Gujarat Board conducted the Class 10 Hindi Board Exam 2026 is a 3-hour (10:00 AM to 01:15 PM) examination held on March 16, 2026. GSEB Class 10 Hindi question paper is a 100-marks paper, typically divided into 80 marks for theory and 20 marks for internal assessment. Key focus areas include grammar, literature, and composition. Class 10 Hindi Question Paper with Solution PDF is available here for download.

The official question paper of Gujarat Board Class 10 Hindi Board Exam 2026 is provided below. Students can download the official paper in PDF format for reference. 

Gujarat Board Class 10 2026 Hindi Question Paper with Solution PDF

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Gujarat Board Class 12, 2026 Social Science Question Paper with Solution

Question 1:

रूपा किसकी पत्नी थी?

  • (A) धनिराम
  • (B) मनीराम
  • (C) हरीराम
  • (D) पंडित बुद्धिराम
Correct Answer: (D) पंडित बुद्धिराम
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Step 1: प्रश्न का संदर्भ समझना।


यह प्रश्न हिंदी पाठ से संबंधित है जिसमें पात्रों के पारिवारिक संबंधों के बारे में जानकारी दी गई है। इस पाठ में रूपा एक महत्वपूर्ण पात्र के रूप में प्रस्तुत की गई है।


Step 2: रूपा का पारिवारिक संबंध।


कहानी में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि रूपा का विवाह पंडित बुद्धिराम से हुआ था। इसलिए रूपा को पंडित बुद्धिराम की पत्नी के रूप में वर्णित किया गया है।


Step 3: अन्य विकल्पों का विश्लेषण।



(A) धनिराम: यह विकल्प सही नहीं है क्योंकि रूपा का संबंध धनिराम से नहीं बताया गया है।

(B) मनीराम: यह भी गलत है क्योंकि कहानी में मनीराम को रूपा का पति नहीं बताया गया।

(C) हरीराम: यह विकल्प भी सही नहीं है क्योंकि हरीराम का रूपा से वैवाहिक संबंध नहीं है।

(D) पंडित बुद्धिराम: सही उत्तर। रूपा पंडित बुद्धिराम की पत्नी है।



Step 4: निष्कर्ष।


इस प्रकार पाठ के अनुसार रूपा पंडित बुद्धिराम की पत्नी थी।



Final Answer: पंडित बुद्धिराम. Quick Tip: कहानी के पात्रों के संबंधों को समझना आवश्यक होता है क्योंकि कई प्रश्न इन्हीं संबंधों पर आधारित होते हैं।


Question 2:

सुधा कुलकर्णी ने अपनी पढ़ाई किस क्षेत्र में की थी?

  • (A) सिविल इंजीनियरिंग
  • (B) ऑटोमोबाइल विज्ञान
  • (C) कम्प्यूटर विज्ञान
  • (D) इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
Correct Answer: (C) कम्प्यूटर विज्ञान
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Step 1: सुधा कुलकर्णी का परिचय।


सुधा कुलकर्णी (सुधा मूर्ति) भारत की प्रसिद्ध लेखिका, शिक्षाविद और समाजसेवी हैं। वे इंफोसिस फाउंडेशन से भी जुड़ी रही हैं और उन्होंने शिक्षा और सामाजिक कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।


Step 2: उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि।


सुधा कुलकर्णी ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त की। आगे चलकर उन्होंने तकनीकी और वैज्ञानिक क्षेत्र में भी अध्ययन किया और कंप्यूटर विज्ञान से संबंधित ज्ञान प्राप्त किया।


Step 3: विकल्पों का विश्लेषण।



(A) सिविल इंजीनियरिंग: यह सही उत्तर नहीं है।

(B) ऑटोमोबाइल विज्ञान: यह भी सही विकल्प नहीं है।

(C) कम्प्यूटर विज्ञान: सही उत्तर। उन्होंने कंप्यूटर विज्ञान से संबंधित अध्ययन किया।

(D) इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग: यह भी सही नहीं है।



Step 4: निष्कर्ष।


इस प्रकार सुधा कुलकर्णी ने अपनी पढ़ाई कंप्यूटर विज्ञान के क्षेत्र में की थी।



Final Answer: कम्प्यूटर विज्ञान. Quick Tip: सुधा मूर्ति एक प्रसिद्ध लेखिका और समाजसेवी हैं जिन्होंने तकनीकी शिक्षा प्राप्त की और समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


Question 3:

‘अपशब्दों के उपयोग पर अविनाश का प्रतिबंध है।’ यह वाक्य कौन कहता है?

  • (A) रमेश
  • (B) निलेश
  • (C) गोपी
  • (D) अविनाश
Correct Answer: (C) गोपी
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Step 1: प्रश्न का संदर्भ समझना।


यह प्रश्न एक हिंदी पाठ में पात्रों के संवाद से संबंधित है। इसमें पूछा गया है कि ‘अपशब्दों के उपयोग पर अविनाश का प्रतिबंध है’ यह कथन किस पात्र द्वारा कहा गया है।


Step 2: पात्रों के संवाद का विश्लेषण।


पाठ में विभिन्न पात्रों के बीच संवाद होता है। इस संवाद में गोपी नामक पात्र यह बात कहता है कि अविनाश ने अपशब्दों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है।


Step 3: विकल्पों की जाँच।



(A) रमेश: यह कथन रमेश द्वारा नहीं कहा गया है।

(B) निलेश: यह भी गलत विकल्प है।

(C) गोपी: सही उत्तर। यह वाक्य गोपी द्वारा कहा गया है।

(D) अविनाश: अविनाश के बारे में कहा गया है, परंतु यह वाक्य उन्होंने स्वयं नहीं कहा।



Step 4: निष्कर्ष।


अतः यह वाक्य गोपी द्वारा कहा गया है।



Final Answer: गोपी. Quick Tip: पाठ आधारित प्रश्नों में संवादों को ध्यान से पढ़ना आवश्यक होता है क्योंकि अक्सर प्रश्न इन्हीं संवादों पर आधारित होते हैं।


Question 4:

सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
कालिदास हरिणशावक के अंगों पर _______ का लेप लगाना चाहता है।
(मरहम, धृत)

Correct Answer:
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Step 1: प्रश्न की समझ.

यह प्रश्न संस्कृत साहित्य से संबंधित है, जिसमें कालिदास द्वारा हरिणशावक (हिरण के बच्चे) के प्रति करुणा और स्नेह को दर्शाया गया है।


Step 2: प्रसंग का विश्लेषण.

कथा में हरिणशावक घायल होता है और कालिदास उसके घाव को ठीक करने के लिए उसके अंगों पर औषधीय पदार्थ लगाने की बात करते हैं।


Step 3: विकल्पों का परीक्षण.

(1) मरहम – मरहम घाव पर लगाने वाली औषधि है जो उपचार के लिए प्रयुक्त होती है।

(2) धृत – धृत का अर्थ घी होता है, जो सामान्यतः घाव के उपचार के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।


Step 4: निष्कर्ष.

इसलिए हरिणशावक के घाव को ठीक करने के लिए मरहम का प्रयोग उचित है।
Quick Tip: घाव के उपचार के लिए सामान्यतः मरहम या औषधीय लेप का प्रयोग किया जाता है।


Question 5:

चोरी कहानी के रचनाकार _______ हैं।
( यशपाल, प्रेमचन्द ).

Correct Answer:
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Step 1: लेखक की पहचान.

हिंदी साहित्य में प्रेमचन्द एक प्रसिद्ध कहानीकार और उपन्यासकार थे। उन्होंने सामाजिक यथार्थ और मानवीय संवेदनाओं को अपनी कहानियों में प्रमुख रूप से प्रस्तुत किया।


Step 2: कहानी “चोरी” का संदर्भ.

“चोरी” कहानी प्रेमचन्द द्वारा लिखी गई है, जिसमें समाज की परिस्थितियों और मानवीय व्यवहार को यथार्थ रूप में चित्रित किया गया है।


Step 3: विकल्पों का विश्लेषण.

(1) यशपाल – यशपाल भी एक प्रसिद्ध लेखक थे, लेकिन “चोरी” कहानी के रचनाकार नहीं हैं।

(2) प्रेमचन्द – यह कहानी प्रेमचन्द द्वारा लिखी गई है।


Step 4: निष्कर्ष.

इसलिए “चोरी” कहानी के रचनाकार प्रेमचन्द हैं।
Quick Tip: प्रेमचन्द को हिंदी साहित्य का “उपन्यास सम्राट” कहा जाता है और उन्होंने अनेक प्रसिद्ध कहानियाँ लिखीं।


Question 6:

रामप्रसाद बिस्मिल के गुरु का नाम _______ था।
( श्री सोमदेव, श्री रामदेव)

Correct Answer:
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Step 1: ऐतिहासिक संदर्भ.

रामप्रसाद बिस्मिल भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी थे। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।


Step 2: गुरु का प्रभाव.

रामप्रसाद बिस्मिल के जीवन में उनके गुरु का बहुत बड़ा प्रभाव था। उनके गुरु का नाम स्वामी सोमदेव था, जिन्होंने उन्हें राष्ट्रभक्ति और समाज सेवा की प्रेरणा दी।


Step 3: विकल्पों का विश्लेषण.

(1) श्री सोमदेव – यही रामप्रसाद बिस्मिल के गुरु थे।

(2) श्री रामदेव – यह विकल्प सही नहीं है।


Step 4: निष्कर्ष.

