CBSE Class 10 Hindi A Question Paper 2024 PDF (Set 1- 3/1/1) is available for download here. CBSE conducted the Hindi A exam on February 21, 2024 from 10:30 AM to 1:30 PM. The total marks for the theory paper are 80. The question paper contains 20% MCQ-based questions, 40% competency-based questions, and 40% short and long answer type questions.As per the students, the difficulty level of the Hindi exam was moderate.

CBSE Class 10 Hindi A Question Paper 2024 (Set 1- 3/1/1) with Answer Key

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CBSE Class 10 Hindi A Question Paper With Solution

खण्ड अ
 (बहुविकल्पी/वस्तुपरक प्रश्न)

प्रश्न 1:
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

भारत एक विशाल देश है। यहाँ के विभिन्न राज्यों की अपनी क्षेत्रीय भाषाएँ हैं। स्वतंत्रता के पश्चात से मातृभाषा को प्रोत्साहित करने की बातें चर्चा में रही हैं,

Read More परंतु इसके विकास के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए गए। इसके कारण, प्रदेशों में अंग्रेजी का वर्चस्व स्थापित हो गया। नेल्सन मंडेला ने कहा था कि किसी भी व्यक्ति के सोचने की प्रक्रिया उसकी मातृभाषा में होती है। अगर किसी व्यक्ति से उसकी मातृभाषा में बात की जाए तो वह बात दिल तक पहुँचती है। यह सर्वविदित है कि मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करना बहुत सरल और सुगम होता है। मातृभाषा में विद्यार्थी किसी भी विषय को आसानी से समझ लेते हैं, जबकि अन्य भाषाओं में उन्हें कठिनाई होती है। विश्वभर के शिक्षाविदों ने मातृभाषा में शिक्षा देने की महत्ता को स्पष्ट किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, जो देश अपनी मातृभाषा में चिकित्सा की पढ़ाई कराते हैं, वहाँ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अन्य देशों की तुलना में बेहतर, स्वच्छ, सुलभ और उत्तम होती है। यदि भारत में भी मातृभाषा में चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा दी जाती तो हम आज बेहतर स्थिति में होते। इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

(i) किसी भी देश के आधारभूत विकास के लिए आवश्यक है:

  • (A) तकनीकी शिक्षा का विस्तार होना
  • (B) चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होना
  • (C) किसी भी भाषा में शिक्षा देना
  • (D) मातृभाषा में शिक्षा का विस्तार होना

सही उत्तर: (D) मातृभाषा में शिक्षा का विस्तार होना

उत्तर: व्याख्या: गद्यांश के अनुसार, मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करना विद्यार्थियों के लिए अधिक सरल और सुलभ होता है, जिससे उनकी समझ और मानसिकता बेहतर बनती है। इसके अलावा, मातृभाषा में शिक्षा देने से न केवल शिक्षा का स्तर बढ़ता है, बल्कि देश की उन्नति के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। गद्यांश में यह भी बताया गया है कि यदि भारत में मातृभाषा में चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा दी जाती तो हम और अधिक बेहतर स्थिति में होते।

(ii) स्वास्थ्य और चिकित्सा की दृष्टि से कौन से देश अच्छी स्थिति में हैं?

  • (A) मातृभाषा में चिकित्सा शिक्षा देने वाले देश
  • (B) अपनी राष्ट्रभाषा को मातृभाषा बनाने वाले देश
  • (C) राष्ट्रभाषा और मातृभाषा को समान मानने वाले देश
  • (D) अंग्रेजी भाषा से ही शिक्षा देने वाले देश

सही उत्तर: (A) मातृभाषा में चिकित्सा शिक्षा देने वाले देश

उत्तर: व्याख्या: गद्यांश में कहा गया है कि जो देश अपनी मातृभाषा में चिकित्सा शिक्षा प्रदान करते हैं, उनके चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएँ अन्य देशों की तुलना में बेहतर होती हैं। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि मातृभाषा में शिक्षा देने वाले देशों की स्थिति स्वास्थ्य और चिकित्सा के दृष्टिकोण से अधिक बेहतर होती है।

(iii) भारत में क्षेत्रीय भाषाओं के अपेक्षाकृत कम विकसित होने के क्या कारण हैं?

  • (A) हिंदी भाषा का वर्चस्व
  • (B) अंग्रेजी भाषा का वर्चस्व
  • (C) उपयुक्त प्रयासों का अभाव
  • (D) स्थानीय इच्छा शक्ति का अभाव

सही उत्तर: (C) उपयुक्त प्रयासों का अभाव

उत्तर: व्याख्या: गद्यांश के अनुसार, मातृभाषा को प्रोत्साहित करने के लिए स्वतंत्रता के बाद कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। इसके कारण क्षेत्रीय भाषाओं का विकास अपेक्षाकृत कम हुआ और अंग्रेजी का वर्चस्व स्थापित हो गया। यह दर्शाता है कि उपयुक्त प्रयासों की कमी ने ही क्षेत्रीय भाषाओं के विकास में रुकावट डाली है।

(iv) 'मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करना आसान होता है।' इस कथन के पक्ष में निम्नलिखित में से कौन-सा कौन से तर्क सही हैं?
1. मातृभाषा में प्राप्त ज्ञान को समझना सरल है।
2. मातृभाषा में प्राप्त ज्ञान को समझना जटिल है।
3. मातृभाषा अन्य भाषाओं से सरल और स्पष्ट होती है।
4. मातृभाषा और दूसरी भाषाओं में कोई अंतर नहीं है।

  • (A) 1 सही है।
  • (B) 3 सही है।
  • (C) 1 और 2 सही हैं।
  • (D) 1 और 4 सही हैं।

सही उत्तर: (A) 1 सही है

उत्तर: व्याख्या: गद्यांश में यह कहा गया है कि मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करना आसान और सुगम होता है। विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में किसी भी विषय को समझने में कोई कठिनाई नहीं होती। इसके विपरीत, अन्य भाषाओं में उन्हें अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता।

(v) कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए:
कथन: भारत में शिक्षा के माध्यम में बदलाव वर्तमान की आवश्यकता है।
कारण: शिक्षा के माध्यम के प्रति दृष्टिकोण समाज में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है।

  • (A) कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
  • (B) कथन और कारण दोनों ही गलत हैं।
  • (C) कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • (D) कथन सही है किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।

सही उत्तर: (C) कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या है।

उत्तर: व्याख्या: गद्यांश के आधार पर यह स्पष्ट है कि वर्तमान समय में शिक्षा के माध्यम में बदलाव आवश्यक है ताकि समाज में एक क्रांतिकारी परिवर्तन आ सके। शिक्षा के माध्यम को लेकर दृष्टिकोण में बदलाव समाज को बेहतर दिशा में विकसित कर सकता है।

प्रश्न 2:
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उत्तर दें एवं आधार पर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

सत्य से हट कर जिए तो क्या जिए हम या कि तुम।
जो नत हुआ वह मृत हुआ ज्यों दंत से झर कर कुसुम।
जो लक्ष्य में रत रक्त नहि, जो हार देख झका नहीं।

Read More जिसने प्रणय पचिक पूजा माना, जीत उसकी ही रही।
सच हम नहीं सच तुम नहीं, सच है महज संघर्ष ही।
ऐसा करो जिससे न प्राणों में कहीं जड़ता रहे।
जो है जहाँ चुपचाप, अपने-आप से लड़ता रहे।
जो भी परिस्थितियों मिलें, कॉट चुभे कलियों खिलें।
हारे नहीं इंसान, है संदेश जीवन का यही।
सच हम नहीं सच तुम नहीं, सच है महज संघर्ष ही।
हमने रचा आओ हमें हमें अब तोड़ दें इस प्यार को।
वह क्या मिलना, मिलना वही जो मोड़ दे मंझधार को।

(i) 'अपने-आप से लड़ने का क्या अभिप्राय है?'

