माहौल शोकग्रस्त इसलिए था क्योंकि लक्ष्मण युद्ध में मेघनाद के प्रहार से मूर्च्छित हो गए थे और उनके जीवन को संकट में देखकर समस्त वानर सेना निराश हो गई थी। राम स्वयं अपने प्रिय अनुज लक्ष्मण को अचेत देखकर अत्यंत दुखी हो गए और विलाप करने लगे।हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लाने के बाद वहाँ का माहौल हर्ष और उत्साह से भर गया। जैसे ही संजीवनी बूटी से लक्ष्मण ने चेतना प्राप्त की, पूरी वानर सेना ने उल्लास और जयकारों से युद्ध भूमि को गुंजायमान कर दिया। इससे उनमें पुनः विजय प्राप्त करने की ऊर्जा और प्रेरणा उत्पन्न हुई।
निम्नलिखित तीन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए।
(क) 'बाज़ार दर्शन' पाठ में लेखक ने किस बाज़ार को मानवता के लिए विडंबना कहा है ?
उत्तर:
'बाज़ार दर्शन' पाठ में लेखक ने आधुनिक उपभोक्तावादी बाज़ार को मानवता के लिए विडंबना कहा है। इस बाज़ार में चीज़ों की कीमत बढ़ती जा रही है, परंतु मानवीय मूल्यों की कोई क़ीमत नहीं रह गई है। बाज़ार में हर वस्तु बिकाऊ है, यहाँ तक कि भावनाएँ भी बाज़ार का हिस्सा बन गई हैं। इससे समाज में नैतिक गिरावट आ रही है, और लोग संवेदनहीन होते जा रहे हैं।(ख) 'पहलवान की ढोलक' कहानी में किस प्रकार पुरानी व्यवस्था और नई व्यवस्था के टकराव को व्यक्त किया गया है ?
उत्तर:
'पहलवान की ढोलक' कहानी में पुरानी व्यवस्था को पहलवान की ढोलक और नई व्यवस्था को आधुनिक परिवर्तनों के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है। पहलवान की ढोलक गाँव की पुरानी संस्कृति, परंपराओं और सामूहिकता का प्रतीक है, जबकि नई व्यवस्था व्यक्तिगत स्वार्थ और आधुनिकता पर ज़ोर देती है। कहानी में यह दिखाया गया है कि नई व्यवस्था के आगमन के साथ पुरानी मान्यताओं और परंपराओं का ह्रास हो रहा है।(ग) डॉ. आंबेडकर 'दासता' को केवल कानूनी पराधीनता क्यों नहीं मानते ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
डॉ. आंबेडकर दासता को केवल कानूनी पराधीनता नहीं मानते, बल्कि इसे मानसिक, सामाजिक और आर्थिक पराधीनता का भी रूप मानते हैं। उनके अनुसार, कोई समाज तब तक स्वतंत्र नहीं हो सकता जब तक कि उसके नागरिकों को सामाजिक समानता, शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता नहीं मिलती। जाति-प्रथा और छुआछूत जैसी कुप्रथाएँ भी दासता का ही एक रूप हैं, जो लोगों को मानसिक रूप से गुलाम बनाए रखती हैं।निम्नलिखित तीन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए।
(क) पाठ के आधार पर लिखिए कि भक्तिन कौन-से बड़े लाट से भी लड़ने को तैयार है और इसका क्या कारण है।
उत्तर:
भक्तिन अपने आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता के कारण बड़े से बड़े अधिकारी (बड़े लाट) से भी लड़ने को तैयार है। उसका संघर्षपूर्ण जीवन, कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता और अपनी मेहनत पर विश्वास उसे किसी से भी टकराने का साहस देता है। वह अन्याय को सहन नहीं कर सकती और अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत रहती है।(ख) मेंढक मंडली पर पानी डालने को लेकर लेखक जीजी के विचारों से सहमत क्यों नहीं था? 'काले मेघा पानी दे' पाठ के आधार पर लिखिए।
उत्तर:
लेखक मेंढक मंडली पर पानी डालने को लेकर जीजी के विचारों से सहमत नहीं था क्योंकि उसे लगता था कि यह एक अंधविश्वास है। जीजी का मानना था कि ऐसा करने से बारिश जल्दी होगी, लेकिन लेखक इसे अवैज्ञानिक और आधारहीन मानता था। उसके विचार आधुनिक सोच से प्रभावित थे, जिसमें किसी घटना का वैज्ञानिक कारण अधिक महत्वपूर्ण होता है।(ग) 'शिरीष के फूल' पाठ के आधार पर बताइए कि लेखक जीवन का सत्य किसे और क्यों मानता है।
उत्तर:
लेखक जीवन का सत्य परिवर्तन को मानता है। 'शिरीष के फूल' पाठ में यह बताया गया है कि पुराने पत्ते और फल गिरते हैं और नए अंकुर फूटते हैं, जो जीवन के निरंतर बदलाव का प्रतीक है। इसी तरह, जीवन में भी बदलाव और नई पीढ़ी का आना एक अनिवार्य सत्य है, जिसे कोई भी टाल नहीं सकता।निम्नलिखित तीन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए।
(क) कौन-कौन से ऐसे काम थे जो यशोधर बाबू को किशनदा से विरासत में मिले थे? किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
यशोधर बाबू को किशनदा से सादगी और ईमानदारी की विरासत मिली थी।sादगी: उन्होंने जीवनभर सादा जीवन व्यतीत किया और आडंबर से दूर रहे।
ईमानदारी: वे अपने कार्य में पूर्ण ईमानदारी और निष्ठा रखते थे, और किसी भी प्रकार के अनुचित कार्यों से दूर रहते थे।
(ख) 'जूझ' कहानी के आधार पर बताइए कि दत्ता जी राव ने लेखक की पढ़ाई जारी रखने हेतु किस प्रकार प्रयास किया।
उत्तर:
दत्ता जी राव ने लेखक की पढ़ाई जारी रखने के लिए उसे विद्यालय में प्रवेश दिलाने का प्रयास किया। उन्होंने लेखक को प्रोत्साहित किया, शिक्षकों से बात की, और उसे अनुशासन और मेहनत से पढ़ाई करने की प्रेरणा दी। उनके प्रयासों से लेखक का आत्मविश्वास बढ़ा और वह शिक्षा की ओर अग्रसर हुआ।(ग) मुअनजोदड़ो की गलियों या घरों में घूमते हुए लेखक को किसकी याद आ गई और क्यों?







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