अतः रामप्रसाद बिस्मिल के गुरु का नाम श्री सोमदेव था।
Quick Tip: रामप्रसाद बिस्मिल काकोरी कांड के प्रमुख क्रांतिकारियों में से एक थे और उनके गुरु स्वामी सोमदेव थे।


Question 7:

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर वाक्य पूरा कीजिए: चैत्र व्यक्ति एक बड़ी पुस्तक से है जब _______ |

  • (A) तुम सभी ने उपेक्षा नहीं की।
  • (B) तुम उसे अच्छी हो।
  • (C) तुम इन्कार करो।
Correct Answer: (B) तुम उसे अच्छी हो।
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Step 1: वाक्य का अर्थ समझना।


प्रश्न में एक अपूर्ण वाक्य दिया गया है और उसे सही विकल्प के माध्यम से पूरा करना है। इसके लिए वाक्य के भाव और व्याकरणिक संरचना को समझना आवश्यक है।


Step 2: विकल्पों का परीक्षण।


दिए गए विकल्पों में से वह विकल्प चुनना होगा जो वाक्य के अर्थ और भाषा की दृष्टि से उचित लगे।



(A) वाक्य के साथ अर्थपूर्ण रूप से मेल नहीं खाता।
(B) वाक्य के साथ व्याकरणिक और अर्थपूर्ण रूप से उचित बैठता है।
(C) वाक्य के भाव से मेल नहीं खाता।


Step 3: निष्कर्ष।


इस प्रकार दिए गए विकल्पों में सही उत्तर विकल्प (B) है।


Final Answer: तुम उसे अच्छी हो। Quick Tip: वाक्य पूर्ण करने वाले प्रश्नों में अर्थ, व्याकरण और प्रसंग तीनों को ध्यान में रखना चाहिए।


Question 8:

पंक्ति रचनाकार अपने शब्द नहीं कह पाते थे, क्योंकि _______ |

  • (A) वे अस्वस्थ रहते थे।
  • (B) बच्चे हुए ऐसे किसी से किसी तरह कहने से रहे थे।
  • (C) उनमें ऐसे किसी तरह की कमी नहीं थी।
Correct Answer: (B) बच्चे हुए ऐसे किसी से किसी तरह कहने से रहे थे।
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Step 1: प्रश्न की समझ।


इस प्रश्न में वाक्य को पूर्ण करने के लिए सही कारण बताने वाला विकल्प चुनना है। वाक्य का अर्थ यह बताता है कि रचनाकार अपने शब्द स्पष्ट रूप से नहीं कह पाते थे।


Step 2: विकल्पों का विश्लेषण।



(A) अस्वस्थता का कारण दिया गया है, परन्तु यह वाक्य के भाव से पूरी तरह मेल नहीं खाता।
(B) यह विकल्प स्थिति को स्पष्ट करता है और वाक्य के भाव को सही रूप में पूरा करता है।
(C) यह विकल्प वाक्य के अर्थ से मेल नहीं खाता।


Step 3: निष्कर्ष।


इसलिए सही विकल्प (B) है।


Final Answer: बच्चे हुए ऐसे किसी से किसी तरह कहने से रहे थे। Quick Tip: वाक्य पूर्ण करने वाले प्रश्नों में कारण और परिणाम का संबंध समझना महत्वपूर्ण होता है।


Question 9:

अपनी सत्यनिष्ठा, निष्कपटता और कर्तव्यनिष्ठा के कारण वे _______ |

  • (A) बहुत प्रसिद्ध थे।
  • (B) सब प्रिय थे।
  • (C) बहुत उपेक्षित थे।
Correct Answer: (C) बहुत उपेक्षित थे।
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Step 1: वाक्य का भाव समझना।


वाक्य में व्यक्ति के गुणों का उल्लेख किया गया है, जैसे सत्यनिष्ठा, निष्कपटता और कर्तव्यनिष्ठा। इसके आधार पर वाक्य का परिणाम या स्थिति बताने वाला सही विकल्प चुनना है।


Step 2: विकल्पों का परीक्षण।



(A) यह सकारात्मक परिणाम दर्शाता है।
(B) यह भी सकारात्मक भाव व्यक्त करता है।
(C) यह विकल्प वाक्य में दिए गए संदर्भ के अनुसार चुना गया सही उत्तर है।


Step 3: निष्कर्ष।


इस प्रकार वाक्य को पूरा करने के लिए सही विकल्प (C) है।


Final Answer: बहुत उपेक्षित थे। Quick Tip: वाक्य पूर्ण करते समय संदर्भ और भाव को समझना सबसे महत्वपूर्ण होता है।


Question 10:

प्रोफेसर राशिया का ड्रीम प्रोजेक्ट क्या था?

Correct Answer:
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Step 1: प्रश्न का संदर्भ समझना।

यह प्रश्न पाठ में वर्णित प्रोफेसर राशिया के जीवन और उनके उद्देश्य से संबंधित है। प्रोफेसर राशिया एक शिक्षाविद् थीं जो समाज में शिक्षा के विकास और विशेष रूप से लड़कियों की शिक्षा के लिए कार्य करना चाहती थीं।


Step 2: ड्रीम प्रोजेक्ट का उद्देश्य।

प्रोफेसर राशिया का मुख्य सपना समाज में शिक्षा का प्रसार करना और विशेष रूप से महिलाओं तथा गरीब वर्ग के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराना था।


Step 3: ड्रीम प्रोजेक्ट का स्वरूप।

उनका ड्रीम प्रोजेक्ट एक ऐसा शैक्षणिक संस्थान या विश्वविद्यालय स्थापित करना था जहाँ सभी वर्गों के विद्यार्थियों को समान अवसर के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त हो सके।


Step 4: समाज के लिए महत्व।

इस परियोजना का उद्देश्य समाज में शिक्षा के स्तर को बढ़ाना, महिलाओं को सशक्त बनाना तथा समाज में समानता और विकास को बढ़ावा देना था।


Step 5: निष्कर्ष।

इस प्रकार प्रोफेसर राशिया का ड्रीम प्रोजेक्ट शिक्षा का प्रसार करना और एक ऐसा शैक्षणिक संस्थान स्थापित करना था जो समाज के सभी वर्गों के लिए उपयोगी हो।
Quick Tip: किसी भी महान शिक्षाविद् का मुख्य लक्ष्य समाज में शिक्षा का प्रसार और समान अवसर प्रदान करना होता है।


Question 11:

गोपी के अनुसार कविता क्या है?

Correct Answer:
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Step 1: कविता की सामान्य परिभाषा।

कविता साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा है जिसमें कवि अपने विचारों, भावनाओं और कल्पनाओं को सुंदर शब्दों में व्यक्त करता है।


Step 2: गोपी के अनुसार कविता।

गोपी के अनुसार कविता केवल शब्दों का संयोजन नहीं है, बल्कि यह हृदय की भावनाओं और अनुभवों की अभिव्यक्ति है।


Step 3: कविता की विशेषता।

कविता मनुष्य के जीवन, प्रकृति, प्रेम, पीड़ा और आनंद जैसे अनेक अनुभवों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है।


Step 4: कविता का प्रभाव।

कविता पाठक के मन को प्रभावित करती है और उसे सोचने तथा अनुभव करने के लिए प्रेरित करती है।


Step 5: निष्कर्ष।

इस प्रकार गोपी के अनुसार कविता मनुष्य की भावनाओं और विचारों की सुंदर तथा प्रभावशाली अभिव्यक्ति है।
Quick Tip: कविता भावनाओं, कल्पना और अनुभवों की कलात्मक अभिव्यक्ति होती है।


Question 12:

दन्तुल कौन था? वह मालिका के घर कैसे पहुँचा?

Correct Answer:
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Step 1: दन्तुल का परिचय.

दन्तुल राजा का एक अधिकारी और सैनिक था। वह राजकीय कार्यों को पूरा करने वाला व्यक्ति था और उसे राजा के आदेशों का पालन करना पड़ता था।


Step 2: मालिका के घर आने का कारण.

राजा को यह समाचार मिला था कि मालिका के पास एक घायल हरिणशावक है। इस कारण राजा के आदेश से दन्तुल उस हरिणशावक को लेने के लिए मालिका के घर पहुँचा।


Step 3: घटना का वर्णन.

दन्तुल राजा का आदेश लेकर मालिका के घर आया और उसने हरिणशावक को अपने साथ ले जाने की कोशिश की। लेकिन मालिका उस हरिणशावक की रक्षा करना चाहती थी क्योंकि वह घायल था और उसकी देखभाल कर रही थी।


Step 4: निष्कर्ष.

इस प्रकार दन्तुल राजा का सैनिक था और वह राजा के आदेश से हरिणशावक को लेने के लिए मालिका के घर पहुँचा था।
Quick Tip: दन्तुल राजा का सैनिक था जो घायल हरिणशावक को लेने के लिए राजा के आदेश से मालिका के घर आया था।


Question 13:

बिन्दु ने अपने दोष का किस प्रकार पश्चाताप किया?

Correct Answer:
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Step 1: घटना का संदर्भ.

कहानी में बिन्दु से एक गलती हो जाती है, जिसके कारण उसे अपनी भूल का एहसास होता है और वह अपने किए हुए कार्य पर दुख महसूस करता है।


Step 2: पश्चाताप की भावना.

बिन्दु को जब अपनी गलती का ज्ञान होता है, तो उसे बहुत पछतावा होता है। वह समझ जाता है कि उसका कार्य गलत था और उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था।


Step 3: सुधार का प्रयास.

बिन्दु अपने व्यवहार में सुधार करने का प्रयास करता है और भविष्य में ऐसी गलती न करने का संकल्प लेता है।


Step 4: निष्कर्ष.

इस प्रकार बिन्दु ने अपनी गलती को स्वीकार करके और भविष्य में सुधार करने का निश्चय करके अपने दोष का पश्चाताप किया।
Quick Tip: सच्चा पश्चाताप वही होता है जिसमें व्यक्ति अपनी गलती स्वीकार करे और भविष्य में उसे न दोहराने का संकल्प ले।


Question 14:

देश को कैसे नागरिकों की आवश्यकता है और क्यों?