  • (A) अपने भीतर उठे अंतर्द्वंद्व से लड़ना
  • (B) अपने भीतर की कमजोरियों से लड़ना
  • (C) अपनी शारीरिक कमजोरियों से लड़ना
  • (D) अपनी मानसिक व्याधियों से लड़ना

सही उत्तर: (B) अपने भीतर की कमजोरियों से लड़ना

उत्तर: व्याख्या: काव्यांश में 'अपने-आप से लड़ना' का अर्थ अपने अंदर की कमजोरियों, डर, और संकोच से संघर्ष करना है। यह व्यक्तिगत सुधार और आत्मविश्वास को बढ़ाने की दिशा में एक कदम है।

(ii) 'जो नत हुआ वह मृत हुआ' क्यों कहा गया है?

  • (A) झुकना घमंड का परिचायक है।
  • (B) झुकना विनम्रता का परिचायक है।
  • (C) झुकने वाला मृतक के समान है।
  • (D) स्वाभिमान रहित जीवन मृतक के समान है।

सही उत्तर: (D) स्वाभिमान रहित जीवन मृतक के समान है।

उत्तर: व्याख्या: काव्यांश में यह कहा गया है कि जो व्यक्ति अपने स्वाभिमान को खो देता है, वह एक निष्क्रिय जीवन जीता है, जैसे एक मृतक होता है। झुकने का अर्थ स्वाभिमान की कमी से लिया गया है।

(iii) काव्यांश का संदेश क्या है?

  • (A) हर प्रकार की परिस्थिति से समझौता कर स्वयं को ढालने का।
  • (B) जीत की संभावना वाले मार्ग पर ही आगे बढ़ने का।
  • (C) हार की संभावना होने पर नवीन लक्ष्य के निर्माण का।
  • (D) कैसी भी कठिन परिस्थिति हो, उससे हार न मानने का।

सही उत्तर: (D) कैसी भी कठिन परिस्थिति हो, उससे हार न मानने का।

उत्तर: व्याख्या: काव्यांश का मुख्य संदेश यह है कि जीवन में जो भी कठिनाइयाँ आएं, उनका सामना संघर्ष और दृढ़ता से करना चाहिए। चाहे परिस्थिति कैसी भी हो, व्यक्ति को हार मानने के बजाय उसे पार करने की कोशिश करनी चाहिए।

(iv) 'कॉट' और 'कलियाँ' किसके प्रतीक हैं?

  • (A) सुख और दुख के।
  • (B) दुख और सुख के।
  • (C) समृद्धि और उत्कर्ष के।
  • (D) निर्माण और पतन के।

सही उत्तर: (B) दुख और सुख के।

उत्तर: व्याख्या: काव्यांश में 'कॉट' और 'कलियाँ' जीवन के दुख और सुख के प्रतीक हैं। 'कॉट' (काँटे) जीवन के दुखों और कठिनाइयों को दर्शाते हैं, जबकि 'कलियाँ' सुख और विकास के प्रतीक हैं, जो जीवन में मिलते हैं।

(v) कथन और कारण पर विचार करते हुए सही विकल्प चुनकर लिखिए:
कथन: मानव मात्र का जीवन संघर्षपूर्ण है।
कारण: मानव मात्र को अपने जीवन की सम-विषम हर तरह की परिस्थितियों का डटकर सामना करना चाहिए।

  • (A) कथन गलत है और कारण सही है।
  • (B) कथन और कारण दोनों ही गलत हैं।
  • (C) कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • (D) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

सही उत्तर: (C) कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या है।

उत्तर: व्याख्या: कथन में कहा गया है कि मानव जीवन संघर्षपूर्ण है, और कारण में यह बताया गया है कि जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करना आवश्यक है। दोनों एक दूसरे से संबंधित हैं और कारण कथन की पूरी व्याख्या करता है।

प्रश्न 3:
निर्देशानुसार रचना के आधार पर वाक्य भेद' पर आधारित पाँच बहुविकल्पी प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

(i) 'जब बाबू जी रामायण का पाठ करते तब हम उनकी बगल में बैठे रहते।' इस वाक्य का संयुक्त वाक्य होगा:

  • (A) बाबूजी रामायण का पाठ करते और हम उनकी बगल में बैठे रहते।
  • (B) जिस समय बाबूजी रामायण का पाठ करते उस समय हम उनकी बगल में बैठे रहते।
  • (C) बाबूजी के रामायण का पाठ करते समय हम उनकी बगल में बैठे रहते।
  • (D) जब बाबूजी द्वारा रामायण का पाठ किया जाता तब हम भी साथ ही बैठे रहते।

सही उत्तर: (B) जिस समय बाबूजी रामायण का पाठ करते उस समय हम उनकी बगल में बैठे रहते।

उत्तर: व्याख्या: यह वाक्य एक समय-संबंधी घटना को दर्शाता है। संयुक्त वाक्य बनाने के लिए 'जब' की जगह 'जिस समय' का उपयोग किया गया है, जो वाक्य को स्पष्ट और सही रूप में प्रस्तुत करता है।

(ii) 'माँ थाली में दही-भात सानती और बनावटी नाम से कोर बनाकर खिलाती जाती।' इसे सरल वाक्य में बदला जाए तो वाक्य होगा:

  • (A) माँ जब भी थाली में दही-भात सानती तब बनावटी नाम से कोर बनाकर खिलाती जाती।
  • (B) माँ थाली में दाल-भात सानती और छोटे-छोटे कोर बनाकर मुझे खिलाती जाती।
  • (C) माँ थाली में दही-भात सानकर बनावटी नाम से कोर बनाकर खिलाती जाती।
  • (D) माँ थाली में अपने लिए दही-भात सानती पर कोर बनाकर मुझे खिला देती।

सही उत्तर: (C) माँ थाली में दही-भात सानकर बनावटी नाम से कोर बनाकर खिलाती जाती।

उत्तर: व्याख्या: यह वाक्य 'संगत' क्रिया (दो या अधिक क्रियाओं को जोड़ने) का उदाहरण है। इसे सरल बनाने के लिए, 'और' के बाद कोर बनाने की क्रिया को सीधे वाक्य में जोड़ा गया है।

(iii) निम्नलिखित वाक्यों में से मिश्र वाक्य पहचान कर नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाला विकल्प चुनकर लिखिए:

  • जब दुलारी ने केश बांध लिए, तब उसने खिड़की खोल दी।
  • उसने सिर का पसीना सुखाया और वहीं खड़ी हो गई।
  • टूनू जब दरवाजे पर खड़ा था तब उसके पास एक पोटली थी।
  • उसकी गृहस्थी बड़ी कठिनाई से चल रही थी फिर भी उसे चिंता नहीं थी।

सही उत्तर: (D) 1 और 3

उत्तर: व्याख्या: मिश्र वाक्य वे होते हैं जिनमें दो या दो से अधिक स्वतंत्र वाक्य और एक आश्रित वाक्य होते हैं। वाक्य 1: "जब दुलारी ने केश बांध लिए, तब उसने खिड़की खोल दी" – यह एक मिश्र वाक्य है, क्योंकि "जब" और "तब" दो स्वतंत्र वाक्य हैं। वाक्य 3: "टूनू जब दरवाजे पर खड़ा था तब उसके पास एक पोटली थी" – यह भी मिश्र वाक्य है, क्योंकि "जब" और "तब" दोनों स्वतंत्र वाक्य हैं।

(iv) निम्नलिखित वाक्यों में से सरल वाक्य का उदाहरण है:

  • (A) उसने बंडल निकाला और उसे पकड़ दिया।
  • (B) वहाँ जल-संचय का उचित प्रबंध है।
  • (C) तुम जाओ, मैं कल ही लौट आऊँगा।
  • (D) जब बर्फ गिरती है तब मुश्किल होती है।

सही उत्तर: (B) वहाँ जल-संचय का उचित प्रबंध है।

उत्तर: व्याख्या: सरल वाक्य में एक ही क्रिया होती है और यह स्वनिर्भर होता है। वाक्य (B) में केवल एक ही क्रिया "है" है, जो वाक्य को सरल बनाती है।

(v) स्तंभ 1 को स्तंभ 2 से सुसंगत बनाइए और सही विकल्प का चयन कर लिखिए:

स्तंभ 1 स्तंभ 2
1. मूर्ति के आसपास का तालाब सुखाकर साफ किया गया। I. मिश्र वाक्य
2. उसकी दवात निकाली गई और ताजा पानी डाला गया। II. संयुक्त वाक्य
3. जब बात हुक्कामों तक पहुँची तब बड़ी खलबली मची। III. सरल वाक्य
  • (A) 1 I, 2 II, 3 III
  • (B) 1 III, 2 II, 3 I
  • (C) 1 II, 2 III, 3 I
  • (D) 1 III, 2 I, 3 II

सही उत्तर: (A) 1 II, 2 II, 3 III

उत्तर: व्याख्या: वाक्य 1: "मूर्ति के आसपास का तालाब सुखाकर साफ किया गया" – यह संयुक्त वाक्य है, क्योंकि इसमें दो क्रियाएँ 'सुखाकर' और 'साफ किया गया' हैं। वाक्य 2: "उसकी दवात निकाली गई और ताजा पानी डाला गया" – यह मिश्र वाक्य है, क्योंकि इसमें दो स्वतंत्र वाक्य 'निकाली गई' और 'डाला गया' हैं, जो संयोजक 'और' से जुड़े हैं। वाक्य 3: "जब बात हुक्कामों तक पहुँची तब बड़ी खलबली मची" – यह सरल वाक्य है, क्योंकि इसमें एक ही क्रिया 'मची' है।

प्रश्न 4:
निर्देशानुसार 'वाच्य' पर आधारित पाँच बहुविकल्पी प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

(i) 'लेखक ने अपने तकों से उनकी दलतीलों का खंडन किया।' वाक्य में वाच्य है:

  • (A) कर्तृवाच्य
  • (B) भाववाच्य
  • (C) कर्मवाच्य
  • (D) क्रियावाच्य

सही उत्तर: (C) कर्मवाच्य

उत्तर: व्याख्या: वाक्य में 'लेखक' कर्ता है, और 'खंडन किया' क्रिया है, जबकि 'दलतीलों' कर्म है। इस प्रकार, वाक्य में कर्मवाच्य है, क्योंकि क्रिया का प्रभाव कर्म (दलतीलों) पर पड़ा है।

(ii) 'संगतकार द्वारा मुख्य गायक का उत्साह बढ़ाया गया।' प्रस्तुत वाक्य का वाच्य पहचानिए:

  • (A) कर्तृवाच्य
  • (B) अकर्मवाच्य
  • (C) कर्मवाच्य
  • (D) भाववाच्य

सही उत्तर: (D) भाववाच्य

उत्तर: व्याख्या: इस वाक्य में मुख्य गायक का उत्साह बढ़ाया गया है, यानी कि क्रिया का प्रभाव व्यक्ति (गायक) पर पड़ा है, और वाच्य का कोई स्पष्ट कर्ता नहीं दिख रहा। इसलिए यह भाववाच्य है, जो क्रिया के प्रभाव को दर्शाता है, न कि कर्ता को।

(iii) 'कवि ने श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य का वर्णन किया है। इसका कर्मवाच्य होगा :

  • (A) कवि श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य का वर्णन करते हैं।
  • (B) कवि द्वारा श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य का वर्णन किया गया है।
  • (C) कवि श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य का वर्णन कर पाते हैं।
  • (D) कवि ने श्रीकृष्ण का रूप-सौंदर्य का वर्णन किया था।

सही उत्तर: (B) कवि द्वारा श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य का वर्णन किया गया है।

उत्तर: व्याख्या: इस वाक्य में कर्म 'रूप-सौंदर्य' है, और वाच्य को कर्मवाच्य बनाने के लिए 'कवि द्वारा' जोड़कर उसे कर्म के साथ जोड़ते हैं। इसलिए, सही उत्तर (B) है।

(iv) निम्नलिखित वाक्यों में भाववाच्य का उदाहरण है/हैं:

  • प्रधानाचार्य द्वारा निर्देश जारी किया गया।
  • उसकी दादी से खड़ा नहीं रहा जाता।
  • उसका अपने से बड़ी से सेवा करते हैं।
  • खिलाड़ी से अब दौड़ा नहीं जाता।

सही उत्तर: (B) 2 और 4

उत्तर: व्याख्या: भाववाच्य वाक्य में क्रिया के प्रभाव को व्यक्त किया जाता है, न कि कर्ता का उल्लेख किया जाता है। वाक्य 2 ("उसकी दादी से खड़ा नहीं रहा जाता") और वाक्य 4 ("खिलाड़ी से अब दौड़ा नहीं जाता") में भाववाच्य है, क्योंकि इन वाक्यों में कर्ता का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, बल्कि क्रिया का प्रभाव व्यक्ति पर डाला गया है।

(v) स्तंभ 1 को स्तंभ 2 से सुसंगत कीजिए और सही विकल्प का चयन कर लिखिए:

स्तंभ 1 स्तंभ 2
1. घायल पक्षी से उड़ा नहीं जा सका। I. कर्तृवाच्य
2. कवि बादल में क्रांति का स्वर सुनता है। II. कर्मवाच्य
3. उससे वह गीत नहीं गाया गया। III. भाववाच्य
  • (A) 1 I, 2 II, 3 III
  • (B) 1 III, 2 II, 3 I
  • (C) 1 II, 2 III, 3 I
  • (D) 1 I, 2 II, 3 III

सही उत्तर: (A) 1 II, 2 II, 3 III

उत्तर: व्याख्या: वाक्य 1: "घायल पक्षी से उड़ा नहीं जा सका" – यह भाववाच्य वाक्य है, क्योंकि इसमें क्रिया का प्रभाव पक्षी पर पड़ा है और कर्ता का उल्लेख नहीं है। वाक्य 2: "कवि बादल में क्रांति का स्वर सुनता है" कर्तृवाच्य है, क्योंकि यहां 'कवि' कर्ता है और वह सक्रिय रूप से क्रिया (सुनना) कर रहा है। वाक्य 3: "उससे वह गीत नहीं गाया गया" कर्मवाच्य है, क्योंकि इसमें 'गीत' कर्म है और क्रिया का प्रभाव उस पर पड़ा है।

प्रश्न 5:

निर्देशानुसार 'पद परिचय पर आधारित पाँच बहुविकल्पी प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिएः

(i) 'शीला ने साहित्य का दायरा ही बढ़ा दिया।' वाक्य में रेखांकित पद का परिचय है:

  • (A) व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, 'कर्ता' कारक
  • (B) व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, 'कर्म' कारक
  • (C) जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, 'कर्ता' कारक
  • (D) व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, 'करण' कारक

सही उत्तर: (A) व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, 'कर्ता' कारक

उत्तर: व्याख्या: 'शीला' एक व्यक्तिवाचक संज्ञा है, जो स्त्रीलिंग और एकवचन में है। वाक्य में 'शीला' कर्ता के रूप में कार्य कर रही है, इसलिए यह 'कर्ता' कारक है।

(ii) 'लेखक ने उस घटना को पूरी ईमानदारी से लिखा।' रेखांकित पद का परिचय होगा:

  • (A) पुंवाचक सर्वनाम, एकवचन, पुल्लिंग, 'कर्म' कारक
  • (B) सार्वनामिक विशेषण, एकवचन, स्त्रीलिंग, विशेष्य 'घटना'
  • (C) सार्वनामिक विशेषण, एकवचन, पुल्लिंग, विशेष्य 'घटना'
  • (D) पुंवाचक सर्वनाम, एकवचन, पुल्लिंग, 'कर्म' कारक

सही उत्तर: (B) सार्वनामिक विशेषण, एकवचन, स्त्रीलिंग, विशेष्य 'घटना'

उत्तर: व्याख्या: 'उस' शब्द सार्वनामिक विशेषण है, जो 'घटना' (जो स्त्रीलिंग और एकवचन है) विशेष्य के रूप में कार्य करता है।

(iii) निम्नलिखित में से किस वाक्य में स्थानवाचक क्रियाविशेषण का प्रयोग नहीं हुआ है?