Correct Answer:
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Step 1: आदर्श नागरिक का अर्थ।

किसी भी राष्ट्र की उन्नति उसके नागरिकों के चरित्र, कर्तव्यनिष्ठा और जिम्मेदारी पर निर्भर करती है। आदर्श नागरिक वह होता है जो अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पालन करता है।


Step 2: ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक।

देश को ऐसे नागरिकों की आवश्यकता होती है जो ईमानदार, परिश्रमी और कर्तव्यनिष्ठ हों। ऐसे लोग अपने कार्यों को पूरी निष्ठा से करते हैं और समाज तथा राष्ट्र के विकास में योगदान देते हैं।


Step 3: अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक।

अच्छे नागरिक कानूनों का पालन करते हैं, अनुशासन बनाए रखते हैं और समाज में शांति तथा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करते हैं।


Step 4: देशभक्त और समाजसेवी नागरिक।

देश को ऐसे नागरिकों की भी आवश्यकता है जो देशभक्त हों और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानें। वे समाज सेवा, सहयोग और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देते हैं।


Step 5: निष्कर्ष।

अतः देश को ईमानदार, अनुशासित, कर्तव्यनिष्ठ और देशभक्त नागरिकों की आवश्यकता होती है क्योंकि ऐसे नागरिक ही राष्ट्र की उन्नति, शांति और समृद्धि सुनिश्चित करते हैं।
Quick Tip: राष्ट्र की प्रगति उसके जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ नागरिकों पर निर्भर करती है।


Question 15:

बिस्मिल की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

Correct Answer:
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Step 1: परिचय।

राम प्रसाद बिस्मिल भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी थे। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनके व्यक्तित्व में अनेक प्रेरणादायक गुण थे।


Step 2: देशभक्ति।

बिस्मिल अत्यंत देशभक्त थे। उन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष किया और भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।


Step 3: साहस और दृढ़ निश्चय।

उनमें अद्भुत साहस और दृढ़ निश्चय था। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने उद्देश्य से पीछे हटना स्वीकार नहीं किया।


Step 4: त्याग और बलिदान की भावना।

बिस्मिल में त्याग और बलिदान की भावना प्रबल थी। उन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया और युवाओं के लिए आदर्श बन गए।


Step 5: निष्कर्ष।

इस प्रकार राम प्रसाद बिस्मिल एक महान देशभक्त, साहसी, दृढ़ निश्चयी और त्यागी व्यक्तित्व के धनी थे, जिनका जीवन देशभक्ति का सर्वोत्तम उदाहरण है।
Quick Tip: राम प्रसाद बिस्मिल काकोरी कांड के प्रमुख क्रांतिकारी थे और उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है।


Question 16:

‘बुढ़ापा तृष्णाओं का अंतिम समय है।’

Correct Answer:
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Step 1: कथन का अर्थ.

इस कथन का अर्थ यह है कि मनुष्य के जीवन में बुढ़ापा वह अवस्था होती है जब व्यक्ति अपने जीवन के अनुभवों से बहुत कुछ सीख चुका होता है। इस समय तक उसकी अधिकांश इच्छाएँ और तृष्णाएँ समाप्त होने लगती हैं।


Step 2: जीवन के अनुभवों का प्रभाव.

युवावस्था में मनुष्य अनेक प्रकार की इच्छाओं, महत्वाकांक्षाओं और भौतिक सुखों की चाह रखता है। लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, व्यक्ति को जीवन की वास्तविकताओं का ज्ञान होने लगता है और उसकी इच्छाएँ कम हो जाती हैं।


Step 3: मानसिक परिवर्तन.

बुढ़ापे में व्यक्ति सांसारिक मोह-माया से दूर होकर शांति, संतोष और आध्यात्मिकता की ओर झुकने लगता है। वह समझ जाता है कि जीवन में अत्यधिक तृष्णा दुख का कारण बनती है।


Step 4: निष्कर्ष.

इस प्रकार यह कथन स्पष्ट करता है कि बुढ़ापे में मनुष्य की तृष्णाएँ समाप्त होने लगती हैं और वह संतोष तथा शांति की ओर अग्रसर होता है।
Quick Tip: जीवन के अनुभवों के साथ व्यक्ति की इच्छाएँ कम होती जाती हैं और बुढ़ापे में संतोष का भाव अधिक हो जाता है।


Question 17:

‘आज जीवन में धन ही जीवन का नियंत्रक परिवेश बन गया है।’

Correct Answer:
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Step 1: कथन का अर्थ.

इस कथन का अर्थ यह है कि आज के आधुनिक समाज में धन का महत्व बहुत अधिक बढ़ गया है। अधिकांश कार्य, निर्णय और जीवन की परिस्थितियाँ धन के आधार पर निर्धारित होने लगी हैं।


Step 2: समाज में धन का प्रभाव.

आज शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय, और सामाजिक प्रतिष्ठा जैसे कई क्षेत्रों में धन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिसके पास अधिक धन होता है, उसे समाज में अधिक सम्मान और सुविधाएँ प्राप्त होती हैं।


Step 3: जीवन शैली पर प्रभाव.

धन के प्रभाव के कारण लोगों की जीवन शैली, संबंध और सोच भी बदल गई है। कई बार लोग नैतिक मूल्यों से अधिक भौतिक सुख-सुविधाओं को महत्व देने लगते हैं।


Step 4: निष्कर्ष.

इस प्रकार कहा जा सकता है कि वर्तमान समय में धन जीवन के अनेक पहलुओं को नियंत्रित करने वाला एक महत्वपूर्ण तत्व बन गया है।
Quick Tip: आधुनिक समाज में धन जीवन की सुविधाओं, अवसरों और सामाजिक स्थिति को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक बन गया है।


Question 18:

प्रभुजी बादल है तो भक्त क्या है?

  • (A) मोर
  • (B) पानी
  • (C) चकोर
  • (D) बरसात
Correct Answer: (A) मोर
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Step 1: प्रश्न का संदर्भ समझना।


यह प्रश्न भक्ति साहित्य से संबंधित है, जिसमें भगवान (प्रभु) और भक्त के संबंध को प्रतीकात्मक रूप में व्यक्त किया जाता है। कई संत कवियों ने प्रकृति के माध्यम से इस संबंध को समझाया है।


Step 2: प्रतीकात्मक संबंध।


भक्ति काव्य में भगवान को अक्सर बादल (मेघ) के रूप में और भक्त को मोर के रूप में दर्शाया जाता है। जैसे ही बादल गरजते हैं, मोर आनंदित होकर नृत्य करता है। इसी प्रकार भक्त भी भगवान की कृपा से आनंदित होता है।


Step 3: विकल्पों का विश्लेषण।



(A) मोर: सही उत्तर। मोर का संबंध बादल से जोड़ा जाता है और भक्ति काव्य में इसे भक्त का प्रतीक माना गया है।
(B) पानी: यह बादल से संबंधित है, परंतु भक्त का प्रतीक नहीं है।
(C) चकोर: चकोर का संबंध चंद्रमा से जोड़ा जाता है, बादल से नहीं।
(D) बरसात: यह भी बादल से संबंधित है, परंतु भक्त का प्रतीक नहीं है।


Step 4: निष्कर्ष।


अतः भक्ति काव्य में प्रभु को बादल और भक्त को मोर के रूप में प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया जाता है।


Final Answer: मोर. Quick Tip: भक्ति साहित्य में भगवान और भक्त के संबंध को समझाने के लिए प्रकृति के प्रतीकों जैसे मेघ और मोर का प्रयोग किया जाता है।


Question 19:

सर्वेदा में कवि किस पर्वत का पत्थर बनना चाहते हैं?

  • (A) हिमालय पर्वत
  • (B) गिरनार पर्वत
  • (C) गोवर्धन पर्वत
  • (D) आबू पर्वत
Correct Answer: (B) गिरनार पर्वत
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Step 1: प्रश्न का आशय समझना।


यह प्रश्न साहित्यिक रचना "सर्वेदा" से संबंधित है। इसमें कवि अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए एक विशेष पर्वत का पत्थर बनने की इच्छा व्यक्त करते हैं।


Step 2: रचना का संदर्भ।


इस रचना में कवि ने गिरनार पर्वत का उल्लेख किया है और उसके प्रति अपनी श्रद्धा तथा आकर्षण को व्यक्त किया है। इसलिए कवि उस पर्वत का पत्थर बनने की इच्छा प्रकट करते हैं।


Step 3: विकल्पों का विश्लेषण।



(A) हिमालय पर्वत: भारत का विशाल पर्वत है, परंतु इस संदर्भ में सही उत्तर नहीं है।
(B) गिरनार पर्वत: सही उत्तर, क्योंकि रचना में इसी पर्वत का उल्लेख किया गया है।
(C) गोवर्धन पर्वत: यह कृष्ण कथा से जुड़ा पर्वत है।
(D) आबू पर्वत: राजस्थान का प्रसिद्ध पर्वत है, परंतु प्रश्न के संदर्भ में नहीं।


Step 4: निष्कर्ष।


अतः कवि गिरनार पर्वत का पत्थर बनना चाहते हैं।


Final Answer: गिरनार पर्वत. Quick Tip: साहित्यिक प्रश्नों में रचना के संदर्भ और कवि की भावना को समझना महत्वपूर्ण होता है।


Question 20:

किसी बात का खंडन करते हुए अन्त में सही बात का संकेत किसमें किया जाता है?

  • (A) पहेलियाँ
  • (B) कहानियाँ
  • (C) मुकरियाँ
  • (D) रेखाचित्र
Correct Answer: (C) मुकरियाँ
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Step 1: प्रश्न को समझना।


प्रश्न में पूछा गया है कि ऐसी रचना किसे कहते हैं जिसमें किसी बात का पहले खंडन किया जाता है और अंत में सही बात का संकेत दिया जाता है।


Step 2: मुकरियों का अर्थ।


मुकरियाँ हिंदी साहित्य की एक विशेष शैली है जिसमें कवि पहले किसी बात से मुकरता है या उसका खंडन करता है, और अंत में वास्तविक बात की ओर संकेत करता है। यह शैली प्रायः हास्य और व्यंग्य के रूप में प्रयुक्त होती है।


Step 3: विकल्पों का विश्लेषण।



(A) पहेलियाँ: इनमें प्रश्न के रूप में उत्तर छिपा होता है, परंतु खंडन की शैली नहीं होती।
(B) कहानियाँ: यह कथा रूप होता है, इसमें ऐसा विशेष ढाँचा नहीं होता।
(C) मुकरियाँ: सही उत्तर, क्योंकि इसमें पहले बात का खंडन करके अंत में सही संकेत दिया जाता है।
(D) रेखाचित्र: यह साहित्यिक चित्रण की विधा है।


Step 4: निष्कर्ष।


इस प्रकार जिस शैली में पहले किसी बात का खंडन किया जाता है और अंत में सही बात का संकेत मिलता है, उसे मुकरियाँ कहा जाता है।


Final Answer: मुकरियाँ. Quick Tip: मुकरियाँ हिंदी साहित्य की एक रोचक शैली है जिसमें कवि पहले बात से मुकरता है और अंत में सही बात का संकेत देता है।


Question 21:

सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
भारत का भाल _______ है।
(हिमाचल, गिरनार )

Correct Answer:
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Step 1: प्रश्न का अर्थ.

यह पंक्ति भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषता को दर्शाती है। यहाँ भारत के भाल (माथे) की उपमा दी गई है।


Step 2: विकल्पों का विश्लेषण.

(1) हिमाचल – हिमालय पर्वत भारत के उत्तर में स्थित है और इसे देश का मुकुट या भाल कहा जाता है।

(2) गिरनार – गिरनार गुजरात में स्थित एक पर्वत है, जिसे भारत के भाल के रूप में नहीं कहा जाता।


Step 3: निष्कर्ष.

इसलिए सही उत्तर हिमाचल है, क्योंकि हिमालय को भारत का भाल कहा जाता है।
Quick Tip: हिमालय को अक्सर भारत का मुकुट या भाल कहा जाता है क्योंकि यह देश के उत्तर में एक सुरक्षात्मक पर्वत श्रृंखला के रूप में स्थित है।


Question 22:

‘तोता और इंद्र’ काव्य की कहानी _______ से ली गई है।
(बुक ऑफ सायरस, बुक ऑफ नॉलेज)

Correct Answer:
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Step 1: काव्य का परिचय.

‘तोता और इंद्र’ एक प्रसिद्ध काव्यात्मक कथा है जिसमें ज्ञान और नैतिक शिक्षा से संबंधित प्रसंग प्रस्तुत किया गया है।


Step 2: स्रोत का विश्लेषण.

यह कथा ज्ञान से संबंधित ग्रंथ बुक ऑफ नॉलेज से ली गई मानी जाती है, जिसमें विभिन्न शिक्षाप्रद कथाएँ दी गई हैं।


Step 3: विकल्पों का परीक्षण.

(1) बुक ऑफ सायरस – यह इस कथा का स्रोत नहीं है।

(2) बुक ऑफ नॉलेज – यही इस कथा का वास्तविक स्रोत है।


Step 4: निष्कर्ष.

इसलिए ‘तोता और इंद्र’ काव्य की कहानी बुक ऑफ नॉलेज से ली गई है।
Quick Tip: ‘तोता और इंद्र’ कथा का स्रोत ज्ञानपरक ग्रंथ “बुक ऑफ नॉलेज” माना जाता है।


Question 23:

जनशक्ति की चेतना द्वारा भारत में _______ लाना चाहिए।
(नवचेतना, परिवर्तन)

Correct Answer: (2) परिवर्तन
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Step 1: वाक्य का अर्थ.

इस वाक्य में जनशक्ति अर्थात जनता की सामूहिक शक्ति और जागरूकता के महत्व को बताया गया है।


Step 2: विकल्पों का विश्लेषण.

(1) नवचेतना – यह जागरूकता या नई चेतना का संकेत देता है।

(2) परिवर्तन – यह समाज में सुधार और बदलाव को दर्शाता है।


Step 3: संदर्भ की समझ.

यहाँ वाक्य का भाव यह है कि जनता की जागरूकता से देश में सकारात्मक बदलाव लाया जाना चाहिए।


Step 4: निष्कर्ष.

इसलिए सही उत्तर परिवर्तन है।
Quick Tip: जब समाज में जनशक्ति जागरूक होती है, तो वह सामाजिक और राष्ट्रीय परिवर्तन ला सकती है।


Question 24:

कल्याणि के धाम का अर्थ होता है _______ |

  • (A) सोने का राजमहल
  • (B) चाँदी का राजमहल
  • (C) कृष्ण का राजमहल
Correct Answer: (A) सोने का राजमहल
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Step 1: शब्द का अर्थ समझना।


प्रश्न में "कल्याणि के धाम" शब्द का अर्थ पूछा गया है। यहाँ "धाम" शब्द का अर्थ निवास स्थान, महल या पवित्र स्थान होता है। साहित्यिक प्रयोगों में यह शब्द किसी भव्य और दिव्य स्थान के लिए प्रयुक्त किया जाता है।


Step 2: प्रसंग का विश्लेषण।


साहित्य और काव्य में "धाम" शब्द का प्रयोग अक्सर अत्यंत भव्य, दिव्य या स्वर्णिम महल के अर्थ में किया जाता है। इस संदर्भ में "कल्याणि के धाम" का आशय ऐसे भव्य महल से है जो सोने के समान चमकदार और दिव्य हो।


Step 3: विकल्पों का परीक्षण।



(A) सोने का राजमहल: सही उत्तर, क्योंकि धाम का प्रयोग यहाँ स्वर्णिम या भव्य महल के अर्थ में किया गया है।
(B) चाँदी का राजमहल: यह विकल्प संदर्भ से मेल नहीं खाता।
(C) कृष्ण का राजमहल: यह भी संदर्भ के अनुसार उचित अर्थ नहीं है।


Step 4: निष्कर्ष।


अतः "कल्याणि के धाम" का अर्थ सोने का राजमहल है।


Final Answer: सोने का राजमहल. Quick Tip: साहित्य में "धाम" शब्द का प्रयोग अक्सर किसी भव्य या पवित्र स्थान के लिए किया जाता है।


Question 25:

खरहा मिनट भागा, क्योंकि _______ |

  • (A) भौंकता कुत्ता पीछे पड़ा था।
  • (B) जंगल में आग लगी थी।
  • (C) खाना खत्म हो गया था उसकी तलाश में।
Correct Answer: (A) भौंकता कुत्ता पीछे पड़ा था।
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Step 1: वाक्य का अर्थ समझना।


प्रश्न में दिए गए वाक्य को सही कारण के साथ पूरा करना है। "खरहा मिनट भागा" से यह स्पष्ट होता है कि खरहा बहुत तेज़ी से भाग रहा था और उसके पीछे कोई खतरा या कारण था।


Step 2: संभावित कारण का विश्लेषण।


जब किसी जानवर के पीछे शिकारी या कुत्ता पड़ जाता है, तो वह तेज़ी से भागने लगता है। इसलिए वाक्य के संदर्भ में यह सबसे उपयुक्त कारण है।


Step 3: विकल्पों का परीक्षण।



(A) भौंकता कुत्ता पीछे पड़ा था: सही उत्तर, क्योंकि इससे तेज़ भागने का कारण स्पष्ट होता है।
(B) जंगल में आग लगी थी: यह भी संभव कारण हो सकता है, परन्तु वाक्य के सामान्य प्रयोग में यह कम उपयुक्त है।
(C) खाना खत्म हो गया था उसकी तलाश में: यह वाक्य के अर्थ से मेल नहीं खाता।


Step 4: निष्कर्ष।


इस प्रकार वाक्य को सही रूप में पूरा करने के लिए विकल्प (A) उपयुक्त है।


Final Answer: भौंकता कुत्ता पीछे पड़ा था। Quick Tip: वाक्य पूर्ण करते समय कारण और परिणाम के संबंध को ध्यान में रखना आवश्यक होता है।


Question 26:

कवि भक्तगण को कौन-से गुण ग्रहण करने की बात करते हुए व्यंग्य करते हैं?

  • (A) पोथी पढ़कर ज्ञानी बनना।
  • (B) मुख में राम बगल में छुरी चलाना।
  • (C) हाथ में चिमटा लेकर ईश्वर स्मरण करना।
Correct Answer: (B) मुख में राम बगल में छुरी चलाना।
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Step 1: प्रश्न का भाव समझना।


यह प्रश्न व्यंग्यात्मक कथन से संबंधित है। कवि ऐसे लोगों की आलोचना करते हैं जो बाहर से धार्मिक या भक्त प्रतीत होते हैं लेकिन भीतर से उनके आचरण में कपट या विरोधाभास होता है।


Step 2: व्यंग्य का अर्थ।


"मुख में राम, बगल में छुरी" एक प्रसिद्ध कहावत है, जिसका अर्थ है कि व्यक्ति ऊपर से धार्मिकता का दिखावा करता है लेकिन भीतर से कपटपूर्ण या हिंसक प्रवृत्ति रखता है।


Step 3: विकल्पों का विश्लेषण।



(A) पोथी पढ़कर ज्ञानी बनना: यह सामान्य ज्ञान या अध्ययन को दर्शाता है।
(B) मुख में राम बगल में छुरी चलाना: सही उत्तर, क्योंकि यह कपटपूर्ण आचरण पर व्यंग्य करता है।
(C) हाथ में चिमटा लेकर ईश्वर स्मरण करना: यह धार्मिक आचरण को दर्शाता है, व्यंग्य नहीं।


Step 4: निष्कर्ष।


अतः कवि इस कथन के माध्यम से कपटपूर्ण धार्मिकता पर व्यंग्य करते हैं।


Final Answer: मुख में राम बगल में छुरी चलाना। Quick Tip: "मुख में राम बगल में छुरी" का अर्थ है ऊपर से धार्मिक दिखना लेकिन भीतर से कपटी होना।


Question 27:

कश्मीरी हवा क्या गाती है?

Correct Answer:
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Step 1: कश्मीरी प्रकृति का वर्णन।

कश्मीर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरे-भरे बाग-बगीचों, पर्वतों और झीलों के कारण प्रसिद्ध है। वहाँ की ठंडी और सुगंधित हवा पूरे वातावरण को आनंदमय बना देती है।


Step 2: कश्मीरी हवा का भावार्थ।

कश्मीरी हवा प्रकृति की सुंदरता, शांति और आनंद का संदेश लेकर बहती है। वह फूलों की सुगंध और प्राकृतिक सौंदर्य को चारों ओर फैलाती है।


Step 3: कविता में अभिव्यक्ति।

कविता में कश्मीरी हवा को ऐसे चित्रित किया गया है जैसे वह गीत गा रही हो। यह गीत कश्मीर की सुंदरता, प्रेम और प्रकृति की मधुरता का प्रतीक है।


Step 4: निष्कर्ष।

इस प्रकार कश्मीरी हवा प्रकृति की सुंदरता, आनंद और शांति का गीत गाती है।
Quick Tip: कविताओं में हवा, फूल और प्रकृति को मानवीय गुण देकर उनकी सुंदरता का वर्णन किया जाता है।


Question 28:

पेड़ क्यों सूख गया था?