  • (A) एक चिड़िया हमारी खिड़की पर दुबकी दबी बैठी थी।
  • (B) पापा की आवाज सुनकर मैं बाहर निकल गया।
  • (C) यह खेल तो खुले में ही खेला जा सकता है।
  • (D) उस ड्राइवर ने अचानक जोर से ब्रेक लगाई।

सही उत्तर: (D) उस ड्राइवर ने अचानक जोर से ब्रेक लगाई।

उत्तर: व्याख्या: विकल्प (A), (B), और (C) में स्थानवाचक क्रियाविशेषण ('पर', 'बाहर', 'में') का प्रयोग हुआ है, जो स्थान को दर्शाते हैं। लेकिन (D) में कोई स्थानवाचक क्रियाविशेषण नहीं है, इसलिए इसका उत्तर (D) है।

(iv) 'कंस के नगरपालिका प्रतिनिधि कुछ नया काम कर रहे थे। रेखांकित पद का परिचय है:

  • (A) स्थानवाचक क्रियाविशेषण, नया करना क्रिया की विशेषता।
  • (B) कालवाचक क्रियाविशेषण, करना' क्रिया की विशेषता।
  • (C) व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्म कारक
  • (D) व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्म कारक

सही उत्तर: (D) व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्म कारक

उत्तर: व्याख्या: वाक्य "कंस के नगरपालिका प्रतिनिधि कुछ नया काम कर रहे थे" में "कंस" व्यक्तिवाचक संज्ञा है, जो एकल (एकवचन) रूप में पुल्लिंग लिंग में है। यह कर्म कारक के रूप में कार्य करता है, क्योंकि कंस के प्रतिनिधि इस वाक्य में कार्य कर रहे हैं।

(v) 'बावन में मैं दुलारी-पतली और सांवली थी। रेखांकित पद का परिचय है:

  • (A) मध्यमपुरुष सर्वनाम, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ता कारक।
  • (B) अपर्युप्सक सर्वनाम, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ता कारक।
  • (C) सार्वनामिक विशेषण, एकवचन, 'दुलारी-पतली विशेष्य।
  • (D) उत्तम पुरुष सर्वनाम, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ता कारक।

सही उत्तर: (D) उत्तम पुरुष सर्वनाम, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ता कारक।

उत्तर: व्याख्या: 'मैं' शब्द उत्तम पुरुष सर्वनाम है, जो स्त्रीलिंग और एकवचन में है और कर्ता के रूप में कार्य कर रहा है।

प्रश्न 6:
निर्देशानुसार 'अलंकार पर आधारित पाँच बहुविकल्पी प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

(i) 'पानी परात को हाथ घुये नहीं, नैनन के जल सौं पग धोए।' इस काव्य-पंक्ति में अलंकार है:

  • (A) उत्प्रेक्षा
  • (B) रूपक
  • (C) यमक
  • (D) अतिशयोक्ति

सही उत्तर: (D) अतिशयोक्ति

उत्तर: व्याख्या: इस काव्य-पंक्ति में 'पानी परात को हाथ घुये नहीं' और 'नैनन के जल सौं पग धोए' जैसे अति को दर्शाने वाली बातें हैं, जो अतिशयोक्ति का उदाहरण हैं। अतिशयोक्ति में किसी चीज़ या घटना का अत्यधिक रूप से बढ़ा-चढ़ा कर वर्णन किया जाता है।

(ii) 'धीरे-धीरे उत्तर क्षितिज से आ बंसंती रजनी।' इस पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार है:

  • (A) मानवीकरण
  • (B) रूपक
  • (C) उत्प्रेक्षा
  • (D) अतिशयोक्ति

सही उत्तर: (A) मानवीकरण

उत्तर: व्याख्या: इस पंक्ति में 'बंसंती रजनी' (वसंत ऋतु की रात) को मानवीकरण द्वारा व्यक्त किया गया है, क्योंकि इसे मानव जैसी विशेषताएं दी गई हैं। मानवीकरण तब होता है जब किसी निराकार या अमूर्त चीज़ को मानव जैसे गुण या विशेषताएं दी जाती हैं।

(iii) 'विद्या धन सब बिन कहो जु पावे कौन। बिना दुलाई न मिलै ज्यों पंखा की पौन।' इन काव्य-पंक्तियों में किस अलंकार का प्रयोग हुआ है?

  • (A) यमक
  • (B) रूपक
  • (C) मानवीकरण
  • (D) उत्प्रेक्षा

सही उत्तर: (D) उत्प्रेक्षा

उत्तर: व्याख्या: इन काव्य-पंक्तियों में "पंखा की पौन" (पंखे की हवा) का प्रयोग उत्प्रेक्षा अलंकार के रूप में हुआ है। उत्प्रेक्षा का अर्थ है किसी बाहरी वस्तु या स्थिति का आंतरिक या अन्य किसी वस्तु के संदर्भ में तुलना करना। यहाँ पर "पंखा की पौन" (हवा) को विद्या के बिना होने के प्रभाव के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जैसे पंखे की हवा बिना पंखे के नहीं मिल सकती, वैसे ही विद्या बिना श्रम या अभ्यास के नहीं मिल सकती। इसलिए, यह उत्प्रेक्षा अलंकार का उदाहरण है।

(iv) 'मृग मृगनी के हैं बने हुए मधु घट फूटा ही करते हैं।' इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है:

  • (A) मानवीकरण
  • (B) रूपक
  • (C) उत्प्रेक्षा
  • (D) यमक

सही उत्तर: (A) मानवीकरण

उत्तर: व्याख्या: इस पंक्ति में 'मृग मृगनी' को मानवीकरण के रूप में चित्रित किया गया है, क्योंकि जानवरों को मानव जैसे गुण दिए गए हैं। मानवीकरण में किसी निर्जीव या अमूर्त चीज़ को मानव गुणों से संबद्ध किया जाता है, जैसे यहाँ मृग और मृगनी के बारे में मानव जैसे व्यवहार की बात की गई है।

(v) निम्नलिखित काव्य पंक्तियों में से कौन-सी पंक्ति अतिशयोक्ति अलंकार का उदाहरण है?

  • (A) विश्व शलभ सिर धुन कहता में, हाथ न जल पाया तुझमें मिला।
  • (B) अंबर के आनन को देखो, कितने इसके तारे टूटे।
  • (C) वह दौड़ रहा और मस्तक पर, वह आसमान का घोड़ा था।
  • (D) ज्यों-ज्यों बड़े स्याम रंग, त्यों-त्यों उज्ज्वल होई।

सही उत्तर: (B) अंबर के आनन को देखो, कितने इसके तारे टूटे।

उत्तर: व्याख्या: यह पंक्ति अतिशयोक्ति का उदाहरण है क्योंकि इसमें 'अंबर के आनन' (आसमान के चेहरे) और 'तारों का टूटना' जैसी अत्यधिक बढ़ा-चढ़ा कर बातें की गई हैं। यह एक अतिशयोक्ति है, जिसमें वास्तविकता से कहीं अधिक विशालता और बढ़ा-चढ़ा कर चित्रण किया गया है। अतिशयोक्ति में किसी विचार या स्थिति को अधिक बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जाता है, जैसे यहाँ आसमान के चेहरे से तारों का टूटना दिखाया गया है।

प्रश्न 7:

निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के उत्तर:

(i) 'नाथ संभु धनु भेजनिहारा। होइहि केउ एक दास तुम्हारा।।' पंक्ति के संदर्भ में राम के चरित्र की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?

  • (A) संयम
  • (B) सरलता
  • (C) विनम्रता
  • (D) वीरता

सही उत्तर: (C) विनम्रता

उत्तर: व्याख्या: इस पंक्ति में राम का विनम्रता का गुण दिखाया गया है। राम कहते हैं कि उन्होंने शिव धनुष को तोड़ा, लेकिन वह विनम्रता से यह स्वीकारते हैं कि इस कार्य के बाद वे अपने प्रभु के एक दास के समान होंगे, जिससे उनकी विनम्रता और सेवा भाव प्रकट होता है। यह उनकी शौर्य के साथ-साथ उनके साधारण और विनम्र स्वभाव का परिचायक है।

(ii) परशुराम ने शिव धनुष तोड़ने वाले को क्या चेतावनी दी:

  • (A) सहसबाहु के समान उसे अपना शत्रु समझने की
  • (B) राजा जनक की सभा से बाहर निकल आने की
  • (C) राजा जनक की सभा में उसे मार डालने की
  • (D) उसके साथ आजीवन शत्रुतापूर्ण व्यवहार करने की

सही उत्तर: (A) सहसबाहु के समान उसे अपना शत्रु समझने की

उत्तर: व्याख्या: परशुराम ने शिव धनुष तोड़ने वाले व्यक्ति को चेतावनी दी कि वह उसे सहसबाहु के समान अपना शत्रु समझे। सहसबाहु को परशुराम ने अपनी शक्ति का अहंकार करने पर पराजित किया था, और यह संदर्भ राम को उसी प्रकार के शत्रु के रूप में समझने की चेतावनी देता है।

(iii) 'न त मारे जेहिहिं सब राजा' यह कथन परशुराम के का उदाहरण है।

  • (A) शौर्य का
  • (B) अहंकार का
  • (C) क्रोध का
  • (D) गौरव का

सही उत्तर: (B) अहंकार का

उत्तर: व्याख्या: यह कथन परशुराम के अहंकार का उदाहरण है, क्योंकि परशुराम यह मानते हैं कि किसी भी राजा के लिए उनसे युद्ध करना मृत्यु के समान होगा। वह अपने शौर्य और शक्ति को लेकर अत्यधिक गर्वित हैं।

(iv) सेवक किसे कहा गया है?