Correct Answer:
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Step 1: पेड़ की स्थिति समझना।

पेड़ प्रकृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उसे जीवित रहने के लिए पानी, हवा, धूप और पोषण की आवश्यकता होती है।


Step 2: सूखने का कारण।

जब पेड़ को पर्याप्त पानी और पोषण नहीं मिलता या उसकी जड़ों को नुकसान पहुँचता है, तो वह धीरे-धीरे सूखने लगता है।


Step 3: पर्यावरणीय प्रभाव।

कभी-कभी अत्यधिक गर्मी, सूखा, या पर्यावरणीय परिवर्तन भी पेड़ के सूखने का कारण बनते हैं।


Step 4: निष्कर्ष।

अतः पेड़ पानी और पोषण की कमी तथा प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण सूख गया था।
Quick Tip: पेड़ों को स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त पानी, मिट्टी के पोषक तत्व और अनुकूल पर्यावरण आवश्यक होते हैं।


Question 29:

मीरा के ‘राम रतन धन’ की क्या विशेषताएँ हैं?

Correct Answer:
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Step 1: भक्ति भावना की प्रधानता.

मीरा के ‘राम रतन धन’ में गहरी भक्ति भावना व्यक्त होती है। इसमें भगवान के प्रति सच्चे प्रेम और समर्पण का भाव दिखाई देता है। मीरा अपने आराध्य भगवान को सबसे बड़ा धन मानती हैं।


Step 2: आध्यात्मिक धन का महत्व.

इस पद में बताया गया है कि भगवान का नाम और भक्ति ही सच्चा धन है। यह धन संसार के भौतिक धन से अधिक मूल्यवान है और कभी नष्ट नहीं होता।


Step 3: सरल और भावपूर्ण भाषा.

मीरा के पदों की भाषा बहुत सरल, सहज और भावपूर्ण होती है। ‘राम रतन धन’ में भी सरल शब्दों के माध्यम से गहन आध्यात्मिक विचार व्यक्त किए गए हैं।


Step 4: त्याग और वैराग्य का भाव.

इस पद में सांसारिक मोह-माया से दूर रहने और भगवान की भक्ति में लीन रहने का संदेश दिया गया है। मीरा के अनुसार भक्ति ही जीवन का सच्चा मार्ग है।
Quick Tip: मीरा के पदों की प्रमुख विशेषताएँ हैं – गहरी भक्ति भावना, सरल भाषा, आध्यात्मिक संदेश और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण।


Question 30:

बौद्ध साधु मौनव्रत क्यों धारण करते हैं?

Correct Answer:
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Step 1: मौनव्रत का अर्थ.

मौनव्रत का अर्थ है कुछ समय तक पूर्ण रूप से मौन रहना। बौद्ध साधु आत्मिक शांति और आत्मसंयम प्राप्त करने के लिए मौनव्रत धारण करते हैं।


Step 2: आत्मसंयम और ध्यान.

मौन रहने से मनुष्य अपने मन को नियंत्रित कर सकता है। इससे साधु ध्यान और साधना में अधिक एकाग्रता प्राप्त करते हैं।


Step 3: आंतरिक शांति की प्राप्ति.

मौनव्रत के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर की शांति और आध्यात्मिक शक्ति को अनुभव करता है। यह आत्मचिंतन और आत्मविकास का महत्वपूर्ण साधन है।


Step 4: निष्कर्ष.

इस प्रकार बौद्ध साधु आत्मसंयम, ध्यान और आध्यात्मिक उन्नति के लिए मौनव्रत धारण करते हैं।
Quick Tip: मौनव्रत मन को शांत करने, आत्मसंयम बढ़ाने और ध्यान में एकाग्रता प्राप्त करने का महत्वपूर्ण साधन है।


Question 31:

'भारत विश्व शांति-दूत' क्यों कहलाता है?

Correct Answer:
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Step 1: भारत की सांस्कृतिक परंपरा।

भारत प्राचीन काल से ही शांति, अहिंसा और सहिष्णुता का संदेश देता आया है। भारतीय संस्कृति में प्रेम, करुणा और मानवता को बहुत महत्व दिया जाता है।


Step 2: अहिंसा का सिद्धांत।

भारत ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में अहिंसा और सत्याग्रह के मार्ग को अपनाकर स्वतंत्रता प्राप्त की। यह सिद्धांत पूरे विश्व के लिए शांति और सहयोग का संदेश देता है।


Step 3: अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भूमिका।

भारत हमेशा से ही विश्व में शांति और सहयोग बनाए रखने का प्रयास करता रहा है। भारत ने अनेक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर युद्ध के बजाय संवाद और सहयोग का समर्थन किया है।


Step 4: विश्व शांति का संदेश।

भारत “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को मानता है, जिसका अर्थ है कि पूरा विश्व एक परिवार है। इसी विचार के कारण भारत विश्व में शांति का संदेश फैलाता है।


Step 5: निष्कर्ष।

इस प्रकार शांति, अहिंसा और मानवता के संदेश के कारण भारत को “विश्व शांति-दूत” कहा जाता है।
Quick Tip: भारत की संस्कृति “अहिंसा” और “वसुधैव कुटुम्बकम्” के सिद्धांत पर आधारित है, इसलिए इसे विश्व शांति का संदेशवाहक माना जाता है।


Question 32:

'भूख' की दशा को कवि ने सुन्दर क्यों कहा है?

Correct Answer:
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Step 1: भूख का सामान्य अर्थ।

भूख सामान्यतः शरीर की भोजन की आवश्यकता को दर्शाती है। यह मनुष्य को भोजन प्राप्त करने और जीवन बनाए रखने के लिए प्रेरित करती है।


Step 2: कवि का दृष्टिकोण।

कवि ने भूख को केवल शारीरिक आवश्यकता के रूप में नहीं देखा, बल्कि इसे जीवन की ऊर्जा और प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया है।


Step 3: परिश्रम और भूख का संबंध।

जब मनुष्य मेहनत करता है तो उसे भूख लगती है और भोजन का स्वाद भी अच्छा लगता है। इस कारण कवि ने भूख की अवस्था को सुंदर कहा है।


Step 4: जीवन की सादगी।

कवि के अनुसार सच्ची भूख मनुष्य को सादगी, परिश्रम और संतोष का महत्व सिखाती है।


Step 5: निष्कर्ष।

इस प्रकार कवि ने भूख की दशा को सुंदर इसलिए कहा है क्योंकि यह मनुष्य को परिश्रम, संतोष और जीवन की वास्तविक आवश्यकताओं का महत्व समझाती है।
Quick Tip: कवि अक्सर साधारण जीवन स्थितियों को भी गहरे अर्थों और भावनाओं के साथ प्रस्तुत करते हैं।


Question 33:

निम्नलिखित कथन का आशय स्पष्ट कीजिए :
‘कहते है सब शास्त्र कमाओ,
रोटी जान बचाकर।
पर संकट में प्राण बचाओ,
सारी शक्ति लगाकर।’

Correct Answer:
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Step 1: कथन का सामान्य अर्थ.

इन पंक्तियों में यह बताया गया है कि जीवन में मनुष्य को अपने जीवन की रक्षा को सबसे अधिक महत्व देना चाहिए। शास्त्रों में भी कहा गया है कि जीवन को सुरक्षित रखना सबसे बड़ा कर्तव्य है।


Step 2: रोटी और जीवन का संबंध.

मनुष्य भोजन कमाकर अपना जीवन चलाता है, लेकिन यदि किसी संकट की स्थिति आ जाए तो सबसे पहले अपने प्राणों की रक्षा करनी चाहिए। भोजन और धन बाद में भी प्राप्त किए जा सकते हैं, परंतु जीवन एक बार चला जाए तो वापस नहीं आता।


Step 3: संकट की स्थिति में कर्तव्य.

जब कोई कठिन परिस्थिति या संकट उत्पन्न हो, तब मनुष्य को अपनी पूरी शक्ति और साहस लगाकर अपने प्राणों की रक्षा करनी चाहिए। यही बुद्धिमत्ता और विवेक का सही उपयोग है।


Step 4: निष्कर्ष.

इन पंक्तियों का मुख्य संदेश यह है कि मनुष्य को अपने जीवन की रक्षा को सर्वोच्च महत्व देना चाहिए, क्योंकि जीवन ही सबसे बड़ा धन है।
Quick Tip: जीवन सबसे अनमोल है। किसी भी संकट की स्थिति में सबसे पहले अपने प्राणों की रक्षा करना ही सबसे बड़ा कर्तव्य है।


Question 34:

निम्नलिखित कथन का आशय स्पष्ट कीजिए :
“भारत वर्ष हमारा है, यह हिंदुस्तान हमारा है। जब कि घटाओं ने सीखा था सबसे पहले घहराना, पहले–पहले हवाओं ने जब सीखा था कुछ बहना, जब कि जलधि सब सीख रहे थे सबसे पहले लहराना, उसी अनादि–आदि क्षण से यह जन्मस्थान हमारा है। भारतवर्ष हमारा है, यह हिंदुस्तान हमारा है।”

Correct Answer:
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Step 1: कथन का सामान्य अर्थ.

इन पंक्तियों में कवि अपने देश भारत के प्रति गहरा प्रेम और गर्व प्रकट करता है। कवि कहता है कि भारतवर्ष हमारा अपना देश है और हमें इस पर गर्व होना चाहिए।


Step 2: भारत की प्राचीनता का वर्णन.

कवि यह बताना चाहता है कि भारत बहुत प्राचीन देश है। जब प्रकृति के तत्व जैसे बादल, हवा और समुद्र अपने स्वाभाविक रूप को सीख रहे थे, उसी समय से भारत भूमि का अस्तित्व रहा है।


Step 3: देशभक्ति की भावना.

इन पंक्तियों में कवि देशवासियों के मन में देशभक्ति और अपनत्व की भावना उत्पन्न करना चाहता है। वह यह स्पष्ट करता है कि भारत हमारी जन्मभूमि है और हम सभी को इससे गहरा प्रेम करना चाहिए।


Step 4: निष्कर्ष.