  • (A) मधुर वचन बोलने वाले को
  • (B) सेवा करने वाले को
  • (C) कभी क्रोध न करने वाले को
  • (D) विनम्रतापूर्ण व्यवहार करने वाले को

सही उत्तर: (B) सेवा करने वाले को

उत्तर: व्याख्या: यहाँ 'सेवक' से तात्पर्य उस व्यक्ति से है जो निस्वार्थ भाव से सेवा करता है। राम का दृष्टिकोण सेवा और विनम्रता को महत्व देने वाला है, और वह सेवक के रूप में उसी व्यक्ति को पहचानते हैं जो उनके आदेशों और कार्यों को पूरी निष्ठा से करता है।

(v) परशुराम की धनुष पर ममता होने का क्या कारण था?

  • (A) उनके आराध्य शिव का धनुष होना
  • (B) उनके गुरु विश्वामित्र का धनुष होना
  • (C) अपने पिता का आशीर्वाद समझना
  • (D) धनुष का अत्यंत प्राचीन होना

सही उत्तर: (A) उनके आराध्य शिव का धनुष होना

उत्तर: व्याख्या: परशुराम का धनुष उनके आराध्य देव शिव का धनुष था, और इसलिए उन्होंने इस धनुष से विशेष ममता रखी थी। यह धनुष उनके लिए न केवल एक हथियार था, बल्कि शिव के आशीर्वाद का प्रतीक भी था।

प्रश्न 8:

पाठ्यपुस्तक में निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित दो प्रश्नों के उत्तर:

(i) संगतकार मुख्य गायक के साथ क्यों देता है? अनुयुक्त विकल्प छाँटकर लिखिए।

  • (A) उसके समान ही अपनी पहचान बनाने के लिए।
  • (B) प्रदर्शन के दौरान उसका उत्साह बढ़ाने के लिए।
  • (C) उसके प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए।
  • (D) उसके साथ का सहारा देने के लिए।

सही उत्तर: (B) प्रदर्शन के दौरान उसका उत्साह बढ़ाने के लिए।

उत्तर: व्याख्या: संगीतकार का मुख्य उद्देश्य मुख्य गायक का उत्साह बढ़ाना और उसके प्रदर्शन को और भी शानदार बनाना होता है। इसलिए, वह उसके साथ देता है ताकि गायक के आत्मविश्वास में वृद्धि हो और प्रस्तुति सफल हो सके।

(ii) 'यह धुंधल मुस्कान' कविता में बच्चे द्वारा पिता को एकटक देखे जाने का क्या कारण था?

  • (A) ऐसे एकटक देखना उसका स्वभाव था।
  • (B) उसे पलकें झपकाना नहीं आता था।
  • (C) वह उन्हें पहचानने की कोशिश कर रहा था।
  • (D) वह उनकी उपेक्षा करने का प्रयास कर रहा था।

सही उत्तर: (C) वह उन्हें पहचानने की कोशिश कर रहा था।

उत्तर: व्याख्या: कविता में बच्चे का एकटक देखना इस बात का प्रतीक है कि वह अपने पिता को पहचानने की कोशिश कर रहा था। यह भाव उनके मन में संकोच और असमंजस को दर्शाता है, क्योंकि वह अपनी पहचान और रिश्ते को समझने का प्रयास कर रहा था।

प्रश्न 9:

निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के उत्तरः

(i) "बंद करो अब इस मक्कू का घर से निकलना।" गद्यांश में यह निर्देश किसे दिया गया है:

  • (A) माँ को
  • (B) मक्कू को
  • (C) पिताजी को
  • (D) बहन को

सही उत्तर: (A) माँ को

उत्तर: व्याख्या: गद्यांश में "बंद करो अब इस मक्कू का घर से निकलना" यह निर्देश पिताजी के मित्र द्वारा माँ को दिया गया है। यह वाक्य माँ को मक्कू की गतिविधियों पर ध्यान देने की सलाह देने के रूप में समझा जा सकता है। पिताजी के मित्र मक्कू की घर से बाहर जाने की आदत से नाराज हैं, और वे माँ से कह रहे हैं कि मक्कू को बाहर जाने से रोका जाए।

(ii) पिताजी के भभकने का क्या कारण था:

  • (A) मक्कू का हड़ताल आदि में भाग लेना।
  • (B) मक्कू की गतिविधियों पर माँ की असहमति।
  • (C) पिताजी के मित्र द्वारा मक्कू की शिकायत।
  • (D) पिताजी की स्वयं की मक्कू से नाराज़गी।

सही उत्तर: (C) पिताजी के मित्र द्वारा मक्कू की शिकायत।

उत्तर: व्याख्या: पिताजी के भभकने का कारण पिताजी के मित्र द्वारा मक्कू की गतिविधियों की शिकायत करना था, जिससे पिताजी परेशान हो गए थे और उनका गुस्सा फूट पड़ा था।

(iii) उपर्युक्त गद्यांश की भाषा है:

  • (A) ओजपूर्ण भाषा
  • (B) सूक्तिप्रधान भाषा
  • (C) मुहावरेदार भाषा
  • (D) संस्कृतनिष्ठ भाषा

सही उत्तर: (C) मुहावरेदार भाषा

उत्तर: व्याख्या: गद्यांश की भाषा में कई मुहावरे और रोजमर्रा की बातों का प्रयोग किया गया है, जैसे "भभकते रहे," "तड़कियों को आजादी दी," और "आग लगाकर चले गए," जो इसे मुहावरेदार भाषा बनाते हैं।

(iv) हड़ताल का आह्वान क्यों किया जा रहा था:

  • (A) आज़ाद हिंद फौज के खिलाफ मुकदमे के विरोध में।
  • (B) भारत के लिए पूर्ण स्वराज की माँग के लिए।
  • (C) छात्रों के लिए बेहतर अधिकार और सुविधाओं के लिए।
  • (D) कॉलेज प्रशासन द्वारा छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में।

सही उत्तर: (A) आज़ाद हिंद फौज के खिलाफ मुकदमे के विरोध में।

उत्तर: व्याख्या: हड़ताल का आह्वान आज़ाद हिंद फौज के खिलाफ चल रहे मुकदमे के विरोध में किया जा रहा था, जैसा कि गद्यांश में उल्लेख किया गया है।

(v) पूरा छात्र वर्ग चौपड़ पर क्यों एकत्रित हुआ?

  • (A) आयोजित हड़ताल के समर्थन के लिए।
  • (B) यातायात बंद कराने के लिए।
  • (C) समारोह के आयोजन के लिए।
  • (D) दुकानों पुनः बंद कराने के लिए।

सही उत्तर: (A) आयोजित हड़ताल के समर्थन के लिए।

उत्तर: व्याख्या: गद्यांश में उल्लेखित है कि पूरा छात्र वर्ग चौपड़ पर एकत्रित हुआ था, ताकि वे आयोजित हड़ताल का समर्थन कर सकें।

प्रश्न 10:

गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित दो बहुविकल्पी प्रश्नों के उत्तर:

(i) बिस्मिल्ला खाँ काशी छोड़कर क्यों नहीं जाना चाहते थे?

  • (A) उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि होने के कारण उन्हें काशी से विशेष लगाव था।
  • (B) अपने पुरखों के समान वे भी काशी के बालाजी से जुड़े रहना चाहते थे।
  • (C) काशी से दूर जाने पर उन्हें स्वयं पर विश्वास कम प्रतीत होने लगता था।
  • (D) काशी के विश्वनाथ और गंगा मइया के कारण, दोनों ही काशी में, जिनसे उनका लगाव था।

सही उत्तर: (C) काशी से दूर जाने पर उन्हें स्वयं पर विश्वास कम प्रतीत होने लगता था।

उत्तर: व्याख्या: बिस्मिल्ला खाँ काशी को अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि मानते थे, और उनका गहरा लगाव काशी के विश्वनाथ मंदिर और गंगा मइया से था। उन्होंने हमेशा काशी में रहकर अपनी कला को सीखा और उसका प्रचार किया। काशी के पवित्र स्थानों से उनका गहरा आत्मीय संबंध था, और काशी छोड़ने का विचार उन्हें असंभव सा लगता था। इसलिए उनका लगाव विशेष रूप से विश्वनाथ और गंगा से था, जो उनके लिए एक जीवनदायिनी की तरह थे।

(ii) 'लखनवी अंदाज़' पाठ के आधार पर लेखक को नवाव साहब 'नपी कहानी' के लेखक कब लगे?

  • (A) उन्हें पहली बार रेलवेगाड़ी के डिब्बे में देखकर।
  • (B) उन्हें खीरा खाने की तैयारी करते हुए देखकर।
  • (C) उन्हें खीरा संकुचित उसका स्वादानंद करते देखकर।
  • (D) उनके बिना खीरा खाए ही ऊँची डकार को सुनकर।

सही उत्तर: (D) उनके बिना खीरा खाए ही ऊँची डकार को सुनकर।

उत्तर: व्याख्या: 'लखनवी अंदाज़' पाठ में लेखक ने नवाब साहब को एक विशिष्ट अंदाज में देखा। नवाब साहब ने खीरा खाए बिना ही उसकी स्वादानंद को संकुचित करते हुए ऊँची डकार ली, जिससे लेखक को यह लगा कि नवाब साहब का व्यक्तित्व और उनका अंदाज 'नपी कहानी' के लेखक के समान है। इस अनूठे दृश्य ने लेखक को नवाब साहब की कथा लेखन शैली और उनके विशिष्ट व्यक्तित्व के बारे में विचार करने पर मजबूर किया। इसलिए, सही उत्तर (D) है।

प्रश्न 11:

गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में दीजिए:

(क) 'नेताजी का चश्मा' पाठ के संदर्भ में लिखिए कि पान वाले ने कैप्टन को पागत क्यों कहा:

सही उत्तर: (C) काशी से दूर जाने पर उन्हें स्वयं पर विश्वास कम प्रतीत होने लगता था।

उत्तर: पान वाले ने कैप्टन को पागत इसलिए कहा क्योंकि वह नेताजी का चश्मा अपने पास रखता था और उसे नेताजी की पहचान और प्रतीक के रूप में देखता था। पान वाला नेताजी के प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त कर रहा था, इस कारण उसने कैप्टन को पागत कहा।

(ख) 'संस्कृति' पाठ से ली गई पंक्ति 'संस्कृति के नाम से जिस कूड़े-कचरे के ढेर का बोध होता है...' में 'कूड़े-कचरे' का क्या अभिप्राय है?

सही उत्तर: 'कूड़े-कचरे' से अभिप्राय उन परंपराओं और मान्यताओं से है जो अब समाज में अप्रासंगिक हो चुकी हैं और केवल पुराने ढर्रे पर चलने की वजह से निरर्थक हो गई हैं।

उत्तर: 'कूड़े-कचरे' से अभिप्राय उन परंपराओं और मान्यताओं से है जो अब समाज में अप्रासंगिक हो चुकी हैं और केवल पुराने ढर्रे पर चलने की वजह से निरर्थक हो गई हैं। यह उन चीजों का संकेत है जो अब केवल बोझ बन चुकी हैं और समाज में कोई सकारात्मक योगदान नहीं देतीं।

(ग) बिस्मिल्ला खां का जीवन वर्तमान और भावी पीढ़ी को क्या संदेश देता है?

सही उत्तर: बिस्मिल्ला खां का जीवन यह संदेश देता है कि संस्कृति, कला और अपने परंपराओं से जुड़ा रहना आवश्यक है। उन्होंने अपने जीवन में जो संगीत और कला को सम्मान दिया, वह वर्तमान और भावी पीढ़ी को प्रेरित करता है कि वे अपनी जड़ों से जुड़कर अपनी पहचान बनाए रखें।

उत्तर: बिस्मिल्ला खां का जीवन यह संदेश देता है कि संस्कृति, कला और अपने परंपराओं से जुड़ा रहना आवश्यक है। उन्होंने अपने जीवन में जो संगीत और कला को सम्मान दिया, वह वर्तमान और भावी पीढ़ी को प्रेरित करता है कि वे अपनी जड़ों से जुड़कर अपनी पहचान बनाए रखें।

(घ) 'बालगोबिन भगत' पाठ के आधार पर लिखिए कि अपनी पोतियों के प्रति बालगोबिन भगत का व्यवहार उनके किन गुणों को उजागर करता है?

सही उत्तर: बालगोबिन भगत का अपनी पोतियों के प्रति व्यवहार उनके प्रेम, सरलता, और पारिवारिक जिम्मेदारी के गुणों को उजागर करता है। वह अपनी पोतियों को स्नेह और आशीर्वाद देते हुए, उनका ख्याल रखते हैं, जो उनकी सजीव पारिवारिक भावना और जिम्मेदारी को दर्शाता है।

उत्तर: बालगोबिन भगत का अपनी पोतियों के प्रति व्यवहार उनके प्रेम, सरलता, और पारिवारिक जिम्मेदारी के गुणों को उजागर करता है। वह अपनी पोतियों को स्नेह और आशीर्वाद देते हुए, उनका ख्याल रखते हैं, जो उनकी सजीव पारिवारिक भावना और जिम्मेदारी को दर्शाता है।

प्रश्न 12:

निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

(क) 'आत्म कथ्य कविता से ली गई "अनंत नीतीमा में असंख्य जीवन इतिहास" पंक्ति का क्या आशय है?

उत्तर: इस पंक्ति का आशय यह है कि आकाश में अनगिनत जीवन की कहानियां और अनुभव छिपे हैं। ये अनुभव और जीवन इतिहास अनंत, विविध और अनमोल हैं, जो समय की अनंतता में समाहित हैं।

(ख) 'उत्साह' कविता के शीर्षक की सार्थकता पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: 'उत्साह' कविता का शीर्षक इसलिए सार्थक है क्योंकि यह जीवन के संघर्षों और कठिनाइयों के बावजूद उत्साह और आत्मविश्वास को बनाए रखने की प्रेरणा देता है। यह जीवन को ऊर्जावान और उत्साही तरीके से जीने की आवश्यकता पर बल देता है।

(ग) सूरदास के पद के अनुसार गोपियों को ऐसा क्यों लगा कि कृष्ण ने राजनीति पढ़ ली है?

उत्तर: सूरदास के पद में गोपियों को ऐसा लगा क्योंकि कृष्ण ने उनके दिल की बात समझी और उन्हें अपनी बातों में फंसाकर उनका दिल जीता। कृष्ण ने उनकी भावनाओं और मनोबल को बढ़ाने के लिए चतुराई और कूटनीति का उपयोग किया था, जो राजनीति का हिस्सा होती है।

(घ) फणीश्वर नाथ रेणु की कविता 'अट नहीं रही है' के आधार पर प्रकृति के सौंदर्य का वर्णन कीजिए।

उत्तर: फणीश्वर नाथ रेणु की कविता 'अट नहीं रही है' में प्रकृति का सौंदर्य बखूबी दिखाया गया है। कविता में फूलों की खूबसूरत महक, हरे-भरे पेड़ों की हरियाली और वातावरण की शांति का वर्णन किया गया है, जो प्रकृति की सुंदरता को प्रदर्शित करता है।

प्रश्न 13:

पूरक पाठ्यपुस्तक के पाठों पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए:

(क) 'धाता साता हाथ जोड़े' पाठ में लेखक को कब और क्यों लगा कि तमाम भौगोलिक विविधताओं और बेजानिअक प्रगति के बावजूद भारत की आत्मा एक है?