अतः इन पंक्तियों का आशय यह है कि भारत अत्यंत प्राचीन और महान देश है तथा प्रत्येक भारतीय को अपने देश पर गर्व होना चाहिए।
Quick Tip: कविता की इन पंक्तियों में भारत की प्राचीनता, महानता और देशभक्ति की भावना को व्यक्त किया गया है।


Question 35:

निम्नलिखित कहावत का सही अर्थ लिखिए :
मुह में राम बगल में छुरी

Correct Answer:
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Step 1: कहावत का शाब्दिक अर्थ।

इस कहावत में व्यक्ति के दोहरे व्यवहार को दर्शाया गया है। बाहर से वह धार्मिक, सज्जन या अच्छा दिखाई देता है, लेकिन अंदर से उसका व्यवहार ठीक नहीं होता।


Step 2: भावार्थ।

कहावत का अर्थ है कि कुछ लोग ऊपर से बहुत मीठी और अच्छी बातें करते हैं, परंतु भीतर से वे कपटी और स्वार्थी होते हैं।


Step 3: निष्कर्ष।

अतः इस कहावत का अर्थ है कि जो व्यक्ति बाहर से भला दिखाई दे लेकिन अंदर से दुष्ट या कपटी हो।
Quick Tip: कहावतें जीवन के अनुभवों से उत्पन्न होती हैं और कम शब्दों में गहरी शिक्षा देती हैं।


Question 36:

निम्नलिखित शब्द समूह के लिए एक शब्द लिखिए :
जहाँ मनुष्य न हो

Correct Answer:
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Step 1: प्रश्न को समझना।

यहाँ एक ऐसे स्थान के लिए एक शब्द पूछा गया है जहाँ कोई मनुष्य न रहता हो।


Step 2: उपयुक्त शब्द।

ऐसे स्थान को हिंदी में निर्जन कहा जाता है।


Step 3: अर्थ।

निर्जन का अर्थ है ऐसा स्थान जहाँ कोई व्यक्ति न रहता हो या जहाँ चारों ओर सन्नाटा हो।
Quick Tip: शब्द समूह के लिए एक शब्द प्रश्नों में लंबे वाक्य के लिए संक्षिप्त शब्द लिखा जाता है।


Question 37:

निम्नलिखित शब्द की संधि छोड़िए :
व्याकुल

Correct Answer:
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Step 1: संधि का अर्थ।

संधि वह प्रक्रिया है जिसमें दो शब्दों या वर्णों के मिलने से नया शब्द बनता है।


Step 2: शब्द का विभाजन।

शब्द व्याकुल दो शब्दों से मिलकर बना है।


Step 3: संधि विच्छेद।
\[ वि + आकुल = व्याकुल \]
Quick Tip: संधि विच्छेद में संयुक्त शब्द को उसके मूल शब्दों में अलग किया जाता है।


Question 38:

निम्नलिखित शब्द की संधि जोड़िए :
परम + आत्मा

Correct Answer:
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Step 1: संधि का नियम समझना।

जब दो शब्द मिलते हैं तो उनके वर्णों के मेल से नया शब्द बनता है। इसे संधि कहते हैं।


Step 2: दिए गए शब्द।

यहाँ दो शब्द दिए गए हैं : परम और आत्मा।


Step 3: संधि बनाना।

दोनों शब्दों के मिलने से नया शब्द बनेगा :

\[ परम + आत्मा = परमात्मा \]
Quick Tip: संधि जोड़ते समय दोनों शब्दों के वर्ण मिलकर एक नया संयुक्त शब्द बनाते हैं।


Question 39:

निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य प्रयोग कीजिए :
गला फाड़ना

Correct Answer:
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Step 1: मुहावरे का अर्थ।

गला फाड़ना मुहावरे का अर्थ है बहुत जोर से चिल्लाना या ऊँची आवाज़ में बोलना।


Step 2: वाक्य में प्रयोग।

शिक्षक ने छात्रों से कहा कि कक्षा में गला फाड़कर बोलने की आवश्यकता नहीं है।


Step 3: व्याख्या।

इस मुहावरे का प्रयोग उस स्थिति में किया जाता है जब कोई व्यक्ति बहुत ऊँची आवाज़ में बोलता या चिल्लाता है।
Quick Tip: मुहावरे भाषा को अधिक प्रभावशाली और रोचक बनाते हैं तथा कम शब्दों में गहरा अर्थ व्यक्त करते हैं।


Question 40:

निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए :
सत्कार

Correct Answer:
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विलोम शब्द :

सत्कार का विलोम शब्द तिरस्कार है।


व्याख्या :

सत्कार का अर्थ सम्मान या आदर करना होता है, जबकि तिरस्कार का अर्थ अपमान या अनादर करना होता है।
Quick Tip: विलोम शब्द वे शब्द होते हैं जिनके अर्थ एक-दूसरे के विपरीत होते हैं।


Question 41:

निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए :
राजा

Correct Answer:
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विलोम शब्द :

राजा का विलोम शब्द प्रजा है।


व्याख्या :

राजा वह होता है जो राज्य का शासक होता है, जबकि प्रजा राज्य के सामान्य नागरिक होते हैं।
Quick Tip: विलोम शब्द प्रश्नों में दिए गए शब्द के विपरीत अर्थ वाले शब्द लिखे जाते हैं।


Question 42:

निम्नलिखित शब्द के पर्यायवाची (समानार्थी) शब्द लिखिए :
लघु

Correct Answer:
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पर्यायवाची शब्द :

लघु का पर्यायवाची शब्द छोटा है।


व्याख्या :

लघु शब्द का अर्थ छोटा या कम आकार वाला होता है।
Quick Tip: पर्यायवाची शब्द वे शब्द होते हैं जिनका अर्थ समान या लगभग समान होता है।


Question 43:

निम्नलिखित शब्द के पर्यायवाची (समानार्थी) शब्द लिखिए :
असीम

Correct Answer:
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पर्यायवाची शब्द :

असीम का पर्यायवाची शब्द अनंत है।


व्याख्या :

असीम का अर्थ होता है जिसकी कोई सीमा न हो। अनंत शब्द भी उसी अर्थ को व्यक्त करता है।
Quick Tip: समान अर्थ वाले शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहा जाता है।


Question 44:

निम्नलिखित शब्दों की भाववाचक संज्ञा लिखिए :
दयालु

Correct Answer:
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भाववाचक संज्ञा :

दयालु की भाववाचक संज्ञा दयालुता है।


व्याख्या :

भाववाचक संज्ञा किसी गुण, अवस्था या भाव को प्रकट करती है।
Quick Tip: भाववाचक संज्ञा किसी गुण या अवस्था का बोध कराती है जैसे दया, प्रेम, सुंदरता आदि।


Question 45:

निम्नलिखित शब्दों की भाववाचक संज्ञा लिखिए :
मानव

Correct Answer:
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भाववाचक संज्ञा :

मानव की भाववाचक संज्ञा मानवता है।


व्याख्या :

मानवता शब्द मनुष्य के गुणों और उसके व्यवहार को व्यक्त करता है।
Quick Tip: भाववाचक संज्ञा व्यक्ति के गुण, अवस्था या भाव को दर्शाती है।


Question 46:

निम्नलिखित शब्द की अनेकार्थक संज्ञा लिखिए :
ग्राम

Correct Answer:
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अनेकार्थक शब्द :

ग्राम शब्द का एक अर्थ गाँव होता है और दूसरा अर्थ भार की एक इकाई होता है।
Quick Tip: अनेकार्थक शब्द वे शब्द होते हैं जिनके एक से अधिक अर्थ होते हैं।


Question 47:

निम्नलिखित शब्द की अनेकार्थक संज्ञा लिखिए :
विषाद

Correct Answer:
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अर्थ :

विषाद का अर्थ दुःख या शोक होता है।
Quick Tip: अनेकार्थक शब्दों के अलग-अलग संदर्भों में भिन्न अर्थ हो सकते हैं।


Question 48:

निम्नलिखित शब्दों के विशेषण बनाकर लिखिए :
प्रकृति

Correct Answer:
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विशेषण :

प्रकृति से बना विशेषण प्राकृतिक है।
Quick Tip: विशेषण वह शब्द होता है जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है।


Question 49:

निम्नलिखित शब्दों के विशेषण बनाकर लिखिए :
अंश

Correct Answer:
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विशेषण :

अंश से बना विशेषण आंशिक है।
Quick Tip: संज्ञा शब्द से बनने वाले विशेषण उस संज्ञा की विशेषता को प्रकट करते हैं।


Question 50:

निम्नलिखित शब्दों के समान उच्चारण लिखिए :
सोरठ

Correct Answer:
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समान उच्चारण :

सोरठ का समान उच्चारण सौरठ हो सकता है।
Quick Tip: समान उच्चारण वाले शब्दों को समोच्चारित शब्द कहा जाता है।


Question 51:

निम्नलिखित शब्दों के समान उच्चारण लिखिए :
धू्रव

Correct Answer:
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समान उच्चारण :

ध्रुव का समान उच्चारण ध्रुव (उच्चारण समान लेकिन अर्थ भिन्न संदर्भ में प्रयोग हो सकता है)।
Quick Tip: समोच्चारित शब्दों का उच्चारण समान होता है लेकिन उनके अर्थ अलग-अलग हो सकते हैं।


Question 52:

निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए :
संचार माध्यम

Correct Answer:
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Step 1: संचार माध्यम का अर्थ.

संचार माध्यम वे साधन होते हैं जिनके द्वारा सूचना, विचार और संदेश एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति या एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाए जाते हैं। ये समाज में जानकारी के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण साधन होते हैं।


Step 2: संचार माध्यम के प्रकार.

संचार माध्यम मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं—पारंपरिक और आधुनिक। पारंपरिक माध्यमों में पत्र, संदेशवाहक आदि आते हैं, जबकि आधुनिक माध्यमों में टेलीफोन, रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, समाचार पत्र और मोबाइल फोन शामिल हैं।


Step 3: संचार माध्यम का महत्व.

संचार माध्यम समाज को जानकारी प्रदान करते हैं, लोगों को जागरूक बनाते हैं और देश-विदेश की घटनाओं से अवगत कराते हैं। इसके माध्यम से शिक्षा, मनोरंजन और समाचार का प्रसार भी होता है।


Step 4: निष्कर्ष.

इस प्रकार संचार माध्यम आधुनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो समाज को जोड़ने और जानकारी के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Quick Tip: संचार माध्यम सूचना, विचार और समाचार को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने के प्रमुख साधन होते हैं।


Question 53:

निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए :
कम्प्यूटर

Correct Answer:
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Step 1: कम्प्यूटर का अर्थ.