उत्तर: 'धाता साता हाथ जोड़े' पाठ में लेखक को यह एहसास हुआ कि तमाम भौगोलिक विविधताओं और सामाजिक-आर्थिक प्रगति के बावजूद भारत की आत्मा एक है, जब उन्होंने भारत के विभिन्न हिस्सों में यात्रा की और वहाँ के लोगों की एकजुटता और राष्ट्रीयता को महसूस किया। विशेष रूप से जब उन्होंने देखा कि लोग अपने विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक मतभेदों के बावजूद एकसाथ मिलकर देश की भलाई के लिए काम कर रहे थे, तो उन्हें यह विश्वास हुआ कि भारत की आत्मा एक है।

(ख) 'माता का अंचल' पाठ में जिस ग्रामीण जीवन और संस्कृति का उल्लेख है, उसमें वर्तमान में क्या अंतर आ गया है? क्या उस अंचल को आज भी सकारात्मक रूप में माना जा सकता है?

उत्तर: 'माता का अंचल' पाठ में उल्लिखित ग्रामीण जीवन और संस्कृति में आजकल आधुनिकता के कारण काफी बदलाव आया है। पहले जहाँ शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित थीं, वहीं अब गाँवों में शिक्षा, स्वच्छता, और तकनीकी विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। हालांकि, पारंपरिक जीवनशैली में अब भी बदलावों का सामना करना पड़ा है, लेकिन यह अंचल अब भी अपनी सांस्कृतिक धरोहर और नैतिक मूल्यों के कारण सकारात्मक रूप से देखा जा सकता है। यह आज भी ग्रामीण जीवन की सरलता और सौम्यता का प्रतीक है।

(ग) 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के आधार पर तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए कि क्या एक रचनाकार और उसकी रचनाएँ बाहरी दबाव से भी प्रभावित हो सकती हैं। आपकी दृष्टि में वे कौन से बाहरी दबाव हैं जो रचनाकार की रचना को प्रभावित करते हैं?

उत्तर:

सही उत्तर: हाँ, एक रचनाकार और उसकी रचनाएँ बाहरी दबावों से प्रभावित हो सकती हैं। सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियाँ रचनाकार के विचारों और लेखन पर असर डालती हैं। सेंसरशिप, सामाजिक मान्यताएँ, राजनीतिक दबाव, और आर्थिक कठिनाइयाँ रचनाकार की सोच को सीमित कर सकती हैं। इसके अलावा, व्यक्तिगत अनुभव और समाज की अपेक्षाएँ भी रचनाएँ बनाने के पीछे प्रेरक कारण हो सकती हैं। इन सभी बाहरी दबावों का प्रभाव लेखन की दिशा और उसके संदेश पर पड़ता है।


प्रश्न 14:

निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर संकेतन बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए:

(क) साइबर सुरक्षा: जागरूकता ही समाधान

उत्तर: भूमिका: आज के डिजिटल युग में तकनीक ने हमारे जीवन को सरल और सुविधाजनक बना दिया है। इंटरनेट और तकनीक का बढ़ता उपयोग हमारे रोजमर्रा के कामों को आसान बना रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ साइबर सुरक्षा के खतरे भी बढ़ रहे हैं। साइबर अपराध जैसे हैकिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डेटा चोरी ने हमें सतर्क रहने की आवश्यकता का एहसास कराया है। अर्थ: साइबर सुरक्षा का अर्थ है इंटरनेट और डिजिटल उपकरणों पर हमारी व्यक्तिगत जानकारी और डेटा को सुरक्षित रखना। यह प्रक्रिया ऑनलाइन खतरों और अपराधों से बचाने के उपायों पर आधारित है। इसमें पासवर्ड सुरक्षा, फायरवॉल, एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर, और डेटा एन्क्रिप्शन जैसे उपाय शामिल हैं। वर्तमान में चर्चा का कारण: आज साइबर अपराधों में तेजी से वृद्धि हो रही है। डेटा चोरी, फ़िशिंग, और ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे अपराधों ने लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। कंपनियां और व्यक्तिगत उपयोगकर्ता दोनों ही साइबर हमलों का सामना कर रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाइन लेनदेन और वर्क-फ्रॉम-होम कल्चर के बढ़ने से साइबर सुरक्षा का महत्व और बढ़ गया है। जागरूकता का प्रभाव: साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही इन खतरों से बचने का सबसे प्रभावी समाधान है। लोगों को यह समझना चाहिए कि मजबूत पासवर्ड बनाना, लिंक पर क्लिक करने से पहले सोच-विचार करना, और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना कैसे उनकी सुरक्षा में सहायक हो सकता है। स्कूलों और कॉलेजों में साइबर सुरक्षा पर कार्यशालाओं का आयोजन करना भी महत्वपूर्ण है। सरकार और निजी संस्थानों को इस दिशा में कदम उठाने चाहिए ताकि लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति शिक्षित किया जा सके। निष्कर्ष: साइबर सुरक्षा हमारी व्यक्तिगत और सामाजिक सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जागरूकता ही इस समस्या का समाधान है। यदि हम सभी साइबर सुरक्षा के उपाय अपनाएँ और सतर्क रहें, तो हम इस डिजिटल युग में सुरक्षित रह सकते हैं। तकनीक का सही उपयोग और जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार ही साइबर खतरों से बचने का मार्ग है।

(ख) सौर ऊर्जा: सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा

उत्तर: भूमिका: आज के समय में ऊर्जा की बढ़ती मांग और प्रदूषण के बढ़ते खतरे ने हमें स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों की ओर देखने पर मजबूर कर दिया है। सौर ऊर्जा, जो सूर्य से प्राप्त होने वाली ऊर्जा है, सस्ती, स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा का एक बेहतरीन विकल्प है। यह न केवल पर्यावरण को बचाने में सहायक है, बल्कि हमारी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सौर ऊर्जा का अर्थ: सौर ऊर्जा सूर्य की किरणों से प्राप्त ऊर्जा है जिसे सोलर पैनल की मदद से बिजली में बदला जा सकता है। यह ऊर्जा पूरी तरह से प्राकृतिक और प्रदूषण रहित है। इसका उपयोग घरों, उद्योगों और कृषि में किया जा सकता है। सौर ऊर्जा का प्रमुख लाभ यह है कि इसे बार-बार उपयोग में लाया जा सकता है और यह कभी खत्म नहीं होती। सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा: सौर ऊर्जा को स्थापित करने में शुरुआत में लागत अधिक हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह अन्य ऊर्जा स्रोतों की तुलना में बेहद सस्ती पड़ती है। बिजली बिलों में कमी और ईंधन की बचत इसका प्रमुख लाभ है। साथ ही, सौर ऊर्जा पर्यावरण के लिए सुरक्षित है, क्योंकि यह ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन नहीं करती और जलवायु परिवर्तन के खतरे को कम करती है। सौर ऊर्जा की वर्तमान उपयोगिता: आज के समय में सौर ऊर्जा का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। भारत जैसे देश में, जहाँ पूरे साल भर भरपूर धूप मिलती है, सौर ऊर्जा का महत्व और भी अधिक है। सरकार ने "सोलर मिशन" जैसे कई कार्यक्रम शुरू किए हैं ताकि सोलर पैनल्स की स्थापना और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जा सके। सौर ऊर्जा का भविष्य: सौर ऊर्जा भविष्य का ऊर्जा स्रोत है। यह ऊर्जा हमें न केवल सस्ती और स्वच्छ बिजली प्रदान करती है, बल्कि ऊर्जा संकट से निपटने में भी मदद करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग से बिजली की समस्या को दूर किया जा सकता है और विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है। निष्कर्ष: सौर ऊर्जा न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि यह पर्यावरण के संरक्षण में भी मददगार है। यदि हम सौर ऊर्जा को अपनाते हैं, तो हम न केवल ऊर्जा की कमी से बच सकते हैं, बल्कि एक स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का निर्माण भी कर सकते हैं। हमें इस ऊर्जा स्रोत को अपनाकर एक स्थायी भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।