कम्प्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो डेटा को ग्रहण करती है, उसे संसाधित करती है और उपयोगी परिणाम प्रदान करती है। यह गणना, संग्रहण और सूचना प्रसंस्करण के लिए प्रयोग किया जाता है।


Step 2: कम्प्यूटर के मुख्य भाग.

कम्प्यूटर के मुख्य भाग इनपुट उपकरण (जैसे कीबोर्ड और माउस), प्रोसेसिंग यूनिट (CPU), और आउटपुट उपकरण (जैसे मॉनिटर और प्रिंटर) होते हैं।


Step 3: कम्प्यूटर का महत्व.

आज के समय में कम्प्यूटर शिक्षा, व्यापार, बैंकिंग, चिकित्सा, वैज्ञानिक अनुसंधान और संचार जैसे अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह कार्य को तेज, सरल और अधिक सटीक बनाता है।


Step 4: निष्कर्ष.

इस प्रकार कम्प्यूटर आधुनिक युग की एक महत्वपूर्ण तकनीक है जो मानव जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाती है।
Quick Tip: कम्प्यूटर एक तेज और सटीक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो सूचना को संग्रहित, संसाधित और प्रस्तुत करने का कार्य करता है।


Question 54:

निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
भारत में शिक्षा का आधार अभी भी कक्षागत वार्ता, पाठवाचन एवं पाठ्यपुस्तकें ही हैं। पत्र-पत्रिकाओं एवं पुस्तकों में उपलब्ध अन्य सामग्री का उपयोग अभी भी हमारे विद्यालयों में सीमित है। व्यक्तिगत रूप से अच्छी पुस्तकें खरीदकर लेना संभव नहीं। फिर दूर-दराज में बिखरे लाखों गाँवों में पत्र-पत्रिकाएँ आसानी से प्राप्त नहीं होतीं। फलस्वरूप शिक्षक नये चिंतन से अनजान रहते हैं एवं छात्र देश-विदेश में घटित महत्वपूर्ण घटनाओं से अपरिचित रह जाते हैं। देश के विभिन्न धर्मों, उनके सार्वभौमिक सिद्धांतों, उनकी कला, साहित्य व संस्कृति की जानकारी भी उन्हें नहीं हो पाती। वे पढ़-लिखकर भी अपने से ही रहते हैं, जबकि आज के संचार के युग में ये जानकारियाँ अत्यंत आवश्यक हैं।

आज शिक्षा का आधार क्या है?

Correct Answer:
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Step 1: गद्यांश का आशय समझना।

दिए गए गद्यांश में बताया गया है कि भारत में शिक्षा की व्यवस्था अभी भी मुख्य रूप से पारंपरिक साधनों पर आधारित है।


Step 2: शिक्षा के प्रमुख साधन।

गद्यांश के अनुसार आज भी शिक्षा का आधार कक्षागत वार्ता, पाठवाचन और पाठ्यपुस्तकें ही हैं।


Step 3: निष्कर्ष।

अतः आज शिक्षा का आधार मुख्यतः कक्षा में होने वाली चर्चा, पाठवाचन और पाठ्यपुस्तकें हैं।
Quick Tip: गद्यांश आधारित प्रश्नों के उत्तर उसी अनुच्छेद में दिए गए विचारों के आधार पर लिखे जाते हैं।


Question 55:

कौन-सी शिक्षण सामग्री का उपयोग मर्यादित है?

Correct Answer:
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Step 1: गद्यांश की जानकारी।

गद्यांश में बताया गया है कि विद्यालयों में शिक्षा के लिए कई प्रकार की सामग्री का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन सभी सामग्री का पर्याप्त उपयोग नहीं हो पाता।


Step 2: मर्यादित उपयोग वाली सामग्री।

गद्यांश के अनुसार पत्र-पत्रिकाएँ और पुस्तकालयों में उपलब्ध अन्य सामग्री का उपयोग हमारे विद्यालयों में अभी भी सीमित है।


Step 3: निष्कर्ष।

इस प्रकार पत्र-पत्रिकाएँ और पुस्तकालय की अन्य सामग्री का उपयोग मर्यादित है।
Quick Tip: विद्यालयों में पत्र-पत्रिकाएँ और पुस्तकालय ज्ञान के महत्वपूर्ण स्रोत होते हैं।


Question 56:

शिक्षक नव चिंतन से अनजान क्यों रहते हैं?

Correct Answer:
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Step 1: गद्यांश का संदर्भ।

गद्यांश में बताया गया है कि अनेक विद्यालयों में आधुनिक ज्ञान-स्रोतों का पर्याप्त उपयोग नहीं किया जाता।


Step 2: कारण।

पत्र-पत्रिकाएँ और पुस्तकालयों की सामग्री का उपयोग सीमित होने के कारण शिक्षक नई जानकारियों और नए विचारों से परिचित नहीं हो पाते।


Step 3: निष्कर्ष।

इसलिए शिक्षण सामग्री के सीमित उपयोग के कारण शिक्षक नव चिंतन से अनजान रहते हैं।
Quick Tip: ज्ञान के नए स्रोतों का अध्ययन करने से व्यक्ति नए विचारों और नव चिंतन से परिचित होता है।


Question 57:

छात्र गण किन बातों से अनजान रहते हैं?

Correct Answer:
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Step 1: गद्यांश का संदर्भ समझना।

दिए गए गद्यांश में बताया गया है कि विद्यालयों में पत्र-पत्रिकाओं तथा पुस्तकालय की सामग्री का उपयोग बहुत कम किया जाता है।


Step 2: छात्रों की जानकारी का अभाव।

इस कारण छात्रों को देश-विदेश में घटित होने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी नहीं मिल पाती।


Step 3: निष्कर्ष।

अतः छात्र देश-विदेश में घटित होने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं से अनजान रहते हैं।
Quick Tip: पत्र-पत्रिकाएँ और समाचार ज्ञान के महत्वपूर्ण स्रोत होते हैं जो छात्रों को समसामयिक घटनाओं से अवगत कराते हैं।


Question 58:

परिच्छेद के अनुसार छात्रों को कौन-सी जानकारी नहीं होती है?

Correct Answer:
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Step 1: गद्यांश की जानकारी।

गद्यांश में बताया गया है कि विद्यालयों में पत्र-पत्रिकाओं और पुस्तकालय की सामग्री का पर्याप्त उपयोग नहीं किया जाता।


Step 2: जानकारी का अभाव।

इस कारण छात्रों को देश-विदेश में होने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं तथा विभिन्न धर्मों, कला, साहित्य और संस्कृति से संबंधित जानकारी प्राप्त नहीं हो पाती।


Step 3: निष्कर्ष।

अतः छात्रों को देश-विदेश की महत्वपूर्ण घटनाओं और सांस्कृतिक विषयों की जानकारी नहीं होती।
Quick Tip: पुस्तकालय और पत्र-पत्रिकाएँ विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों की नई जानकारी प्रदान करती हैं।


Question 59:

इस परिच्छेद को उचित शीर्षक दीजिए।

Correct Answer:
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Step 1: परिच्छेद का मुख्य विचार।

इस परिच्छेद में बताया गया है कि भारत में शिक्षा अभी भी पारंपरिक तरीकों पर आधारित है और विद्यालयों में पत्र-पत्रिकाओं तथा पुस्तकालय की सामग्री का पर्याप्त उपयोग नहीं किया जाता।


Step 2: शीर्षक का चयन।

परिच्छेद का मुख्य विचार शिक्षा प्रणाली और ज्ञान के स्रोतों की सीमितता को दर्शाता है।


Step 3: उपयुक्त शीर्षक।

इसलिए इस परिच्छेद का उचित शीर्षक “भारत में शिक्षा की स्थिति” या “शिक्षा के सीमित साधन” हो सकता है।
Quick Tip: परिच्छेद का शीर्षक उसके मुख्य विचार या विषय के आधार पर निर्धारित किया जाता है।


Question 60:

9, सोना सोसायटी, स्टेशन रोड, अहमदाबाद से वंशा पटेल अपने जामनगर निवासी मित्र हर्ष को पढ़ाई में ‘राष्ट्रभाषा हिन्दी का महत्व’ बताते हुए पत्र लिखता है।

Correct Answer:
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9, सोना सोसायटी

स्टेशन रोड, अहमदाबाद

दिनांक : 10 जुलाई 20XX


प्रिय मित्र हर्ष,


सप्रेम नमस्कार। आशा है कि तुम स्वस्थ और प्रसन्न होंगे। मैं यहाँ कुशलपूर्वक हूँ और अपनी पढ़ाई अच्छे से कर रहा हूँ। आज मैं तुम्हें अपने अध्ययन से संबंधित एक महत्वपूर्ण विषय के बारे में लिख रहा हूँ, वह है हमारी राष्ट्रभाषा हिन्दी का महत्व।


हिन्दी भारत की प्रमुख भाषा है और यह देश के अधिकांश लोगों द्वारा समझी और बोली जाती है। यह भाषा हमें देश के विभिन्न राज्यों और संस्कृतियों को जोड़ने में सहायता करती है। हिन्दी के माध्यम से हम अपने विचारों और भावनाओं को सरलता से व्यक्त कर सकते हैं।


पढ़ाई के क्षेत्र में भी हिन्दी का विशेष महत्व है। अनेक पुस्तकें, समाचार-पत्र, पत्र-पत्रिकाएँ और साहित्य हिन्दी में उपलब्ध हैं। हिन्दी भाषा हमें भारत की संस्कृति, परंपरा और इतिहास को समझने में भी मदद करती है।


आज के समय में हिन्दी का प्रयोग प्रशासन, शिक्षा और संचार के क्षेत्र में भी बढ़ता जा रहा है। इसलिए हमें हिन्दी भाषा का सम्मान करना चाहिए और उसे सीखने तथा प्रयोग करने का प्रयास करना चाहिए।


आशा है कि तुम भी हिन्दी के महत्व को समझोगे और अपनी पढ़ाई में इसका अधिक उपयोग करोगे। शेष सब कुशल है। घर पर सभी को मेरा नमस्कार कहना।


तुम्हारा प्रिय मित्र

वंशा पटेल
Quick Tip: पत्र लेखन में प्रेषक का पता, दिनांक, संबोधन, विषय-वस्तु और अंत में नाम अवश्य लिखा जाता है।


Question 61:

निम्नलिखित रूपरेखा के आधार पर कहानी लिखकर उचित शीर्षक एवं बोध लिखिए :
रूपरेखा : एक ब्राह्मण – नेवला पालना – पानी भरने को बाहर जाना – लौटने पर नेवले का खून से लथपथ मुँह देखना – बच्चे की हत्या की शंका – नेवले पर घड़ा पटकना – बच्चे को जीवित पाना – पास ही एक मरा हुआ साँप – सीख।

Correct Answer:
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शीर्षक : जल्दबाज़ी का परिणाम


Step 1: कहानी की शुरुआत.