(ग) अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: भूमिका, उद्देश्य, और संसार की लगभग आधी आबादी महिलाओं की स्थिति पर प्रभाव

उत्तर: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के अधिकारों, समानता, और सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से समर्पित है। इस दिवस का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, उनकी उपलब्धियों का सम्मान करना, और समाज में उनके महत्व को उजागर करना है। भूमिका: महिला दिवस की शुरुआत 1908 में अमेरिका में हुई, जब महिलाओं ने अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन किया। 1910 में इसे एक अंतरराष्ट्रीय दिन के रूप में मान्यता मिली। यह दिवस समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक बदलाव लाने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का प्रतीक है। यह दिन महिलाओं के संघर्षों और उपलब्धियों को पहचानने का अवसर प्रदान करता है। उद्देश्य: महिला दिवस का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के लिए समान अधिकार, शिक्षा, रोजगार के अवसर, और हिंसा से मुक्ति की दिशा में कार्य करना है। इस दिन के माध्यम से महिलाओं के प्रति समाज की सोच में बदलाव लाने और उन्हें समाज के हर क्षेत्र में समान स्थान दिलाने का प्रयास किया जाता है। यह दिन महिलाओं को प्रेरित करता है कि वे अपनी आवाज़ उठाएँ और अपने सपनों को साकार करें। संसार की लगभग आधी आबादी महिलाओं की स्थिति पर प्रभाव: दुनिया की लगभग आधी आबादी महिलाएं हैं, लेकिन उन्हें आज भी कई जगहों पर भेदभाव और अन्याय का सामना करना पड़ता है। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, और रोजगार में उनकी स्थिति में सुधार लाने की आवश्यकता है। महिला दिवस ने महिलाओं को सशक्त बनाने और समाज में उनकी स्थिति को बेहतर बनाने के लिए एक मंच प्रदान किया है। यह दिन महिलाओं को प्रेरित करता है कि वे अपनी क्षमता को पहचानें और आत्मनिर्भर बनें। निष्कर्ष: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें याद दिलाता है कि महिलाओं की समानता और उनके अधिकार केवल एक दिन का विषय नहीं, बल्कि समाज की स्थायी जिम्मेदारी है। इस दिन के माध्यम से हम यह समझ सकते हैं कि महिलाओं के योगदान के बिना किसी भी समाज का विकास संभव नहीं है। हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हर महिला को समान अधिकार और सम्मान मिले ताकि एक बेहतर और समृद्ध समाज का निर्माण हो सके।

प्रश्न 15:

(क) आप चंदन हैं। खराब जीवनशैली के कारण आपके मित्र का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। संगठित और स्वस्थ जीवनशैली का महत्व बताते हुए लगभग 100 शब्दों में उसे पत्र लिखिए।

उत्तर:

प्रिय मित्र,

तुम्हारा स्वास्थ्य बिगड़ता देख मुझे बहुत चिंता हो रही है। खराब जीवनशैली से तुम्हारा स्वास्थ्य और भी प्रभावित हो सकता है। संयमित और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, और पर्याप्त नींद तुम्हारे लिए बहुत फायदेमंद होंगे। जंक फूड और अनियमित दिनचर्या से बचना चाहिए। अधिक पानी पियो और तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान का अभ्यास करो। स्वस्थ जीवनशैली न केवल तुम्हारे शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होगी। कृपया इन बातों पर ध्यान दो और जल्द ही स्वस्थ बनो।

तुम्हारा शुभचिंतक,
चंदन


अथवा

(ख) पुलिस द्वारा उठाए गए विविध कदमों से शहर में अपराध कम तो हुआ है पर अभी और सुधार की आवश्यकता है। अपने क्षेत्र के दैनिक समाचार पत्र के संपादक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखकर जन सामान्य का ध्यान इस ओर दिलाइए कि अपराध पर अंकुश सिर्फ पुलिस की ही नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उत्तर:

सेवा में,
संपादक महोदय,
दैनिक समाचार पत्र,
(शहर का नाम)

विषय: अपराध पर अंकुश के लिए समाज की सामूहिक जिम्मेदारी

महोदय,
सविनय निवेदन है कि शहर में पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों से अपराध में कमी आई है, लेकिन यह प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। अपराध पर अंकुश केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क रहना चाहिए और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए। इसके साथ ही, नैतिक शिक्षा, रोजगार के अवसर, और सामुदायिक कार्यक्रम अपराध कम करने में सहायक हो सकते हैं। यदि हम सभी मिलकर प्रयास करें, तो एक सुरक्षित और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है।

धन्यवाद।
सादर,
(आपका नाम)
(पता)


प्रश्न 16:

(क) आप रजनी राजन हैं। आपके विद्यालय की पत्रिका 'प्रखर' के लिए छात्र संपादक की नियुक्ति होनी है। आप उक्त पद के योग्य हैं। इस पद के लिए प्रधानाचार्य को संबोधित कर लगभग 40 शब्दों में अपना संक्षिप्त स्ववृत्त तैयार कीजिए

उत्तर:

प्रिय प्रधानाचार्य महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं रजनी राजन, कक्षा 12वीं का विद्यार्थी, छात्र संपादक के पद के लिए आवेदन करना चाहता/चाहती हूँ। मेरी लेखनी में रुचि और विद्यालय की पत्रिका के प्रति मेरा समर्पण इस पद के लिए मुझे योग्य बनाता है। मैंने विद्यालय के विभिन्न कार्यक्रमों और समाचारों को लेकर कई लेख लिखे हैं, जिससे मेरी संपादकीय क्षमताओं में सुधार हुआ है। मुझे विश्वास है कि मैं 'प्रखर' पत्रिका को एक नई दिशा दे सकता/सकती हूँ।
धन्यवाद,
रजनी राजन


अथवा
(ख) आप राजन रजनी हैं। अपने बैंक खाते में नेट बैंकिंग की सुविधा प्राप्त करने के लिए संबंधित शाखा प्रबंधक को लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए।

उत्तर:

से: rajanrajni@example.com
सेवा में: शाखा प्रबंधक,
[बैंक का नाम],
[शाखा का पता]
विषय: नेट बैंकिंग सुविधा हेतु आवेदन

महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं राजन रजनी, आपके बैंक का खाताधारक (खाता संख्या: XXXXXXX) हूँ। मैं अपने खाते में नेट बैंकिंग सुविधा सक्रिय करवाना चाहता/चाहती हूँ। कृपया इस सुविधा को मेरे खाते में सक्रिय करने की कृपा करें और आवश्यक विवरण (आईडी/पासवर्ड) साझा करें।
मैं आपके शीघ्र उत्तर की प्रतीक्षा करता/करती हूँ।
धन्यवाद।
सादर,
राजन रजनी
(संपर्क विवरण)


प्रश्न 17:

(क) राज्य परिवहन निगम की ओर से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए लगभग 40 शब्दों में एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए।

उत्तर:

राज्य परिवहन निगम प्रस्तुत करता है:
सड़क सुरक्षा अभियान
यातायात नियमों का पालन करें।
हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट लगाएँ।
तेज गति से बचें, सावधानी से चलें।
सुरक्षित यात्रा, सुरक्षित जीवन।
राज्य परिवहन निगम के साथ सड़क सुरक्षा का संकल्प लें।

]

अथवा
(ख) आपके कक्षाध्यापक का चयन उप प्रधानाध्यापक के पद पर हुआ है। उन्हें बधाई देते हुए लगभग 50 शब्दों में संदेश लिखिए।

उत्तर:

आदरणीय कक्षाध्यापक महोदय/महोदया,
आपके उप प्रधानाध्यापक पद पर चयनित होने की सूचना से हमें अत्यंत खुशी हुई। यह आपकी मेहनत, समर्पण और नेतृत्व क्षमता का परिणाम है। हम सभी को आप पर गर्व है। भविष्य में आपके नेतृत्व में विद्यालय और अधिक प्रगति करेगा।
सादर,
(आपका नाम)