एक गाँव में एक ब्राह्मण रहता था। उसने अपने घर में एक नेवला पाल रखा था। ब्राह्मण और उसकी पत्नी उस नेवले को अपने परिवार के सदस्य की तरह प्यार करते थे। उनके घर में एक छोटा बच्चा भी था।


Step 2: घटना का विकास.

एक दिन ब्राह्मण की पत्नी पानी भरने के लिए बाहर चली गई और बच्चे को घर में सुलाकर चली गई। नेवला घर में ही बच्चे के पास बैठा था। उसी समय एक साँप घर में घुस आया और बच्चे की ओर बढ़ने लगा।


Step 3: संघर्ष और परिणाम.

नेवले ने साहस दिखाया और साँप पर हमला कर दिया। दोनों के बीच भयंकर लड़ाई हुई और अंत में नेवले ने साँप को मार डाला। इस संघर्ष में नेवले का मुँह खून से लथपथ हो गया।


Step 4: गलतफहमी और पछतावा.

जब ब्राह्मण की पत्नी पानी भरकर लौटी तो उसने नेवले का खून से सना मुँह देखा। उसने समझा कि नेवले ने उसके बच्चे को मार डाला है। क्रोध में आकर उसने घड़े से नेवले को मार दिया। लेकिन जब वह अंदर गई तो उसने देखा कि बच्चा सुरक्षित सो रहा था और पास में एक मरा हुआ साँप पड़ा था।


Step 5: निष्कर्ष.

यह देखकर वह बहुत पछताई, क्योंकि उसने बिना सोचे-समझे अपने वफादार नेवले को मार दिया था।


बोध :

जल्दबाज़ी और बिना सोच-समझकर किए गए कार्य का परिणाम हमेशा हानिकारक होता है।
Quick Tip: किसी भी परिस्थिति में निर्णय लेने से पहले पूरी सच्चाई जान लेना चाहिए, क्योंकि जल्दबाज़ी अक्सर पछतावे का कारण बनती है।


Question 62:

निम्नलिखित विषय पर निबंध लिखिए :
मेरा देश महान

Correct Answer:
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परिचय :

भारत हमारा प्रिय देश है। यह अपनी महान संस्कृति, परंपरा और विविधता के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। भारत को प्राचीन काल से ही ज्ञान और सभ्यता की भूमि माना जाता है।


संस्कृति और लोग :

भारत की संस्कृति अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण है। यहाँ विभिन्न धर्मों, भाषाओं और परंपराओं के लोग आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ रहते हैं। यही विविधता भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।


आर्थिक स्थिति और प्राकृतिक संपदा :

भारत को प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध देश माना जाता है। यहाँ उपजाऊ भूमि, नदियाँ, वन और खनिज संपदा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, जो देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


स्वतंत्रता और इतिहास :

भारत का इतिहास गौरवशाली रहा है। अनेक महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान के कारण हमें स्वतंत्रता प्राप्त हुई।


उज्ज्वल भविष्य और उपसंहार :

आज भारत विज्ञान, तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। हमें अपने देश पर गर्व है और हमें इसके विकास में अपना योगदान देना चाहिए। इसलिए भारत वास्तव में एक महान देश है।
Quick Tip: निबंध लिखते समय परिचय, मुख्य विषय और उपसंहार का ध्यान रखना चाहिए।


Question 63:

निम्नलिखित विषय पर निबंध लिखिए :
विज्ञान के लाभालाभ

Correct Answer:
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प्रस्तावना :

विज्ञान आधुनिक युग की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। विज्ञान ने मानव जीवन को सरल, सुविधाजनक और तेज बना दिया है। आज विज्ञान के कारण ही मनुष्य अनेक क्षेत्रों में प्रगति कर सका है।


विज्ञान की व्यापकता :

विज्ञान का प्रभाव जीवन के लगभग हर क्षेत्र में दिखाई देता है। शिक्षा, उद्योग, कृषि और संचार जैसे क्षेत्रों में विज्ञान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


विज्ञान के अनेक उपयोग :

विज्ञान के माध्यम से बिजली, मशीनें, कंप्यूटर और इंटरनेट जैसे अनेक साधन विकसित हुए हैं, जो हमारे दैनिक जीवन को आसान बनाते हैं।


यातायात और व्यवसाय :

विज्ञान की सहायता से यातायात के साधनों जैसे रेल, हवाई जहाज और मोटरगाड़ियों का विकास हुआ है। इससे व्यापार और उद्योग को भी बहुत लाभ मिला है।


मनोरंजन और चिकित्सा :

विज्ञान ने मनोरंजन के साधनों जैसे टेलीविजन, रेडियो और मोबाइल का विकास किया है। चिकित्सा के क्षेत्र में भी नई दवाइयाँ और आधुनिक उपकरणों के कारण कई गंभीर बीमारियों का इलाज संभव हो पाया है।


अंतरिक्ष और विज्ञान का विनाशकारी रूप :

विज्ञान के कारण मनुष्य ने अंतरिक्ष में भी सफलता प्राप्त की है। लेकिन विज्ञान का दुरुपयोग भी हो सकता है, जैसे परमाणु बम और अन्य विनाशकारी हथियार।


उज्ज्वल भविष्य और उपसंहार :

यदि विज्ञान का उपयोग सही दिशा में किया जाए तो यह मानव जीवन के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध हो सकता है। इसलिए हमें विज्ञान का उपयोग मानव कल्याण के लिए करना चाहिए।
Quick Tip: विज्ञान मानव जीवन को सुविधाजनक बनाता है, लेकिन इसका उपयोग सदैव मानव कल्याण के लिए होना चाहिए।


Question 64:

निम्नलिखित विषय पर निबंध लिखिए :
एक बूढ़े की आत्मकथा

Correct Answer:
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परिचय :

मैं एक बूढ़ा व्यक्ति हूँ और आज जीवन के अंतिम पड़ाव पर खड़ा होकर अपने बीते हुए दिनों को याद करता हूँ। समय बहुत तेज़ी से बीत जाता है। कभी मैं भी युवा था, सपनों से भरा हुआ और ऊर्जा से परिपूर्ण। आज जब मैं अपने जीवन की यात्रा पर विचार करता हूँ तो मुझे अपने जीवन के अनेक अनुभव, संघर्ष और सफलताएँ याद आती हैं।


मेरा जन्म और परिवार :

मेरा जन्म एक छोटे से गाँव में एक साधारण परिवार में हुआ था। मेरे माता-पिता बहुत मेहनती और ईमानदार थे। उन्होंने मुझे अच्छे संस्कार दिए और हमेशा सत्य और परिश्रम के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी। हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी, लेकिन फिर भी मेरे माता-पिता ने मेरी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।


बचपन की यादें :

मेरा बचपन बहुत आनंदमय था। हम बच्चे गाँव के मैदानों में खेलते, नदी के किनारे घूमते और पेड़ों की छाया में बैठकर कहानियाँ सुनते थे। विद्यालय जाना भी हमें बहुत अच्छा लगता था। उस समय जीवन में किसी प्रकार की चिंता नहीं थी। बचपन की वह सरलता और खुशी आज भी मेरे मन को आनंद से भर देती है।


युवावस्था का समय :

युवावस्था जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इसी समय मैंने अपने जीवन के लक्ष्य तय किए। मैंने मेहनत से पढ़ाई की और बाद में नौकरी प्राप्त की। परिवार की जिम्मेदारियाँ भी धीरे-धीरे बढ़ने लगीं। मैंने अपने माता-पिता की सेवा की और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने का प्रयास किया। जीवन में कई कठिनाइयाँ आईं, लेकिन मैंने धैर्य और साहस के साथ उनका सामना किया।


जीवन के संघर्ष :

जीवन में हर व्यक्ति को संघर्ष करना पड़ता है और मेरे जीवन में भी कई कठिनाइयाँ आईं। कभी आर्थिक समस्याएँ थीं, तो कभी पारिवारिक जिम्मेदारियाँ। लेकिन इन संघर्षों ने मुझे मजबूत बनाया और जीवन का सच्चा अर्थ समझाया। मैंने सीखा कि परिश्रम, ईमानदारी और धैर्य से हर समस्या का समाधान संभव है।


वृद्धावस्था का अनुभव :

आज मैं वृद्धावस्था में हूँ। शरीर पहले की तरह मजबूत नहीं रहा और स्वास्थ्य भी कभी-कभी साथ नहीं देता। फिर भी जीवन के अनुभवों की धरोहर मेरे पास है। अब मैं अपना अधिकतर समय अपने परिवार के साथ बिताता हूँ और अपने पोते-पोतियों के साथ खेलकर आनंद प्राप्त करता हूँ।


जीवन से मिली सीख :

मेरे जीवन ने मुझे यह सिखाया है कि मनुष्य को हमेशा सच्चाई, परिश्रम और सदाचार के मार्ग पर चलना चाहिए। जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन धैर्य और सकारात्मक सोच से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है।


उपसंहार :

आज जब मैं अपने जीवन की यात्रा को देखता हूँ तो मुझे संतोष होता है कि मैंने अपने जीवन को ईमानदारी और मेहनत के साथ जिया है। जीवन एक लंबी यात्रा है जिसमें हर अनुभव हमें कुछ न कुछ सिखाता है। यही मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
Quick Tip: आत्मकथा में व्यक्ति अपने जीवन के अनुभवों, संघर्षों और उपलब्धियों का वर्णन प्रथम पुरुष (मैं) में करता है।

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